Saved Bookmarks
| 1. |
बाहर से कसाब तथा ताकत किसमें नहीं थी तथा क्यों? |
|
Answer» सरल बात दिखावटी भाषा में बलपूर्वक व्यक्त की गई थी। उससे कवि का कथन मर्मस्पर्शी तथा प्रभावशाली नहीं बन पड़ा था। लकड़ी में हथौड़े से कील की तरह बलपूर्वक ठोंके गए पेंच की तरह कवि का कथन भी मनोभावों की प्रकट करने में समर्थ नहीं था। |
|