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बैंकों में खोले जाने वाले विभिन्न बचत खातों का वर्णन करते हुए बैंक में धनराशि को जमा करने के लाभों का वर्णन कीजिए। बैंक में बचत विनियोग के कौन-से साधन उपलब्ध हैं?याबैंक में कितने प्रकार के खाते खोले जा सकते हैं?याबैंक की उपयोगिता लिखिए।बैंक में खोले जाने वाले किन्हीं चार खातों के नाम बताइए। |
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Answer» बैंक देश की मुख्य वित्तीय एवं व्यावसायिक संस्थाएँ हैं जो धन के लेन-देन का कार्य उच्च स्तर पर करती हैं। ये संस्थाएँ सुसंगठित होती हैं और इनका सारे देश में एक जाल-सा बिछा हुआ है। अधिकांश बैंक राष्ट्रीयकृत हैं। इनमें जमा धनराशि पर ब्याज की प्राप्ति होती है। बैंकों द्वारा चेक, ड्राफ्ट आदि के द्वारा भुगतान की सुविधा प्रदान की जाती है। बैंकों से विभिन्न प्रकार के ऋण भी प्राप्त किए । जा सकते हैं। (1) बचत खाता-यह किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में खोला जा सकता है। इसके लिए न्यूनतम धनराशि अवयस्कों के लिए रे 100/- तथा वयस्कों के लिए र 1000/- होती है तथा अधिकतम धनराशि की कोई सीमा नहीं है। इस खाते में इच्छानुसार रुपया जमा कराया जा सकता है, परन्तु वर्ष में 150 बार से अधिक रुपया नहीं निकाला जा सकता। खाताधारक को एक लेखा-पुस्तिका अथवा पास-बुक मिलती है जिसमें खाताधारक का नाम, पता व खाता संख्या अंकित होते हैं। रुपया जमा करने व निकालने का विवरण भी लेखा-पुस्तिका में अंकित किया जाता है। बैंक से रुपया निकासी फाई अथवा चेक के द्वारा निकाला जा सकता है। बैंक से चेक-बुक लेने के पश्चात् वाताधारक को अपने खाते में कम-से-कम 1000/- की धनराशि छोड़नी होती है। बचत खाते में जमा धनराशि पर 4% की दर से वार्षिक ब्याज मिलता है। ब्याज की दर समय-समय पर ‘रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया’ के निर्देशानुसार बदलती रहती है। घरेलू लघु बचत के लिए यह खाता उत्तरा 37 जाता है। इसे खाते में जमा धन सुरक्षित र है तथा उश्यकता पड़ने पर तुरन्त निकाला भी जा सकता है। (2) चालू खाता-इसमें खाताधारक कभी भी रुपया जमा कर सकता है एवं निकाल सकता है। खाताधारक केवल चेक के प्रयोग द्वारा ही रुपया निकाल सकता है। इस खाते में जमा धनराशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता, बल्कि खाताधारक को बैंक को सेवा शुल्क अदा करना पड़ता है। सामान्य रूप से व्यापारी वर्ग ही इस प्रकार का खाता खोलता है तथा इस खाते के माध्यम से ही व्यापारिक लेन-देन करता है। घरेलू बचतों के लिए चालू खाता उपयुक्त नहीं माना जाता। (3) घरेलू जमा खाता-यह खाता निम्न एवं मध्यम वर्ग के लिए अत्यन्त लाभकारी है। यह बच्चों तथा गृहिणी में बचत करने की भावना को प्रोत्साहित करता है। इसमें बैंक की ओर से ताला लगी एक गुल्लक दी जाती है जिसमें छोटी-छोटी बचत राशि डाली जाती है। प्रतिमाह यह राशि पास–बुक में जमा हो जाती है। (4) सावधि जमा खाता-इस खाते में एक निश्चित धनराशि एक निश्चित अवधि के लिए जमा की जाती है। जमा की जाने वाली धनराशि पर निर्धारित दर से ब्याज दिया जाता हैं। वर्तमान अधिकतम दर 8% है। (5) आवर्ती जमा खाता- र 5/- या इसके गुणक में एक निश्चित अवधि के लिए यह खाता खोला जाता है। इसमें प्रतिमाह निश्चित की गई धनराशि नियमित रूप से जमा करानी होती है। अवधि पूर्ण होने पर रुपया ब्याज सहित मिल जाता है। अवधि 12 माह से 120 माह तक है। (1) धनराशि पर ब्याज की प्राप्ति-बैंक में जमा धनराशि न केवल अत्यन्त सुरक्षित होती है वरन् उस पर उचित दर से ब्याज की प्राप्ति भी होती रहती है। इस प्रकार बचत, मूलधन वृद्धि के साथ प्राप्त होती है। (2) धनराशि की सुरक्षा–यदि परिवार द्वारा बचाई गई धनराशि को बैंक में जमा करवा दिया। जाता है तो धनराशि सुरक्षित हो जाती है। वास्तव में बैंकों में जमा धनराशि अत्यन्त सुरक्षित मानी जाती है। बैंक बचत के विनियोग का सबसे अधिक विश्वसनीय माध्यम है। इनमें जमा धनराशि के डूबने की सम्भावना तो होती ही नहीं है, बल्कि यह असामाजिक तत्त्वों; जैसे-चोर-डाकुओं आदि; से भी सुरक्षित रहती है। (3) धन निकालने की सुविधा बैंक में जमा धनराशि अपनी सुविधा के अनुसार वापस निकाली जा सकती है। धनराशि को निकालने में किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है। अब तो ए०टी०एम० की सुविधा ने धन की निकासी को और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बना दिया है। |
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