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चेक भरते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? |
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Answer» चेक भरते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए 1. दिनांक-चेक पर दिनांक लिखना अत्यावश्यक है। साधारणत: जिस दिन चेक लिखा जाता है, वही दिनांक चेक पर लिखी जाती है। कभी-कभी चेक पर आगे की दिनांक डाल दी जाती है। ऐसा प्रायः उस दशा में किया जाता है, जब लेखक भविष्य में किसी निश्चित दिनांक को ही रुपया अदा करना चाहता है। इस दशा में जब तक वह दिनांक नहीं आती है, तब तक चेक का भुगतान प्राप्त नहीं किया जा सकता। इस प्रकार के चेक को ‘आगामी दिनांक का चेक’ (Post-dated Cheque) कहते हैं। कभी-कभी कुछ चेकों पर पिछली (पूर्व की) दिनांक भी डाल दी जाती है। इस प्रकार के चेक को ‘पिछली दिनांक का चेक’ (Ante-dated Cheque) कहते हैं। संक्षेप में किसी भी चेक का रुपया चेक पर अंकित दिनांक से 3 माह के अन्दर लिया जा सकता है। इस नियत अवधि से अधिक दिन हो जाने पर बैंक चेक का भुगतान नहीं करता। 3 माह से अधिक पुराना चेक ‘बासी चेक’ (Stale Cheque) कहलाता है। 2. पाने वाले का नाम-चेक में प्राप्तकर्ता का नाम स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए। प्राप्तकर्ता का नाम लिखते समय आदरसूचक शब्द एवं डिग्री; जैसे-श्री, श्रीमान, पण्डित, श्रीयुत्, डॉक्टर, प्रोफेसर, इंजीनियर आदि नहीं लिखा जाता। यदि चेक का लेखक स्वयं रुपया निकालना चाहता है तो उसे नाम के स्थान पर ‘स्वयं’ (Self) शब्द लिख देना चाहिए। ऐसे चेक का भुगतान लेखक को या उसके आदेशानुसार किसी भी अन्य व्यक्ति को दे दिया जाता है। 3. चेक की राशि-चेक में लिखी जाने वाली रकम में किसी भी प्रकार की काट-छांट या उपरिलेख (Cutting or Overwriting) नहीं होनी चाहिए। यदि कोई कटिंग (काट-छाँट) हो तो उस पर अपने नमूने के हस्ताक्षर कर देने चाहिए। चेक में शब्दों एवं अंकों में लिखी जाने वाली रकम में भी अन्तर नहीं होना चाहिए। शब्दों में रकम लिखने के पश्चात् केवल’ (Only) शब्द का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। जालसाजी से बचने के लिए आजकल चेक संरक्षक यन्त्र’ (Cheque Protector) का प्रयोग किया जाता है। 4. लेखक के हस्ताक्षर-चेक पर लेखक के हस्ताक्षर होना आवश्यक है। हस्ताक्षर सावधानी से करने चाहिए तथा वही हस्ताक्षर करने चाहिए जो नमूने के हस्ताक्षर के रूप में बैंक की ‘हस्ताक्षर-पुस्तिका’ में हैं। हस्ताक्षर न मिलने पर बैंक चेक का भुगतान नहीं करता! हस्ताक्षर पेंसिल से या मुहर लगाकर कभी भी नहीं करने चाहिए 5. प्रतिपर्ण भरना-चेक के बाईं ओर वाले भाग को ‘प्रतिपर्ण’ कहते हैं। लेखक को चेक के प्रतिपर्ण को भी सावधानी से भरना चाहिए। इस पर दिनांक, प्राप्तकर्ता का नाम, रकम एवं भुगतान करने का उद्देश्य अवश्य भर लेना चाहिए। इससे भावी सन्दर्भ में सुविधा रहती है। |
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