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भाव स्पष्ट कीजिए –मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया ।आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया । |
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Answer» कवि कहता है कि वह अपने जीवन में सुख की कल्पना ही करता रहा और सुख उसके जीवन में केवल झलक दिखाकर चला गया। इस तरह सुख कब आया और चला गया, उसे पता ही नहीं चला। वह केवल स्वप्न में ही सुख का अनुभव कर रहा था जो आँख खुलते ही विलीन हो गया। |
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