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भरत के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए। |
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Answer» भरत शकुंतला और दुष्यंत के पुत्र थे। कण्व ऋषि के आश्रम में शकुंतला और दुष्यंत का गांधर्व विवाह हुआ था। बाद में दुष्यंत शकुंतला को वहीं छोड़कर अपनी राजधानी वापस चले गए। कण्व ऋषि के आश्रम में पाजता श्री टोन मे नालन ‘भान’ का नाम रचा। इसके बाद शकुंतला बालक ‘भरत’ को लेकर दुष्यंत के पास गई। लेकिन दुष्यंत ने उसे नहीं पहचाना। तभी आकाशवाणी हुई – ‘शकुंतला तुम्हारी पत्नी है। भरत तुम्हारा पुत्र है। उन्हें स्वीकार करो।’ आकाशवाणी के आदेश के अनुसार दुष्यंत ने उन दोनों को स्वीकार किया और भरत का यौवराज्यभिषेक किया। उस समय दष्यंत की राजधानी प्रतिष्ठान अर्थात प्रयाग में थी। |
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