1.

बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती हैं ? यशपाल के इस विचार से आप कहां तक सहमत हैं?

Answer»

‘लखनवी अंदाज’ के माध्यम से यशपाल का कहना है कि जब खीरा को सूंघकर व्यक्ति तृप्ति का डकार ले सकता है तो बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी लिखी जा सकती है। मैं यशपालजी के इस विचार से सहमत नहीं हूँ। हर कहानी का कोई न कोई उद्देश्य होता है, उसमें पात्र और घटनाओं विचारों की प्रस्तुति होती है। उसमें किसी चरित्र का वर्णन होता है, इन सभी के कारण कहानी में रोचकता आती है, पाठकों को पढ़ने की जिज्ञासा होती है। कहानी में यह सब न होने पर वह कपोल कल्पना मात्र बन जाएगी। इसलिए मेरे अनुसार कहानी में विचार घटना, पात्र का होना आवश्यक है। तभी कहानी रोचक होगी।



Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions