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लखनवी अंबाज कहानी का संदेश अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» ‘लखनवी अंदाज’ कहानी में लेखक ने नवाबी परम्परा पर करारा व्यंग्य किया है। नवाब साहब की नवावी तो चली गई किन्तु अभी भी वे वास्तविकता से दूर है। वे सेकन्ड क्लास की यात्रा तो करते हैं साथ में उम्मीद करते हैं कि उन्हें ऐसा करते कोई न देखे। वे खीरे को मात्र सूंघकर पेट भरने का दिखावा करते हैं और उदर-पूर्ति का दिखावा करने के लिए झूठा डकार भी निकालते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि भूख केवल सूंघने से शांत नहीं होगी। उसके लिए भोजन आवश्यक है। लेखक बताना चाहते हैं कि व्यक्ति को यथार्थ में जीना चाहिए। हमें बनावटीपूर्ण जीवन-शैली या झूठा दिखावा करने की आदत छेड़ देनी चाहिए। हमें हर मनुष्य को समान मानकर उसके साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार करना चाहिए। ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए कि हम दूसरों के उपहास के पात्र बने। लेखक यही संदेश इस पाठ के द्वारा देना चाहते हैं। |
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