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किसी डोरी के कंपन कि मूल आवृत्ति समानुपाती होती है...
1.
किसी डोरी के कंपन कि मूल आवृत्ति समानुपाती होती हैA. लंबाई के व्युत्क्रम केB. व्यास केC. तनाव केD. घनत्व के
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एक टेबुल पर लगे दो दृढ़ आधारों के बीच दो तारों को तानकर फिक्स किया गए है । उनके तनावों का अनुपात `2 : 1`, त्रिज्याओं `3:1` का अनुपात `1:2` तथा घनत्वों का अनुपात है । इनकी मूल आवृत्तियों का अनुपात निकालें ।
द्रव्यमान `1.2kg` तथा लंबाई 40 cm वाली एक छड़ दो एक-जैसे तारों से लटकाकर क्षैतिज अवस्था में रखी गई है इस छड़ पर 1.2 kg का एक भार कहाँ रखा जाए ताकि एक ही स्वरित्र द्विभुज बायें तार में मूल आवृत्ति का तथा दाहिने तार में पहली अधिस्वरक आवृत्ति का कंपन पैदा कर सके ?
चित्र में 60cm लंबे एक ऐलुमिनियम के तार को 80 cm लंबे एक स्टील के तार के साथ जोड़ा हुआ दिखाया गया है । यह संयुक्त तार को दृढ़ आधारों के बीच तानकर रखा गया है । तार में तनाव का मान40 N है । स्टील के तार की अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल `1.0 mm^(2)` है जबकि ऐलुमिनियम के तार के लिए यह `3.0 mm^(2)` है । किस न्यूनतम आवृत्ति का स्वरित्र द्विभुज इस संयुक्त तार में ऐसा कम्पन पैदा कर सकता है कि तारों का जोड़ एक निस्पंद हो ? ऐलुमिनियम का घनत्व `= 2.6 g//cm^(3)` तथा स्टील का घनत्व `7.8 g//cm^(3)` है ।
दोनों सिरों पर क्लैप किया हुआ स्टील का एक तार `200 Hz` की मूल आवृत्ति के साथ कंपन कर सकता है । एक मनुष्य `14 kHz` तक की अधिकतम आवृत्ति की ध्वनि सुन सकता है । मूल आवृत्ति का अधिकतम कौन-सा सनांदि (harmonic) इस तार पर पैदा किया जा कसता है ताकि मनुष्य उससे उत्पन्न ध्वनि को सुन सके ?
एक सोनोमीटर के तार की एक स्वाभाविक आवृत्ति 240 Hz है । इसे 480 Hz के स्वरित्र द्विभुज द्वारा कंपित कराया जाता है । तार के कंपन की आवृत्ति होगीA. 240 HzB. 480 HzC. 720 HzD. शून्य
बराबर आयाम तथा आवृत्ति की दो प्रगामी तरंगें एकतनी हुई डोरी पर उलटी दिशाओं में चल रही है । इनके अध्यारोपण के कारण डोरी पर अप्रगामी तरंग बनती हैं, जिनका समीकरण है `y = A coskx.sinomegat`, जहाँ `A = 1.0 mm , k = 1.57 cm^(-1)` तथा `omega = 78.5s^(-1)` (a) दोनों घटक प्रगामी तरंगों की चाल निकालें । (b) `x gt 0` क्षेत्र में मूलबिंदु के सबसे नजदीक के निस्पंद की स्थित निकालें । (c ) `x gt 0` क्षेत्र में मूलबिंदु के सबसे नजदीक के प्रस्पंद की स्थिति निकालें । (d) `x = 2.33cm` पर स्थित कण की गति का आयन निकालें ।
एक तनी हुई डोरी अप्रगामी तरंग `y = A_(0) sin kx cos omegat` के अनुसार कम्पन कर रही है बिंदु A एक निस्पंद हैं , B अगला प्रस्पंद है और C इन दोनों के बीच का बिंदु है । A बिंदु से पहले की दूरी इसके आगे की डोरी पर t से `t + dt` समय के बीच `dW_(2)` कार्य करती है । इसी प्रकार `dW_(B)` तथा `dW_(C)` परिभाषित किए गए है ।A. `dW_(A)` हमेशा शून्य रहेगा ।B. `dW_(B)` हमेशा शून्य रहेगा ।C. `dW_(C)` हमेशा शून्य रहेगा ।D. इनमें से कोई कभी भी शून्य नहीं होगा ।
किसी डोरी के कंपन कि मूल आवृत्ति समानुपाती होती हैA. लंबाई के व्युत्क्रम केB. व्यास केC. तनाव केD. घनत्व के
दोनों किनारों पर बँधी L लंबाई की डोरी अप्रगामी तरंग `y = A_(0)sinkx cos omegat` के अनुसार दो लूप मे कंपन कर रही है | k का मान होगाA. `pi/L`B. `(pi)/(2L)`C. `(2pi)/(L)`D. `(4pi)/(L)`
एक तार एक किनारे पर दृढ़ आधार में बँधा है और दूसरा सिरा लंबवत दिशा में चलने को स्वतंत्र है ।इस तार पर तरंगदैर्ध्य `lambda` वाली अप्रगामी तरंग चल रही है । तार की लंबाईA. अवश्य ही `lambda//4` का पूर्णांक अपवर्त्य होगी।B. अवश्य ही `lambda//2` का पूर्णांक अपवर्त्य होगी।C. अवश्य ही `lambda` का पूर्णांक अपवर्त्य होगी।D. `lambda//2` का पूर्णांक अपवर्त्य हो सकती है ।
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