Saved Bookmarks
| 1. |
कवि की जोर भाषा को चमत्कारपूर्ण तथा दुरूह बनाने पर क्यों था ?अथवा‘तमाशबीनों की शाबाशी और वाह-वाह’ का क्या परिणाम हुआ? |
|
Answer» कवि ने भाषा को दुरूह तथा चमत्कारपूर्ण बनाया। इसका कारण यह था कि उसके पाठक तथा श्रोता उसे ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। श्रोता उसको शाबाशी देते थे तथा वाह-वाह करते थे। उनके द्वारा प्रोत्साहन पाकर कवि बार-बार पांडित्य-प्रदर्शन के लिए प्रेरित होता था तथा भाषा को क्लिष्ट बनाता जाता था जिससे बात का मर्म प्रकट न हो सका। |
|