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Lekhak ne khet ki med per khade kisan se poochha ki aap ka naam Baja to nahin hai

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जिले में किसान फसल के साथ खेतों की मेड़ पर पौधे लगाकर डबल मुनाफा कमा सकेंगे। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय टिकाऊ खेती योजना के तहत कृषि वानिकी सब मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत जिले में 70 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को पौधे तैयार होने पर चार साल में प्रति तैयार पौधे पर 70 रुपए का अनुदान मिलेगा। इससे किसान फसल के साथ पौधों से अतिरिक्त आय बढ़ा सकेंगे।

कृषि एवं पशुपालन में उत्पादकता बढ़ाने के साथ पौधरोपण को बढ़ावा देने एवं छोटे किसानों की कृषि आय बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय टिकाऊ खेती योजना शुरू की है। इसके तहत किसान फसल के साथ खेतों की मेड पर फलदार, छायादार आदि पौधे लगा सकेंगे। इसमें किसान 50 से 100 पौधे खेत की मेड पर या पड़त की जमीन में लगा सकते हैं। वहीं 100 से 500 पत्तीनुमा पौधे तथा अधिक घनत्व में 500 से एक हजार पौधे लगा सकेंगे।

पौधा तैयार होने पर चार साल में प्रति पौधा 70 रुपए का अनुदान मिलेगा। इसमें प्रथम वर्ष में 28 रुपए तथा द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ वर्ष में 14-14 रुपए अनुदान मिलेगा।

इसके लिए किसानों को सरकारी नर्सरी से पौधे खरीदने होंगे। इसका बिल व अन्य दस्तावेज पत्रावली के साथ लगाकर आवेदन जमा कराना होगा।

चार साल में प्रति पौैधे पर मिलेगा 70 रुपए का अनुदान, जिले में 70 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

पापड़दा में फसल के साथ खेत में लगे फलदार पेड़

ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे किसान : कृषि अधिकारी (फसल) पी.डी.शर्मा का कहना है कि फसल के साथ किसान खेतों की मेड व पड़त की भूमि में पौधे लगाकर कृषि आय बढ़ा सकेंगे। वहीं नर्सरी भी लगा सकते हैं। इसके लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ये लगा सकेंगे पौधे : फलदार पौधे में आम, जामुन, बिल्व पत्र, अमरूद, अनार, आवला, नीबू, करोंदा, बेर, सीताफल आदि, छायादार में बड़, पीपल, सैंजना, नीम, करंज आदि, इसके अलावा शीशम, बबूल, सागवान, बांस, देसी बबूल, खेजड़ी, जंगल जलेबी, अरडू, सहजना आदि पौधे लगा सकेंगे।

नर्सरी भी लगा सकेंगे

राष्ट्रीय टिकाऊ खेती योजना के तहत जिले के किसान नर्सरी भी लगा सकेंगे। किसान छोटी नर्सरी में प्रति वर्ष न्यूनतम 25 हजार पौधे तैयार कर सकेंगे। इसके लिए दो बीघा जमीन होना जरूरी है। बड़ी नर्सरी के लिए किसानों को प्रति वर्ष 50 हजार फलदार पौधे तैयार करने होंगे। इन पौधों को बेचकर किसान कृषि आय बढ़ा सकेंगे। नर्सरी के लिए किसानों के पास 4 बीघा जमीन होनी चाहिए। किसानों को उक्त जमीन को नर्सरी एक्ट के तहत नर्सरी के लिए पंजीकरण कराना होगा। किसानों को छोटी नर्सरी के लिए 10 लाख रुपए व बड़ी नर्सरी के लिए 16 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। इसमें किसानों को नर्सरी के लिए बीज, खाद आदि खरीदने सहित पूरा रिकार्ड रखना होगा। नर्सरी लगाने के लिए पानी का टैंक, बिजली कनेक्शन, वर्मी कंपोस्ट इकाई होनी चाहिए।



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