1.

नीचे दी गयीं पंक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए।हँस-हँस जीवन में कैसे करती है चिंता क्रीडा?मेरी आँखों के आगे सुख का सागर लहराता ।सुख भरे सुनहरे बादल रहते हैं मुझको घेरे ।विश्वास, प्रेम, साहस जीवन के साथी मेरे।।

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  1. जिसका जीवन हँसी-हँसी से गुज़रता है उनके जीवन में चिंता की क्रीडा नहीं होती ।
  2. कवइत्री सुभद्रा कुमारी चौहान जी के जीवन में जीवन सुख सार जैसा है | इसलिए उनकी आँखों के आगे सुख का सागर ही लहराता है ।
  3. कवइत्री सुभद्रा कुमारी चौहानजी के सुख भरे जीवन में हमेशा सुनहरे बादल घेरे रहते हैं ।
  4. सुभद्रा कुमारी चौहान जी के सुखमय जीवन में विश्वास, प्रेम, साहस आदि जीवन के साथी हैं ।


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