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नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर इसका भाव अपने शब्दों में लिखिए ।बार-बार आती है मुझको,मधुर याद बचपन तेरी।गया ले गया जीवन की,सबसे मस्त खुशी मेरी ॥

Answer»

यह पद्यांश कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता “मेरा बचपन” का पद्य है। कवयित्री अपने मधुरमय बचपन को याद करती कहती है।

हे बचपन ! मुझे तुम्हारी याद बार – बार आती है। क्योंकि बचपन मेरा सुखदायी और भुला देनेवाला नहीं। खेलते-कूदते, बाधा के बिना, खुशी से मैं ने अपना बचपन बिताया। बचपन के दिन जीवन में फिर कभी नहीं आते । अब मैं बड़ी हो गयी हूँ। इससे मेरे जीवन की मस्त खुशी मुझसे दूर हो गयी है।



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