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निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए।मैं ने हँसना सीखा है, मैं नहीं जानती रोना।बरसा करता पल पल पर, मेरे जीवन में सोना।मैं अब तक जान न पाई कैसी होती है पीड़ा।हँस हँस जीवन में कैसे करती हैं चिंता क्रीड़ा।प्रश्न :1. उपर्युक्त पद्यांश की कवयित्री कौन है?2. कवयित्री के जीवन में पल – पल पर क्या बरसा करता है?3. कवयित्री क्या नहीं जानती है?4. कवयित्री ने क्या सीखा है?5. उपर्युक्त पद्यांश किस पाठ से लिया गया है?

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  1. उपर्युक्त पद्यांश की कवयित्री हैं “श्रीमति सुभद्राकुमारी चौहाना”
  2. कवयित्री के जीवन में पल – पल पर सोना बरसा करता है।
  3. कवयित्री पीडा कैसी होती है – इसे नहीं जानती।
  4. कवयित्री हँसना सीखा है।
  5. उपर्युक्त पद्यांश ‘मेरा जीवन’ नामक पाठ से लिया गया है।



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