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Q:8. Bayesian Classifier:1.0 Connects the degree of belief in ahypothesis before and after accounting forevidence2. Uses conditional and marginalprobability3. Performance can be estimated usingaccuracy, precision, recall4. All the above |
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Answer» बहुत ही अच्छा सवाल है। भौतिकी एक प्रायोगिक विज्ञान है। इसमें हर कदम पर मापन की आवश्यकता होती है। भिन्न-भिन्न भौतिक राशियों के मापन के लिए भिन्न-भिन्न मापक यंत्र का उपयोग किया जाता है। मापन की यथार्थता मापन यत्रों की विभेदन(RESOLUTION) या सीमा(Limit) के अतिरिक्त अन्य बातों पर भी निर्भर करती है। यही कारण है कि मापित मान (MEASURED VALUE)या प्रेक्षित मान (Observed Value) वास्तविक मान से कुछ भिन्न होता है। इसलिए हम मापन के लिए दो पदों का उपयोग करते हैं। यथार्थता (ACCURACY) :- जब किसी भौतिक राशि का मापित मान उसके वास्तविक मान के अधिक निकट होता है तो मापन की यथार्थता अधिक होती है। परिशुद्धता (Precision):- जब भौतिक राशि अधिक विभेदन या सीमा तक मापी जाती है तो मापन की परिशुद्धता अधिक होती है। मापन की परिशुद्धता मापन यंत्र के अल्पत्मांक (Leastcount)पर निर्भर करती है। अल्पत्मांक कम होने पर परिशुद्धता अधिक होती है। आइए इसे एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं। जैसे मान लो किसी गोले के व्यास का वास्तविक मान 1.635 सेंटीमीटर है। 0.01 सेंटीमीटर अल्पतमांक वाले यंत्र A से मापे जाने पर इस का मान 1.62 सेंटीमीटर तथा 0.001 सेंटीमीटर अल्पतमांक वाले दूसरे यंत्र B से मापे जाने पर यही मान 1.591 सेंटीमीटर प्राप्त होता है। तो हम यह तुलना कर सकते हैं कि यंत्र A के द्वारा मापित मान में अधिक यथार्थता है क्योंकि यह वास्तविक मान के अधिक निकट है। और यन्त्र B द्वारा मापित मान में अधिक परिशुद्धता हैं क्योंकि यन्त्र B का अल्पत्मांक यन्त्र A की तुलना में कम है। |
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