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रिो न भूलकर कभी िदांि िुच्छ ववत्त िें, सनाथ िान आपको करो न गवडवित्त िें|अनाथ कौन िैयिाँ? वत्रलोकनाथ साथ िैं,दयालुदीनबंिुकेबड़ेववशाल िाथ िै|अिीव भाग्यिीन िैअिीर भाव िो करे,विी िनुष्य िैदक िो िनुष्य केवलए िरे||(क) िनुष्य को दकसकेिद िेंअंिा निीं िोना िाविए ?I. िन केII. शवक्त केIII. ईश्वर केIV. पररवार के1(ख) ‘अनाथ कौन िैयिाँ? वत्रलोकनाथ साथ िैं’ का िात्पयडिै-I. वत्रलोकनाथ अनाथ िै| II. ईश्वर केअविररक्त सब अनाथ िै|III. विसकेिािा-वपिा निीं िैं, बस विी अनाथ िै| IV. इस संसार िेंकोई अनाथ निीं िैक्योंदक ईश्वर सबकेसाथ िै| 1(ग) कवव नेदयालुदीनबंिुदकसेकिा िै? I. िनुष्य कोII. दूसरेिनुष्य केवलए िरनेवालेकोIII. ईश्वर कोIV. परोपकारी िानव को1(घ) कवविा और कवव का नाि बिाइए |I. पवडि प्रदेश िेंपावस, सुवित्रानंदन पंिII. िनुष्यिा, िैवथलीशरर् गुप |
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Answer» 4) Arrangement of leaves on Polanks is known as(a) PLACENTATION BI Hestivation (0) Phylloraryd, mflores51 Leares on OPUNTIA are MODIFIED into1 poes |
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