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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

सेम्युअलसन अर्थशास्त्र के अध्ययन क्षेत्र में किस बात को महत्त्वपूर्ण स्थान दिया है ?

Answer»

सेम्युअलसन समाज का चयन और वितरण के मुद्दे को अर्थशास्त्र के अध्ययन क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण स्थान दिया है ।

2.

आकृति तथा आलेख किसे सरल बना देते हैं ?

Answer»

आकृति तथा आलेख अर्थशास्त्र के कठिन सिद्धांतों को भी समझने में सरल बना देते हैं ।

3.

पास-पास की स्तंभाकृति किसे कहते हैं ?

Answer»

जब किसी एक आधार पर किसी एक चल के एक की अपेक्षा अधिक वर्गों के मूल्य को दर्शाया जाये तो उसे पास-पास की . स्तंभाकृति कहते हैं ।

4.

आलेख में दर्शायी गयी जानकारी ………………………..(A) स्पष्ट नहीं होती है ।(B) स्वयं स्पष्ट होती है ।(C) असतत माहिती होती है ।(D) दुविधा होती है ।

Answer»

सही विकल्प है (A) स्पष्ट नहीं होती है ।

5.

 इन्टरनेट किसका स्थान नहीं ले सकता है ?

Answer»

इन्टरनेट शिक्षक या अपनी विचारशक्ति और तर्कशक्ति का स्थान नहीं ले सकता है ।

6.

रॉबिन्सन के मतानुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा लिखिए ।

Answer»

‘अर्थशास्त्र वह विज्ञान है, जिसमें साध्यों तथा उनमें सीमित एवं वैकल्पिक उपयोगोंवाले साधनों के परस्पर सम्बन्धों के रूप में मानव व्यवहार का अध्ययन किया जाता है ।’

7.

आलेख बनाने और समझने के लिए किसका ज्ञान जरूरी है ?(A) भौतिकशास्त्र(B) रसायनशास्त्र(C) सांख्यिकी(D) समाजशास्त्र

Answer»

सही विकल्प है (C) सांख्यिकी

8.

माँग और पूर्ति का विस्तरण – संकुचन और उसकी मूल्यसापेक्षता किसके द्वारा सरल बना देते हैं ?

Answer»

माँग और पूर्ति का विस्तरण – संकुचन और उसकी मूल्यसापेक्षता आकृति द्वारा सरल बनती है ।

9.

आलेख की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए ?

Answer»

आलेख की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए जानकारी तथा उसके स्त्रोत को दर्शाना चाहिए ।

10.

सामान्य रूप से आलेख कहाँ बनाया जाता है ?

Answer»

सामान्य रूप से आलेख ‘ग्राफ पेपर’ पर बनाया जाता है ।

11.

आलेख अर्थात् क्या ?

Answer»

स्वयं स्पष्ट जानकारी न हो ऐसी अवलोकित जानकारी का चित्र द्वारा प्रतिनिधित्व अर्थात् आलेख्न ।

12.

किसके लिए आलेख का उपयोग नहीं किया जाता है ?

Answer»

सामान्य प्रजा को जानकारी देने के लिए आलेख्न का उपयोग नहीं किया जाता है ।

13.

शिक्षक, डॉक्टर, वकील किस प्रकार आय प्राप्त करते हैं ?(A) श्रम करके(B) लाभ से(C) सेवा देकर(D) खर्च करके

Answer»

सही विकल्प है (C) सेवा देकर

14.

आकृति अर्थात् क्या और उसे किस लिए बनाया जाता है ?

Answer»

सामान्य रूप से अवलोकित जानकारी का चित्र द्वारा प्रतिनिधित्व अर्थात् आकृति ।

आकृति का उपयोग या महत्त्व निम्नानुसार है :

  1. असतत जानकारी को आकृति से समझा सकते हैं ।
  2. सामान्य जनता को सांख्यकीय जानकारी को सरलता से समझा सकते हैं ।
  3. आकृति द्वारा जानकारी को आकर्षकरूप से प्रस्तुत कर सकते हैं ।
  4. आकृति से सामान्य जन में जागृति आती है ।
  5. आकृति से हमारा अध्ययन रुचिपूर्वक बनता है ।
15.

समग्रलक्षी परिबलों में होनेवाले परिवर्तन के लिए कौन-सा आलेख उपयोगी है ?(A) पास-पास की स्तंभाकृति(B) वृत्तांश आकृति(C) सादा स्तंभाकृति(D) सामयिक श्रेणी

Answer»

सही विकल्प है (D) सामयिक श्रेणी

16.

 स्तंभ अर्थात् क्या ?

Answer»

जब किसी जानकारी को स्तंभ स्वरूप में आलेख में दर्शाया जाये तो उसे स्तंभ कहते हैं ।

17.

 आकृति के प्रकार बताइए ।

Answer»

आकृति के प्रकार निम्नानुसार है :

  1. चित्राकृति (Pictogram)
  2. फुटकर बिंदुओं को दर्शानेवाले आकृति (Scatter diagram)
  3. समय आधारित अथवा अन्य परिबल आधारित रेखा आकृति (Line diagram)
  4. वृत्त आकृति (Circle diagram)
  5. स्तंभ आकृति (Bar diagram)
  6. वृत्तांश आकृति (Pie diagram)
18.

आलेख या आकृति का कद उचित हो इसके लिए क्या करना चाहिए ?

Answer»

आलेख या आकृति का कद उचित हो इसके लिए स्केलमाप होना चाहिए ।

19.

स्तंभों की ऊँचाई (लंबाई) क्या दर्शाती है ? ।

Answer»

स्तंभों की ऊँचाई (लंबाई) उस विभाग या समय के मूल्य को दर्शाती है ।

20.

चित्र की प्रस्तुति कैसी होनी चाहिए ?

Answer»

चित्र की प्रस्तुति स्पष्ट और स्वच्छ होनी चाहिए ।

21.

अलग-अलग वर्गों के स्पष्टीकरण करने के लिए क्या करना चाहिए ?

Answer»

अलग-अलग वर्गों के स्पष्टीकरण करने के लिए अलग-अलग रंग या शेड का उपयोग करना चाहिए ।

22.

रेखा आकृति किसे कहते हैं ?

Answer»

दो चलों के बीच के सम्बन्ध को दर्शानवाली रेखा को रेखा आकृति कहते हैं ।

23.

आलेख अर्थात् क्या और उसे किस लिए बनाया जाता है ?

Answer»

‘जो जानकारी स्वयं स्पष्ट न हो ऐसी जानकारी का चित्र द्वारा प्रतिनिधित्व अर्थात् आलेख ।’

आलेख्न का उपयोग या महत्त्व निम्नानुसार है :

  1. सतत जानकारी को सरलता से दर्शा सकते हैं ।
  2. स्वयं स्पष्ट जानकारी न हो तो उसे आलेख्न से सरलता से स्पष्ट कर सकते हैं ।
  3. आलेख के द्वारा तुलनात्मक अध्ययन सरल बनता है ।
  4. आलेख के द्वारा हमारा अध्ययन अधिक रूचिकर एवं आकर्षक बनता है ।
  5. आलेख्न का उपयोग संशोधनकारों तथा उच्च शिक्षण में अधिक उपयोग किया जाता है । .
24.

स्तंभ आकृति किस प्रकार दर्शाते हैं ?

Answer»

स्तंभ आकृति ऊर्ध्व या क्षैतिज स्तंभों द्वारा दर्शायी जाती है ।

25.

चित्र का उचित कद निश्चित करने के लिए …………………………………(A) स्केलमाप लेना चाहिए ।(B) कद निश्चित करना चाहिए ।(C) समझना चाहिए ।(D) ज्ञान प्राप्त करना चाहिए ।

Answer»

सही विकल्प है (A) स्केलमाप लेना चाहिए ।

26.

दया, माया, प्रेम, जैसी भावना से की जानेवाली प्रवृत्ति ………………….. ।(A) आर्थिक(B) अनार्थिक(C) आय(D) खर्च

Answer»

सही विकल्प है (B) अनार्थिक

27.

रेखा आकृति द्वारा किस-किस जानकारी को दर्शा सकते हैं ?

Answer»

रेखा आकृति द्वारा माँग रेखा, पूर्ति रेखा आदि को दर्शा सकते हैं ।

28.

सूक्ष्म अर्थशास्त्र और बृहद अर्थशास्त्र के बीच अंतर स्पष्ट करो ।

Answer»
सूक्ष्म अर्थशास्त्रबृहद अर्थशास्त्र
इसके अन्तर्गत व्यक्तिगत आय, कीमतों, उद्योगों, माँग-पूर्ति, बेकारी, वेतनों, उत्पादनों इत्यादि का अध्ययन किया जाता है ।इसके अन्तर्गत राष्ट्रीय आय, राष्ट्रीय उत्पादन, राष्ट्र की कुल बेकारी, सामान्य भावस्तर, औद्योगिक नीतियों इत्यादि का अध्ययन किया जाता है ।
यह अर्थतंत्र का सूक्ष्मावलोकन करता है ।यह अर्थतंत्र का विहंगावलोकन करता है ।
इसके अन्तर्गत पारिवारिक बजट का अध्ययन किया जाता है ।इसके अन्तर्गत केन्द्रीय बजट का अध्ययन किया जाता है ।
यह व्यक्तिगत माँग-पूर्ति का विश्लेषण करता है ।इसमें बाजार माँग-पूर्ति का विश्लेषण किया जाता है ।
इसके द्वारा समस्त राष्ट्र के आर्थिक विकास का ख्याल नहीं आता ।इससे सम्पूर्ण देश के आर्थिक विकास का ख्याल आता है ।
इसमें कीमतों का अध्ययन होता है ।इसमें कीमत स्तर का अध्ययन किया जाता है ।

29.

आर्थिक प्रवृत्ति किसे कहते हैं ?

Answer»

आवश्यकता संतुष्टि, अर्थ उपार्जन के लिए मनुष्य के द्वारा की गई प्रवृत्ति को आर्थिक प्रवृत्ति कहते हैं ।

30.

मनुष्य की आवश्यकताएँ ………………………..(A) मर्यादित हैं ।(B) अमर्यादित हैं ।(C) सीमित हैं ।(D) एक भी नहीं ।

Answer»

सही विकल्प है (B) अमर्यादित हैं ।

31.

अनार्थिक प्रवृत्ति किसे कहते हैं ?

Answer»

जिस प्रवृत्ति का उद्देश्य आय प्राप्त करना, खर्च करना और विनिमय का न हो उन्हें अनार्थिक प्रवृत्ति कहते हैं ।

32.

X-अक्ष पर दर्शाया जाता है …………………………(A) परतंत्र चल(B) जन्मदर(C) मृत्युदर(D) स्वतंत्र चल

Answer»

सही विकल्प है (D) स्वतंत्र चल

33.

y-अक्ष पर क्या दर्शाया जाता है ?

Answer»

y-पर जन्मदर, मृत्युदर, जनसंख्या, मुद्रास्फीति की दर, अर्थात् परतंत्र चल दर्शाये जाते हैं ।

34.

x-अक्ष पर क्या दर्शाया जाता है ?

Answer»

x-अक्ष पर समय, स्थान, क्षेत्र, वर्ष अर्थात् स्वतंत्र चल दर्शाये जाते हैं ।

35.

निर्देशन का क्या अर्थ है? यानिर्देशन में क्या प्रदान किया जाता है? 

Answer»

“निर्देशन एक ऐसी व्यक्तिगत सहायता है जो एक व्यक्ति द्वारा दूसरे को, जीवन के लक्ष्यों को विकसित करने व समायोजन करने और लक्ष्यों की प्राप्ति में आयी हुई समस्याओं को हल करने के लिए प्रदान की जाती है।” [ जोन्स ]

36.

X-अक्ष पर क्या दर्शाया जाता है ?(A) समय(B) जन्मदर(C) मृत्युदर(D) विकासदर

Answer»

सही विकल्प है (A) समय

37.

y-अक्ष पर दर्शाया जाता है ।(A) समय(B) स्थान(C) स्वतंत्र चल(D) परतंत्र चल

Answer»

सही विकल्प है (D) परतंत्र चल

38.

तुलनात्मक अध्ययन का अर्थ बताइए ।

Answer»

स्थान और समय के आधार पर दो या दो से अधिक सांख्यकीय जानकारियों की तुलना की जाए तो उसे तुलनात्मक अध्ययन कहते हैं ।

39.

निर्देशन की विधि के आधार पर निर्देशन का वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।

Answer»

निर्देशन प्रदान करने की विधि के आधार पर निर्देशन दो प्रकार का है
⦁    वैयक्तिक निर्देशन तथा
⦁    सामूहिक निर्देशन।

1. वैयक्तिक निर्देशन :
सर्वोत्तम समझे जाने वाले इस निर्देशन का प्रयोग व्यक्ति विशेष की गम्भीरतम समस्याओं को हल करने में किया जाता है। इसके अन्तर्गत वह समस्यायुक्त युक्ति से व्यक्तिगत सम्पर्क साधता है, उसका बारीकी से अध्ययन करता है, उसकी समस्याओं को स्वयं समझने का प्रयास करता है और इसके बाद व्यक्ति को इस योग्य बनाता है कि वह अपनी समस्याओं का समाधान स्वयमेव प्रस्तुत कर सके। इस प्रकार के निर्देशन में मनोवैज्ञानिक या विशेषज्ञ एक बार में सिर्फ एक व्यक्ति पर ध्यान दे पाता है। इस कारणवश यह निर्देशन धन और समय की दृष्टि से महँगा पड़ता है। इसके अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक / विशेषज्ञ के अभाव में इसका प्रयोग करना सम्भव नहीं है।
2. सामूहिक निर्देशन :
कभी-कभी एक समूह के समस्त व्यक्तियों की समस्या एक ही होती है। उस दिशा में व्यक्तियों के एक समूह को एक साथ निर्देशन प्रदान किया जाता है, जिसे सामूहिक निर्देशन का नाम दिया जाता है। पाठ्य विषयों के चुनाव से सम्बन्धित शैक्षिक निर्देशन एवं व्यावसायिक निर्देशन में यह विधि अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होती है।

40.

व्यावसायिक निर्देशन के क्षेत्र की संक्षेप में व्याख्या कीजिए।

Answer»

व्यावसायिक निर्देशन का क्षेत्र काफी व्यापक है। वास्तव में निर्देशन के व्यावसायिक पक्ष को उसके शैक्षिक, भौतिक तथा सांस्कृतिक पक्षों से पूर्ण रूप से अलग नहीं किया जा सकता। इस स्थिति में व्यावसायिक निर्देशन के लिए व्यक्ति से सम्बन्धित समस्त सूचनाएँ आवश्यक एवं महत्त्वपूर्ण होती हैं। व्यक्ति की अभिरुचि, योग्यता एवं क्षमताओं को जानना अनिवार्य है। व्यावसायिक निर्देशन के लिए व्यक्तिगत भिन्नताओं के साथ-ही-साथ व्यवसायों से सम्बन्धित भिन्नताओं को भी जानना आवश्यक है। इस प्रकार स्पष्ट है कि व्यावसायिक निर्देशन का क्षेत्र व्यापक है।

41.

अर्थशास्त्र के अध्ययन और विश्लेषण क्षेत्र की दृष्टि से कितने भाग पड़े है ?(A) चार(B) तीन(C) दो(D) पाँच

Answer»

सही विकल्प है (C) दो

42.

सामान्य रूप से आकृति या आलेख में परतंत्र और स्वतंत्र चल राशि को किस अक्ष पर दर्शाया जाता है ?

Answer»

सामान्य रूप से आकृति या आलेख में स्वतंत्र चल को x-अक्ष पर और परतंत्र (आधारित) चल को y-अक्ष पर दर्शाया जाता है ।

43.

सामान्य रूप से देश, वर्ष, वरसाद जैसे स्वतंत्र चलराशि किस अक्ष पर दर्शाया जाता है ?(A) ऊर्ध्व अक्ष पर(B) क्षैतिज अक्ष पर(C) उद्गम बिंदु पर(D) समकोण

Answer»

सही विकल्प है (B) क्षैतिज अक्ष पर

44.

आर्थिक जानकारी की प्रस्तुति किन तीन रीतियों से दर्शा सकते हैं ?

Answer»

आर्थिक जानकारी की प्रस्तुति निम्नलिखित तीन रीतियों से दर्शा सकते हैं

  1. भाषा द्वारा वर्णनात्मक रीति से
  2. सांख्यकीय स्वरूप में (अंकों द्वारा)
  3. आकृति द्वारा (प्रतीकात्मक रीति से)
45.

परामर्श किसे कहते हैं। इसके कितने प्रकार हैं ?

Answer»

परामर्श शब्द का अर्थ राय, सलाह, मशवरा तथा सुझाव लेना या देना होता है। अंग्रेजी में परामर्श को काउन्सलिंग कहते हैं। रोजर्स के अनुसार, “परामर्श किसी व्यक्ति के साथ लगातार प्रत्यक्ष सम्पर्क की वह कड़ी है, जिसका उद्देश्य उसकी अभिवृत्तियों तथा व्यवहार में परिवर्तन लाने में सहायता प्रदान करना है।” परामर्श एक ऐसी व्यवहारगत प्रक्रिया है, जिसमें कम-से-कम दो व्यक्ति परामर्श लेने वाला तथा परामर्श देने वाला अवश्य शामिल होता है।

परामर्श के प्रकार परामर्श मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है।
⦁    आपातकालीन परामर्श
⦁    समस्या समाधानात्मक या उपचारात्मक परामर्श
⦁    निवारक परामर्श
⦁    विकासात्मक या रचनात्मक परामर्श

46.

व्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता क्यों है? स्पष्ट कीजिए। याशिक्षा में व्यावसायिक निर्देशन का महत्त्व बताइए। याव्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता एवं महत्ता पर प्रकाश डालिए। 

Answer»

वर्तमान युग में व्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से पड़ती है।

1. व्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता के लिए सबसे अधिक उत्तरदायी एवं मौलिक कारक व्यक्तिगत भिन्नता है। किसी व्यक्ति विशेष के लिए कौन-सा व्यवसाय उपयुक्त होगा, इसके लिए व्यावसायिक निर्देशन का कार्यक्रम अपेक्षित एवं अपरिहार्य है।
2. विभिन्न व्यक्तियों में शरीर, मन या बुद्धि, योग्यता, स्वभाव, रुचि, अभिरुचि तथा व्यक्तित्व के अनेकानेक तत्त्वों की दृष्टि से पर्याप्त अन्तर दृष्टिगोचर होता है। व्यक्ति द्वारा चुने गये व्यवसाय एवं इन वैयक्तिक भिन्नताओं के मध्य समायोजन की दृष्टि से व्यावसायिक निर्देशन आवश्यक है।
3. व्यक्ति और उसके समाज की दृष्टि से भी व्यवसाय में निर्देशन की आवश्यकता महसूस की जाती है। व्यक्ति द्वारा चयन किया गया व्यवसाय यदि उसकी वृत्तियों के अनुकूल हो और उसके माध्यम से वह अपना समुचित विकास स्वयं कर सके तो उसका जीवन सुखी हो सकता है। व्यावसायिक निर्देशन व्यक्ति की आजीविका के सम्बन्ध में अभीष्ट सहायता कर उसके हित में कार्य करता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति । का सुख मिलकर ही समूचे समाज को सुखी बनाता है।
4. मानव संसाधनों का संरक्षण तथा व्यक्तिगत साधनों का समुचित उपयोग व्यावसायिक निर्देशन के बिना सम्भव नहीं है। व्यक्ति का आर्थिक विकास, प्रगति एवं समृद्धि उसके जीवन में प्रसन्नता उत्पन्न करती है, जिसके लिए व्यावसायिक निर्देशन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
5. अनेक व्यवसायों के लिए भिन्न-भिन्न क्षमताओं व योग्यताओं से युक्त व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। व्यावसायिक निर्देशन के माध्यम से किसी विशेष व्यवसाय के लिए विशेष क्षमता व योग्यता वाले उपयुक्त व्यक्तियों का सुगम व प्रभावशाली चयन किया जा सकता है।
6. समाज गत्यात्मक एवं क्रियाशील है जिसकी परिस्थितियाँ एवं कार्य द्रुत गति से परिवर्तित हो रहे हैं। नये-नये परिवर्तनों के साथ तालमेल बिठाने के लिए भी व्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता पड़ती है।

निष्कर्षत :
व्यक्तिगत भिन्नता, व्यावसायिक बहुलता, विविध व्यवसायों से सम्बन्धित जानकारी तथा वातावरण के साथ उचित सामंजस्य बनाने के लिए भी व्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता पड़ती है।

47.

अभाव (कमी) से आप क्या समझते हैं ?

Answer»

असीमित आवश्यकताओं की पूर्ति के सामने सीमित साधनों की उपलब्धी को हम अभाव/कमी/दुर्लभता कह सकते हैं ।

48.

सूक्ष्मलक्षी अर्थशास्त्र से आप क्या समझते है ?

Answer»

एक व्यक्ति या एक इकाई (पीढ़ी) ही नहीं उसमें किसी एक उद्योग की भी चर्चा की जाती है । सूक्ष्मलक्षी अर्थशास्त्र एक व्यक्ति, एक परिवार, एक इकाई या उद्योग जैसी वैयक्तिक इकाई के व्यवहारों का अध्ययन करता है । जैसे : किसी एक ग्राहक के द्वारा वस्तु की की गई माँग का अभ्यास ।

49.

गुजरात में GEDA ने …………. में 10 टन की क्षमतावाला सौर शीतागार स्थापित किया है ।

Answer»

सही उत्तर है छाणी-बड़ोदरा

50.

Why are AVC, ATC and MC curves U-shaped?

Answer»

It is due to the Law of Variable Proportions. Law of variable proportions (diminishing returns) states that as the units of variable factor are increased, MP first rises and then falls. When MP rises, MC falls and when MP falls, MC rises. It is the behaviour of MC, which determines the behaviour of AC.

When MP is maximum then MC is minimum and when AP is maximum then AC is minimum. Under Ilnd stage, MC and AC both rises.