This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Explain the four important elements of ideal classification. |
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Answer» 1. Clarity 2. Stability 3. Extensiveness 4. Suitability |
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Give one example of binomial classification. |
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Answer» Classification of available data on basis of rural and urban or male and female. |
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What is the purpose of classification of unrefined data? |
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Answer» The purpose of classification of unrefined data is to organize it properly so as to make it suitable for statistical analysis. |
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What is the objective of classification of data? |
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Answer» Statistical data is classified, so that it can be made worthy of analysis. |
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What type of data are age, height, weight, income, etc? |
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Answer» Age, height, weight, income are the numeric data. |
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What type of data are literacy, married status, employment, etc? |
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Answer» Literacy, married status, employment are the qualitative data. |
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What is numeric data? |
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Answer» Numeric data are the facts that can be measured directly. |
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Which of the following fact is not numeric: (a) Height (b) Weight (c) Unemployment (d) Age |
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Answer» Correct Answer is: (c) Unemployment |
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If the lower limit (L1) of a class is 10 and the upper limit (L2) is 20, then the mid-point is: (a) -15 (b) 10 (c) 15 (d) 30 |
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Answer» Correct Answer is: (c) 15 |
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पालमपुर में कितने स्कूल एवं स्वास्थ्य केन्द्र हैं? |
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Answer» पालमपुर में दो प्राथमिक एवं एक उच्च प्राथमिक स्कूल है जबकि यहाँ एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा एक निजी डिस्पेंसरी है। |
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एक ही भूमि पर उत्पादन बढ़ाने के अलग-अलग कौन से तरीके हैं? समझाने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए। |
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Answer» भूमि के एक ही टुकड़े पर उत्पादन में वृद्धि हेतु निम्नलिखित तरीकों को अपनाया जाता है ⦁ बहुविधि फसल उगाना-भूमि के एक ही टुकड़े पर एक वर्ष में कई फसलों को उगाना बहुविध फसल प्रणाली कहलाता है। पालमपुर के सभी किसान वर्ष में कम-से-कम दो फसलें उगाते हैं। पिछले 15-20 वर्ष से अनेक किसान तीसरी फसल के रूप में आलू की खेती कर रहे हैं। ⦁ आधुनिक कृषि उपकरणों एवं तकनीक का उपयोग-पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान आधुनिक कृषि तरीकों को अपनाने वाले भारत के पहले किसान थे। इन क्षेत्रों के किसानों ने सिंचाई के लिए नलकूपों, एच.वाई.वी. बीज, रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों का प्रयोग किया। ट्रैक्टर एवं प्रैशर का भी प्रयोग किया गया। जिससे जुताई एवं फसल की (UPBoardSolutions.com) कटाई आसान हो गई। उन्हें अपने प्रयासों में सफलता मिली और उन्हें गेहूं की अधिक पैदावार के रूप में इसका प्रतिफल मिला। एचवाईवी बीजों की सहायता से पैदावार 1300 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 3200 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक हो गई और अब किसानों के पास बहुत सा अधिशेष गेहूँ बाजार में बेचने के लिए होता है। |
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पालमपुर में कम्प्यूटर कक्षा का परिचालक कौन है? |
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Answer» पालमपुर में करीम कम्प्यूटर कक्षा का परिचालन करता था। |
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अपने क्षेत्र में दो श्रमिकों से बात कीजिए। खेतों में काम करने वाले या विनिर्माण कार्य में लगे मज़दूरों में से किसी को चुनें। उन्हें कितनी मज़दूरी मिलती है? क्या उन्हें नकद पैसा मिलता है या वस्तु-रूप में? | क्या उन्हें नियमित रूप से काम मिलता है? क्या वे कर्ज़ में हैं? |
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Answer» हमारे क्षेत्र में रामबचन और जनार्दन दो खेतिहर मजदूर हैं जो एक मकान के निर्माण कार्य में काम करते हैं। इन दोनों को प्रति 90 से 100 रुपये मिलते हैं। यह सत्य है कि उन्हें नकद मजदूरी मिलती है। लेकिन इन्हें नियमित रूप से काम नहीं मिलता क्योंकि बहुत से लोग कम दरों पर काम करने के लिए राजी हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें कम मजदूरी मिलती है इसलिए वे कर्ज में डूबे हुए हैं। कम मजदूरी के कारण वे बड़ी कठिनाई से परिवार का भरण-पोषण कर पाते हैं। |
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हरित क्रांति से क्या तात्पर्य है? |
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Answer» 1960 के दशक के उपरान्त कुछ क्षेत्रों के किसानों ने आधुनिक ढंग से कृषि करना शुरू कर दिया जिससे फसलों के उत्पादन में कई गुना वृद्धि हो गई। जिसे हरित क्रांति का दर्जा दिया गया। |
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अपने क्षेत्र के कुछ पुराने निवासियों से बात कीजिए और पिछले 80 वर्षों में सिंचाई और उत्पादन के तरीकों में हुए परिवर्तनों पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट लिखिए। |
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Answer» अपने क्षेत्र के कुछ वयोवृद्ध व्यक्तियों से बात करने के बाद पिछले 30 वर्षों में सिंचाई और उत्पादन के तरीकों में हुए परिवर्तनों से मुझे इस बात का पता चला कि 30 वर्ष पहले कृषि करने के पुराने तरीके कैसे थे। यह जानकारी इस प्रकार है। ⦁ प्राचीनकाल में सिंचाई के लिए कुओं का उपयोग किया जाता था। कुएँ से बैल के माध्यम से रहट का उपयोग करके पानी को ऊपर खींचकर सिंचाई जाती थी। |
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स्थायी पूंजी किसे कहते हैं? |
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Answer» ओजारों तथा मशीनों में अत्यंत साधारण औजार जैसे किसान का हल से लेकर परिष्कृत मशीनें जैसे-जेनरेटर, टग्बाइन, कंप्यूटर आदि आते हैं। आजारों, मशीनों और भवनों का उत्पादन में कई वर्षों तक प्रयोग होता है और इन्हें स्थायी पूँजो कहा जात है। |
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कार्यशील पूँजी किसे कहते हैं? |
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Answer» उत्पादन के दौरान भुगतान करने तथा जरूरी माल खरीदने के लिए कुछ पैसों की भी आवश्यकता होती है। कच्चा माल तथा नकद पैसों को कार्यशील पूँजी कहते हैं। |
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भारत के किस राज्य में उर्वरक का सर्वाधिक उपयोग होता है? |
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Answer» भारत के पंजाब राज्य में कृषि के अंतर्गत् उर्वरक का सर्वाधिक प्रयोग होता है। |
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खेती की आधुनिक विधियों के लिए ऐसे अधिक आगतों की आवश्यकता होती है, जिन्हें उद्योगों में विनिर्मित किया जाता है, क्या आप सहमत हैं? |
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Answer» हाँ, हम सहमत हैं। क्योंकि आधुनिक कृषि तकनीकों को अधिक साधनों की जरूरत है जो उद्योगों में बनाए जाते हैं। एचवाईवी बीजों को अधिक पानी चाहिए और इसके साथ ही बेहतर नतीजों के लिए रासायनिक खाद, कीटनाशक भी चाहिए। किसान सिंचाई के लिए नलकूप लगाते हैं। ट्रैक्टर एवं प्रैसर जैसी मशीनें भी प्रयोग की जाती हैं। एचवाईवी बीजों की सहायता से गेहूं की पैदावार 1300 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 3200 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक हो गई और अब किसानों के पास बाजार में बेचने के लिए अधिक मात्रा में फालतू गेहूं है। |
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पालमपुर की मुख्य क्रिया क्या थी? |
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Answer» पालमपुर के लोग प्रमुखतः कृषि कार्य करते थे। farming krishi palampur ki moky kriya thi |
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आपके क्षेत्र में कौन-से गैर-कृषि उत्पादन कार्य हो रहे हैं? इनकी एक संक्षिप्त सूची बनाइए। |
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Answer» हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाने वाले गैर कृषि उत्पादन कार्य इस प्रकार हैं ⦁ खेतों में उत्पादित सब्जी, फलों को शहरी बाजारों में बेचा जाना। ⦁ दूर गाँवों से एकत्र करके शहरों में आपूर्ति करना। ⦁ सिलाई, कढ़ाई, प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करना। ⦁ शिक्षित लोगों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण देना। ⦁ पशुपालन (Dairy), मुर्गीपालन (Poultry) और मछली पालन आदि। ⦁ परिवहन संबंधित कार्य अर्थात् यातायात के लिए रिक्शा, टाँगा, टैम्पो, जीप, बस और ट्रक का उपयोग किया जाना।। ⦁ कुछ शिक्षित लोगों द्वारा नर्सरी पाठशाला और प्राथमिक शिक्षा के लिए पाठशाला की स्थापना करना। ⦁ गन्ने से गुड़ और चीनी का तैयार किया जाना। |
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पालमपुर में किन-किन चीजों की दुकानें थी? |
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Answer» पालमपुर में छोटे-छोटे जनरल स्टोरों में चावल, गेहूँ, चाय, तेल, बिस्कुट, साबुन, टूथपेस्ट, बैट्री, मोमबत्तियाँ, कॉपियाँ, पेन, पेंसिल आदि बेचते थे। यहाँ के दुकानदार शहरों के थोक बाजारों से वस्तुएँ खरीदकर लाते थे और उसे गाँव में बेचते थे। |
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क्या सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना महत्त्वपूर्ण है? क्यों? |
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Answer» सिंचित क्षेत्र में वृद्धि करना निम्न दृष्टि से महत्वपूर्ण है ⦁ सिंचाई की सुविधा प्राप्त भूम के टुकड़े में कृषि उत्पादन असिंचित भूमि के टुकड़े के उत्पादन से अधिक होता है। ⦁ कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचित क्षेत्र महत्त्वपूर्ण ही नहीं बल्कि आवश्यक भी है। ⦁ पौधों का जन्म, उनका विकास, फलना और फूलना; मिट्टी, जल और हवा के कुशल संयोग पर निर्भर करता है। ⦁ यदि सिंचाई की असुविधा के कारण जल प्राप्त नहीं होता तो फसल सूख जाएगी, यदि लगातार जल की कमी होतो अकाल का भय हो जाता है। ⦁ सिंचित क्षेत्र की वृद्धि से भारत में व्याप्त मानसून की अनिश्चित बरसात से मुक्ति मिलेगी। |
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पालमपुर गाँव में जनसंख्या की संरचना क्या है? |
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Answer» इस गाँव में 450 परिवार हैं, जो विभिन्न वर्गों एवं जातियों से सम्बन्धित हैं। 80 परिवार उच्च जातियों से सम्बन्धित हैं। अनुसूचित जनजाति एवं दलित का कुल जनसंख्या में हिस्सा 1/3 है। जबकि शेष हिस्सा अन्य जातियों का है। |
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कृषि मजदूर किसे कहते हैं? |
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Answer» गाँव के वे लोग जो या तो भूमिहीन परिवारों से संबंध रखते हैं या छोटे भूखंडों पर खेती करने वाले परिवारों से संबंध रखते हैं। उन्हें नकदी या किसी अन्य रूप में केवल मजदूरी ही मिलती है। |
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पालमपुर में खेतिहर श्रमिकों की मज़दूरी न्यूनतम मज़दूरी से कम क्यों है? |
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Answer» पालमपुर में खेतिहर मज़दूरों में काम के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा है। इसलिए लोग कम दरों पर मज़दूरी करने को तैयार हो जाते हैं। न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम का ग्रामीण क्षेत्रों में लागू न किया जाना भी एक प्रमुख कारण है। इसलिए गरीब मज़दूरों को जो कुछ भी मज़दूरी दी जाती है उसे वे अपना भाग्य समझकर स्वीकार कर लेते हैं। |
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पालमपुर गाँव के लोग बाजार करने कहाँ जाते थे? |
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Answer» पालमपुर गाँव के लोग वस्तुओं को खरीदने के लिए तथा अपना अनाज बेचने के लिए शाहपुर कस्बे की ओर जाते थे। |
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गाँवों में और अधिक गैर-कृषि कार्य प्रारंभ करने के लिए क्या किया जा सकता है? |
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Answer» गाँव में और अधिके गैर-कृषि कार्य प्रारंभ करने के लिए निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं| ⦁ गाँव में अच्छे पब्लिक स्कूल खोलकर गाँव वालों की शिक्षा के स्तर को ऊँचा किया जा सकता है। ⦁ सरकार द्वारा गाँव में उद्योग-धन्धे स्थापित किए जा सकते हैं। ⦁ परिवहन का विकास करके गाँव और शहरों के बीच संकल्प और उत्तम सड़क बनवाकर गाँव से कृषि का अतिरिक्त उत्पादन शहरों में भेजा जा सकता है। ⦁ इसी प्रकार शहरों से गाँव के लिए आवश्यक वस्तुएँ मँगाई जा सकती हैं। ⦁ संचार के विकास द्वारा गाँव को देश और विदेश से जोड़ा जा सकता है। |
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पालमपुर में आधारभूत विकास का वर्णन कीजिए। |
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Answer» पालमपुर गाँव में बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई की सुविधाओं से संपन्न एक विकसित गाँव है। बिजली से खेतों में स्थित सभी नलकूपों एवं विभिन्न प्रकार के छोटे उद्योगों को विद्युत ऊर्जा मिलती है। बच्चों को शिक्षा देने के लिए सरकार द्वारा प्राथमिक व उच्च विद्यालय दोनों खोले गए हैं। लोगों का इलाज करने के लिए एक सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और एक निजी दवाखाना है। गाँव के लोगों द्वारा विभिन्न प्रकार की उत्पादन क्रियाएँ की जाती हैं जैसे कि खेती, लघु स्तरीय विनिर्माण, परिवहन, दुकानदारी आदि। पालमपुर का प्रमुख क्रियाकलाप कृषि है। 75 प्रतिशत लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। बरसात के मौसम (खरीफ) के दौरान किसान ज्वार एवं बाजरा उगाते हैं। इन फसलों को पशुओं के चारे में प्रयोग किया जाती है। इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच आलू की खेती का जाती है। सरदी के मौसम (रबी) में खेतों में गेहूं बोया जाता है। पैदा किया गया गेहूँ किसान के परिवार के लिए प्रयोग किया जाता है और जो बच जाता है उसे रायगंज के बाजर में बेच दिया जाता है। बहुत से लोग गैर-कृषि क्रियायों से जुड़े हुए हैं। जैसे कि डेयरी, विनिर्माण, दुकानदारी, परिवहन, मुर्गी पालन, सिलाई, शैक्षिक गतिविधियाँ आदि। किसान इन कार्यों को उस समय कर सकते हैं जब इन लोगों के पास खेतों में करने के लिए कोई काम न हो या वे बेरोजगार हों। यह उनकी आर्थिक दशा सुधारने में सहायता करेगा। |
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खेतिहर श्रमिक गरीब क्यों हैं? |
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Answer» खेतिहर श्रमिक गरीब हैं क्योंकि| ⦁ ये श्रमिक भूमिहीन हैं या इनके पास भूमि का बहुत छोटा भाग है। ⦁ वर्ष के दौरान उनके पास कोई कार्य नहीं है। ⦁ इन मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी प्राप्त नहीं होती है। ⦁ इनके परिवार बड़े होते हैं। ⦁ ये अशिक्षित, अस्वस्थ एवं अकुशल होते हैं। ⦁ ये गरीब होते हैं, गरीबी ही गरीबी को जन्म देती है। |
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डाला और रामकली जैसे खेतिहर श्रमिक गरीब क्यों हैं? |
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Answer» पालमपुर निवासी डाला और रामकली भूमिहीन खेतीहर श्रमिक हैं। वे पालमपुर में दैनिक मजदूरी करते हैं। उन्हें निरंतर काम की खोज में रहना पड़ता है। सरकार द्वारा खेतीहर श्रमिक के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 60 रुपए प्रतिदिन है। किन्तु डाला और रामकली को केवल 35-40 रुपए ही मिलते हैं। पालमपुर के खेतीहर श्रमिकों में बहुत अधिक स्पर्धा है इसलिए लोग कम दरों पर मजदूरी के लिए तैयार हो जाते हैं। डाला और रामकली दोनों ही गाँव के सबसे गरीब लोगों में से एक हैं। |
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कृषि में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से क्या हानि होती है? |
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Answer» रासायनिक खाद के अधिक प्रयोग के कारण भूमि की उर्वरा शक्ति घट जाती है। रासायनिक खाद के कारण भूमिगत जल, नदियों व झीलों का पानी प्रदूषित हो जाता है। रासायनिक खाद के निरंतर प्रयोग ने मिट्टी की गुणवत्ता को कम कर दिया है। भू-उर्वरता एवं भूमिगत जल जैसे पर्यावरणीय संसाधन बनने में वर्षों लग जाते हैं। एक बार नष्ट होने के बाद इनकी पुनस्र्थापना कर पाना बहुत कठिन होता है। कृषि के भावी विकास को सुनिश्चित करने के लिए हमें पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। |
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पालमपुर में उपलब्ध परिवहन के साधन कौन-कौन से हैं? |
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Answer» यहाँ उपलब्ध प्रमुख परिवहन के साधन हैं-बैलगाड़ी, ताँगा, बुग्गी, जीप, ट्रैक्टर, ट्रक और मोटर साइकल। |
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पालमपुर की गैर-कृषि क्रियाओं को स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» पालमपुर की गैर-कृषि क्रियाएँ इस प्रकार हैं ⦁ डेयरी स्वामी के रूप में कार्य करना । ⦁ छोटी निर्माण फर्म को चलाना। ⦁ दुकानदार के रूप में कार्य करना ⦁ परिवहन संचालक के रूप में कार्य करना। |
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पालमपुर गाँव की आर्थिक क्रियाओं के नाम बताइए। |
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Answer» पालमपुर गाँव में निम्नलिखित आर्थिक क्रियाएँ संपादित की जाती हैं ⦁ गन्ने काटने की मशीन लगाना। ⦁ दुकानदार का कार्य करना। ⦁ परिवहन संचालक का कार्य करना। ⦁ लघु स्तरीय निर्माण कार्य। ⦁ कृषि एक मुख्य आर्थिक क्रिया है। ⦁ कृषि मजदूर के रूप में कार्य करना। ⦁ दर्जी, धोबी, मोची, सुनार आदि का कार्य करना। ⦁ मुर्गीपालन एवं डेयरी का कार्य अपनाना। |
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पालमपुर में कृषि-कार्य हेतु श्रमिक कौन उपलब्ध कराता है? |
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Answer» कृषि में बहुत अधिक मेहनत की आवश्यकता होती है। छोटे किसान अपने परिवार सहित अपने खेतों में काम करते हैं। किन्तु मध्यम या बड़े किसानों को अपने खेतों में काम करने के लिए श्रमिकों को मजदूरी देनी पड़ती है। इन श्रमिकों को कृषि मजदूर कहा जाता है। ये कृषि मजदूर या तो भूमिहीन परिवारों से होते हैं या छोटे खेतों पर काम करने वाले परिवारों में से। |
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पालमपुर में उगाई जाने वाली विभिन्न फसलों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» पालमपुर में सारी भूमि जुताई के अंतर्गत है। भूमि का कोई भी टुकड़ा बंजर नहीं छोड़ा गया है। पालमपुर के किसान सुविकसित सिंचाई प्रणाली एवं बिजली की सुविधा के कारण वर्ष में 3 अलग-अलग फसलें उगा पाने में सफल हो पाते हैं। बरसात के मौसम (खरीफ) के दौरान किसान ज्वार एवं बाजरा उगाते हैं। इन फसलों को पशुओं के चारे में प्रयोग किया जाता है। इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच आलू की खेती की जाती है। सर्दी के मौसम (रबी) में खेतों में गेहूं बोया जाता है। पैदा किया गया गेहूँ किसान के परिवार के लिए प्रयोग किया जाता है और जो बच जाता है उसे रायगंज के बाजार में बेच दिया जाता है। गन्ने की फसल की कटाई वर्ष में एक बार की जाती है। गन्ने को इसके मूल रूप या फिर गुड़ बना कर इसे शाहपुर के व्यापारियों को बेच दिया जाता है। |
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क्या आप सहमत हैं कि पालमपुर गाँव में कृषि भूमि का वितरण असमान है? |
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Answer» हाँ. हम सहमत हैं कि पालमपुर गाँव में भूमि का वितरण असमान है, क्योंकि अधिक संख्या में छोटे किसानों के पास 2 एकड़ से भी कम भृमे है। बड़े एवं मझोले किसानों के पास 2 एकड़ से अधिक भूमि है। कुछ किसान तो अब भी भूमिहीन हैं। |
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पालमपुर में होने वाली गैर-कृषि क्रियाओं का वर्णन कीजिए। |
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Answer» उन क्रियाओं को गैर कृषि क्रियाएँ कहते हैं जो कृषि के अतिरिक्त होती हैं जैसे-दुकानदारी, विनिर्माण, डेयरी, परिवहन, मुर्गीपालन, शैक्षिक गतिविधि आदि। पालमपुर में प्रचलित गैर कृषि गतिविधियों का विवरण इस प्रकार है ⦁ परिवहन : तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र–पालमपुर और रायगंज के बीच की सड़क पर बहुत से वाहन चलते हैं जिनमें रिक्शा वाले, तांगे वाले, जीप, ट्रैक्टर, ट्रक चालक, पारंपरिक बैल गाड़ी एवं बुग्गी (भैंसागाड़ी) शामिल हैं। इस काम में लगे हुए कई लोग अन्य लोगों को उनके गन्तव्य स्थानों तक पहुँचाने और वहाँ से उन्हें वापस लाने का काम करते हैं जिसके लिए उन्हें पैसे मिलते हैं। वे लोगों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाते हैं। ⦁ पालमपुर में लघुस्तरीय विनिर्माण का एक उदाहरण-इस समय पालमपुर में 50 से कम लोग विनिर्माण कार्य में लगे हुए हैं। इसमें बहुत साधारण उत्पादन क्रियाओं का प्रयोग किया जाता है और यह छोटे स्तर पर किया जाता है। ये कार्य पारिवारिक श्रम की सहायता से घर में या खेतों में किया जाता है। मजदूरों को कभी-कभार ही किराए पर लिया जाता है। ⦁ दुकानदार–पालमपुर में बहुत कम लोग व्यापार (वस्तु विनिमय) करते हैं। पालमपुर के व्यापारी दुकानदार हैं जो शहरों के थोक बाजार से कई प्रकार की वस्तुएँ खरीदते हैं और उन्हें गाँव में बेच देते हैं। उदाहरणतः गाँव के छोटे जनरल स्टोर चावल, गेहूँ, चीनी, चाय, तेल, बिस्कुट, साबुन, टूथ पेस्ट, बैट्री, मोमबत्ती, कॉपी, पेन, पेन्सिल और यहाँ तक कि कपड़े भी बेचते हैं। ⦁ डेयरी–पालमपुर के कई परिवारों में डेयरी एक प्रचलित क्रिया है। लोग अपनी भैसों को कई तरह की घास, बरसात के मौसम में उगने वाली ज्वार और बाजरा आदि खिलाते हैं। दूध को पास के बड़े गाँव रायगंज में बेच दिया जाता है। |
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स्पष्ट कीजिए कि लोग किस प्रकार संपत्ति के रूप में संसाधन होते हैं? |
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Answer» किसी देश के लोग उस देश के लिए वास्तविक एवं बहुमूल्य संपत्ति होते हैं। इसे निम्नलिखित आधार पर स्पष्ट किया जा सकता है– ⦁ मानव साधन की गुणवत्ता लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक स्तर का चिन्ह या पहचान है। इस प्रकार मानव विकास को वृद्धि की आवश्यकता है। ⦁ स्वस्थ, शिक्षित, कुशल एवं अनुभवी लोग राष्ट्र की संपत्ति होते हैं जबकि अस्वस्थ, अशिक्षित, अकुशल एवं अनुभवहीन लोग एक बोझ हैं। ⦁ मानवीय संसाधन सभी आर्थिक क्रियाओं का अत्याज्य साधन है। सभी उत्पादित क्रियाओं को भूमि, श्रम, पूँजी, संगठन एवं उद्यम जो उत्पादन के साधन हैं और उसकी आवश्यकता होती है। ⦁ इन साधनों में से श्रम, संगठन एवं उद्यम मानवीय संसाधन हैं। इसके बिना उत्पादित क्रियाएँ संभव नहीं हैं। ⦁ मानवीय साधन उत्पादन का केवल आवश्यक तत्व ही नहीं बल्कि यह अन्य उत्पादन के साधनों को भी कार्यशील बनाता है। |
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किसी व्यक्ति के कामयाब जीवन में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है? |
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Answer» स्वास्थ्य मानव को स्वस्थ, सक्रिय, शक्तिशाली एवं कार्य कुशल बनाता है। यह सही कहा गया है कि एक स्वस्थ शरीर में एक स्वस्थ दिमाग होता है। अच्छा स्वास्थ्य एवं मानसिक जागरुकता एक मूल्यवान परिसंपत्ति है जो मानवीय संसाधन को देश के लिए एक संपत्ति बनाती है। स्वास्थ्य जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है। स्वास्थ्य का अर्थ जीवित रहना मात्र ही नहीं है। स्वास्थ्य में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक सुदृढ़ता शामिल हैं। स्वास्थ्य में परिवार कल्याण, जनसंख्या नियंत्रण, दवा नियंत्रण, प्रतिरक्षण एवं खाद्य मिलावट निवारण आदि बहुत से क्रियाकलाप शामिल हैं यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ है तो वह ठीक से काम नहीं कर सकता। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में एक अस्वस्थ मजदूर अपनी उत्पादकता और अपने देश की उत्पादकता को कम करता है। इसलिए किसी व्यक्ति के कामयाब जीवन में स्वास्थ्य महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता |
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मानव पूंजी निर्माण में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है? |
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Answer» मानव पूंजी निर्माण अथवा मानव संसाधन विकास में स्वास्थ्य की प्रमुख भूमिका है, जिसे हम निम्न रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं ⦁ किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य अपनी क्षमता एवं बीमारी से लड़ने की योग्यता को पहचानने में सहायता करता है। |
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‘संसाधन के रूप में लोग’ से आप क्या समझते हैं? |
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Answer» किसी देश के लोग उस देश के लिए बहुमूल्य संसाधन होते हैं, यदि वे स्वस्थ्य, शिक्षित एवं कुशल हों, क्योंकि मानवीय संसाधन के बिना आर्थिक क्रियाएँ संभव नहीं हैं। मानव, श्रमिक, प्रबन्धक एवं उद्यमी के रूप में समस्त आर्थिक क्रियाओं का संपादन करता है। इसे मानव संसाधन भी कहते हैं। |
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रोजगार से क्या आशय है?’ |
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Answer» रोजगार से अभिप्राय किसी अनुबंध के अंतर्गत दूसरे व्यक्तियों के लिए कार्य करना और उसके बदले पारितोषिक प्रा करना है। इसमें सभी प्रकार की सेवाएँ शामिल हैं। कर्मचारी कुछ निवेश नहीं करते और न ही व्यवसाय में उनका कोई जोखिम होता है। |
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तृतीयक क्षेत्र किसे कहते हैं? |
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Answer» इस क्षेत्र में वे क्रियाएँ आती हैं जो आधुनिक कारखानों को चलाने या प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों क्षेत्रों की क्रियाएँको सहारा देने के लिए तथा विभिन्न प्रकार की सेवाएँ शामिल हैं। उदाहरणतः बैंकिंग, परिवहन, व्यापार, शिक्षा, बीमा आदि। |
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किस पूँजी को आप सबसे अच्छा मानते हैं-भूमि, श्रम, भौतिक पूँजी और मानव पूँजी? क्यों? |
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Answer» जिस तरह जल, भूमि, वन, खनिज आदि हमारे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है उसी प्रकार मानव संसाधन भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मानव राष्ट्रीय उत्पादन का उपभोक्ता मात्र नहीं है बल्कि वे राष्ट्रीय संपत्तियों के उत्पादक भी हैं। वास्तव में मानव संसाधनों जैसे-भूमि, जल, वन, खनिज की तुलना में इसलिए श्रेष्ठ है। भूमि, पूँजी, जल एवं अन्य प्राकृतिक संसाधन स्वयं उपयोगी नहीं है, वह मानव ही है जो इसे उपयोग करता है या उपयोग के योग्य बनाता है। यदि हम लोगों में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं चिकित्सा सुविधाओं के द्वारा निवेश करें तो जनसंख्या के बड़े भाग को परिसंपत्ति में बदला जा सकता है। हम जापान का उदाहरण सामने रखते हैं। जापान के पास कोई प्राकृतिक संसाधन नहीं थे। इस देश ने अपने लोगों पर निवेश किया विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में। अंततः इन लोगों ने अपने संसाधनों का दक्षतापूर्ण उपयोग करने के बाद नई तकनीक विकसित करते हुए अपने देश को समृद्ध एवं विकसित बना दिया है। इस प्रकार मानव-पूँजी अन्य सभी संसाधनों की अपेक्षा अधिक महत्त्वपूर्ण है। मानवीय पूँजी को किसी भी सीमा तक बढ़ाया जा सकता है और इसके प्रतिफल को कई बार गुणा किया जा सकता है। भौतिक पूँजी का निर्माण, प्रबंध एवं नियंत्रण मानवीय पूँजी द्वारा किया जाता है। मानवे पूँजी केवल स्वयं के लिए ही कार्य नहीं करती बल्कि अन्य साधनों को भी क्रियाशील बनाती है। मानवीय पूँजी उत्पादन का एक अत्याज्य साधन है। |
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“मानव पूँजी निर्माण में शिक्षा एक महत्त्वपूर्ण निवेश है।” स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» शिक्षा मानव पूँजी निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि जनसंख्या शिक्षित नहीं होगी तो वह उत्तरदायित्व में बदल जाएगी। उचित शिक्षा प्रदान करके हम किसी बच्चे को अच्छी तरह विकसित एवं कोई भी काम करने योग्य बना सकते हैं। इस प्रकार शिक्षा श्रम की गुणवत्ता में सुधार करती हैं। इससे सकल उत्पादकता में वृद्धि होती है जो अर्थव्यवस्था की विकास दर में वृद्धि करती है। बदले में यह व्यक्ति को वेतन एवं अन्य विकल्प प्रदान करती है। मानव संसाधन विकास में शिक्षा बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिक्षा एवं कौशल किसी व्यक्ति की आय को निर्धारित करने वाले मुख्य कारक हैं। किसी बच्चे की शिक्षा और प्रशिक्षण पर किए गए निवेश के बदले में वह भविष्य में अपेक्षाकृत अधिक आय एवं समाज में बेहतर योगदान के रूप में उच्च प्रतिफल दे सकता है। शिक्षित लोग अपने बच्चों की शिक्षा पर अधिक निवेश करते पाए जाते हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने स्वयं के लिए शिक्षा का महत्त्व जान लिया है। |
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द्वितीय क्षेत्र किसे कहते हैं? |
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Answer» वे क्रियाएँ जो कच्चे माल या प्राथमिक उत्पाद को और अधिक उपयोगी वस्तुओं में बदलती हैं उन्हें द्वितीयक क्षेत्र के अन्तर्गत शामिल किया जाता है। उदाहरणतः उद्योग, विद्युत, बाँध, जल आदि। |
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मानव संसाधन भूमि और भौतिक पूँजी जैसे अन्य संसाधनों से कैसे भिन्न है? |
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Answer» मानवीय संसाधन अन्य संसाधनों से इस प्रकार भिन्न है ⦁ मानवीय संसाधन उत्पादन का एक अत्याज्य (Indispensable) साधन है। |
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आपके विचार से भारत किस क्षेत्र में रोजगार के सर्वाधिक अवसर सृजित कर सकता है? |
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Answer» सेवा क्षेत्र भारत में सर्वाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकता है। भूमि की अपनी एक निर्धारित सीमा है जिसे बदला नहीं जा सकता है अतः कृषि क्षेत्र में हम अधिक रोजगार के अवसर की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। कृषि में पहले से ही छिपी बेरोजगारी विद्यमान है जबकि दूसरी ओर उद्योग स्थापित करने में बड़े पैमाने पर संसाधन की आवश्यकता होती है जिसकी पूर्ति हम सरलता से नहीं कर सकते हैं। भारत एक विशाल जनसंख्या वाला देश है और जिसे उचित शिक्षा, पेशेवर गुणवत्ता एवं कुशल श्रमशक्ति की आवश्यकता है। कुशल लोगों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर माँग होती है। अतः हम कह सकते। हैं कि भारत में सेवा क्षेत्र में रोजगार की असीम सम्भावनायें हैं। |
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