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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

राज्य की उत्पत्ति के ऐतिहासिक अथवा विकासवादी सिद्धान्त का मूल्यांकन कीजिए।

Answer»

राज्य की उत्पत्ति का ऐतिहासिक अथवा विकासवादी सिद्धान्त
राज्य की उत्पत्ति के सभी सिद्धान्तों में यह सिद्धान्त, राज्य की उत्पत्ति की वास्तविक तथा सही व्याख्या करता है। इस सिद्धान्त के प्रवर्तकों का मत है कि राज्य की उत्पत्ति किसी निश्चित समय में नहीं हुई, वरन् मानव-इतिहास के विकास के साथ-साथ इसका भी विकास होता गया और राज्य का वर्तमान रूप सामने आया। वास्तव में, इतिहास में इस बात का कहीं भी उल्लेख नहीं मिलता है कि पहले समाज में राज्य नहीं था तथा बाद में मनुष्यों ने राज्य का निर्माण किया। जब मनुष्य आखेट अवस्था में था, उस समय भी वह समाज में ही रहता था, परन्तु वह समाज की अविकसित अवस्था थी। फिर मनुष्य चरागाह युग में आया और फिर कृषि युग में। तत्पश्चात् औद्योगिक युग की सभ्यता में मनुष्य ने प्रवेश किया। मनुष्य के विकास के साथ-साथ उसके समाज एवं राज्य का स्वरूप भी बदलता गया। अतः राज्य की उत्पत्ति के सम्बन्ध में यही सिद्धान्त अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है। लीकॉक के शब्दों में, “राज्य एक आविष्कार नहीं है, अपितु वह एक विकासपूर्ण वस्तु है। मनुष्य की विकासपूर्ण प्रवृत्ति के कारण ही राज्य की उत्पत्ति हुई।”
विकासवादी सिद्धान्त के प्रवर्तकों का मत है कि राज्य की उत्पत्ति धीरे-धीरे क्रमिक विकास के परिणामस्वरूप हुई है। प्रो० बर्गेस का भी मानना है, “राज्य अत्यन्त अपूर्ण प्रारम्भिक अवस्थाओं में से धीरे-धीरे कुछ उन्नत अवस्थाओं में होकर मानवता के पूर्ण सार्वभौमिक संगठन की दशा में मानव-समाज का क्रमिक विकास है। ऐसा ही विचार गार्नर ने व्यक्त किया है, “राज्य न तो ईश्वर की कृति है और न किस उच्चतर शक्ति का परिणाम, न किसी समझौते की सृष्टि है और न ही परिवार का विस्तार-मात्र, वरन् यह ऐतिहासिक विकास का परिणाम है।”

राज्य के क्रमिक विकास में जिन तत्त्वों ने योगदान दिया है, उनका वर्णन निम्नलिखित है-
1. रक्त-सम्बन्ध – राज्य के विकास में सहायक प्रथम तत्त्व रक्त-सम्बन्ध है। मनुष्य का प्रारम्भिक संगठन, परिवार, रक्त के सम्बन्ध के आधार पर ही बना। धीरे-धीरे बहुत-से परिवारों ने मिलकर कबीलों और कबीलों ने कालान्तर में राज्य का रूप धारण कर लिया। मैकाइवर के अनुसार, “रक्त-सम्बन्ध से समाज की स्थापना हुई और समाज से राज्य की।”
2. मनुष्य की स्वाभाविक सामाजिक प्रवृत्ति – मानव स्वभाव से एक सामाजिक और राजनीतिक प्राणी है और समूह में रहने की प्रवृत्ति ने ही राज्य को जन्म दिया है। जॉन मार्ने के अनुसार, “राज्य के विकास का वास्तविक आधार मनुष्य के जीवन में विद्यमान अन्तर्जात प्रवृत्ति रही है।”
3. धर्म – धर्म ने भी मानव-अस्तित्व के प्रारम्भिक काल में लोगों को सामाजिक व राजनीतिक एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। इस प्रकार राज्य के विकास में धर्म ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। गैरेट के अनुसार, “राजनीतिक विकास के प्रारम्भिक एवं बड़े कठिन काल में धर्म में बर्बरतापूर्ण अराजकता का दमन कर सका और मानव को आदर भाव तथा आज्ञापालन
की शिक्षा प्रदान कर सका तथा जंगलों की अराजकता को नष्ट कर सका।”
4. आर्थिक आवश्यकताएँ – राज्य की उत्पत्ति के विकास में मनुष्य की आर्थिक आवश्यकताओं ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। मनुष्य ने अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सम्पत्ति संग्रह करना प्रारम्भ कर दिया। सम्पत्ति के कारण ही संघर्ष हुए और इन संघर्षों को समाप्त करने के लिए कुछ नियमों का निर्माण किया गया। इन नियमों का पालन कराने के लिए यह एक सार्वभौमिक संस्था स्थापित हुई, जो राज्य कहलायी। मार्क्स के अनुसार, “राज्य आर्थिक परिस्थितियों की ही अभिव्यक्ति है।
5. राजनीतिक चेतना – राज्य के विकास में राजनीतिक चेतना का बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान है।
राजनीतिक चेतना से तात्पर्य यह है कि राज्य के लोगों में राजनीतिक संस्थाओं के माध्यम से किसी उद्देश्य की प्राप्ति की भावना होनी चाहिए। अत: राज्य की उत्पत्ति एक निश्चित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हुई। गिलक्राइस्ट के अनुसार, “राज्य के निर्माण के सभी तत्त्वों की तह में, जिनमें रक्त-सम्बन्ध तथा धर्म भी शामिल है, राजनीतिक चेतना सबसे प्रमुख तत्त्व है।”
6. शक्ति – शक्ति तथा युद्ध ने भी राज्य के विकास में योग दिया है। प्राचीन समय में शक्तिशाली लोगों ने दुर्बलों पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया और वे स्वयं शासक बन बैठे। अनेक कबीलों के शासकों ने सत्ता प्राप्त करके राज्य की स्थापना की। जैक्स के अनुसार, “जन समाज को राजनीतिक समाज में परिवर्तन शान्तिपूर्ण उपायों से नहीं वरन् युद्ध द्वारा हुआ।”

2.

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :मनुष्य मिट्टी में से भी अमृत निकाल सकता है।मनुष्य की शक्ति की कोई सीमा नहीं।वह आकाश की ऊँचाई सर कर सकता है।मनुष्य पशुता पर वह विजयी हो सकता है।

Answer»

1. अमृत

2. शक्ति

3. ऊँचाई

4. पशुता

3.

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :अग्नि की लपटबर्फ से बना हुआ पहाड़जो कभी भी हो नहीं सकताकिसी के अंदर समाया हुआ

Answer»

1. ज्वाला

2. हिमगिरि

3. असंभव

4. अंतर्निहित

4.

निम्नलिखित वाक्यों के रचना की दृष्टि से प्रकार लिखिए :निसर्ग पड़ रहा है।हमें सत्य बोलना चाहिए; किन्तु वह अप्रिय नहीं होना चाहिए।यह वही भारत देश है, जिसकी संस्कृति महान है।

Answer»

1. सरल वाक्य

2. संयुक्त वाक्य

3. मिश्र वाक्य

5.

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :शानआहवानभालशीशतालभृकुटीलाल

Answer»

1. गौरव

2. पुकार

3. ललाट

4. मस्तक

5. लय

6. भौंह

7. पुत्र

6.

कवि ने किसे धरती की शान कहा है?

Answer»

कवि ने मनुष्य को धरती की शान कहा है।

7.

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :पशुतादृष्टताप्राकृतिककेन्द्रीयअमरताप्रभुत्वअर्जितधैर्यविजयीव्यक्तित्वकंठस्थ

Answer»

1. पशुता – पशु + ता

2. दुष्टता – दुष्ट + ता

3. प्राकृतिक – प्रकृत + इक

4. केन्द्रीय – केन्द्र + ईय

5. अमरता – अमर + ता

6. प्रभुत्व – प्रभु + त्व

7. अर्जित – अर्जन + इत

8. धैर्य – धीर + य

9. विजयी – विजय + ई

10. व्यक्तित्व – व्यक्ति + त्व

11. कंठस्थ – कंठ + स्थ

8.

निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए :धरती की शान,तू भारत की संतानतेरी मुढ़ियों मेंबंद तूफान है रे

Answer»

प्रत्येक भारतवासी महान है। उसमें अनंत शक्तियाँ छिपी हुई है। वह अपने आपमें तूफान जैसी शक्ति रखता है। वह चाहे तो उसकी उपलब्धियाँ धरती का गौरव बन सकती हैं।

9.

कवि ने पृच्ची के लाल से क्या कहा है?

Answer»

कवि ने मनुष्य को पृथ्वी का लाल कहा है। कवि उससे कहता है तेरे अंदर बहुत-सी शक्तियाँ हैं जिनका तुझे ज्ञान होना चाहिए। …

10.

धरती-सा धीर किसे कहा गया है ?

Answer»

धरती-सा धीर मनुष्य को कहा गया है।

11.

निम्नलिखित विधान ‘सही’ हैं या ‘गलत’ यह बताइए:पर्वत और नदियाँ मनुष्य के वश में हैं।मनुष्य धरती और आकाश को एक कर सकता है।मनुष्य की वाणी में युग की पुकार है।मनुष्य आकाश से ऊँचा नहीं उड़ सकता।मनुष्य की छाती में महाकाल छिपा है।

Answer»

1. सही

2. सही

3. सही

4. गलत

5. सही

12.

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :मनुष्य मिट्टी से ………….. निकाल सकता है। (सोना, अमृत)मनुष्य की छाती में ……….. बैठा है। (महाकाल, कामदेव)मनुष्य का धैर्य…………. के समान है। (धरती, प्रलय)मनुष्य को ………… का वरदान मिला है। (निर्भयता, अमरता)कवि की दृष्टि में ……. सर्वाधिक महान है। (मनुष्य, यमराज)

Answer»

1. अमृत

2. महाकाल

3. धरती

4. अमरता

5. मनुष्य

13.

कवि ने मनुष्य को क्या पहचानने के लिए कहा है?

Answer»

कवि ने मनुष्य को अपनी शक्ति पहचानने के लिए कहा है।

14.

क्या कारण है कि आजकल हर व्यक्ति संदेह की दृष्टि देखा जा रहा है?

Answer»

आजकल लोग दोषी अधिक और गुणी कम दिखाई देते हैं। इसका कारण यह है कि गुणों पर कम ध्यान दिया जाता है और दोषों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाने लगा है।

15.

पृथ्वी के लाल तेरा हिमगिरि-सा(अ) हाल(ब) भाल(क) काल(ड) मिसाल

Answer»

सही विकल्प है (ब) भाल

16.

मनुष्य के प्राण अमर है, क्योंकि …(अ) उसे न मरने का वरदान मिला है।(ब) उसने अमृत की खोज कर ली है।(क) उसकी आत्मा में स्वयं भगवान बैठे हैं।

Answer»

मनुष्य के प्राण अमर है, क्योंकि उसकी आत्मा में स्वयं भगवान बैठे हैं।

17.

मनुष्य जितना चाहे उतना ऊँचे जा सकता है, क्योंकि …(अ) उसकी उड़ान नभ से भी ऊँची है।(ब) उसने हवाई जहाज बना लिया है।(क) वह एवरेस्ट की चोटी पर पहुँच चुका है।

Answer»

मनुष्य जितना चाहे उतना ऊँचे जा सकता है, क्योंकि उसकी उड़ान नभ से भी ऊँची है।

18.

पंडित भरत व्यास क्या थे?A. संगीतकारB. चित्रकारC. गीतकारD. कलाकार

Answer»

सही विकल्प है C. गीतकार

19.

अन्य जीवों से मनुष्य महान कैसे है?

Answer»

मनुष्य के पास अन्य जीवों की अपेक्षा सोचने – समझने की विशेष बुद्धि है। इसी बुद्धि के द्वारा उसने अनोखे आविष्कार किए हैं। मनुष्य को वाणी का वरदान मिला है।

उसके पास भाषा की शक्ति है। इसके बल पर उसने सभ्यता और संस्कृति का विकास किया है। इस प्रकार मनुष्य अन्य जीवों की अपेक्षा महान है।

20.

काव्य-पंक्तियाँ पूर्ण कीजिए :धरती …………… महान है. ।

Answer»

धरती की शान तू भारत की संतान,
तेरी मुड़ियों में बंद तूफान है रे,
मनुष्य तू बड़ा महान है।।

21.

बाग में जाकर तरह-तरह के फूलों को देखिए और चार फूलों के नाम लिखिए।

Answer»

(1) कमल

(2) गुलाब

(3) चमेली

(4) सूरजमुखी।

22.

आप क्या-क्या कर सकते हैं?

Answer»

मैं नदी में तैर सकता हूँ। मैं कुएँ से पानी निकाल सकता हूँ। मैं साइकिल चला सकता हूँ। मैं पतंग उड़ा सकता हूँ। मैं क्रिकेट में अच्छी बल्लेबाजी और गेंदबाजी कर सकता हूँ। इस तरह मैं बहुत – से काम कर सकता हूँ।

23.

फूलों से हमें क्या सीख मिलती है?

Answer»

फूल हमेशा खुश रहते हैं। आँधी और वर्षा को वे हँसते-हँसते सहन कर लेते हैं। उनसे हमें यह सीख मिलती है कि हम प्रत्येक स्थिति में खुश रहें। कठिन से कठिन परिस्थितियों को हम हँसते-हँसते सहन कर लें।

24.

सूरज की किरणें क्या करती हैं?

Answer»

सूरज की किरणें अंधकार को दूर भगाकर सारे संसार को प्रकाशित करती हैं।

25.

कहाँ आप सड़क पर पान की पीक नहीं थूक सकते?A. पेरिसB. इस्तंबूलC. टोकियोD. रंगून

Answer»

सही विकल्प है C. टोकियो

26.

हम जाली प्रमाणपत्र कहाँ नहीं खरीद सकते?A. जेहाद मेंB. काबुल मेंC. बोस्टन मेंD. बर्लिन में

Answer»

सही विकल्प है C. बोस्टन में

27.

जग को रोशन करने के लिए दीपक क्या जलाता है?

Answer»

जग को रोशन करने के लिए दीपक अपना हृदय जलाता है।

28.

धरती को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए आप क्या करेंगे?

Answer»

धरती को स्वच्छ बनाने के लिए हम कूड़े-कचरे को इधर-उधर न डालकर कूड़ेदान में डालेंगे। धरती को सुंदर बनाने के लिए हम अधिक-से-अधिक पेड़ लगाएँगे। हम बाग और फुलवारियाँ लगाने की प्रवृत्ति में सहयोग देंगे।

29.

फूलों की क्या विशेषता है?

Answer»

फूलों की यह विशेषता है कि वे हमेशा खुश रहते हैं।

30.

कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :(दीपक, धरती, इंसा, खुश-खुश, किरणों)

Answer»

(1) बगिया के फूलों को देखो, कैसे खुश-खुश रहते हैं।

(2) सूरज की किरणों को देखो, रोज धरा पर आती हैं।

(3) दीपक को देखो, कैसे यह हरदम जलता रहता है।

(4) आओ, हम भी इंसा बनकर जग में अपना नाम कमाएँ।

(5) हम अपने अच्छे-सच्चे कामों से सारी धरती को महकाएँ।

31.

दीपक जग को कैसे रोशन करता है?

Answer»

दीपक अपने हृदय को जला-जलाकर जग को रोशन करता है।

32.

इन शब्दों के अर्थ लिखिए :आहट …………..शैशवावस्था ………

Answer»

चाप

शिशु की अवस्था, बचपन

33.

हरिण-शावक सोना की शारीरिक बनावट कैसी थी?

Answer»

हरिण-शावक सोना की शारीरिक बनावट रेशमी लच्छों की गाँठ के समान थी। उसका कोमल शरीर लघु था, मुँह छोटा-सा था और बड़ी-बड़ी आँखें पानीदार थीं।

34.

दीपक क्या जलाकर दुनिया को रोशनी देता है?A. शरीरB. अंतरC. घरD. मन

Answer»

सही विकल्प है B. अंतर

35.

खुश-खुश कौन रहते हैं?A. शूलB. पत्तेC. फूलD. पक्षी

Answer»

सही विकल्प है C. फूल

36.

 अंदाज अपना-अपना :यदि दीपक बोलता तो ….

Answer»

यदि दीपक बोलता तो वह अपनी आत्मकथा सुनाता। रात में होनेवाली अनेक दिलचस्प घटनाएँ हमें दीपक के मुँह से सुनने को मिलतीं।

37.

अंदाज अपना-अपना :यदि बगिचे में पेड़ चलते होते तो ….

Answer»

यदि बगिचे में पेड़ चलते होते तो बड़ी अफरातफरी मच जाती। वे आपस में टकराते और उनकी शाखाएँ और टहनियाँ टूट-टूटकर नीचे गिर जाती। कोई व्यक्ति बगिचे में जा नहीं सकता। सचमुच, यह एक विलक्षण दृश्य होता।

38.

इन शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :लघु ………मानव …………

Answer»

विशाल, विराट

हैवान

39.

विलोम शब्द लिखिए :सहयोगविदेशीबाहरदुश्मनअंकुश

Answer»

1. असहयोग

2. स्वदेशी

3. भीतर

4. दोस्त

5. निरंकुशता

40.

जय-जय भारत माता कविता के कवि कौन हैं ?

Answer»

जय-जय भारत माता कविता के कवि मैथिली शरण गुप्त हैं।

41.

व्यंजन संधि: व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन संधि कहते हैं।1.   दिक् + गज 2.   सत् + वाणी 3.   अच् + अन्त 4.   षट् + दर्शन 5.   वाक् + जाल 6.   तत् + रूप

Answer»

1.   निः + चर्य = निश्चय

2.   निः + कपट = निष्कपट

3.   निः + रस = नीरस

4.   दुः + गंध = दुर्गंध

5.   मनः + रथ = मनोरथ

6.   पुरः + हित = पुरोहि

42.

“मैं और तुम बहुत भाग्यशाली हैं।” नेहरू जी ने ऐसा क्यों कहा होगा?(या)नेहरूजी ने अपने को और इंदिरा जी को क्यों भाग्यशाली माना है?

Answer»

सन् 1930 के समय हमारे भारत के इतिहास का निर्माण हो रहा था । बापू ने भारतवासियों के दुःखों को दूर करने के लिए आंदोलन छेडा ।

ऐसा महत्वपूर्ण आंदोलन का अपनी आँखों के सामने होना और उसमें इनके भाग लेना आदि विषयों को महान समझकर नेहरू जी ने ऐसा कहा |

43.

पत्र किसने लिखा है?

Answer»

यह पत्र रोहित पटेल ने लिखा है।

44.

पत्र कौन-से दिनांक को लिखा गया है?

Answer»

पत्र 13 अगस्त, 2008 को लिखा गया है।

45.

पूजन ने मनोज को कई दिन बाद पत्र क्यों लिखा?

Answer»

पूजन की पाठशाला में ‘वांचे गुजरात’ अभियान शुरू किया गया था। इसके अंतर्गत कई प्रवृत्तियाँ आरंभ की गई थीं। पूजन ने भी इन प्रवृत्तियों में भाग लिया था। इसलिए उसने मनोज को कई दिन बाद पत्र लिखा।

46.

पत्र क्यों लिखा गया है?

Answer»

पत्र स्वस्थ रहने के उपाय बताने के लिए लिखा गया है।

47.

पुस्तक – हमारी मित्र प्रवृत्तियाँ(1) आपके पाठ्यक्रम में जो पुस्तकें हैं, उनके नाम लिखिए।(2) गुजराती में निकलनेवाले बालमासिक पत्रों के नाम लिखिए।(3) अपनी पढ़ी हुई कहानियों की पुस्तकों में से किन्हीं दो के नाम बताइए।(4) अपने पिताजी से उनकी प्रिय पुस्तक का नाम पूछिए। यह भी जानिए कि उन्हें वह पुस्तक क्यों अच्छी लगती हैं।(5) पाँच धार्मिक पुस्तकों के नाम लिखिए :

Answer»

(1) रामायण

(2) भगवद्गीता

(3) गुरुग्रंथसाहिब

(4) कुरान

(5) बाइबिल

48.

किताबों का महत्त्व क्या है?अथवाहमें पुस्तके क्यों पढ़नी चाहिए?

Answer»

पुस्तकें हमें ज्ञान देती हैं। वे हमें अच्छे-बुरे की पहचान कराती हैं। किताबों से हमारी जिज्ञासा की पूर्ति होती है। ज्ञान-विज्ञान को गतिमान रखने का काम पुस्तकें ही करती हैं। पुस्तकों से सच्ची मित्रता का लाभ अवश्य मिलता है। इस तरह हमारे जीवन में पुस्तकों का बहुत महत्त्व है।

49.

पूजन मनोज से क्या आशा करता है?

Answer»

पूजन मनोज से यह आशा करता है कि वह किसी अच्छी किताब का कम-से-कम एक पन्ना हररोज पढ़े।

50.

दहेज का विरोध करनेवाला क्या सोचकर दहेज लेता है?

Answer»

दहेज का विरोध करनेवाला यह सोचकर दहेज लेता है कि जब पूरी व्यवस्था ही खराब है तो उसके दहेज लेने से क्या फर्क पड़ जाएगा?