This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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गृह-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले गृह-सम्बन्धी कारकों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» ⦁ घर का सुविधाजनक होना |
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गृह-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले परिवार सम्बन्धी कारकों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» ⦁ पारिवारिक सौहार्द और समन्वय |
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पारस्परिक सहयोग से क्या लाभ होता है? |
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Answer» श्रम का विभाजन होता है, कार्य सुगमतापूर्वक हो जाता है तथा घर का वातावरण सुखमय व शान्तिमय रहती है। |
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मानवीय साधन नहीं हैं(क) शक्ति(ख) ज्ञान(ग) पैसा(घ) कुशलता |
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Answer» सही विकल्प है (ग) पैसा |
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घर और मकान में क्या अन्तर है? |
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Answer» मकान मिट्टी, सीमेन्ट, ईंटों, पत्थर आदि का बना ढांचा होता है जो हमें बारिश, तूफान, गर्मी, सर्दी, जंगली जानवर और चोर डाकुओं से बचाता है। परन्तु घर एक परिवार के सदस्यों की भावनाओं का सूचक है। जहाँ परिवार के सभी सदस्य इकट्ठे होकर अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ कर जीवन सुखमयी बनाते हैं। |
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घर में वृद्ध हों तो गृह व्यवस्था कैसे प्रभावित होती है? |
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Answer» क्योंकि बुजुर्गों की आवश्यकताएं परिवार के शेष सदस्यों से भिन्न होती हैं इसलिए घर के प्रबन्ध में कुछ विशेष परिवर्तन करने पड़ते हैं जैसे बुजुर्गों की खुराक को ध्यान में रखकर खाना बनाया जाता है। उठने और सोने का समय भी बुजुर्गों के अनुकूल ही रखा जाता है। घर में शोर-गुल को रोकना पड़ता है। बुजुर्गों के लिए पूजा-पाठ आदि का प्रबन्ध किया जाता है। इस तरह कई ढंगों से घर की व्यवस्था प्रभावित होती है। |
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गृह-व्यवस्था के साधनों को कितने वर्गों में बाँटा जाता है? |
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Answer» गृह-व्यवस्था के साधनों को तीन वर्गों में बाँटा जाता है ⦁ भौतिक साधन |
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कुशलता तथा योग्यता कैसे साधन हैं? |
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Answer» सही उत्तर है मानवीय साधन |
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गृह व्यवस्था के साथ गृहिणी समय का ठीक उपयोग कैसे करती है? |
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Answer» अच्छी गृहिणी घर के सारे कार्य को योजनाबद्ध ढंग से करती है। वह कार्य करने के लिए समय सारिणी निश्चित करती हैं तथा घर के सभी सदस्यों को कार्य इसी सारिणी के अनुसार करने के लिए प्रेरित करती है। घर के भिन्न-भिन्न कार्य सदस्यों में बाँट देती है। इस प्रकार सभी कार्य समयानुसार निपट जाते हैं तथा समय भी बच जाता है। |
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गृह-व्यवस्था को अर्थ स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» गृह-व्यवस्था को अर्थ–घर-परिवार में उपलब्ध साधनों के सदुपयोग के लिए उचित निर्णय लेना तथा लिए गए निर्णय के आधार पर परिवार के स्वीकृत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपलब्ध साधनों का सदुपयोग करना। |
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घर की अव्यवस्था या व्यवस्था के अभाव से होने वाली हानियों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» गृह-व्यवस्था हर प्रकार से लाभदायक एवं महत्त्वपूर्ण होती है। इसके विपरीत यदि घर में अव्यवस्था या व्यवस्था का अभाव हो, तो विभिन्न प्रकार की हानियाँ हो सकती हैं। घर की अव्यवस्था से होने वाली मुख्य हानियाँ निम्नलिखित हैं (1) कुशलता की कमी हो जाती है: (2) सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि: (3) धन एवं अन्य साधनों की बर्बादी: (4) स्वास्थ्य की हानि: (5) दुर्घटनाएँ: (6) पारिवारिक समन्वय व अनुशासन का अभाव: |
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किसी गृहिणी को कुशल गृह-संचालन के लिए सर्वप्रथम क्या करना चाहिए? |
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Answer» गृहिणी को परिवार में किए जाने वाले कार्यों की उपयुक्त योजना बनानी चाहिए। |
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छोटे समय के लक्ष्य की उदाहरण दें। |
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Answer» बच्चों को स्कूल भेजना |
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दीर्घ समय के लक्ष्य की उदाहरण दें। |
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Answer» सही उत्तर है मकान बनाना |
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मकान बनाना किस अरसे का लक्ष्य है? |
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Answer» सही उत्तर है लम्बे अरसे का |
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अच्छे गृह प्रबन्धक में क्या गुण होने ज़रूरी हैं? |
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Answer» अच्छा गृह प्रबन्ध गृह प्रबन्धक की योग्यता पर ही निर्भर करता है। गृह प्रबन्धक के गुण और अवगुण किसी घर को स्वर्ग बना सकते हैं और किसी को नरक। घर को सामाजिक गुणों का झूला कहा जाता है। प्रत्येक इन्सान का प्रारम्भिक व्यक्तित्व घर में ही बनता है। इसलिए घर का वातावरण बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। बढ़िया पारिवारिक व्यवस्था तथा वातावरण पैदा करने के लिए गृह प्रबन्धक में निम्नलिखित योग्यताओं या गुणों का होना आवश्यक है
1. मानसिक गुण (Psychological Qualities)
2. शारीरिक गुण (Physical Qualities) — गृहिणी के लिए शारीरिक गुणों का होना भी बहुत आवश्यक है। यदि वह निरोग और तन्दुरुस्त होगी तो अपने घर के कार्यों और उद्देश्यों को और परिवार के सदस्यों की इच्छाओं की प्राप्ति उत्साहपूर्ण कर सकती है। तन्दुरुस्ती उसको काम के लिए उत्साहित करती है। बीमार और आलसी गृहिणी अपने परिवार के उद्देश्यों की प्राप्ति में पूर्ण सफल नहीं हो सकती। 3. सामाजिक और नैतिक गुण (Social and Moral Qualities) — परिवार समाज की प्रारम्भिक इकाई है और इन्सान समाज में रहना, सामाजिक और नैतिक गुण परिवार में से ही ग्रहण करता है।
4. ग्रहणशीलता (Adaptability) — ग्रहणशीलता के गुण से गृहिणी दूसरों के ज्ञान और तजुर्बे से लाभ उठाकर अपने घर-प्रबन्ध के काम को और भी बढ़िया ढंग से चला सकती है। वैसे भी समाज परिवर्तनशील है, इसलिए गृहिणी की योजना इतनी लचकदार होनी चाहिए कि वह बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजना और अपने आपको ढाल सके। परिस्थितियां और मानवीय आवश्यकताएं रोजाना परिवर्तित होती रहती हैं। यदि वह बदलती आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को ढाल सके तभी वह आगे बढ़ सकती है। 5. काम में कुशलता (Efficient Worker) — घर का बढ़िया गृह प्रबन्ध, गृहिणी की काम में कुशलता पर निर्भर करता है। इससे काम कम समय में, कम थकावट से और अच्छे ढंग से करके खुशी मिलती है। पर यह सब तभी हो सकता है यदि गृहिणी में सिलाई, कढ़ाई, खाना बनाने, परोसने और घर की सजावट आदि के गुण होंगे। |
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रिक्त स्थान भरें………. ही गृह विज्ञान का आधार है।मकान बनाना ……….. समय का लक्ष्य है।शक्ति एक ……… साधन है।बच्चे को डॉक्टर अथवा इन्जीनियर बनाना ……. समय का लक्ष्यसमय, पैसा तथा जायदाद (सम्पत्ति) ………. साधन हैं।योग्यता, रुचि तथा कुशलता ………….. साधन हैं।बढ़िया गृह व्यवस्था से ……….. संतोष की प्राप्ति होती है।प्यार, हमदर्दी, सहयोग आदि गृह प्रबन्धक के …… गुण हैं। |
Answer»
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गृह-व्यवस्था का अर्थ है(क) घर के सभी कार्यों को योजना बनाकर करना(ख) घर की आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना(ग) पारिवारिक साधनों का उपयोग करना(घ) पारिवारिक जीवन को व्यवस्थित ढंग से चलाना। |
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Answer» सही विकल्प है (घ) पारिवारिक जीवन को व्यवस्थित ढंग से चलाना। |
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गृह-व्यवस्था के कुशल संचालन में किन-किन बाधाओं का सामना करना पड़ता है? समझाइए। |
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Answer» गृह-व्यवस्था के कुशल संचालन में बाधाएँ (1) साधनों के ज्ञान का अभाव: (2) लक्ष्यों के ज्ञान का अभाव: (3) कार्य-कुशलता का निम्न स्तर: (4) विभिन्न घरेलू समस्याएँ: |
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अच्छी गृह व्यवस्था का महत्त्व विस्तारपूर्वक बताएं। |
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Answer» अच्छी गृह व्यवस्था का महत्त्व इस प्रकार है:
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अच्छी गृह व्यवस्था का क्या महत्त्व है? |
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Answer» परिवार की सुख-शान्ति और खुशहाली के लिए अच्छी गृह व्यवस्था का होना आवश्यक है। निम्नलिखित कारणों के कारण अच्छी व्यवस्था हमारी ज़िन्दगी के लिए और भी महत्त्वपूर्ण बन जाती है
इनके अतिरिक्त परिवार को आनन्दमयी बनाना, साधनों का सही प्रयोग और आपसी प्यार एक अच्छी व्यवस्था में ही सम्भव हो सकता है। |
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परिवार के साधनों को मुख्य रूप से कौन-से दो भागों में बांटा जा सकता है? |
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Answer» परिवार के साधनों को दो मुख्य भागों में विभाजित किया जा सकता है
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लक्ष्यों को किस्म के अनुसार कितने भागों में बांटा जा सकता है? |
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Answer» दो भागों में व्यक्तिगत लक्ष्य तथा पारिवारिक लक्ष्य। |
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