This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Ye kiya he samgh me nhi aa raha he |
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Sona ki bhav vachak sangya |
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Answer» if it means gold then it will be sunehriExplanation:HOPE it helps YOUPLZ. MARK me as a brainliest |
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प्रकृति के द्वारा होने वाली उपाध्याय के नाम लिखे तथा उनसे हम कैसे अपना बचाव कर सकते हैं सचित्र लिखो |
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Answer» Disasters are the result of imbalance in nature that LEADS to hindered development and progress. Besides natural CALAMITIES there are several manmade situations. Natural disaster are earthquake, Tsunami, LANDSLIDE, coopcration of volcanocs, draught, flood, melting of glaciers etc. Patience, intelligence, mutual cooperation and proper management are the remedial means. Disaster management is of two types-pre disaster and post disaster.भारत की प्राकृति संरचना में पर्वतों, नदियों, समुद्रों आदि का बहुत महत्त्व है। इनसे असंख्य लोगों की आजीविका चलती है। लेकिन जब प्रकृति में असंतुलन की स्थिति होती है, तब आपदायें आती हैं इनके आने से प्रगति बाधित होती है और परिश्रम तथा यत्न पूर्वक किये गये विकास कार्य नष्ट हो जाते हैं। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार जब ग्रह बुरी स्थिति में होते हैं तब आपदायें आती हैं धर्म शास्त्र के अनुसार जब पाप बढ़ जाते हैं तब पृथ्वी पर आपदायें आती हैं इन आपदाओं में बाढ़, चक्रवात, बवन्डर, भूकम्प, भूस्खलन, सुनामी, सूखा, ज्वालामुखी विस्फोट, दावानल, टिट्डी दल का हमला, महामारी, समुद्री तूफान, गर्म हवाएँ और शीतलहर आदि इन प्राकृतिक आपदाओं के अतिरिक्त कुछ मानव जनित आपदायें हैं जैसे साम्प्रदायिक दंगे, आतंकवाद आगजनी, शरणार्थी समस्यायें, वायु, रेल व सड़क दुर्घटनाएँ आदि हैं। इसके अतिरिक्त भी अनेक प्रकार की आपदायें हैं जो मानव जीवन को तहस नहस कर देती हैं। भारत में 1980 से 2010 के बीच में समुचित आपदाओं में सूखा 7 बार, भूकम्प 16 बार, महामारी 56 बार, अत्यधिक गर्मी 38 बार, बाढ़ 184 बार, कीट संक्रमण 1 बार, बड़े पैमाने पर सूखा 34 बार, तूफान 92 बार, ज्वालामुखी 2 बार आ चुके हैं। जिनसे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ और बहुत बड़ी आर्थिक और जन-जीवन की हानि हुयी।Explanation:आपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्रआपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्र1. संचार- संचार आपदा प्रबन्धन में अत्यधिक उपयोगी हो सकता है। संचार साधनों के माध्यम से जागरुकता, प्रचार-प्रसार तथा आपदा प्रतिक्रिया के समय आवास सूचना व्यवस्था के माध्यम से काफी सहायक हो सकता है।आपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्र1. संचार- संचार आपदा प्रबन्धन में अत्यधिक उपयोगी हो सकता है। संचार साधनों के माध्यम से जागरुकता, प्रचार-प्रसार तथा आपदा प्रतिक्रिया के समय आवास सूचना व्यवस्था के माध्यम से काफी सहायक हो सकता है।2. सुदूर संवेदन- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आपदा के प्रभाव को कारगर ढंग से करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसका उपयोग-आपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्र1. संचार- संचार आपदा प्रबन्धन में अत्यधिक उपयोगी हो सकता है। संचार साधनों के माध्यम से जागरुकता, प्रचार-प्रसार तथा आपदा प्रतिक्रिया के समय आवास सूचना व्यवस्था के माध्यम से काफी सहायक हो सकता है।2. सुदूर संवेदन- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आपदा के प्रभाव को कारगर ढंग से करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसका उपयोग-1. शीघ्र चेतावनी रणनीति को विकसित करनाआपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्र1. संचार- संचार आपदा प्रबन्धन में अत्यधिक उपयोगी हो सकता है। संचार साधनों के माध्यम से जागरुकता, प्रचार-प्रसार तथा आपदा प्रतिक्रिया के समय आवास सूचना व्यवस्था के माध्यम से काफी सहायक हो सकता है।2. सुदूर संवेदन- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आपदा के प्रभाव को कारगर ढंग से करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसका उपयोग-1. शीघ्र चेतावनी रणनीति को विकसित करना2. विकास योजनाएँ बनाने एवं लागू करने मेंआपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्र1. संचार- संचार आपदा प्रबन्धन में अत्यधिक उपयोगी हो सकता है। संचार साधनों के माध्यम से जागरुकता, प्रचार-प्रसार तथा आपदा प्रतिक्रिया के समय आवास सूचना व्यवस्था के माध्यम से काफी सहायक हो सकता है।2. सुदूर संवेदन- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आपदा के प्रभाव को कारगर ढंग से करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसका उपयोग-1. शीघ्र चेतावनी रणनीति को विकसित करना2. विकास योजनाएँ बनाने एवं लागू करने में3. संचार और सुदूर चिकित्सा सेवाओं सहित संसाधन जुटाने मेंआपदा प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण क्षेत्र1. संचार- संचार आपदा प्रबन्धन में अत्यधिक उपयोगी हो सकता है। संचार साधनों के माध्यम से जागरुकता, प्रचार-प्रसार तथा आपदा प्रतिक्रिया के समय आवास सूचना व्यवस्था के माध्यम से काफी सहायक हो सकता है।2. सुदूर संवेदन- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आपदा के प्रभाव को कारगर ढंग से करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसका उपयोग-1. शीघ्र चेतावनी रणनीति को विकसित करना2. विकास योजनाएँ बनाने एवं लागू करने में3. संचार और सुदूर चिकित्सा सेवाओं सहित संसाधन जुटाने में4. पुनर्वास एवं आपदा पश्चात पुननिर्माण में सहायता हेतु किया जा सकता है। |
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एका राज्याची एक अदभूत राणी जी दमादमाने पिते पाणी |
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Answer» no IDEA.... this QUESTIONEXPLANATION:SORRY...... |
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Moksh ka varn vechad |
| Answer» ANSWER is there in the ATTACHMENT HOPE it will HELP | |
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किसी एतिहासिक स्थान का वर्णन करते हुए मित्र के नाम पत्र लिखिए |
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Answer» tion:HEY BRO you can write a letter to your friend on taj mahal but write it on your own |
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Letter hindi ma Easy Mitr ko janamdin Par badahi patr |
| Answer» BEST FRIEND foreverExplanation:best friend | |
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Muhavare for pahad,Sager,jeer. |
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Answer» पहाड़ निकली चुहिया ।2)गागर में सागर भरना।3)ऊँट के मुँह में ज़ीरा।Hope it HELPS PLEASE MARK this ANSWER as BRAINLIEST |
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Swapan nagri ki sair paragraph in hindi |
| Answer» | |
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Kahani ke mukhya ghatak kya hote hai? Vyakhya kare. |
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Answer» कहानी हिन्दी में गदै लेखन की एक विधा है। उन्नीसवीं सदी में गद्य में एक नई विधा का विकास हुआ जिसे कहानी के नाम से जाना गया। बंगला में इसे गल्प कहा जाता है। कहानी ने अंग्रेजी से हिंदी तक की यात्रा बंगला के माध्यम से की। मनुष्य के जन्म के साथ ही साथ कहानी का भी जन्म हुआ और कहानी कहना तथा सुनना मानव का आदिम स्वभाव बन गया। इसी कारण से प्रत्येक सभ्य तथा असभ्य समाज में कहानियाँ पाई जाती हैं। हमारे देश में कहानियों की बड़ी लंबी और सम्पन्न परंपरा रही है।प्राचीनकाल में सदियों तक प्रचलित वीरों तथा राजाओं के शौर्य, प्रेम, न्याय, ज्ञान, वैराग्य, साहस, समुद्री यात्रा, अगम्य पर्वतीय प्रदेशों में प्राणियों का अस्तित्व आदि की कथाएँ, जिनकी कथानक घटना प्रधान हुआ करती थीं, भी कहानी के ही रूप हैं। 'गुणढ्य' की "वृहत्कथा" को, जिसमें 'उदयन', 'वासवदत्ता', समुद्री व्यापारियों, राजकुमार तथा राजकुमारियों के पराक्रम की घटना प्रधान कथाओं का बाहुल्य है, प्राचीनतम रचना कहा जा सकता है। वृहत्कथा का प्रभाव 'दण्डी' के "दशकुमार चरित", 'बाणभट्ट' की "कादम्बरी", 'सुबन्धु' की "वासवदत्ता", 'धनपाल' की "तिलकमंजरी", 'सोमदेव' के "यशस्तिलक" तथा "मालतीमाधव", "अभिज्ञान शाकुन्तलम्", "मालविकाग्निमित्र", "विक्रमोर्वशीय", "रत्नावली", "मृच्छकटिकम्" जैसे अन्य काव्यग्रंथों पर साफ-साफ परिलक्षित होता है। इसके पश्चात् छोटे आकार वाली "पंचतंत्र", "हितोपदेश", "बेताल पच्चीसी", "सिंहासन बत्तीसी", "शुक सप्तति", "कथा सरित्सागर", "भोजप्रबन्ध" जैसी साहित्यिक एवं कलात्मक कहानियों का युग आया। इन कहानियों से श्रोताओं को मनोरंजन के साथ ही साथ नीति का उपदेश भी प्राप्त होता है। प्रायः कहानियों में असत्य पर सत्य की, अन्याय पर न्याय की और अधर्म पर धर्म की विजय दिखाई गई हैं। |
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Balpan kis sangya ka bodh hai |
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Answer» ें भाववाचक संज्ञा का बोध है।Hope it HELPS PLEASE MARK this ANSWER as BRAINLIEST |
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help help help pls tell me the 1 one ch of hindi grammar which i will used in my project file class 10th i will mark u as a brainlest |
| Answer» HOLA EXPLANATION:SANDHI ....FOLLOW MEH @ cutexxx | |
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पाठ - 'शुक्रतारे के समान' का माइंड मैप A-4 साइज शीट पर बनाइए। please anybody answer, it's very important . please bata do, I will mark your answer as brainliest |
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Answer» क्या करके साथ एक ही बार में पूरा किया जाता था लेकिन और कोExplanation:एक दिन एक न |
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Pashu pakshi ka sanrakshan par kavita |
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Answer» couldn't UNDERSTOOD Explanation:plz WRITE in ENGLISH |
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Bhasha ke kis roop ka adhyan nahi hota h |
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Answer» tion:APKA UTTAR Yaha h uppermujhe brainliest me mark kareye aur follow BHI |
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My question is what is the Varn viched of vichar |
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Answer» व + इ + च +आ +र + आ EXPLANATION:HOPE it HELPS ...PLS MARK me as brainliest |
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Apne dadaji ko patra dwara bataey ke aapko varsha ritu bahut pasand hai |
| Answer» | |
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एक देश का सौरब दूसरे देश में कैसे पहुंचता है। |
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Answer» here is your ANSWEREXPLANATION:एक देश में खिलने वाले फूलों की सुगंध दूसरे देश में हवा व पक्षियों के पंखों द्वारा पहुँच जाती है। इसी प्रकार एक देश का भाप बना जल बादलों द्वारा दूसरे देश में बरसता है। भाव यह है कि बादल व पक्षियों द्वारा विश्व-बंधुत्व का ईश्वरीय संदेश संपूर्ण विश्व को प्रेरित करता है। दूसरे देश को सुगंध भेजती है।mark it as BRAINLIEST ANSWER |
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Haivan ka bhavvachak sangya banaaiye |
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Answer» तHope it HELPS PLEASE MARK this ANSWER as BRAINLIEST |
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A क्रियाकलापाः (Activities)अपनी कक्षा में से पाँच वस्तुओं के नाम चुनिए तथा उनका वर्ण-विच्छेद कीजिए। जै |
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Answer» no noonononononononononpo |
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Please koi answer dedo pleaseeeeeeeeee yaro , it's very important please. I will mark your answer as brainliest also. |
| Answer» BHAI sara vishe me LIKHNA hai KI ek MAI | |
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22 Complete the story below on the basic of theLints given below.beanTwo friends go on a journey - promise to helpeach then pass throug broset-one sees a- becomes abbraid -climbs a tree other lies tourand saves his life |
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Answer» THE TWO FRIENDS. Once there were two friends who decided to go on a journey, they both were excited and soon packed for it, they even promised that they would help each other, and LEFT while on journey they were crossing a forest (a big huge forest) SUDDENLY while they were exploring they see a big bear coming towards them, both got scared the first friend quickly climbed a TREE, the second one asked for help but the first one does not help ,the second on LIES down in a scence that he was dead. The bear came smelled him and went away (as bears donot consume already dead bodies). As the bear went away the first friend came down and said to the second one ,-'What did bear WHISPERED you?'The second friend replies-'He said that don't be friend with selfish people.'MORAL-DONT BE FRIENDS WITH THOSE PEOPLE WHO BETRAY YOU IN TIMES OF NEED. |
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Railway poochtach khidki par vivek aur poochtach adhikari ke beech hui samvad likhiye.......pls help me with the answer |
| Answer» RAILWAY poochtach khidki par vivek aur poochtach ADHIKARI ke beech hui SAMVAD likhiye.......P | |
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Vh chidiya jo kavita summary |
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Answer» इस कविता में लेखक ने नीले पंखों वाली एक छोटी सी संतोषी चिड़िया के बारे में बताया है। उसे प्रकृति की हर वस्तु से अत्यंत लगाव है। कवि कहते हैं कि नीले रंग की छोटी चिड़िया को अन्न से बहुत प्यार है। वह बहुत ही रुचि और संतोष के साथ दूध भरे ज्वार के दाने खाती है। |
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NCERT book Hindi is Sansar Mein Saccha Bhakt kaun hai |
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Coronavirus Ek Maar Maar Ke Roop Mein fail raha hai is Vishay per do mitron ke bich samvad likhiye lagbhag 50 shabdon |
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Answer» क महामारी के रूप में फैल रहा है :-दो दोस्तों के बीच वार्तालाप आदि :- कैसे हो निलाक्ष ? यह कोरोना वायरस तो दिन पर दिन बडता ही जा रहा है |और अब तो यह करोना संक्रमण एक महामारी का रूप ले चुका है |निलाक्ष :- हाँ ,यह ऐसी महामारी है, जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। आदि :- हाँ , सारी दुनिया के वैज्ञानिक इसका इलाज ढूंढने में लगे हैं पर अभी तक कोई भी देश नहीं ढूंढ पाया है | निलाक्ष :- अब तो सब का मालिक भगवान ही है , ना जाने क्या होगा ? आदि :- हाँ , इसका इलाज तो नहीं है मगर हम इस महामारी को फैलने से रोका जा सकता हैं। सरकार ने जो उपाय बताए हैं हमें उनका पालन करना चाहिए | निलाक्ष :- इसी कारण हमारे देश की सरकार ने लॉक डाउन किया था ताकि यह पूरे देश में ना फैल सके। आदि :- बिल्कुल सही, हमारे देश में ही नहीं संसार के अनेक देशों में लॉकडाउन चल रहा है। हालांकि कुछ देशों ने देर से लॉकडाउन देर से किया, जिसका भयानक परिणाम उन्हें भुगतान करना पड़ रहा है | निलाक्ष :- लॉकडाउन कारण हमारे देश में कोरोना महामारी बहुत ज़्यादा नहीं फैल पाई । और लोगों ने पूरे परहेज़ भी किए हैं | आदि :- हाँ , और वैसे भी कहते हैं ना कि इलाज से परहेज़ बेहतर होता है | निलाक्ष :- हाँ , तुम बिलकुल सच कह रहे हो | आदि : यार मेरी तो भगवान से यही प्रार्थना है कि जल्दी से जल्दी यह महामारी हमारे देश से नहीं बल्कि पूरे संसार से समाप्त हो जाए | बस हमें सावधानी बरतनी होगी | निलाक्ष : - हाँ, तुम ठीक कह रहे हो, हमें लॉकडाउन के नियमों का पालन करना होगा , तभी इस महामारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है | |
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"हमारे हरि हरिल की लकरी" पद में निहित प्रमुख भाव लिखिए । |
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Answer» इस पंक्ति में गोपिया कहती है कि हमने श्री कृष्ण को इस प्रकार प्रेम बंधन में जकड़ लिया है जैसे कि हरियल पक्षी लकड़ी को अपने पैरों में जकड़ लेता हैHope it HELPS.. |
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उतना खर्च करो , जितनी अमदनी हो। |
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Answer» yes U r CORRECT bro...but please don't post IRRELEVANT QUESTIONS.. |
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प्रगतिशील भारत में कुत्ते मोपर ग्रहण का क्या योगदान है |
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Answer» He helpedExplanation: |
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किसी भी िवि िे लिए आम जन भाषा में ही िाव्य िी रचना िरना क्यों आिश्यि है? रहीम दास िी भाषा शैिी लिखिए। |
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Answer» i don't KNOW...EXPLANATION:SORRY yrr.. next time... |
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जल संरक्षण का महत्व का एक निबंध लिखिए |
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Answer» रक्षण का महत्व का एक निबंध लिखिए l⭐ जल संरक्षण का महत्व ⭐ ✅जल मानव जाति के लिए बहुमूल्य उपहारों में से एक है। सभी जीवित चीजों में ज्यादातर पानी शामिल है। मानव शरीर दो तिहाई पानी का है। यह स्पष्ट है, रंगहीन तरल जो 20 फीट की मोटाई के माध्यम से देखे जाने पर नीला दिखाई देता है। रंग न केवल भौतिक कारणों से बल्कि निलंबित अशुद्धियों से भी परिलक्षित होता है। पानी का हिमांक 0 डिग्री सेंटीग्रेड है और इसका क्वथनांक 100 डिग्री सेंटीग्रेड है। जल जीवन का सबसे आवश्यक घटक है और जीविका के लिए महत्वपूर्ण है। हमारे आहार में पानी का महत्व स्पष्ट है क्योंकि यह शरीर को विशिष्ट चयापचय कार्यों को करने में मदद करता है और हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, इसके अलावा पानी भी अद्वितीय है क्योंकि यह घनत्व सेल प्रोटोप्लाज्म के समान है। इसमें कोई शक नहीं है कि पानी हर जगह है और यह हमारी पृथ्वी और जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पानी में कोई कैलोरी नहीं होती है और यह वजन कम करने का एक महत्वपूर्ण कारक है। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण घटक है और एक सार्वभौमिक विलायक है। हमें बच्चों को उपयोग के बाद कसकर नल बंद करने के लिए सिखाना चाहिए, अपने लॉन में पानी छिड़कने के लिए स्प्रिंकलर समायोजित करना चाहिए। गिरावट में पौधे जब स्थितियां ठंडी होती हैं और फलों और सब्जियों को पानी के घर के पौधों के लिए उपयोग करने के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी को इकट्ठा करते हैं, तो अपने लॉन के क्षेत्र में अपने पालतू जानवरों को बाहर से धोएं, जिन्हें पानी की जरूरत होती है और लीक होने वाले पाइपों की मरम्मत करते हैं, बारिश के पानी की कटाई करते हैं। लोग हमारे ग्रहों के ताजे पानी का उपयोग तेजी से करते हैं क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से फिर से भरा जा सकता है इसलिए पृथ्वी, परिवार और समुदाय के लिए पानी बचाएं। पानी के सांस्कृतिक विचार प्रमुख धार्मिक विचारों पर आधारित हैं, जैसे हिंदू धर्म में गंगा नदी। पानी को जीवन का अमृत कहा जाता है। इसलिए जीवन को बचाने के लिए पानी का संरक्षण करें।________________________________ |
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) कोविड कर्मवीरों' को स्वरचित कविता द्वारा अभिव्यक्ति | |
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Answer» कोरोना वायरस की वजह से भारत में पहली मौत की पुष्टि हो गई है. अब तक कोरोना के कुल 76 पॉजिटिव मामले पाए गए हैं. देश और दुनिया में इस वक्त इस कोरोना वायरस को लेकर चिंता का माहौल है.इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.अमिताभ बच्चन ने कहा है कि कोरोना से डरने की कोई बात नहीं है और इसका डटकर सामना किया जाना चाहिए. इसके लिए उन्होंने कुछ पंक्तियां भी अपने ट्विटर पर शेयर की हैं.भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से दिल्ली, केरल और जम्मू कश्मीर में सिनेमाघर को बंद करने का एलान किया गया था.कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए आम लोगों को सार्वजनिक समारोह और भीड़-भाड़ से दूर रहने की सलाह दी गई है. भारत में कोरोना के कुल 76 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं. इसमें से 59 भारतीय हैं और 17 नागरिक विदेशी हैं.दिल्ली में कोरोना वायरस के अब तक कुल छह मामले पॉजिटिव पाए गए हैं.इसे भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रम्प ने आयरलैंड के पीएम को हाथ जोड़कर क्यों किया नमस्ते?पिछले 24 घंटे में इटली में कोरोना के संक्रमण की वजह से 189 लोगों की मौत हुई है. इटली में मात्र दो हफ्ते के भीतर कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 1016 हो गई है.दिसंबर 2019 में चीन के वुहान से शुरू कोरोना वायरस से अब तक दुनिया में 1,27,070 संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं. कोरोना नामक बीमारी से 4687 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस का कहर दुनिया के 115 देशों में देखने को मिल रहा है.। |
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Aisi kon si palace hai jha pr 100 bnda jata hai .. or 101 baps ata hai |
| Answer» SHADI MEIN JATE H | |
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Lakhanavi andaaz path ke aadhar par bataiye ki lakhanav ke nawabo aur raiso ke bare mein lekhak ki kya dharana thi answer in hindi |
| Answer» SORRY I am not able to answer your question EXPLANATION:FOLLOW ME.......... | |
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Lockdown se prakriti par pada prabhav , short story in hindi . please answer it quickly . will mark u the brainlist |
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Answer» lokdown Ke KARAN Prakriti par bahut Gehra Prabhav pada hai ya Achcha aur Bura 2 9 Taron Ka HaiLock down Ke Chalti dekhne ko Mili Hai Ki Nadi nale Sabhi Swasthya ho gaye hain Unka Pani Peene yogya ho gaya hai Paryavaran Pradushan KAM Hua Hai Kyunki lokada hone ke Chalte Udyog Sab Kuchh band hai Jiske Karan Paryavaran Mein Pradushan ki MATRA bahut kam ho gai hai |
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Gagan shabd tatsam hai ya tadbhav?? |
| Answer» | |
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Apni ashieshta ki Shana yachana Katya hoa adhayapak ko patar |
| Answer» KYAA likhaa HAIII am not ABLE to UNDERSTAND:)....... | |
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Jadu Jadu ki ek torch Khali jo hoti mere paas Apne Chhat se jalake mein Katta Chanda se baat aap Chanda se kya baat karte hain full nibandh in Hindi |
| Answer» PLS SEARCH it on GOOGLE we CANT SENF | |
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३) कोविड कर्मवीरों को ग्रीटिंग कार्ड बनाकर शुभकामना सन्देश देना या स्वचित कविता द्वारा अभिव्यक्ति। |
| Answer» G CARD INFORMATION | |
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निम्नलिखित पंक्तियों के आशय स्पष्ट कीजिए- (क) धोबी भी इतनी निर्दयता से अपने गधे को न पीटता होगा। किसी भेड़ की टाँग टूटी, किसी की कमर टूटी।(ख) वे किसी तरह आग को बुझाने में सफल हुए किंतु गाँव भर की ऊख जलकर भस्म हो गई थी और ऊख के साथअभिलाषाएँ भी भस्म हो गई थी। |
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Answer» एक पंडित दक्षिणा में मिले बकरे को कंधे पर लादकर घर लौट रहा था। जंगल से गुजरते समय तीन ठगों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने उस मोटे-ताजे बकरे को पंडित से हथियाने की योजना बनाई।एक ठग पंडित के पास पहुँचकर बोला- अरे पंडितजी, इस कुत्ते को कंधे पर कहाँ लिए जा रहे हो। पंडित गुस्से में बोला- अरे मूर्ख, बकरे को कुत्ता कहता है। अंधा है क्या। ठग- नाराज न हों महाराज। मुझे तो जैसा दिखा, वैसा कहा। यह कहकर वह ठग चला गया। इधर पंडित ने ध्यान से बकरे को देखा और खुद को विश्वास दिलाता हुआ बोला- नहीं-नहीं, यह तो बकरा ही है और आगे बढ़ गया।आगे उसे दूसरा ठग मिला। वह बोला- यह क्या पंडितजी, बछड़े से इतना लगाव था कि मर जाने के बाद भी उसे कंधे पर लाद रखा है। पंडित चिल्लाया- अरे सूरदास। यह स्वस्थ बकरा है। मरा हुआ बछड़ा नहीं। ठग बोला- हो सकता है मेरी ही आँखों को धोखा हुआ हो। यह कहकर वह भी चला गया। पंडित सोचने लगा- आज कैसे लोगों से पाला पड़ रहा है। लेकिन फिर उसने सोचा कि यदि वे सही हुए तो? एक बार एक पंडित दक्षिणा में मिले बकरे को कंधे पर लादकर घर लौट रहा था। जंगल से गुजरते समय तीन ठगों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने उस मोटे-ताजे बकरे को पंडित से हथियाने की योजना बनाई। नहीं-नहीं, यह बकरा ही है। पंडित सोच ही रहा था कि तीसरा ठग उसके सामने आकर बोला- पंडितजी, क्या गजब कर रहे हो। गधे को कंधे पर लाद रखा है। लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे? पंडित तो पहले ही असमंजस में था। उसकी बात सुनकर उसे विश्वास हो गया कि जरूर कोई बात है।यह बकरा नहीं, कोई भूत-प्रेत है जो पल-पल में रूप बदलता है। उस यजमान ने मुझे उल्लू बना दिया। ऐसा सोचकर उसने तुरंत उस बकरे को जमीन पर पटक दिया और अपनी जान बचाकर वहाँ से तेजी से भागा। उसे भागता देख तीनों ठग जोर-जोर से हँसने लगे। एक बोला- देखो गधा भाग रहा है।दोस्तो, अपने से ज्यादा दूसरों की बात पर विश्वास करने वाला व्यक्ति इसी तरह मूर्ख या गधा बनता है। आज का बाजारवाद तो टिका ही इस फॉर्मूले पर है कि जैसे-तैसे लोगों को उल्लू बनाओ और अपना उल्लू सीधा करो यानी अपना माल बेचो। किसी ने कहा भी है कि दुनिया मूर्खों से भरी पड़ी है। यदि ऐसा नहीं होता तो घटिया कंपनियाँ अपना माल ही नहीं बेच पातीं।कहावत भी है कि मूर्ख बाजार नहीं जाते तो घटिया माल कभी बिकता ही नहीं। लेकिन सब बिकता है। बल्कि कहें कि घटिया ही ज्यादा बिकता है तो ज्यादा सही होगा, क्योंकि उसके साथ कई तरह के प्रलोभन जो जुड़े होते हैं।दिक्कत तो बढ़िया माल बेचने में आती है, क्योंकि उसे बेचते समय आप किसी को मूर्ख नहीं बनाते। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि असली चीज के कद्रदान नहीं हैं, क्योंकि दुनिया में मूर्खों के साथ ही समझदार भी रहते हैं। लेकिन मुश्किल यह है कि आज के जमाने में समझदार और मूर्ख में फर्क करना आसान नहीं है।वो कहते हैं न कि गधे के सिर पर सींग नहीं होते। लेकिन सींग तो समझदार के भी नहीं होते। तो फिर पहचान कैसे की जाए? समझदार की पहचान यही है कि वह हर काम सोच-समझकर करता है। और जो किसी काम को करके सोचे, वह मूर्ख की श्रेणी में आता है, क्योंकि जो हो गया उस पर विचार करना मूर्खता ही तो है। इसलिए हमेशा किसी निर्णय पर पहुँचने से पहले अपनी बुद्धि व विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।दूसरी ओर, मूर्खता काम की चीज भी है। लेकिन तब, जब आप समझदार होकर मूर्ख बनने का नाटक करें। कॅरियर में तो अकसर आपको अपने बॉस के सामने मूर्ख ही बनकर रहना पड़ता है, क्योंकि समझदारी दिखाओगे तो बॉस को आपसे परेशानी होने लगेगी। वह आपको अपना प्रतिस्पर्धी मान लेगा। मूर्ख बने रहोगे तो वह आपको आगे बढ़ाएगा। हालाँकि ऐसा भी सिर्फ मूर्ख बॉस ही करते हैं। लेकिन विडम्बना यह है कि अधिकतर बॉस ऐसा ही करते हैं। हालाँकि इसका परिणाम भी उन्हें भुगतना पड़ता है, क्योंकि एक स्तर से ज्यादा उनकी प्रगति नहीं हो पाती।और अंत में, आज 'अप्रैल फूल डे' है। किसी को अप्रैल फूल या मूर्ख बनाते समय यह जरूर ध्यान रखें कि कहीं आपके मजाक से किसी का नुकसान न हो जाए। इसलिए जो भी करें, अच्छी तरह सोच-विचार कर करें, क्योंकि किसी के नुकसान से खुश होना भी मूर्खता ही है। अरे भई, अब बने बनाए को क्या बनाएँ।⁷आग को ऑक्सीजन और ईंधन में से किसी एक को अलग कर बुझाया जा ... जंगल की आग बुझाने के लिए मुख्य ज्वाला से दूर छोटीhope it HELPS you THANKU |
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If x be rational number then x+0is equal to |
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Answer» xExplanation:If x is a ZERO, x+0 is also equal to x because u are adding nothing i.e, 0 for x.HOPE THIS ANSWER HELPS YOU ✍✍....PLEASE MARK IT AS BRAINLIEST... |
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Can any one answer these questions |
| Answer» 1)adyapika putrkhorachatraExplanation:2)kaprerasthenadiyapatte | |