This section includes InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Aankhen ko Vakya Mein prayog kijiye |
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Answer» Answer: word aankhen Explanation: vakya is ; rishte DARR ke ane prr \ jb HUM ghumne gaye MENE jb galti ki to papa JI ne muzhey aankhen DIKHAI |
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Aur 20 line about cricket lost 2020 |
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Answer» Whoever once said emphatically that “It’s just not cricket”, a big shout-out for speaking too soon. She had not EVEN seen the Indian PREMIER League (IPL), that crazy crossover between Mad Max and Terminator, with the glamour and lucre of a Las Vegas casino thrown in. The gentleman’s game invented by the stiff upper-lipped British to be played between lunch and afternoon tea is…well, no longer the pastime of lazy afternoons in the English countrywide. Cricket is now a board game, played as much by corporate honchos in pinstripe suits in five-star hotels as much by tattooed gladiators with rippling muscles and hairdos in front of delirious spectators in modern-day Roman amphitheaters. Even Kerry Packer’s revolutionary day-night cricket league that introduced coloured clothing looks like kid’s PLAY now. Yes, IPL is no cricket. But FANS say it’s even better. Those who run the league say everyone’s a winner. And no one seem to have enough of this money-minting, glamour-fuelled event that defies cricket’s very grammar and language. |
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गोदान उपन्यास का नवीन संस्मरण कब किया |
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Answer» ANSWER:यह उपन्यास सन 1882 में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद हम उपन्यासकार प्रेमचन्द को हिन्दी उपन्यासधारा में प्रकाश-स्तम्भ के रूप में पाते हैं। प्रेमचन्द को उपन्यासकार के रूप में उनके 1918 में प्रकाशित उपन्यास 'सेवासदन से मान्यता प्राप्त हुर्इ थी। सन 1936 में उनका सर्वोत्Ñष्ट उपन्यास 'गोदान प्रकाशित हुआ। Explanation: |
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What are all the festivals of uttar pradesh ,in hindi |
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Answer» holi makar sankranthi diwali Explanation: I hope this HELPS you if it is HELPFUL follow me |
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Kan Kan ko Vakya Mein prayog Kijiye Hindi |
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Answer» i)How did the JOURNALIST WHELM GEOFF ? Describe the REVOLT led by the Silesia weavers against contractors in 1845? solve in Hindi |
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बड़े भाई सहब के मन में छोटे भाई के प्रती प्रेम और क्रोध दोनो थे। केसे? स्पश्ट कीजिए |
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Answer» Answer: Please send your LESSON then I give your answer OR You READ the lesson and you find your answer Explanation: I hope you understand Please MARK me BRAINLIEST |
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प्रधानापर्य को अनयत व्यवहार के लिएक्षमा याचना हेतु पत्रा for class 6 |
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What are the things we need to be careful for personal health? Write briefly |
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Answer» Answer: Eat healthy food. Drink more water. Do some exercises. Hope it helps.. |
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Ap andar aye or beath jae ye konsa wakya hai? |
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Answer» विधानवाचक वाक्य
hope this may HELP you PLZ mark BRAINLIEST if you git your answer |
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Dialouge writing: a conversation between a teacher and a student in 50 words in hindi |
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Answer» शिक्षक और घर के काम के बारे में एक छात्र के बीच एक संवाद शिक्षक: सुप्रभात, प्रिय छात्रों छात्र: सुप्रभात, सर T: अली, मुझे अपना होमवर्क नोट-बुक लाओ I S: माफ करना सर। मैं घर पर मेरी नोट बुक भूल गया था T: क्या आप अपना होमवर्क करते हैं? S: हाँ, सर लेकिन मैं घर पर मेरी नोट बुक छोड़ दिया। टी: यह कैसे संभव है? मुझे लगता है कि आपने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया है और यह सिर्फ एक बहाना है S: माफ करना सर। वास्तव में, मुझे कल मेरे चाचा के घर जाना था। T: क्यों तुम वहाँ गए थे? एस: मेरे पिता ने मुझे वहां जाने के लिए कहा। T: यह सही है वापस आने के बाद, आप अपना होमवर्क पूरा कर सकते थे S: यह देर रात थी जब मैं वापस आ गया था। टी: यदि आप नियमित रूप से काम नहीं करते हैं, तो आप परीक्षा में असफल रहेंगे ध्यान रखें कि नियमितता पहाड़ों पर विजय प्राप्त करती है S: अगली बार, मैं सावधान रहना होगा। टी: एक और बात दुनिया में पढ़ाई से ज़रूरी कुछ भी नहीं है S: मुझे एहसास हुआ है कि महोदय। टी: अब आपको अपना रूटीन विकसित करना चाहिए और मुझे कल अपनी नोटबुक दिखाएं एस: शाबाशी महोदय। आज मैं अपना नोटबुक पूरा कर दूंगा। T: अब आप बैठ जाओ। S: आपको धन्यवाद श्रीमान |
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मान ही महता धन' का क्या तात्पर्य है? स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» Explanation: 9443160384 |
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Who is sumitra nandhan panth |
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Answer» WRITER from UTTARAKHAND.... |
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2.सोसाइटी के बगीचे को साफ़-सुथरा रखने हेतु सूचना तैयार कीजिए- |
| Answer» | |
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I want full letter answer |
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Answer» we can't UNDERSTAND your WRITING |
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complete the story in Hindi :- Akeli vyakti Ko Aata Dekh Kar donon yuvak andhere mein se gaye hue vyakti Unki to donon Ne gher liya use vyakti ke Hath Mein Putra ke janmdin ke liye Saman tha Ek yuvak Ko Apne Putra Ka Simran Ho Aaya |
| Answer» | |
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Write 10 lines wat is happening in above photo in hindi |
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Answer» Answer: bache khel rahe hai KUCH bache paani me tair rahe hai aur kuch mitti KE chize bana rahe hai please mark me as BRAINIEST answer |
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*[28/05/2020] VI-VIII*अपने घर के नज़दीक कौन-सी जगह आपको सबसे अच्छी लगती है जहाँ आप बार-बार जाना चाहते हैं और क्यों? उस स्थान के बारे में लिखिए और चित्र बनाइए। Please Help me this activity because this is very important to me |
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Answer» okkkkkkkkkkkkklkkkkkkkkkkkkkkk Explanation: 2=II |
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L Ghar ki putai ke samay safai karte hue aapko ek dost Mili jisne aapke dukh sangeet ko virodh Kiya Mitra ko Patra likhate hue bataen ki vastu kya thi aur aapane uske Karan aapko kitna sangeet hua p |
| Answer» | |
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Vaigyanik ki unnati par nibandh |
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Answer» ज्ञान-विज्ञान की अनवरत प्रगतियों वाले आज के विश्व में किसी भी देश की प्रगति का मानदंड उन्नत वैज्ञानिक संसाधन ही माने जाते हैं। 15 अगस्त 1947 में जब भारत विभाजन होकर स्वतंत्र हुआ था, तब देश की आवश्यकतांए पूर्ण करने के लिए सामान्य सुई औश्र ऑलपिन तक का आयोजन किया जाता था। इसके विपरीत आज भारत प्राय: उस सब-कुछ का निर्यात करने लगा या कर पाने में सक्षम होता रहा है कि जो आधुनिक जीवन में व्यक्ति से लेकर राष्ट्र तक के लिए आवश्यक है। परिणामस्वरूप एशिया और यूरोप के भी अनेक देश आज अनेक प्रकार के आधुनिक उपकरणों के लिए भारत के मुखापेक्षी बन चुके हैं। भारत में विनिर्मित घड़ी आज घडिय़ों के घर और जन्मस्थान स्वीट्जरलैंड में अन्य देशों को निर्यात करने के लिए आयात की जाती है। छोटी-बड़ी मशीनें, कल, पुर्ज आदि तो भारत निर्यात करता ही है, अपना तकनीकी ज्ञान भी निर्यात करता है, ताकि अन्य विकासशील देश उसका सस्ते में लाभ उठा सकें। आज भारत जल-थल और आकाश में युद्ध अथवा शांति के समय में काम आने वाला सभी कुछ अपने यहां उच्च मानक का बना रहा है। इससे सहज ही अनुमान हो जाना चाहिए कि भारत ने कितनी और कहां तक वैज्ञानिक प्रगति कर ली है। पर आज जिसे वास्तविक वैज्ञानिक प्रगति कहा जाता है, उसके लिए इतना सब बना लेना और बता देना ही काफी नहीं है। कुछ और अधिक करने तथा बताने की आवश्यकता हुआ करती है। उस दृष्टि से भी ीाारत ने कम महत्वपूर्ण काम नहीं किया है, सन-1965 और 1972 के युद्धों में भारत ने अमेरिका के पैटन टैंकों की स्वनिर्मित टैंक-भेदी अस्त्रों से जो दुर्गति की थी , वह किसी से छिपी नहीं है। अन्य अनेक युद्धक सामग्रियों के क्षेत्र में भी भारत आज अपने पांवों पर खड़ा हो चुका है। परमाणु रिएक्टरों और धमन भट्टियों से आवश्यक ऊर्जा का भी अब यहां उत्पादन होने लगा है। यहां तक कि सन 1974 में भारत ने अपना पहला ही भूमिगत परमाणु-परिक्षण सफलता के साथ करके परमाणु-शक्ति-प्राप्त राष्ट्रों को चौंका दिया था वह भी इस दिशा में पीछे नहीं बल्कि आगे ही हैं। टैंक, युद्धक यान-वायुयान, प्रक्षेपास्त्र, पनडुब्बियां आदि भी आज भारत में बनने लगी हैं। सैंकड़ों-हजारों मीलों दूर तक मार करने में समर्थ मिसाइलों की परीक्षण-उत्पादन कर भारत ने अमेरिका तक को दहशतजदा कर दिया है। आज भारत ने इलेक्ट्रिॉनिक क्षेत्र में अदभुत क्षमता एंव प्रगति प्राप्त कर ली है कि वह अन्य कई देशों की आवश्यकता-पूर्ति भी कर सकता एंव करने लगा है। |
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Haldar sahab ne achanak kya dekha hai in hindi |
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Answer» हालदार साहब देशभक्त थे। (2) नेताजी के रोज़ बदलते चश्मे को देखने के लिए वे उत्सुक थे। (3) नेताजी को पहनाए गए चश्मे के माध्यम से वे कैप्टन की देशभक्ति देखकर खुश होते थे। ... (3) कहीं न कहीं वह भी कैप्टन की देशभक्ति पर मुग्ध था। |
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किस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं |
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Answer» Hyy Dude द्वंद्व समास में — दोनों पद प्रधान होते हैं। Hope it's helps you ✨ Plz MARKED in brainlest answer |
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विद्यार्थि जीवन मे अनुशाशन in 100 words I mark brilliant how can give the right answer |
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Answer» अनुशासन सफलता की कुंजी है- यह किसी ने सही कहा है । अनुशासन मनुष्य के विकास के लिए बहुत आवश्यक है । यदि मनुष्य अनुशासन में जीवन-यापन करता है, तो वह स्वयं के लिए सुखद और उज्जवल भविष्य की राह निर्धारित करता है । मनुष्य द्वारा नियमों में रहकर नियमित रूप से अपने कार्य को करना अनुशासन कहा जाता है । यदि किसी के अंदर अनशासनहीनता होती है तो वह स्वयं के लिए कठिनाईयों की खाई खोद डालता है । विद्यार्थी हमारे देश का मुख्य आधार स्तंभ है । यदि इनमें अनुशासन की कमी होगी, तो हम सोच सकते हैं कि देश का भविष्य कैसा होगा । विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व होता है । अनुशासन के द्वारा ही वह स्वयं के लिए उज्जवल भविष्य की संभावना कर सकता है । यदि उसके जीवन में अनुशासन नहीं होगा, तो वह जीवन की दौड़ में सबसे पिछड़ जाएगा । उसकी अनुशासन हीनता उसे असफल बना देगी । विद्यार्थी के लिए अनुशासन में रहना और अपने सभी कार्यो को व्यवस्थित रूप से करना बहुत आवश्यक है । यह वह मार्ग है जो उसे जीवन में सफलता प्राप्त करवाता है । विद्यार्थियों को बचपन से ही अनुशासन में रखना चाहिए । अनुशासन में रहने की सीख उसे अपने घर से ही प्राप्त होती है । विद्यार्थी को चाहिए कि विद्यालय में रहकर विद्यालय के बनाए सभी नियमों का पालन करे । अध्यापकों द्वारा पढाए जा रहे सभी पाठों का अध्ययन पूरे मन से करना चाहिए । अध्यापकों द्वारा घर के लिए दिए गए गृहकार्य को नियमित रूप से करना चाहिए । समय पर अपने सभी कार्य करने चाहिए। विद्यार्थी को चाहिए कि प्रतिदिन प्रात:काल उठकर व्यायाम करे, अध्यापन करे, स्नान आदि करे और विद्यालय के लिए शीघ्र ही तैयार हो जाए । समय पर विद्यालय जाए । घर आकर समय पर भोजन करे, समय पर अध्यापन कार्य और खेलने भी जाए । रात्रि के भोजन के पश्चात समय पर सोना भी विद्यार्थी के लिए उत्तम रहता है । इस तरह का व्यवस्थित जीवन-शैली उसे तरोताजा रखती है और जीवन में स्वयं को सदृढ़ भी रखती है । यदि आँखें उठा कर देखा जाए तो अनुशासन हर रूप में विद्यमान है । सूर्य समय पर उगता और समय पर अस्त हो जाता है । जीव-जन्तु भी इसी अनुशासन का पालन करते हुए दिखाई देते हैं । पेड-पौधों में भी यही अनुशासन व्याप्त रहता है । घड़ी की सुई भी अनुशासन का पालन करते हुए चलती है । ये सब हमें अनुशासन की ही शिक्षा देते हैं । यदि दृष्टि डाली जाए तो समाज में चारों तरफ अनुशासनहीनता दिखाई देती है । यही कारण है कि देश की प्रगति और विकास सही प्रकार से हो नहीं पा रहा है । यदि विद्यार्थियों में अनुशासन नहीं होगा तो समाज की दशा बिगड़ेगी और यदि समाज की दशा बिगड़ेगी तो देश कैसे उससे अछुता रहेगा । Hope it helps and if it does PLEASE mark my answer as the brainliest if you WISH you can become my follower so that I can help you with your doubts Click to LET others KNOW, how helpful is it please mark me as brainlist Explanation: |
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विद्यार्थि जीवन मे अनुशाशन in 100 words |
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Answer» अनुशासन राष्ट्रीय जीवन के लिए बे ह द जरूरी है। यदि प्रशासन, स्कूल, समाज,परिवार सभी जगह सब लोग अनुशासन में रहेंगे और अपने कर्त्तव्य का पालन करेंगे, अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे तो कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी या अशांति नहीं होगी। नियम तोड़ने से ही अनुशासनहीनता बढ़ती है तथा समाज में अव्यवस्था पैदा होती है। बड़े होकर अनुशासन सीखना कठिन है। अनुशासन का पाठ बचपन से परिवार में रहकर सीखा जाता है। विद्यालय जाकर अनुशासन की भावना का विकास होता है। अच्छी शिक्षा विद्यार्थी को अनुशासन का पालन करना सिखाती है। सच्चा अनुशासन ही मनुष्य को पशु से ऊपर उठाकर वास्तव में मानव बनता है। भय से अनुशासन का पालन करना सच्चा अनुशासन नहीं है और ना ही अनुशासन पराधीनता है। यह सामाजिक तथा राष्ट्रीय आवश्यकता है। देश में व्याप्त तमाम समस्याओं के निराकरण के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को अनुशासनप्रिय होना चाहिए। अनुशासनप्रिय होने के लिए हमें स्वप्रेरणा के आधार पर कार्य करना होगा। अनुशासन से अभिप्राय नियम, सिद्धान्त तथा आदेशों का पालन करना है। जीवन को आदर्श तरीके से जीने के लिए अनुशासन में रहना आवश्यक है। अनुशासन का अर्थ है, खुद को वश में रखना। अनुशासन के बिना व्यक्ति पशु के समान है। विद्यार्थी का जीवन अनुशासित व्यक्ति का जीवन कहलाता है। विद्यार्थी को विद्यालय के नियमों पर चलना होता है। शिक्षक का आदेश मानना पड़ता है। ऐसा करने पर वह योग्य, चरित्रवान व आदर्श नागरिक कहलाता है। विद्यार्थी जीवन में ही बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक गुणों का विकास होता है अत: उसका भविष्य सुखमय बनाने के लिए अनुशासन में रहना जरूरी है। किसी काम को व्यवस्था के साथ-साथ अनुशासित होकर करते हैं तो उस कार्य को करने में कोई परेशानी नहीं होती। इसके अलावा कार्य करते समय भय, शंका एवं गलती होने का डर नहीं होता है। इसलिए सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन में रहना जरूरी है। |
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सरकार और अमीर लोगो का किस तरह का व्यवहार इन बच्चों के प्रति बताया गया है ? 30-40 शब्दों में लिखें l |
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Answer» 'अगर ग़रीबों को ये पता चल जाए कि अमीर कितने अमीर हैं, तो सड़कों पर दंगे होंगे.' अमरीकी अभिनेता और कॉमेडियन क्रिस रॉक ने ये बात 2014 में न्यूयॉर्क पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में कही थी. क्रिस अमीर और ग़रीब के बीच बढ़ती खाई पर बात कर रहे थे. ये बात कहकर उन्होंने अमीर-ग़रीब के भेद पर रिसर्च की चुनौतियों को उजागर कर दिया. आख़िर अमीर और ग़रीब के बीच फ़ासले को नापने का सब से अच्छा तरीक़ा क्या है? अमीर-ग़रीब के बीच फ़र्क़ का पता लगाने वाले ज़्यादातर रिसर्च, आमदनी को पैमाना बनाते हैं. इसकी बड़ी वजह है कि आमदनी से जुड़े आंकड़े ज़्यादा और आसानी से मिल जाते हैं. मगर, हमें समझना होगा कि अमीर कोई एक साल की आमदनी से रईस नहीं बन जाते. ये तो बरसों-बरस संपत्ति जोड़ने की वजह से होता है. अब पहले की संपत्ति का हिसाब लगाना थोड़ा मुश्किल होता है. अमीर लोग यही चाहते हैं कि उनकी संपत्ति और आमदनी को लेकर हम अटकलें ही लगाते रहें. कभी हक़ीक़त से वाबस्ता न हों. वरना, वही होगा, जिसका अंदेशा क्रिस रॉक ने इंटरव्यू में जताया था. जो लोग धनी और ग़रीब लोगों के बीच फ़ासले पर रिसर्च करते हैं, उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा आंकड़ों की ज़रूरत महसूस होती है ताकि इस खाई की गहराई और फ़ासले का सटीक अंदाज़ा लगाया जा सके. हालांकि कोई ये नहीं चाहता कि सच्चाई पता चलने पर हिंसा हो. मगर समाज के तबक़ों के बीच कितना फ़ासला है, ये सच सबको पता होना ज़रूरी है. अमीर-ग़रीब के बीच खाई की सबसे अच्छी जानकारी हमें लोगों की संपत्ति का आकलन कर के मिलती है. चीन के दुनिया का दूसरा सबसे अमीर देश होने का सच वो मुसलमान जो 'इतिहास का सबसे अमीर आदमी' था Image copyrightGETTY IMAGESयॉट Image captionअमीर और अमीर होते नज़र आ रहे हैं और ग़रीब और ज़्यादा ग़रीब सामाजिक असमानता समाज में असमानता का पता लगाने के कई तरीक़े हैं. इनमें सबसे लोकप्रिय ज़रिया है, लोगों की आमदनी. वजह साफ़ है. आमदनी से जुड़े आंकड़े बहुतायत में मौजूद हैं. इनका हिसाब लगाना भी आसान होता है. हालांकि इससे अमीर-ग़रीब के बीच फ़र्क़ की असल तस्वीर नहीं पता चलती. इसके मुक़ाबले संपत्ति हमारी ताज़ा आमदनी की नुमाइंदगी नहीं करती. बल्कि ये हमारी बरसों की कमाई का नतीजा होती है. कई बार ये पिछली पीढ़ियों की मेहनत और कमाई के ज़रिए भी हमें हासिल होती है. अगर विद्वान, रिसर्चर और नीतियां बनाने वाले लोग संपत्ति पर रिसर्च करें, तभी उन्हें अमीर और ग़रीब के बीच खाई की गहराई और चौड़ाई का सही-सही अंदाज़ा होगा. किसी के पास कितनी संपत्ति है, इससे हमें उसके रहन-सहन और ज़िंदगी में तरक़्क़ी के मिलने वाले मौक़ों के बारे में भी जानकारी मिलती है. हमारी संपत्ति से ही तय होता है कि हम बच्चों की तालीम में कितने पैसे ख़र्च करेंगे और संपत्तियां ख़रीदने में कितना पैसा लगाएंगे. कितनी रक़म अपने ऐशो-आराम पर ख़र्च करेंगे और कितना निवेश रिटायरमेंट के प्लान में करेंगे. संपत्ति होने पर हमें तनख़्वाह के फ़ासलों और अचानक आई मुसीबतों से भी ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता. अगर आप अमीर हैं, आपके पास संपत्ति है तो आपके लिए ख़राब हुई वॉशिंग मशीन की जगह नई मशीन लेने के लिए ज़्यादा सोचना नहीं पड़ेगा. कोई बीमारी आ गई तो आप फ़ौरन बेहतर इलाज पर पैसे ख़र्च कर सकते हैं. इनके मुक़ाबले कोई ग़रीब इंसान वॉटर हीटर ख़राब होने पर उसे बदलने के लिए सौ बार सोचेगा और बीमार पड़ना तो किसी भी ग़रीब के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है. कौन हैं दुनिया की सबसे अमीर महिलाएं? अर्थव्यवस्था मंद, पर और अमीर हुए भारत के अमीर Image copyrightGETTY IMAGESबेघर शख़्स Image captionन्यूयॉर्क की एक गली में सोया बेघर शख़्स अमीरों और ग़रीबों के बीच फ़ासले अगर हम अमरीका में अमीरों और ग़रीबों की संपत्ति के बीच फ़ासले को देखें तो ये विकसित देशों में भी सबसे बड़ा फ़र्क़ है. अमरीका का हडसन इंस्टीट्यूट आम तौर पर पूंजीपतियों का समर्थक माना जाता है. इसी हडसन इंस्टीट्यूट ने 2017 की अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 2013 में अमरीका में सबसे अमीर 5 फ़ीसद लोगों के पास देश की 62.5 प्रतिशत संपत्ति है. जबकि तीस साल पहले सबसे अमीर 5 फ़ीसद अमरीकियों के पास देश की 54.1 फ़ीसद संपत्ति ही थी. इसका नतीजा ये हुआ कि बाक़ी 95 प्रतिशत अमरीकियों की संपत्ति 45.9 फ़ीसद से घटकर 37.5 प्रतिशत ही रह गई. इस वजह से 2013 में ज़्यादा आमदनी वाले परिवारों की सालाना औसत आमदनी (6,39,400 डॉलर), औसत आमदनी वाले परिवारों की आमदनी (96,000 डॉलर) से सात गुना ज़्यादा थी. अमरीका में अमीरों और ग़रीबों की आमदनी का ये पिछले तीस सालों में सबसे बड़ा फ़ासला था. असमानता पर रिसर्च करने वाले इमैनुअल साएज़ और गैब्रिएल ज़ुकमैन के रिसर्च से पचा चला कि अमरीका के सबसे ज़्यादा अमीर 0.01 फ़ीसद लोगों के पास 2012 में देश की 22 फ़ीसत संपत्ति थी. जबकि इन्हीं लोगों के पास 1979 में देश की केवल 7 फ़ीसद संपत्ति थी. संपत्ति के इन आंकड़ों के मुक़ाबले अगर आप सिर्फ़ आमदनी से जुड़े आंकड़े देखेंगे, तो तस्वीर अलग ही दिखेगी. 2013 में अमरीका के सबसे अमीर पांच फ़ीसद परिवार अमरीका की कुल आमदनी का 30 प्रतिशत ही कमाते थे, जबकि इन्हीं लोगों के पास क़रीब 63 प्रतिशत संपत्ति थी. सिर्फ़ अमरीका ही ऐसा विकसित देश नहीं है, जहां अमीर और ग़रीब की संपत्तियों के बीच फ़ासला इतना गहरा और चौड़ा हो रहा है. लेकिन अमरीका इस मामले में दूसरे अमीर देशों के मुक़ाबले में भी बहुत आगे है. अमरीका के सबसे अमीर 5 फ़ीसद लोगों के पास औसत अमरीकी से 91 गुना ज़्यादा संपत्ति है. ये दुनिया के 18 सबसे अमीर देशों के बीच सबसे बड़ा फ़र्क़ है. |
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Please solve these questions urgently (Hindi grammar). |
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Answer» Answer: |
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वरसा बहार में हंस अपना योगदान कैसे दे रहे हैं? |
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Answer» I cannot UNDERSTAND what you have ASKED |
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राष्ट्र निर्माड एवं नागरिक दायित्व पर निबंध। 200 शब्दो मे। |
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Answer» djjdndgfffbfhfbfhf ffrb |
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Please answer the question fast plessss |
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Answer» PLEASE MARK me as BRAINLIEST |
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ठुमकती-ठुमकती सरिता का हाथ उस तार से छू गया । सरिता उससे चिपक गई। उस तार से प्रवाहितकोशिशविषम परिस्थितियों में अपना साहस नहीं खोया और अपनी जुझारूकी लाइन से ग्यारह हजार वोल्ट का बिजली का नंगा तार ढीला होकर छत पर लटक रहा था।* मन के साहसीयह कहानी सरिता नाम की लड़की की है जिसने जीवन की घोरप्रवृत्ति के कारण वह साहस की एक जीती-जागती मिसाल बनसरिता बचपन में एक भयंकर हादसे का शिकार हो गई थी।फतेहपुर निवासी श्रीमती विमला विवेदी और श्री विजयकांतद्विवेदी की तीसरी पुत्री सरिता तब मात्र चार वर्ष की थी।10 अगस्त, 1995 का दिन था-माँ विमला द्विवेदी अपने भाईको राखी बाँधने इटावा गई थीं। वहीं एक ऐसा भयंकर हादसाहुआ कि सबके रोंगटे खड़े हो गए और पाँवों तले जमीन खिसकगई। सुबह का समय था। रिमझिम वर्षा हो रही थी। सरिता अपनेभाई-बहनों के साथ खेलते-खेलते छत पर पहुँच गई। वहाँ बिजलीपारिता की मातीत और गातक था कि सरिता की हड्डियाँ जलकर मानों कोयला बन गई |
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Answer» भाई चाहते क्या हो क्या करना है सीरियल से बताओ |
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Apne Mitra ko ek Patra likhiye jismein crona se roktham ke upay per sujhav Diya Gaya Hun yah Patra Hindi mein likhna hai |
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Answer» कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है. पूरी दुनिया में इसे लेकर पैनिक की स्थिति देखने को मिल रही है. हर दिन हज़ारों नए मामले सामने आ रहे हैं जबकि सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है. दुनिया भर के कई शहरों और पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति देखने को मिल रही है. दुनिया भर में हवाई उड़ानें, अंतरराष्ट्रीय इवेंट और सालाना जलसे रद्द किए जा रहे हैं. विज्ञापन |
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Paath Mein aay muhavre ke Arth sahit Vyakhya Banakar likhiye Smriti class 9 sanchayan |
| Answer» | |
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Suman in Hindi varn viched answer in hindi |
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Answer» SORRY I cannot UNDERSTAND your QUESTION |
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KAVI SHABDH KA VACHAN PARIVARTAN |
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Answer» kaviyitri.................. |
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What will be the same conversation in sanskrit , on the same topic "Swachata ka mahatwa"... Will you please help me... |
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Answer» hello, in sanskrit for SWACHTA KA mahatwa it is sawshta Mahatwasy ( 7TH vibakhti).. PLEASE rate and like and mark me as a BRAINLIST |
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Prasan ka vilom shabd kya hi |
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Answer» prasan KA vilom shabd HAI dukhi. please MARK it as BRAINLIEST ❤️❤️ and follow me.. |
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Varn viched of यज्ञ, चित्र,गुरू, तैयार ,परीक्षा |
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Answer» य्+ज्+ज=यज्ञ यज्ञ च्+इ+त्+त=चित्र ग्+उ+ रु=गुरु त्+ऐ+य्+आ+र्+अ=तैयार प्+र्+ई+क्+छ्+आ=परीक्षा |
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Pad parichey likhe bajar se4 pustakey laao |
Answer» Can't UNDERSTAND your question,Can you PLEASE POST it in HINDI LANGUAGE. |
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Parshuram ne sevak aur shatruon ke bare me kya kha hoga |
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Answer» परशुराम ने राम से कहा था कि सेवक वह होता है जो सेवा करे, न कि शत्रुता की राह पर चले। शत्रु का काम करके तो लड़ाई ही करनी चाहिए। जिसने शिव जी के धनुष को तोड़ा था वह सहस्रबाहु के समान उनका शत्रु था। |
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Story about my village in hindi |
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Answer» Explanation: |
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Achhe swabhv pe nibandh 10 line |
| Answer» | |
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Apne dada dadi ji ko lockdown me unke ghar na jane ke lea patra |
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Answer» Kashyap36Genius गाँवदेवी रोड, दादर पश्चिम, मुंबई – ४२ दिनांक : ……………………. आदरणीय दादीजी, सादर प्रणाम, मैं यहाँ कुशलता से हूँ तथा आपके और दादाजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूँ मैं आपसे कई बार निवेदन कर चूका हूँ कि आप और दादाजी यहाँ मुंबई में आकर हमारे साथ रहे | आप दोनों का गाँव से बहुत मोह है किन्तु हम लोगों के साथ वक्त बिताना भी जरुरी है | पिताजी की नौकरी और मेरे स्कूल के कारण हम लोग तो गाँव जा ही नहीं पाते | मेरा तो पूरा बचपन आपके और दादाजी के बिना ही बीता है | मेरे कई मित्रों के दादा-दादी उनके साथ ही रहते हैं | वो उन्हें अपने पुराने अनुभव, रामायण-महाभारत की कहानियाँ और भी कई बातें बताते रहते हैं | आप दादाजी से जल्दी से जल्दी बात कर आने की तारिख निश्चित कर मुझे पत्र लिखे | पिताजी स्वयं आपको और दादाजी को लेने गाँव जायेंगे | माँ और पिताजी यहाँ कुशल हैं | उन्हें भी इस बात की उम्मीद है कि इस बार आप आने के लिए राजी हो जायेंगे | आपका पोता aapka NAAM |
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Mithi Vani boliye per 80 se 100 shabd mein anuchchhed likhiye |
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Answer» वाणी बोलिए मन का आपा खोय औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जो दूसरों को अच्छी लगे जो दूसरों को खुशी प्रदान करें इसका अर्थ यह निकलता है कि आपका आचरण अच्छा है मेरे से यह भी स्पष्ट होता है कि आप दूसरों के लिए नकारात्मक भावना नहीं रखते यहां आपके सकारात्मकता का साक्षात परिचय तो इतना हमेशा ध्यान रखना चाहिए जिससे किसी को ठेस ना पहुंचे ऐसी बात करनी चाहिए कि जिस बात से किसी को ठेस पहुंचती है वह हिंसा का प्रतिरूप होता है और जो हिंसा का प्रतिरोध होता है दंडनीय है |
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