This section includes InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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पथवरण कलुषितलिखिनिबंध |
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Answer» if it helps you PLEASE mark me as Brainliest Explanation: पृथ्वीराज चौहान चाहमान वंश का सबसे अधिक प्रतापी एवं चर्चित सम्राट था, जिसे पृथ्वीराज तृतीय तथा रायपिथौरा भी कहा जाता है । उत्तरी भारत में उसके व्यक्तित्व एवं चरित्र पर कई कहानियां एवं लोक गीत प्रचलित हैं, जिनका वह नायक है । उसकी वीरगाथाओं एवं रोमांचकारी कृत्यों का वर्णन कवियों और लेखकों द्वारा किया गया है । 2. जीवन वृत्त एवं उपलब्धियां: पृथ्वीराज चौहान सोमेश्वर तथा कर्पूर देवी का पुत्र था । विद्वानों के अनुसार उसका जन्म 1166 को हुआ था । 1168-69 में उसके पिता सोमेश्वर अपनी पत्नी तथा 2 पुत्रों के साथ शाकम्भरी चले गये और वहां अपने पूर्वजों के सिंहासन पर आसीन हो गये । उसके पिता ने पृथ्वीराज को युवराजों-सी शिक्षा व सैन्य शिक्षा प्रदान की । 1177 को जब उसके पिता स्वर्गवासी हुए, तो पृथ्वीराज का राज्याभिषेक 15 वर्ष की अवस्था में हो गया । उसकी माता कर्पूर देवी उसकी संरक्षिका बन गयीं । उसने भुवनायक मल्ल को सेनापति तथा कदंबवास को मुख्यमन्त्री बना दिया । |
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9. डांडे की समुद्र तल से ऊंचाई है? *1 point(क) 15-16 हजार फीट(ख) 16-17 हजार फीट(ग) 17-18 हजार फीट(घ) 20-22 हजार फीट |
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Bhai koi sahi ans de sakta h to do .... |
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Answer» खेल हमारे जीवन का एक एहम हिस्सा है, यह हमारे शारीरिक एवम् मानसिक दोनो ही विकास का श्रोत है. यह हमारे शरीर के रक्त परिसंचरण मे सहायक है, वही दूसरी ओर हमारे दिमागी विकास मे लाभकारी है. खेल व्यायाम का सबसे अच्छा साधन माना जाता है. खेल ही हमारे शरीर को हस्ट-पुस्ट, गतिशील एवं स्फूर्ति प्रदान करने मे सहायक होते है. |
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. लेखक ने अपना नाम परिवर्तन कब किया था? *1 point(क) तिब्बत जाने पर(ख) विवाह करने पर(ग) बौद्ध धर्म ग्रहण करने पर(घ) चीन जाने पर |
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Answer» the answer is 2) तिब्बत जाने पर |
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द्वंद समाज में क्या समान होता है |
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Answer» अतः ये उदाहरण द्वंद्व समास के अंतर्गत आयेंगे। जैसा कि हम ऊपर दिए गए कुछ उदाहरणों में देख सकते हैं कि ऊंच-नीच, खरा-खोटा, रूपया-पैसा, मार-पीट, माता-पिता, दूध-दही इत्यादि समस्त्पदों में दोनों ही पद प्रधान हैं एवं जब दोनों पदों को जोड़ा जाता है तब बीच में से 'और' योजक लुप्त हो जाता है। |
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सही समाज छठी है स्नेह से हीन |
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Answer» HN................................. |
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निम्नलिखित विषय पर एक पत्र लिखें.----आप किसी बाल-पत्रिका के नियमितग्राहक बनना चाहते हैं । उस पत्रिकाके प्रकाशक को पत्र लिखकर उन्हेंबतलाये की, यह पत्रिका आपकोबहुत पसंद है। साथ हीं उसके ग्राहक बनने की प्रक्रिया से अवगत होइए। |
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Answer» Answer: ksa 10TH of the compound FORMED by my QUESTION about the same |
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गोपिया योग रूपी बीमारी किहें सौप देना चहती हैं और कयों |
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Answer» Answer: gopiya yog rupi bimari krishna KE BHAI jo bhot vak chatur the unhe sopna CHAHTI h KYUKI VHI krishna ka sndesh gopiyo ke pass laye the ki vo krishna ko bhul jaye |
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Hindi grammar upsarg Kise Kahate Hain |
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Answer»
उपसर्ग
शब्दांश उसके आरम्भ में लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन करते है ,उन्हें उपसर्ग कहते है अर्थात भाषा के वे छोटे से छोटा सार्थक खंड ,जो शब्द के आरंभ में लगकर नए शब्द का निर्माण करता है ,उसे उपसर्ग कहते है | ✪उपसर्गो का अपना स्वतंत्र अर्थ नहीँ होता, जब किसी मूल शब्द के साथ कोई उपसर्ग जुड़ता है,तो उसके अर्थ में परिवर्तन होता है या विशेषता उत्पन्न होती है | जैसे – उप+कार = उपकार आ+गमन = आगमन वि+नाश = विनाश सम्+हार = संहार ☞इन वाक्यों के आरंभ में उप ,आ ,सम्, वि लगाने से इनके शब्द बने उनके अर्थ में परिवर्तन हुआ है ,इसलिए इन्हें उपसर्ग कहते है |
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2A-B57. यदि (A+B) का 20% -B का 50% हो तोका मान क्या होगा?2AB |
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Answer» Explanation: 70 this is you answerjtsfjsjfzjfuz |
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वाक्य में प्रयुक्त होने वाले शब्दों को क्या कहते हैं |
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Answer» वाक्यमें प्रयुक्त होने वाले शब्दों को पद कहते हैं। hope it will be HELPFUL
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Ya batha or apna kam kara saral vakaya ma badliya |
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Answer» Answer: apna Kam kar aur ya bathaHope that it's HELPFUL to youplease MARK as BRAINLIEST plzz then i will FOLLOW u please |
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ఆ'वृद्धोपदेशः' इति पाठ्यभागसारांशं स्वीयवाक्यैः लिखन्तु ।(వృద్రోపదేశః' అను పాఠ్యభాగ సారాంశం సొంతవాక్యాలతో వ్రాయండి.) |
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Answer» iवृद्धोपदेशः' इति पाठ्यभागसारांशं स्वीयवाक्यैः लिखन्तु । (వృద్రోపదేశః' అను పాఠ్యభాగ సారాంశం సొంతవాక్యాలతో వ్రాయండి.) प्र. 21. ड्यूरियलम ...... एलॉय है। प्र. 22. सीसे का मुख्य खनिज ....... है। |
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विद्यार्थी पर निबध लिखे |
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Answer» आदर्श विद्यार्थी अपने अध्यापक अथवा गुरुजनों का पूर्ण आदर करता है । वह उनके हर आदेश का पालन करता है । अध्यापक उसे जो भी पढ़ने अथव याद करने के लिए कहते हैं वह उसे ध्यानपूर्वक पढ़ता है । कक्षा में जब भी अध्यापक पढ़ाते हैं तब वह उसे ध्यानपूर्वक सुनता है । वह सदैव यह मानकर चलता है कि वह गुरु से ही संपूर्ण ज्ञान प्राप्त कर सकता है । गुरुजनों के अतिरिक्त वह अपने माता-पिता की इच्छाओं एवं निर्देशों के अनुसार ही कार्य करता है । किसी भी विद्यार्थी के लिए पुस्तक ज्ञान आवश्यक है परंतु मात्र पुस्तकों के अध्ययन से ही सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता है । अत: एक आदर्श विद्यार्थी पढ़ाई के साथ खेल-कूद व अन्य कार्यकलापों को भी उतना ही महत्व देता है । खेल-कूद व व्यायाम आदि भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनके बिना शरीर में सुचारू रूप से रक्त संचार संभव नहीं है । इसका सीधा संबंध मस्तिष्क के विकास से है । खेलकूद के अतिरिक्त अन्य सांस्कृतिक कार्यकलापों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने से उसमें एक नया उत्साह तथा नई विचारधारा विकसित होती है जो उसके चरित्र व व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है । एक आदर्श विद्यार्थी नैतिकता, सत्य व उच्च आदर्शों पर पूर्ण आस्था रखता है । वह प्रतिस्पर्धा को उचित मानता है परंतु परस्पर ईर्ष्या व द्वेष भाव से सदैव दूर रहता है । अपने से कमजोर छात्रों की सहायता में वह सदैव आगे रहता है तथा उन्हें भी परिश्रम व लगन से अध्ययन करने हेतु प्रेरित करता है । अपने सहपाठियों के प्रति बह सदैव दोस्ताना संबंध रखता है । इसके अतिरिक्त उसे स्वयं पर पूर्ण विश्वास होता है । वह अपनी योग्यताओं व क्षमताओं को समझता है तथा अपनी कमियों के प्रति हीन भावना रखने के बजाय उन्हें दूर करने का प्रयास करता है । सारांशत: वह विद्यार्थी जो कुसंगति से अपने आपको दूर रखते हुए सद्गुणों को निरंतर अपनाने की चेष्टा करता है तथा गुरुजनों का पूर्ण आदर करते हुए भविष्य की ओर अग्रसर होता है वही एक आदर्श विद्यार्थी है । उसके वचन और कर्म, दूसरों के साथ उसका व्यवहार, उसकी वाणी हमेशा यथायोग्य होनी चाहिए ताकि जीवन की छोटी-छोटी उलझनें उसका रास्ता न रोक सकें । |
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हिन्दी को महत्वको बरे। |
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Answer» Answer: hindi ka hamare jeeven mein bohot mahtva hai. wah HAMARI rashtra bhasha hai. hindi se hi hamare desh ki pehchan HOTI hai. bharat mein 40 pratishat se zyada log Hindi bolte hain. shama kijye mere phone mein hindi keypad ka option nhi the isiliye english ALPHABETS mein hi likhna PADHA |
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Varn ke uper lagi hui rekha ko kya kahte hai?? |
| Answer» | |
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वचन बाहानरीहानासेवक2) कामनारियतिकामना वचन |
| Answer» | |
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Please answer it as fast as u canAnd please don't copy from Google etc. |
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Answer» Answer: From which CLASS did this question belongs to? Explanation: |
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सूर्य पृथ्वी के चक्कर लगा रहा है।convert the sentence into vismaya adi vachak and prashnavachak |
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Answer» विस्मयादिबोधक वाक्य की परिभाषा ऐसे वाक्य जिनमे हमें आश्चर्य, शोक, घृणा, अत्यधिक ख़ुशी, स्तब्धता आदि भावों का बोध हो, ऐसे वाक्य विस्मयादिबोधक वाक्य कहलाते हैं। इन वाक्यों में जो शब्द विस्मय के होते हैं उनके पीछे (!) विस्मयसूचक चिन्ह लगता है। इस चिन्ह से हम इस वाक्य की पहचान कर सकते हैं। विस्मयादिबोधक वाक्य के उदाहरण हे भगवान ! ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है। ऊपर दिए गए उदारहण में जैसा की आप देख सकते हैं की वक्ता के इस वाक्य से शौक का भाव का बोध हो रहा है। जैसा की हम जानते हैं की जब भी वाक्य में शौक का भाव होता है तो वह विस्मयादिबोधक हो जाता है। अतः यह उदाहरण विस्मयादिबोधक वाक्य के अंतर्गत आएगा। हाय ! मैं तो लूट गया। जैसा कि आप ऊपर दिए गए उदाहरण में देख सकते हैं की यहां वक्ता खुद के लुटने का शौक व्यक्त कर रहा है. जैसा की हम जानते हैं की जब भी वाक्य में शौक का भाव होता है तो वह विस्मयादिबोधक हो जाता है। अतः यह उदाहरण विस्मयादिबोधक वाक्यों के अंतर्गत आएगा। |
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हरिहर काका के पाठ के लेखक का सही नाम लिखिए |
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Answer» Mithileshwar this is your answer MARK me BRAINLIEST |
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डॉक्टर चंद्रा के लिए उसके माता-पिता ने कहां से है व्हीलचेयर मंगवाई |
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Answer» आमतौर पर कही जाने वाली बात गलत है : लोग अपनी व्हीलचेयर्स तक ''कैद'' नहीं हैं - असल में वे अपनी पहियों के द्वारा मुक्त हो गये हैं। पक्षाघात वाला कोई व्यक्ति उतनी ही तेजी से अपने आसपास चल सकता है जितना कि कोई दूसरा चल सकता है। व्हीलचेयर लोगों को काम या शापिंग या घर के बाहर किसी अन्य यात्रा तक पहुंच प्रदान करती है। कुछ लोगों के लिए, व्हीलचेयर लोगों को दौड़ों, बास्केटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों में भाग लेने में समर्थ बनाती है। कई एक ढंग से व्हीलचेयर साइकिल की भांति होती है - इम्पोर्ट्स, रेसिंग मॉडल्स आदि समेत चुनने के लिए बहुत सी डिजाइनें एवं स्टाइल्स हैं। इसके अलावा चेयर एक जोड़ा जूते जैसे होती है - स्पोर्ट्स या रग्ड ट्रेल यूज जैसे विशेष उद्देश्यों के लिए मॉडल्स हैं लेकिन अगर वे पूरी तरह से फिट नहीं हैं तो यूजर को आराम नहीं मिल सकता या वह अधिकतम प्रकार्य हासिल नहीं कर सकता। सही कुर्सी का चुनाव, खासकर पहली बार के व्हीलचेयर प्रयोक्ता के लिए दिग्भ्रमित करने वाला हो सकता है। ऐसे पेशेवर थेरेपिस्ट के साथ काम करना हमेशा अच्छा होता है जिसके पास विभिन्न प्रकार की व्हीलचेयर्स के साथ काम करने का अनुभव हो, अलबत्ता व्हीलचेयर्स पर गतिशीलता के कुछ मूलभूत नियम होते हैं। |
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"बिना प्रयत्न मनचाही वस्तु मिलना" इस अर्थ की लोकोक्ति क्या है? |
Answer» अन्धा क्या चाहे दो आंखें -जब मन चाही वस्तु बिना प्रयास मिल जाये । |
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Lhyasa ki aur sankshipt parichay |
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Answer» नेपाल से तिब्बत आने-जाने का मुख्य मार्ग नेपाल-तिब्बत मार्ग ही है। जब फरी कलिघ्पाघ् का रास्ता नहीं खुला था, तब नेपाल का ही नहीं भारत का भी व्यापार इसी रास्ते से होता था। इसी मार्ग से फौजें भी आया-जाया करती थीं। आज भी इस मार्ग पर अनेक चैकियाँ तथा किले बने हुए हैं। किसी समय चीनी फौज यहाँ रहा करती थी। परंतु ये फौजी मकान आज गिर चुके हैं। दुर्ग का कोई-कोई भाग (जहाँ किसानों ने अपना निवास बना लिया है) आबाद दिखाई देता है। |
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Plz answer to my question friends |
Answer» ANSWER:मैं अपने घर जाता हूँ । please MARK my answer as the brainliest please give THANKS to my answer please follow me |
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शब्दालंकार और अर्थालंकार में अंतर |
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Answer» इस उदाहरण में चट्टान जैसे के अर्थ के कारण चमत्कार उत्पन्न हुआ है। यदि इसके स्थान पर ' शीला ' जैसे शब्द रख दिए जाएं तो भी अर्थ में अधिक अंतर नहीं आएगा। इसलिए इस काव्य पंक्ति में अर्थालंकार का प्रयोग हुआ है। कभी-कभी शब्दालंकार और अर्थालंकार दोनों के योग से काव्य में चमत्कार आता है उसे ' उभयालंकार ' कहते हैं। Explanation: PLEASE MARK as BRAINLIEST |
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कई लोग समझते हैं की अनुशासन और स्वतंत्रता में विरोध है, किन्तु वास्तव में यह भ्रम है ।अनुशासन के द्वारा स्वतंत्रता छिन नहीं जाती ,बल्कि दूसरों की स्वतंत्रता की रक्षा होती है । सड़क परचलने के लिए हम लोग स्वतंत्र हैं, हमें बारों तरफ से चलना चाहिए किन्तु चाहें तो हम बीच में भी चलसकते हैं। इससे हम अपने ही प्राण संकट में डालते हैं, दूसरों की स्वतंत्रता भी छीनते हैं । विद्यार्थीभारत के भावी निर्माता हैं । उन्हें अनुशासन के गुणों का अभ्यास अभी से करना चाहिए, जिससे वेभारत के सच्चे सपूत कहला सकें ।प्रश्न (अ) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए ।प्रश्न (ब) दूसरों की स्वतंत्रता की रक्षा किससे होती है ?प्रश्न (स) भारत के सच्चे सपूत बनने के लिए विद्यार्थियों को कौन से गुणों का अभ्यास करनाचाहिए ? |
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Answer» 1) अनुशासन और स्वतत्रता 2)अनुशासन से 3)अनुशासन के गुनो का |
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कबीर ने कैसे व्यक्ति को समीप रखने की बात की है |
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Answer» कबीर ने उन व्यक्तियों को समीप रखने के लिए कहा है जो मुस्किल समय में साथ दें। |
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मेरे संग की औरतें पाठ में आए विभिन्न पात्रों की सूची बनाते हुए उनकी 2-2 विशेषताएं लिखें। |
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Answer» उत्तर: लेखिका की माँ की दो विशेषताएँ थीं। एक तो वे हमेशा सच बोलती थीं। इसलिए घर के सभी लोग उनका आदर सम्मान करते थे । |
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i) ii) |
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Answer» Answer: |
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नीलकंठ में कौन सा समास है |
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Answer» Chemical engineering is a branch of engineering which deals with the study of design and operation of chemical PLANTS as well as methods of improving production. Chemical engineers develop economical commercial processes to convert RAW material into useful PRODUCTS. |
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अपने छात्रावास की दिनचर्या बताते हुए पिताजी को पत्र |
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Answer» नांगलोई नई दिल्ली 5 नवंबर 2018 पिता जी सादर नमस्कार, पिता जी मैं यहां छात्रावास में बहुत खुश हूँ I हमारे छात्रावास में शिक्षा के लिए बहुत अच्छा वातावरण है तथा बहुत शांति भी है I छात्रावास में शिक्षक तथा विद्यार्थियों सब का व्यवहार बहुत अच्छा है I मैं सुबह उठकर तैयार होती हूँ उसके बाद मैं नाश्ता करके विद्यालय जाती हूँ I कक्षा में हम सब विद्यार्थी शांतिपूर्वक अध्यापिका को नमस्कार करके पढ़ाई को प्रारंभ करते हैं I उसके बाद हम खाने के अवकाश में खाना खाते हैं I विद्यालय समाप्त होने के बाद मैं छात्रावास वापस आकर थोड़ा आराम करती हूँ I आराम करके मैं विद्यालय का कार्य करते करती हूँI फिर शाम को थोड़ा मैदान में घूम कर आती हूँ और फिर आकर अपनी सखियों से पढ़ाई के बारे में बाते करने के बाद खाना खा कर सौ जाती हूँ I माता जी को मेरा नमस्कार देना आपकी पुत्री निशा Read more on Brainly.in - brainly.in/question/4730527#readmore |
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प्रश्न (ब) मानव की कितनी प्रवृत्तियां होती हैं ?प्रश्न (स) पुण्य क्या है ?प्रश्न (द) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिएप्रश्न (इ) उपर्युक्त गद्यांश का सारांश लिखिए | |
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Answer» मोटे रूप से यही मान लिया जाता है कि जो काम खुलेआम किया जाए, वह पुण्य है |
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निम्नलिखित गद्यांश को पढकर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-(5)स्वार्थ और परमार्थ मानव की दो प्रवृत्तियां हैं। हम अधिकतर कार्य अपने लिए करते हैं | 'पर' केलिएसर्वस्व बलिदान करना ही सच्ची मानवता है । यही धर्म है, यही पुण्य है । इसे ही परोपकार कहते हैं ।प्रकृति हमें निरंतर परोपकार का संदेश देती है । नदी दूसरों के लिए बहती है। वृक्ष जीवों को छाया तथाफल देने के लिए ही धूप,आंधी, बर्षा और तूफानों में अपना सबकुछ बलिदान कर देते हैं।प्रश्न (अ) सच्ची मानवता क्या है ?नाम |
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Answer» mkmkmkmk |
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कवि के अनुसार ईश्वर से साक्षात्कार की अनुभूति कब होती है |
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Answer» ईश्वर से साक्षात्कार की अनुभूति कब होती है ? उत्तरः हृदय से अहंकार समाप्त हो जाने पर ईश्वर से साक्षात्कार की अनुभूति होती है। |
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2. निम्नलिखित गद्यांश को पढकर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-7महिलाओं की महती भूमिका के बारे में गाँधी जी ने कहा था - - स्त्रियों के अधिकारों के प्रश्न पर मैंकिसी प्रकार का समझौता करने के लिए तैयार नहीं हूँ | वह तो उनका जन्म सिध्द अधिकार है | मेरीराय में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए | स्त्री घर की स्वामिनी है | पुरुष रोटी कमाताहै, वह उसे सबको बांटती और खिलाती है | घर का , बच्चों का पालन करती है। वह राष्ट्रमाता हैयदि वह रक्षा न करे तो सारी मानव जाती नष्ट हो जाए |"1प्रश्न (अ) घर की स्वामिनी कौन है ?प्रश्न (ब) गाँधी जी किस बात के लिए समझौता नहीं करना चाहते ?प्रश्न (स) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए |प्रश्न (द) उपर्युक्त गद्यांश का सारांश 30 शब्दों में लिखिए | |
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Answer» अ ) स्त्री । ब ) महिलाओं की महती भूमिका के बारे में गाँधी जी ने कहा था स्त्रियों के अधिकारों के प्रश्न पर मैं किसी प्रकार का समझौता करने के लिए तैयार नहीं हूँ | स ) महीलाओ का सम्मान । द ) हमें महिलाओं का आदर सम्मान करना चाहिये । वो जिंदगी भर सबका खयाल रखती है । वह राश्त्रमाता है यदि वह किसी का आदर ना करे तो पूरी मानव जाती नस्ट है । |
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Apko ramayan main kon sa patra sabse acha lagta hai aur kyo write 10 lines |
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Answer» अर्जुन के बारे में महाभारत के कुछ ऐसे तथ्य जो आप नहीं जानते होंगे महाभारत महाकाव्य के पात्रों में से एक अर्जुन है। वह निडर, बहादुर और पुरातात्विक प्रतिभाशाली थे वह पांडवों में तीसरा था। पांडु और कुंती उनके पिता और माता थे |
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जयशंकर प्रसाद की कहानी संदेह का चरित्र चिरण |
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Answer» रामनिहाल अपना बिखरा हुआ सामान बाँधने में लगा। जँगले से धूप आकर उसके छोटे-से शीशे पर तड़प रही थी। अपना उज्ज्वल आलोक-खण्ड, वह छोटा-सा दर्पण बुद्ध की सुन्दर प्रतिमा को अर्पण कर रहा था। किन्तु प्रतिमा ध्यानमग्न थी। उसकी आँखे धूप से चौंधियाती न थीं। प्रतिमा का शान्त गम्भीर मुख और भी प्रसन्न हो रहा था। किन्तु रामनिहाल उधर देखता न था। उसके हाथों में था एक कागजों का बण्डल, जिसे सन्दूक में रखने के पहले वह खोलना चाहता था। पढऩे की इच्छा थी, फिर भी न जाने क्यों हिचक रहा था और अपने को मना कर रहा था, जैसे किसी भयानक वस्तु से बचने के लिए कोई बालक को रोकता हो। बण्डल तो रख दिया पर दूसरा बड़ा-सा लिफाफा खोल ही डाला। एक चित्र उसके हाथों में था और आँखों में थे आँसू। कमरे में अब दो प्रतिमा थीं। बुद्धदेव अपनी विराग-महिमा में निमग्न। रामनिहाल रागशैल-सा अचल, जिसमें से हृदय का द्रव आँसुओं की निर्झरिणी बनकर धीरे-धीरे बह रहा था। किशोरी ने आकर हल्ला मचा दिया-''भाभी, अरे भाभी! देखा नहीं तूने, न! निहाल बाबू रो रहे हैं। अरे, तू चल भी!'' श्यामा वहाँ आकर खड़ी हो गयी। उसके आने पर भी रामनिहाल उसी भाव में विस्मृत-सा अपनी करुणा-धारा बहा रहा था। श्यामा ने कहा-''निहाल बाबू!'' निहाल ने आँखें खोलकर कहा-''क्या है? .... अरे, मुझे क्षमा कीजिए।'' फिर आँसू पोछने लगा। ''बात क्या है, कुछ सुनूँ भी। तुम क्यों जाने के समय ऐसे दुखी हो रहे हो? क्या हम लोगों से कुछ अपराध हुआ?'' ''तुमसे अपराध होगा? यह क्या कह रही हो? मैं रोता हूँ, इसमें मेरी ही भूल है। प्रायश्चित करने का यह ढंग ठीक नहीं, यह मैं धीरे-धीरे समझ रहा हूँ। किन्तु करूँ क्या? यह मन नहीं मानता।'' श्यामा जैसे सावधान हो गयी। उसने पीछे फिरकर देखा कि किशोरी खड़ी है। श्यामा ने कहा-''जा बेटी! कपड़े धूप में फैले हैं, वहीं बैठ।'' किशोरी चली गई। अब जैसे सुनने के लिए प्रस्तुत होकर श्यामा एक चटाई खींचकर बैठ गयी। उसके सामने छोटी-सी बुद्धप्रतिमा सागवान की सुन्दर मेज पर धूप के प्रतिबिम्ब में हँस रही थी। रामनिहाल कहने लगा- ''श्यामा! तुम्हारा कठोर व्रत, वैधव्य का आदर्श देखकर मेरे हृदय में विश्वास हुआ कि मनुष्य अपनी वासनाओं का दमन कर सकता है। किन्तु तुम्हारा अवलम्ब बड़ा दृढ़ है। तुम्हारे सामने बालकों का झुण्ड हँसता, खेलता, लड़ता, झगड़ता है। और तुमने जैसे बहुत-सी देव-प्रतिमाएँ, शृंगार से सजाकर हृदय की कोठरी को मन्दिर बना दिया। किन्तु मुझको वह कहाँ मिलता। भारत के भिन्न-भिन्न प्रदेशों में, छोटा-मोटा व्यवसाय, नौकरी और पेट पालने की सुविधाओं को खोजता हुआ जब तुम्हारे घर में आया, तो मुझे विश्वास हुआ कि मैंने घर पाया। मैं जब से संसार को जानने लगा, तभी से मैं गृहहीन था। मेरा सन्दूक और ये थोड़े-से सामान, जो मेरे उत्तराधिकार का अंश था, अपनी पीठ पर लादे हुए घूमता रहा। ठीक उसी तरह, जैसे कञ्जर अपनी गृहस्थी टट्टू पर लादे हुए घूमता है। |
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1. विद्वानों द्वारा जो कहा जाता है, उसको सुना जाय।2. स्वामीजी द्वारा समाज-सुधार के लिए क्या कुछ नहीं किया गया ?3. छात्रों से कक्षा में पढ़ा जाता है।4. पक्षियों से आकाश में उड़ा जाता है।5. प्रश्न का हल केवल हमारी कक्षा से निकाला जा सका।6. यह काम मुझसे नहीं हो सकता।7. हमारे विद्यालय से परिश्रम न हो सका।8. आज अदालत द्वारा उसको जमानत दी गई।9. इस छात्रा द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है।10. नेहरू जी द्वारा अपने देश के लिए समस्त सुख-सुविधाएँ त्याग दी गईं।11. यह सुंदर रचना इस तुलसी के द्वारा रची गई है।12. हमसे गाया नहीं गया।13. प्राचार्य से पुस्तकें तक नहीं मँगाई जा सकीं।kartvachya baniyeh |
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Answer» [1] ]] पक्षी सामयिक शृंखला: लेट जुरासिक–आधुनिक Bird DIVERSITY 2013.png पक्षियों में आश्चर्यजनक विविधता पायी जाती है। वैज्ञानिक वर्गीकरण गौरैया, भारत में सर्वाधिक पाए जाने वाले पक्षियों में से एक है। पीला आकाश में उड़ता हुआ परिंदा पंख वाले या उड़ने वाले किसी भी जन्तु को पक्षी कहा जाता है। जीव विज्ञान में एविस् श्रेणी के जन्तुओं को पक्षी कहते हैं।[2] इस अण्डा देने वाले रीढ़धारी प्राणी की लगभग १०,००० प्रजातियाँ इस समय इस धरती पर निवास करती हैं। इनका आकार २ इंच से ८ फीट तक हो सकता है तथा ये आर्कटिक से अन्टार्कटिक तक सर्वत्र पाई जाती हैं। पक्षी ऊँचे पहाडों को उड़ कर पार कर जाते हैं। ये गहरे जल में २५० मीटर तक डुबकी लगा लेते हैं। इन्हें ऐसे महासागरों के ऊपर उड़ते देखा गया है जहाँ से तट हजारों किलोमीटर दूर है। इनका शरीर पंखों से ढँका होता है। सभी प्राणियों में पक्षी सबसे अधिक सुन्दर एवं आकर्षक प्राणी हैं। पंख रहते हुए भी कुछ पक्षी उड़ नहीं सकते हैं परन्तु अधिकतर पक्षी आकाश में उड़ते हैं। इनका सम्पूर्ण शरीर नौकाकार होता है और पंखों से ढँका होता है। शरीर सिर, गर्दन, धड़ और पूँछ में विभक्त रहता है। अग्रपाद डैनों में रूपान्तरित होते हैं। जबड़े चोंच में रूपान्तरित हो जाते हैं जिनमें दाँत नहीं पाये जाते हैं। विकास और वर्गीकरण वितरण शारीरिक रचना और शरीर विज्ञान व्यवहार पारिस्थितिकी मनुष्यों के साथ संबंध संरक्षण सन्दर्भ इन्हें भी देखें बाहरी कड़ियाँ Last edited 1 MONTH ago by रोहित साव27 |
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बड़े घर की बेटी का चरित्र चित्रण |
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Answer» Hii mate प्रश्न - बड़े घर की बेटी कहानी के मुख्य पात्रों का चरित्र चित्रण कीजिये ? उत्तर - कहानी के मुख्य पात्र है आनंदी , श्री कंठ सिंह , लाल बिहारी सिंह , तथा बेनीमाधव सिंह इनकी चारित्रिक विशेषतयाएँ निम्न लिखित है :- आनंदी - आनंदी बहुत ही समझदार लड़की थी वह एक उच्च कुल की लड़की थी । उसके पिता एक छोटी सी रियासत के ताल्लुकेदार तथा ऑनररी मेजिस्ट्रेट थे । वह अपनी अन्य बहनो से अधिक रूपवती तथा गुणवती थी । इसलिए उसके पिता उसे बहुत प्यार करते थे । वह इतने अमीर घर से आके भी उसने अपने ससुराल जो की देहात का बहुत ही साधारण घर था अपने आप को बहुत ही जल्दी उस के अनुकूल बना लिया । स्त्रियाँ गलियां सह लेती है मार भी सह लेती है पर मैके की निंदा नहीं सह पाती और आनंदी भी इसका अपवाद नहीं थी इसलिए लाल बिहारी की धृष्टता वो सहन नहीं कर पायी और उसने उसको बुरा भला कह दिया । आनंदी बहुत ही स्वाभिमानी स्त्री थी इसलिए लाल बिहारी से झगड़ा करके वो दो दिन तक बिना खाये पिए कोप भवन में बैठी रही । आनंदी स्वाभाव से बहुत ही दयावती और समझदार थी इसलिए लाल बिहारी के माफ़ी मांगने पर उसने तुरंत ही उसे माफ़ भी कर दिया बल्कि अपने संयुक्त परिवार को टूटने से भी बचा लिया ।
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पाठ-सत्ताध्वनि तभा वर्णर गरय शब्दों में बिरसा चॅन्द्रबिचिहन का प्रयोग की रिगारपेजा,क(खा पख |
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Answer» Answer: AHI name NUM CAMERA name num camera name of your life with HAPPINESS |
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"करोना वायरस से जुड़े संसार" विषय पर एक निबंध लिखिए |
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Answer» कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।
इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।
कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है। कोविड 19 नाम का यह वायरस अब तक 70 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके। |
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किसी भी 'दोहे' पर जो आपको अच्छा लगता है उसके मुख्य भाव पर आधारित एककहानी लिखिए lplease mark my question as brilliant. |
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Answer» I HOPE this answer is USEFUL for you Explanation: 1)दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय जो सुख में सुमिरन करे, दुख काहे को होय:- हम सभी परेशानियों में फंसने के बाद ही ईश्वर को याद करते हैं. सुख में कोई याद नहीं करता. जो यदि सुख में याद किया जाएगा तो फिर परेशानी क्यों आएगी. 2)बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो मन खोजा आपना, तो मुझसे बुरा न कोय:- जब मैं पूरी दुनिया में खराब और बुरे लोगों को देखने निकला तो मुझे कोई बुरा नहीं मिला. और जो मैंने खुद के भीतर खोजने की कोशिश की तो मुझसे बुरा कोई नहीं मिला. 3)बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर:- इस दोहे के माध्यम से कबीर कहना चाहते हैं कि सिर्फ बड़ा होने से कुछ नहीं होता. बड़ा होने के लिए विनम्रता जरूरी गुण है. जिस प्रकार खजूर का पेड़ इतना ऊंचा होने के बावजूद न पंथी को छाया दे सकता है और न ही उसके फल ही आसानी से तोड़े जा सकते हैं. |
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माता का आोंचि पाठ के आिार पर धिखेंधक आप भ िानाथ के समय के खेि ोंव खेि ोंकी सामग्री क उधचत मानतेहैंया अपनेसमय के |
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What is termed as cloning?......answer only if u know.....don't copy nd paste.....✅ |
Answer»
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निमल लिखित समाज पदो का समास विग्रह कीजिए आरोप-प्रत्यारोपजो मुझे बाबरी उसे मे ब्रणली लिस्ट banuang |
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Answer» Explanation: \huge \underline \bold \PINK {♡IT'S Shefali ♡:-} \huge{\mathbb{\red{Hello Mate!!}}} \huge\boxed{\fcolorbox{red}{yellow}{answer}} \huge\boxed{\fcolorbox{white}{pink}{thanks:-))}}
He MET the kind-hearted person near the shrine. The man saw the child in the CROWD. ... His shrieks invited the ATTENTION of the kind man who lifted him. . |
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लॉकडाउन के अवसर पर आप किस तरह आपकी पढ़ाई हो रही हैं, इसका विवरण देते है अपने मित्र को पत्र लिखिए (in 200 words) |
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Answer» Explanation: शोधानुसार महाभारत का युद्ध 22 नवंबर 3067 ईसा पूर्व हुआ था। तब भगवान श्री कृष्ण 55 या 56 वर्ष के थे। हालांकि कुछ विद्वान मानते हैं कि उनकी उम्र 83 वर्ष की थी। महाभारत युद्ध के 36 वर्ष बाद उन्होंने देह त्याग दी थी। इसका मतलब 119 वर्ष की आयु में उन्होंने देहत्याग किया था।
आर्यभट्ट के अनुसार महाभारत युद्ध 3137 ईपू में हुआ। पुराणों के अनुसार श्री कृष्ण की आयु 125 वर्ष बताई गयी है जबकि ज्योतिषों के मतानुसार उनकी आयु 110 वर्ष थी। ज्योतिषियों अनुसार कलियुग के आरंभ होने से 6 माह पूर्व मार्गशीर्ष शुक्ल 14 को महाभारत का युद्ध का आरंभ हुआ था, जो 18 दिनों तक चला था। कलियुग का आरम्भ श्री कृष्ण के निधन के 35 वर्ष पश्चात हुआ। |
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2. बीरबल: मन्त्रिषु बुद्धिमान् चतुरः चआसीत्। अतः सः अवदत्-“अत्र न अस्तिकापि समस्या।" सः राज्ये घोषणां अकरोत्-"येजनाः भोजनाय आगच्छन्ति ते क्रमशः एकं घटंदुग्धं अपि आनयन्तु।" Translate in Hindi |
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