Saved Bookmarks
This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
`Fe_2O_3` की अशुद्धि वाले बॉक्साइट का शोधन किस विधि द्वारा किया जाता है-A. हूप की विधिB. सरपेक विधिC. बेयर विधिD. विद्युत् अपघटनी विधि |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 2. |
विद्युत् अपघटनी विधि द्वारा निम्न में से किसका निष्कर्षण किया जाता है-.A. क्षार धातुओं काB. क्षारीय मृदा धातुओं काC. ऐल्युमिनियम काD. उपर्युक्त सभी का |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 3. |
ऐलुमिना की विद्युत्- अपघटनी विवधि में ऐनोड किसके बने होते है? |
| Answer» Correct Answer - ग्रेफाइट छड़ों के | |
| 4. |
विद्युत् अपघटनी. शोधन में अशुद्ध धातु का बना होता है-A. कैथोडB. एनोडC. उपर्युक्त दोनोंD. इनमें से कोई नहीं |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 5. |
ऐलुमिनियम के निष्कर्षण में ऐलुमिना का विद्युत्-अपघटन करने से पहले इसका शोधन करके अशुद्धियों को दूर करना आवश्यक है। क्यों? |
| Answer» क्योंकि अशुद्धियों को उपस्थिति में प्राप्त ऐलुमिनियम भंगुर होता है। | |
| 6. |
ऐल्युमिनियम के प्रमुख अयस्क का नाम लिखिए । |
| Answer» वॉक्साइट `(Al_2O_3. 2H_2O)Al` का निष्कर्षण इसी अयस्क से किया जाता है। | |
| 7. |
ऐल्युमिनियम के विद्युत् शोधन में कितना प्रतिशत ऐल्युमिनियम प्राप्त होता है ? |
| Answer» ऐल्युमिनियम. इस विधि द्वारा 99-99 प्रतिशत पाया जाता है। | |
| 8. |
ऐल्युमिनियम के वैद्युत-घातुकर्म में ग्रेफाइट छड़ की क्या भूमिका है ? |
| Answer» ऑक्सीजन गैस एनोड पर उत्सर्जित होकर ग्रेफाइट (कार्बन) से क्रिया करती है और `CO_2` गैस बनाती है। यदि एनोड इलेक्ट्रोड किसी और धातु का होगा, तो ऑक्सीजन प्रक्रम से बने ऐल्युमिनियम से क्रिया करके `Al_2O_3` बनाएगी। इससे धातु की उत्पत्ति काफी प्रभावित होगी। | |
| 9. |
ऐल्युमिनियम के धातुकर्म में क्रायोलाइट की क्या भूमिका है ? |
| Answer» ऐलुमिना का गलनांक 2323K होता है अतः इससे AI धातु को वैद्युत अपचयन द्वारा पृथक् करना कठिन होता है। इसमें क्रायोलाइट `(Na_3AlF_6)` मिला देने पर गलनांक घटकर 1173K हो जाता है। इसके अतिरिक्त क्रायोलाइट ऐलुमिना की वेद्युत चालकता को भी बढ़ा देता है। | |
| 10. |
कॉपर मेट को सिलिका की परत चढ़े हुए परिवर्तक में क्यों रखा जाता हैं ? |
|
Answer» कॉपर मेट में मुख्यतः CuO और FeO (अशुद्धि) होता है। बेसेमर परिवर्तक में अस्तर के रूप में उपस्थित सिलिका `(SiO_2)` गालक का कार्य करती है, जो FeO से संयोग करके आयरन सिलिकेट (धातुमल) बनाकर पृथक् हो जाती है। `underset("(गालक)")(SiO_2)+underset(" (अशुद्धि)")(FeO) to underset("(घातुमल)")(FeSiO_3)` |
|
| 11. |
Co तथा Zn में से किसका लवण चुम्बकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होता है? |
| Answer» Co के लवण, अनुचुम्बकीय गुण के कारण। | |
| 12. |
लौह अयस्कों का सांद्रण किया जाता है-A. गुरुत्व पृथकरण विधि द्वाराB. फलन प्लवन विधि द्वाराC. चुंबकीय पृथकरण विधि द्वाराD. अमलगमन विधि द्वारा। |
| Answer» Correct Answer - A | |
| 13. |
मोहर लवण का जलीय घोल निम्न आयनों में से किसका परिक्षण देती है?A. `Fe^(2+)`B. `SO_(4)^(-)`C. `NH_(4)^(+)`D. इनमे से सभी का |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 14. |
`SiO_(2)` किस प्रकार का गालक है? |
| Answer» Correct Answer - अम्लीय गालक। | |
| 15. |
क्षारीय गालक (flux) का एक उदाहरण लिखिए। |
| Answer» Correct Answer - CaO | |
| 16. |
निम्निलिखित में से कौन-सा अयस्क नहीं हैं?A. आयरन पाइराइटB. हॉर्न सिल्वरC. मेलेकाइटD. पिंग आयरन |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 17. |
कॉपर के भर्जित अयस्क में होते हैं।A. केवल `Cu_(2)O`B. केवल `Cu_(2)S`C. `Cu_(2)O_(3)` तथा `Cu_(2)S` दोनोंD. धात्विक कॉपर। |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 18. |
Ag के निष्कर्षण में `Ag_2S` को घोला जाता है-A. HClB. `HNO_3`C. `KCN`D. `H_2SO_4` |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 19. |
एक धातु को वायु में खुला छोड़ देने पर इसकी सतह पर हरे रंग की क्षारीय पर्त जम जाती है, यह धातु हो सकती है-A. KB. CuC. ZnD. Al |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 20. |
निम्नलिखित में से कौन-सा क्यूप्रस अयस्क है?A. चैलको पाइराइटB. एज्यूराइटC. क्यूप्राइटD. मैलेकाइट |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 21. |
ब्लास्ट आयरन में आयरन ऑक्साइड का अपचयन आयरन सें होता है-A. कार्बनB. लाइम स्टोनC. `CO`D. `CO_2` |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 22. |
धातुकर्म प्रक्रमों में अम्लीय अशुद्धि दूर करने के लिए कौन-सा गालक प्रयुक्त होता है?A. सिलिकाB. लाइमस्टोनC. सोडियम क्लोराइडD. सोडियम सलफेट |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 23. |
भर्जन किस प्रकार की भट्ठी में किया जाता है? |
| Answer» भर्जन पराबर्तनी भट्ठी में किया जाता है। | |
| 24. |
ऐल्युमिनियम के निष्कर्षण में निक्षालन (leaching) का क्या महत्व है? |
| Answer» ऐल्मुमिनियम के निष्कर्षण में निक्षालन द्वारा बॉक्साइट अयस्क में उपस्थित `SiO_2,Fe_2O_3` आदि की अशुद्धियों को निष्कासित किया जाता है।बॉक्साइट चूर्ण को NaOH विलयन के साथ 473-523 K पर गर्म करते है, तो ऐलुमिना घुलकर सोडियम मेटा एलुमिनेट बनाता है जबकि अशुद्धियाँ शेष रह जाती है। अशुद्धियाँ को छानकर छनित में `CO_2` गैस प्रवाहित करने पर `(AlOH_3)` का अवक्षेप प्राप्त होता है जिसका निस्तापन करने पर शुद्ध ऐलुमिना प्राप्त होता है। ऐलुमिना के वैद्युत अपघटन से ऐल्युमिनियम प्राप्त होता है । | |
| 25. |
निम्नलिखित में कौन-सा तत्व सायनाइड विधि द्वारा तैयार किया जाता है-A. AgB. NaC. AlD. Cu |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 26. |
ताँबा के अयस्क का सान्द्रण किस विधि से किया जाता है? |
| Answer» फेन उत्प्लावन विधि द्वारा दाँदि के अयस्क का सान्द्रण किया जाता है। | |
| 27. |
कौन-से अयस्क का सांद्रण फेन प्लवन द्वारा किया जाता है?A. कार्बोनेटB. सल्फाइडC. ऑक्साइडD. फॉस्फेट |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 28. |
आयरन के धातुकर्म में जब लाइमस्टोन को ब्लास्ट फर्नेस में हाला जाता है, तो `Ca^(+ +)` आयन बनाता है-A. स्लेगB. गैंगC. मेटालिक कैल्सियमD. कैल्सियम कार्बोनेट |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 29. |
अभिक्रिया , `Cr_2O_3 +2Al to Al_2O_3 +2Cr` `(DeltaG^@=-421 KJ)` के गिब्ज ऊर्जा मान से लगता है कि अभिक्रिया ऊष्मागतिकी के अनुसार संभव है, पर यह कक्ष ताप पर संपन्न क्यों नहीं होती? |
| Answer» अभिक्रिया `Cr_2O_3+2Al to Al_2O_3 +2Cr` के लिए मानक गिब्ज मुक्त ऊर्जा परिवर्तन ऋणात्मक है, अतः यह लगता है कि यह अभिक्रिया ऊष्मागतिकी के अनुसार संभव है। परन्तु कमरे के ताप पर यह संपन्न नहीं होती, क्योंकि सभी अभिकारक ठोस अवस्था में होते है, अतः अभिक्रिया के संपन्न होने के लिए सक्रियण ऊर्जा की आवश्यकता होती है, अतः इसे गर्म करना आवश्यक है जिससे अभिकारक पिघल जाते हैं। | |
| 30. |
कॉपर के निष्कर्षण में प्रगलन प्रक्रिया में धातुमल जो बनता है। उसका संघटन होता है-A. `Cu_2O+FeS`B. `FeSiO_3`C. `CuFeS_2`D. `CuS_2S+FeO` |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 31. |
कॉपर का निष्कर्षण किया जाता है-A. क्यूप्राइटB. कॉपर ग्लॉसC. मैलेकाइटD. कॉपर पाइराइट |
|
Answer» Correct Answer - D कॉपर का निष्कर्षण उसके सल्फाइड अयस्क से किया जाता है। |
|
| 32. |
हेमेटाहट अयस्क से स्टील के उत्पादन में जो रासायनिक विधि का उपयोग किया जाता है-A. अपचयनB. ऑक्सीकरणC. अपचयन उपरान्त ऑक्सीकरणD. ऑक्सीकरण उपरान्त अपचयन |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 33. |
किसी विशिष्ट क्रिया में अपचायक का चयन ऊष्मागतिकी कारक के आधार पर किया जाता है, क्यों? |
|
Answer» किसी ऑक्साइड का धातु में अपचयन किसी विशिष्ट अपचायक द्वारा तभी सम्भव है, जब उस क्रिया के लिये `Delta_(r),G^(@)` का मान ऋणात्मक (-ve) हो। जैसे-1500 K पर ZnO कोक द्वारा अपचयित हो जाता है, परन्तु CO द्वारा नहीं। `ZnO+C overset(1500K)to Zn+CO, Delta_(r)G^(@)=-ve` `ZnO+CO overset(1500K)to Zn+CO_(2), Delta_(r)G^(@)=+ve` |
|
| 34. |
कॉपर पाइराइटीज से कॉपर के निष्कर्षण का बेसेमर विधि में अन्तिम पद में निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रिया होती है-A. `CuS+O_2 to2Cu + SO_2`B. `4Cu_2O + FeS to 8 Cu + FeSO_4`C. `2CU_2O+Cu_2S to 6Cu+SO_2`D. `Cu_2S+ 2FeO to 2Cu+2Fe + SO_2` |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 35. |
कॉपर के निष्कर्षण के समय प्रगलन विधि में स्लेग का रासायनिक संगठन निम्नलिखित है-A. `Cu_2O+FeS`B. `FeSiO_3`C. `CuFeS_2`D. `Cu_2S+FeO` |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 36. |
किसी विशेष स्थिति में अपचायक का चयन ऊष्मागतिकी कारकों पर आधारित है। इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं? अपने मत के समर्थन में दो उदाहरण दीजिए। |
| Answer» किसी अभिक्रिया के लिए अपचायक के चयन हेतु ऊष्मागतिकीय कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एलिंघम आरेख में कोई नीचे स्थित पदार्थ अपने से ऊपर स्थित ऑक्साइड का अपचयन कर सकता है। इस प्रकार FeO, Cu,0,Cr, 0, आदि का अपचयन Al अथवा Zn द्वारा हो सकता है। AlL,O,, ZnO, FeO, Cu, O का अपचयन Mg द्वारा हो सकता है। ZnO, MgO आदि का अपचयन CO द्वारा नहीं हो सकता है। | |
| 37. |
Au, Na, Cu, Ag में से कौन-सी धातुएँ उनके जलीय लवणों के विलयन के विद्युत्-अपघटन से प्राप्त हो सकती हैं? |
| Answer» Correct Answer - Au, Cu,Ag| | |
| 38. |
कॉपर के वैद्युत अपघटन शोधन में ऐनोड पंक में उपस्थित सामान्य तत्वों के नाम दीजिए। वे वहाँ कैसे उपस्थित होते हैं? |
|
Answer» ऐनोड पंक में कम अभिक्रियाशील धातुएँ जैसे Au, Ag, Pt आदि उपस्थित होती हैं। ये धातुएँ अशुद्ध कॉपर में अशुद्धि के रूप में उपस्थित रहती हैं। कम अभिक्रियाशील होने के कारण ये धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्यागकर घनायन नहीं बनाती हैं और पंक के रूप में ऐनोड के पास ही एकत्रित हो जाती हैं। अशुद्ध कॉपर ऐनोड का कार्य करता है। अशुद्ध कॉपर में उपस्थित केवल कॉपर ऑक्सीकरण अभिक्रिया में भाग लेता है और `Cu^(2+)` आयन के रूप में विलयन में आ जाता है। `Cu to Cu^(@+)+2e^(-)` |
|
| 39. |
कॉपर की सबसे अधिक स्थायी ऑक्सीकरण अवस्था ..................... | |
| Answer» Correct Answer - `+2` | |
| 40. |
उस विधि का नाम लिखिए जिसमें क्लोरीन सहउत्पाद के रूप में प्राप्त होती है। क्या होगा यदि NaCI के जलीय विलयन का वैद्युत अपघटन किया जाए? |
|
Answer» NaCl और `CaCl_(2)` के गलित मिस्त्राण का 873K विद्युत्-अपघटन करने पर सोडियम धातु प्राप्त होता है इस विधि को डाउन विधि(Down process) कहते है `Cl_(2)` सह-उत्पादन के रूप में प्राप्त होती है `NaCl to Na^(+)+Cl^(-)` केथोड पर: `Na^(+)+e^(-) to Na` (अपचयन) एनोड पर: `2Cl^(-) to Cl_(2)+2e^(-)` (ऑक्सीकरण) सांद्र जलिये NaCl विलयन का विघुत-अपघटन करने पर `Cl_(2)` और NaOH प्राप्त होता है `NaCl("जलिये") to Na^(+)+Cl^(-)` `H_(2)O Leftrightarrow H^(+)+OH^(-)` केथोड पर: `2H^(+)+2e^(-) to H_(2)` एनोड पर: `2Cl^(-) to Cl_(2)+2e^(-)` `Na^(+)` और `OH^(-)` आयन विलयन मे रहते है और NaOH का निर्माण करते है |
|
| 41. |
आयरन के स्टील अवस्था. में सबसे अधिक कार्बन की मात्रा होती है। |
|
Answer» Correct Answer - असत्य आयरन की स्टील अवस्था में कार्बन की मात्रा सवसे कम होती है। सबसे अधिक मात्रा 2 से 2.5 प्रतिशत होती है |
|
| 42. |
जिंक और लेड का सल्फाइड अयस्क प्रकृति में ……………. और .......... पाया जाता है। |
| Answer» जिंक ब्लेड, सिनेबार, | |
| 43. |
चैलको पाइराइट से लोहा निम्न रूप में हटाया जाता है-A. `FeO`B. `FeS`C. `Fe_2O_3`D. `FeSiO_3` |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 44. |
लोहे के ………………. रूप में कार्बन की मात्रा सबसे कम होती है। |
| Answer» Correct Answer - स्टील | |
| 45. |
यदि अपचयन के ताप पर निर्मित धातु द्रव अवस्था में हों, तो धातु आक्साइड का अपचयन आसान क्यों होता है? |
| Answer» जब धातु ठोस अवस्था की अपेक्षा द्रव अवस्था में होती है, तो उसकी एण्ट्रॉपी अधिक होती है । जब निर्मित धातु द्रव अवस्था में होती है, और अपचयित होने वाली धातु ऑक्साइड ठोस अवस्था में होती है, तो अपचयन प्रक्रम के एण्ट्रॉपी परिवर्तन `(DeltaS)` का मान अधिक धनात्मक हो जाता है | अतः `DeltaG^(Θ)`का मान अधिक ऋणात्मक हो जाता है, और अपचयन आसान हो जाता है | | |
| 46. |
उस धातु का नाम लिखिए जो सामान्य ताप पर द्रव है। |
| Answer» Hg (Cs तथा Ga का गलनांक लगभग `30^(@)C` है। | |
| 47. |
कॉपर के निष्कर्षण में सल्फाइड अयस्क का आंशिक रुप से जारण (भर्जन) किया जाता है, क्यों ? |
|
Answer» आंशिक जारण से अयस्क का कुछ भाग कॉपर ऑक्साइड में बदल जाता है, जो सल्फाइड का ऑक्सीकरण करता है, जिसमें कॉपर धातु प्राप्त होती है। `2CuS+3O_2 to 2CuO+2SO_2` `2CuO+Cus to 3Cu+SO_2 uarr` |
|
| 48. |
किसी धातु के निष्कर्षण के लिए हमेशा अपचयन क्यों आवश्यक होता है ? |
|
Answer» धातुएँ सामान्यतः संयुक्त अवस्था में पायी जाती हैं, या ऑक्साइडों में परिवर्तित होती हैं। अतः धातु प्राप्त करने के नए अपचयन आवश्यक होता है- `m^(n+)+n e^(-) to m` |
|
| 49. |
धातु जैसे Cr, Mn, Fe आदि के निष्कर्षण में Al धातु अपचायक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है, क्यों ? |
|
Answer» Al अधिक संख्या में कम धन विद्युती धातु ऑक्साइडों को धातु में अपचयित करता है, क्योंकि इसकी प्रबल प्रवृत्ति ऑक्सीजन के साथ संयोग करके ऑक्साइड बनाने की होती है। `Cr_2O_3 + 2Al to Al_2O_3+2Cr+ "ऊष्मा"` `Fe_2+2Alto Al_2O_3+2Fe+"ऊष्मा"` |
|
| 50. |
CO का उपयोग करते हुए अपचयन द्वारा जिंक ऑक्साइड से जिंक का निष्कर्षण क्यों नहीं किया जाता है ? |
|
Answer» CO द्वारा 2n के अपचयन के लिए आवश्यक ताप (1673K) पर एलिंघम आरेख में `DeltaG^@(CO,CO_2)` रेखा `DeltaG^@` (Zn, ZnO) की रेखा के ऊपर है। अतः इस अभिक्रिया के लिए `Delta G^@` का मान धनात्मक होगा। `ZnO+Cooverset(1673 K)to Zn +CO_2" " Delta_fG^@=+Ve` इसलिए 1673K ताप पर ZnO के लिए CO को अपचायक के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इसके लिए अत्यधिक उच्च ताप की आवश्यकता होगी। |
|