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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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चीनी के एक जलीय विलयन में चीनी का मोल-प्रभाज `0.05` है। इस विलयन कि मोललता ज्ञात करे। |
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Answer» चीनी का मोल -प्रभाज `=("चीनी के मोल")/("विलयन में कुल मोल")=0.05=(5)/(100)` अर्थात , विलयन के `100` मोल में चीनी के `5` मोल और जल के `100-5=95` मोल है। चीनी `(C_(12)H_(22)O_(11))` का मोलर द्रव्यमान `=342 g mol^(-1)` `:.` चीनी का द्रव्यमान `=5xx342=1710g` तथा जल का द्रव्यमान `=95xx18=1710g`. अब, विलयन की मोललता `=("चीनी का मोल")/("जल का द्रव्यमान")xx100` `=(5)/(1710)xx1000` `=2.92 m`. |
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| 2. |
`500mL` विलयन में `4.5 g NaOH` घुला हुआ है। इस विलयन की मोलरता क्या है? |
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Answer» `NaOH` का मोलर द्रव्यमान `=40g mol^(-1)` `:. 4.5g NaOH=(4.5)/(40)=0.1125 mol` विलयन का आयतन `=500 m L=0.5L` विलयन की मोलरता `=(0.1125)/(0.5)` `=0.225 mol L^(-1)` `=0.225 M`. |
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| 3. |
ऑक्सीजन और गैस `A` के एक मिश्रण में मोल के विचार से `38%` ऑक्सीजन और`62% A` है। इस मिश्रण के `V mL` के एक महीन छेद से होकर विसरित होने में `220s` लगते है, जबकि इतने ही आयतन के ऑक्सीजन के विसरित होने में `229s` लगते है के मोलर द्रव्यमान कि गणना करे। |
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Answer» मिश्रण का विसरण-वेग `(r_(1))=(V)/(220)mLs^(-1)`. ऑक्सीजन का विसरण वेग `(r_(2))=(V)/(229)mL s^(-1)`. ग्राहम के विसरण नियम के अनुसार, `(r_(1))/(r_(2))=sqrt(("ऑक्सीजन का मोलर द्रव्यमान")/("मिश्रण का मोलर द्रव्यमान"))=(229)/(220)` ऑक्सीजन `(O_(2))` का मोलर द्रव्यमान `=32 g mol^(-1)` `:.sqrt((32)/("मिश्रण का मोलर द्रव्यमान"))=(229)/(220)` या `(32)/("मिश्रण का मोलर द्रव्यमान")=(229xx229)/(220xx220)` `:.` मिश्रण का मोलर द्रव्यमान `=(32xx220xx220)/(229xx229)` चूकि मिश्रण में `38% O_(2)` और `62%A` है, अतः यदि मिश्रण में कुल `n` मोल हो, तो `O_(2)` का मोल प्रतिशत `0.38n`, `A` का मोल प्रतिशत `0.62n`. ltbrमान ले कि `A` का मोलर द्रव्यमान `m` है। अतः , मिश्रण का मोलर द्रव्यमान `=((32xx0.38n)+(mxx0.62n))/(n)` `=(12.16n+0.62mn)/(n)` `=12.16+0.62m` या `29.53=12.16+0.62m` अर्थात, `A` का मोलर द्रव्यमान `=28.01 g mol^(-1)` |
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| 4. |
`2.15xx10^(6)m s^(-1)` वेग से गमन करनेवाले इलेक्ट्रॉन का तरंगदैध्र्य क्या होगा? (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान `=9.109xx10^(-31)kg`) |
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Answer» इलेक्ट्रॉन का वेग, `v=2.15xx10^(6)m s^(-1)` मान ले कि इलेक्ट्रॉन का तरंगदैध्र्य `lambda` है। अतः, द ब्रागली समीकरण के अनुसार, `lambda=(h)/(mv)` `=(6.626xx10^(-34)Js)/(9.109xx10^(-31)kgxx2.15xx10^(6)m s^(-1))` `=(6.626xx10^(-34)kg m^(2)s^(-1))/(9.109xx10^(-31)kgxx2.15xx10^(6)ms^(-1))` `=0.338xx10^(-9)m=3.38xx10^(-10)m`. |
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| 5. |
`125nm` तरंगदैध्र्य वाले विकिरण के एक फोटान कि ऊर्जा क्या होगी ? |
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Answer» `125nm=125xx10^(-9)m=lambda` कापनावृति `v=(c )/(lambda)=(3xx10^(8)m s^(-1))/(125xx10^(-9)m)=2.4xx10^(15)s^(-1)` `1` फोटन की ऊर्जा,`E=hv` `=6.626xx10^(-34)Jsxx2.4xx10^(15)s^(-1)` `=1.59xx10^(-18)J`. |
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| 6. |
`3xx10^(15)Hz` कपनावृति वाले विकिरण के `1 mol` फोटोनो कि ऊर्जा क्या होगी? |
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Answer» `v=3xx10^(15)Hz=3xx10^(15)s^(-1)` `1` फोटान की ऊर्जा ,`E=hv` `=6.626xx10^(-34)J sxx3xx10^(15)s^(-1)` `=19.878xx10^(-19)J`. `:.1 mol` फोटान की ऊर्जा `=(6.022xx10^(23)xx19.878xx10^(-19))J` `=119.70xx10^(4)J=1.19xx10^(6)J`. |
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| 7. |
किसी धातु का एक परमाणु का कार्यफलन `2.1 eV` है, तो इससे उत्सर्जित होने वाले विकिरण का थ्रेशोल्ड तरंगदैध्र्य और थ्रेशोल्ड कपनावृति के मान ज्ञात करे। |
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Answer» कार्यफलन ,`hv_(0)=2.1eV` `=2.1xx16.02xx10^(-19)J` `:.v_(0)=(2.1xx1.602xx10^(-19)J)/(h)` `=(2.1xx1.602xx10^(-19)J)/(6.626xx10^(-34)Js)` `=0.5077xx10^(15)s^(-1)` `=5.077xx10^(14)s^(-1)=` थ्रेसोल्ड कपनावृति| `lambda=(c )/(v_(0))=(3xx10^(8)ms^(-1))/(5.077xx10^(14)s^(-1))` `=0.5909xx10^(-6)m` `=0.5909xx10^(3)nm` `=59.09nm`. |
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| 8. |
चीनी `(C_(12)H_(22)O_(11))` का आणविक द्रव्यमान ज्ञात करे |
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Answer» चीनी `(C_(12)H_(22)O_(11))` का आणविक द्रव्यमान `=(12xx12.011amu)+22xx1.008amu)+(11xx16.00amu)` `=144.132+22.176+176` `=342.308 amu` |
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| 9. |
4225 pm तरंगदैध्र्य वाले प्रकाश-पुंज में फोटोनो कि संख्या ज्ञात करे , जबकि प्रकाश-पुंज `1.5 J` ऊर्जा प्रदान करता है। |
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Answer» `lambda=4225pm=4225xx10^(-12)m` तथा प्रकाश की ऊर्जा `E=1.5J` `1` फोटन की ऊर्जा `=hv=(hc)/(lambda)` `=(6.626xx10^(-34)Jsxx3.0xx10^(8)m s^(-1))/(4225xx10^(-12)m)` `=4.7xx10^(-11)J`. `:.` फोटनो की संख्या `=("कुल ऊर्जा")/(1"फोटान की संख्या")=(1.5J)/(4.7xx10^(-11)J)` `=3.19xx10^(10)`. |
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| 10. |
एक दूरस्थ स्रोत से प्राप्त विकिरण का तरंगदैध्र्य `580nm` है और यह कुल `2.95xx10^(-18)J` ऊर्जा प्रदान करता है। इनमे उपस्थित फोटनो की संख्या प्राप्त करे। |
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Answer» कुल प्रदत ऊर्जा `=2.95xx10^(-18)J`, तरंगदैध्र्य, `lambda=580nm=580xx10^(-9)m`. `1` फोटन की ऊर्जा `=hv=(hc)/(lambda)` `=(6.626xx10^(-34)Jsxx3xx10^(8)m s^(-1))/(580xx10^(-9)m)` `=0.03427xx10^(-17)J`. `:.` फोटानो की संख्या `=("कुल ऊर्जा")/("एक फोटान की ऊर्जा")` `=(2.95xx10^(-18)J)/(0.03427xx10^(-17))=8.6=9`. |
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| 11. |
तीन इकाई धनविष्ट आयन की द्रव्यमान संख्या `54` है। इसमें इलेक्ट्रॉनों की तुलना में नुयट्रानो की संख्या `42.86` प्रतिशत अधिक है। इस आयन की पहचान करे तथा इसका संकेत लिखे । |
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Answer» मान ले कि अयन का मूल परमाणु `A` है जिसकी परमाणु संख्या `x` है। अतः , इस परमाणु में से `3` इलेक्ट्रॉनों के निकल जाने में अयन बना है। `._(54)^(x)A overset(-3e)rarr A^(3+)` `:. A^(3)` में इलेक्ट्रॉनों की संख्या `=` प्रोटॉनों की संख्या `=` परमाणु संख्या `=x` `:.A^(3+)` इलेक्ट्रॉनों की संख्या `=(x-3)` `A^(3+)` अयन में नुट्रोनो की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या से `42.86%` अधिक है। अतः, आयन में नुट्रोनो की संख्या `=(x-3)+(42.86(x-3))/(100)` अब, प्रोटॉनों की संख्या `+` नुट्रोनो की संख्या `=` द्रव्यमान संख्या या `x+(x-3)+(42.76(x-3))/(100)=54` या `(2x-3)+0.4286(x-3)=54` या `x=23.999=24` अतः परमाणु क्रोमियम `._(54)^(24)C` है और आयन `._(54)^(24)Cr^(3+)` |
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| 12. |
`25^(@)C` पर मेथेन , कार्बन और हाइड्रोजन के दहन की उष्माये क्रमश: `-890.3kJ mol^(-1)`, `-393.5 kJ mol^(-1)` और `-285.8 kJ mol^(-1)` है । मेथेन के गढन की ऊष्मा ज्ञात करे। |
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Answer» प्रश्नानुसार , `(i) CH_(4)+2O_(2)to2CO_(2)+2H_(2)O`, `DeltaH^(@)=-890.3kJ mol^(-1)` `(ii) C+O_(2)to2CO_(2)`, `DeltaH^(@)=-393.5kJ mol^(-1)` `(iii)H_(2)+(1)/(2)O_(2)toH_(2)O`, `DeltaH^(@)=-285.8kJ mol^(-1)` इन आंकड़ों के आधार पर समीकरण `C+2H_(2)toCH_(4)` , `DeltaH^(@)=?` में `DeltaH^(@)` का मान प्राप्त करना है। इसके लिए समीकरण `(iii)` में `2` से गुना करके समीकरण `(ii)` के साथ जोड़े । योगफल में से समीकरण `(i)` को घटने पर, `C+2H_(2)-CH_(4)to0`, `DeltaH^(@)=-74.8kJ mol^(-1)` या `C+2H_(2)toCH_(4)`, `DeltaH^(@)=-74.8kJ mol^(-1)` |
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| 13. |
कमरे के ताप पर किसी गैस के अणुओ का औसत वेग `425 m s^(-1)` है। इसी ताप पर इसका मूल-मध्यमान-वर्ग ज्ञात करे। |
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Answer» औसत वेग `(u)=sqrt((8RT)/(piM))` मूल-मध्यमान-वर्ग वेग `=sqrt((3RT)/(M))` या `(u)/(c )=sqrt((8RT//piM)/(3RT//M))=sqrt((8RT)/(piM)xx(M)/(3RT))=sqrt((8)/(3pi))` या `(u)/(c )=sqrt((8xx7)/(3xx22))=0.848` `:.c=(u)/(0.848)=(425 m s^(-1))/(0.848)=501.179 m s^(-1)` `=501.2 m s^(-1)`. |
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| 14. |
एक लीटर वाले फ्लास्क में ऑक्सीजन गैस का दाब `7.6xx10^(-10)mm` पारा का है। `0^(@)C` पर फ्लास्क में ऑक्सीजन अणुओ की संख्या ज्ञात करे। |
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Answer» गैस का दाब `=p=7.6xx10^(-10)mm=(7.6xx10^(-10))/(760)atm=10^(-12)atm` `T=(273+0)=273K` अब, `pV=nRT` या `10^(-12)xx1=nxx0.082xx273` `:.n=(10^(-12))/(0.082xx273)=4.46xx10^(-14)mole` `:.` ऑक्सीजन अणुओ की संख्या `=4.46xx10^(-14)xx6.022xx10^(23)` `=2.68xx10^(10)`. |
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| 15. |
समान दाब पर किसी गैस `A` के `2.9g 95^(@)C` पर आयतन उतना ही है जितना कि `0.184g` हाइड्रोजन का `17^(@)C` पर है। गैस `A` का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करे। |
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Answer» मान ले कि गैस `A` का मोलर द्रव्यमान `M` है। अतः, `A` के मोलो की संख्या `=(2.9)/(M)=n` अब, `pV=nRT` के अनुसार, `pV=(2.9)/(M)xxRxx368` हाइड्रोजन के मोलो की संख्या `=(0.184)/(2)=n` `:.pV=(0.184)/(2)xxRxx288` चूकि दोनों गैसों के डाब और आयतन समान है, अतः `(2.9)/(M)xxRxx368=(0.184)/(2)xxRxx288` या `M=(2.9xx368xx2)/(0.184xx288)` `=40.28 g mol^(-1)` |
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| 16. |
`1"atm"` के स्थिर दाब पर किसी गैस के `1mol` को `2L` से प्रभावित कर `10L` कर दिया जाता है । सम्पादित कार्य कि गणना करे। |
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Answer» `DeltaV=V_(2)-V_(1)=10-2=8L`, `p=1atm` चुकी तंत्र द्वारा कार्य सम्पादित होता है, अतः , `w=-pDeltaV` `:.w=-1xx8` `=-8L atm`. |
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| 17. |
`35^(@)C` ताप और `1.2"bar"` दाब पर किसी गैस की एक निश्चित मात्रा `120 mL` आयतन वाले एक बरतन में ले जाती है। यदि इस गैस को इसी ताप पर `180 mL` आयतन वाले बरतन में स्थंरित किया जाए तो गैस का दाब कितना होगा ? |
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Answer» प्रश्नानुसार , `{:(p_(1)=1.2"bar",p_(2)=?),(T_(1)=(273+35)=308K,T_(2)=308K),(V_(1)=120mL,V_(2)=180mL):}` अब, `(p_(1)V_(1))/(T_(1))=(p_(2)V_(2))/(T_(2))` के अनुसार, `(1.2"bar"xx120mL)/(308K)=(p_(2)xx180mL)/(308K)` या `p_(2)=(1.2xx120)/(180)"bar"` `=0.8"bar"` |
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| 18. |
`760mm` दाब और `27^(@)C` पर किसी गैस का घनत्व `3.0g L^(-1)` है। दाब को अपरिवर्तित रखते हुए गैस को किस ताप तक गर्म किया जाए, कि उसका घनत्व `2.4 g L^(-1)` हो जाए ? |
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Answer» गैस के मोल `=("द्रव्यमान")/("मोलर द्रव्यमान")=(m)/(M)=n` `:.pV=nRT` से- `pV=(m)/(M)RT` या `M=(m)/(pV)RT=(DRT)/(p)`, जहा `D=(m)/(V)=` गैस का घनत्व। अब `M=(3.0RT_(1))/(p)=(3.0xxRxx273+27)/(p)` `=(3.0xx300)/(p)`….`(i)` मान ले कि गैस को `T_(2)` ताप तक गर्म करने कि आवश्यकता है। `:. M=(2.4xxT_(2))/(p)`.....`(ii)` (`M` और `p` अपरिवर्तित है) `:.(3.0xx300)/(p)=(2.4xxT_(2))/(p)` या `T_(2)=(3.0xx300)/(2.4)=375K=102^(@)C`. |
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