1.

‘भारत माता’ पाठ का केन्द्रीय भाव स्पष्ट कीजिए।

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प्रस्तुत पाठ पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित ‘हिन्दुस्तान की कहानी’ का पाँचवाँ अध्याय है। प्रस्तुत पाठ में पं. नेहरू ने बताया है कि भारतवर्ष एक विशाल देश है, जो अनेक प्रांतों में बँटा होकर भी एक है। ‘अनेकता में एकता’ भारत की विशेषता है। सभी प्रांत के लोग आपस में भावनात्मक एकता से जुड़े हुए हैं।

लेखक ने अपने देश-विदेश के दौरों का हवाला देकर कई महत्त्वपूर्ण बातें कही है। जिसमें भारत माता’ और ‘भारत माता की जय’ का सार्थक, सटीक और सचोट अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा है, कि ‘भारत माता’ का अर्थ है इस देश के करोड़ों लोग और भारत माता की जय का अर्थ है – इस देश के करोड़ों – करोड़ लोगों की जय। लेखक की सारगर्भित – शैली एवं विराट राष्ट्रप्रेम सहज ही प्रेरित – प्रोत्साहित करते हैं।



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