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द्रव्यमान m तथा 2m के दो आवेशित कण A तथा B एक घर्षणरहित टेबुल पर d दुरी पर रखे गए है | अपने पारस्परिक आकर्षण के कारण ये कण एक-दूसरे की और चलते हुए टकरा जाते है यह टक्कर A बिंदु से कितनी दुरी पर होगी ? |
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Answer» चूँकि दोनों कण पारस्परिक आकर्षण बलों के कारण एक-दूसरे की ओर चल रहे है , इन कणों के समूह पर कोई परिणामी बाहरी बल नहीं लग रहा है | चूँकि प्रारंभ में दोनों कण स्थिर है, इनका द्रव्यमान केंद्र भी स्थिर है | जब पारस्परिक बलों के कारण ये कण गतिमान होते है, तो भी उनका द्रव्यमान केंद्र अपनी जगह पर स्थिर रहेगा | जब दोनों कण टकराते है तो वे एक ही स्थान पर होते है औरइसलिए द्रव्यमान केंद्र भी वही पर होगा | दूसरे शब्दों में, यह टक्कर वही होगी जहाँ प्रारंभ में द्रव्यमान केंद्र था | कण A से द्रव्यमान केंद्र की दूरी `=((2m)d)/(2m+m)=(2)/(3)d`. अतः , टक्कर AB रेखा पर A से `(2)/(3)d` दूरी पर तथा B से `(d)/(3)`दूरी पर होगी | |
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