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एक अमीटर का प्रतिरोध कम क्यों होता है ? एक आदर्श अमीटर का प्रतिरोध कितना होना चाहिए ? |
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Answer» अमीटर को परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़ते है , जिससे मापी जाने वाली सम्पूर्ण धारा इसमें से गुजरे । अब चूँकि अमीटर की अपनी कुंडली का भी कुछ प्रतिरोध अवश्य होता है , अतः अमीटर को परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़ने पर परिपथ का प्रतिरोध बढ़ जाता है फलतः परिपथ में बहने वाली धारा का मान कम हो जाता है जिस कारण अमीटर द्वारा मापी गई धारा का मान सदैव मापने वाली धारा से कम होता है । यह अंतर कम हो , इसलिये अमीटर का प्रतिरोध बहुत कम रखा जाता है। ऐसा करने के लिए अमीटर की कुंडली के समांतर क्रम में एक कम प्रतिरोध ( जिसे शंट कहते है ) जोड़ देते है । एक आदर्श अमीटर का प्रतिरोध शून्य होता है । |
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