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एक गैलवेनोमीटर में धारा का मान कम करके मुख्य धारा का `1/n` भाग ही प्रवाहित करना है। यदि गैलवेनोमीटर का प्रतिरोध G हो तथा शंट का मान S हो, तो G, S तथा n में सम्बन्ध स्थापित करें। |
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Answer» माना लिया की मुख्य धारा I है, तो गैलवेनोमीटर से प्रवाहित धारा `=I/n` `:.` शंट से प्रवाहित धारा = (मुख्य धारा)-(गैलवेनोमीटर से प्रवाहित धारा) `=I -I/n=I(I-1/n)` चूँकि गैलवेनोमीटर एवं शंट के प्रतिरोध क्रमशः G और S हैं, अतः इनके सिरों के बीच विभवांतर होंगे `Gxx I/n` तथा `SxxI(1-1/n)` फिर, चूँकि गैलवेनोमीटर के समान्तरक्रम में शंट जुड़ा है, अतः दोनों के सिरों पर विभवांतर बराबर होंगे। अतः `GxxI/n=SxxI(1-1/n)` या `S=G/nxx1/((1-1/n))=G/nxxn/(n-1),` या `S=G/(n-1)` उपर्युक्त व्यंजक G ,S तथा n के बीच अभीष्ट सम्बन्ध है। |
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