Saved Bookmarks
| 1. |
जब `12 Omega` प्रतिरोध वाले एक गैलवेनोमीटर में `2.5 mA` की धारा जाती है तब स्केल पर पूर्ण विक्षेप प्राप्त होता है। आप गैलवेनोमीटर को किस प्रकार (i) 0 से `7.5 A` परास के ऐमीटर में तथा (ii) 0 से 10 V परास के वोल्टमीटर में परिवर्तित करेंगे? |
|
Answer» (i) चूँकि 2.5 mA अर्थात `2.5xx10^(-3)` की धारा प्रवाहित होने पर गैलवेनोमीटर में उसके स्केल पर पूर्ण विक्षेप प्राप्त होता है, इसलिए यदि इससे 7.5 A तक पाठ्यांक देनेवाले ऐमीटर जैसा बनाना है तो इसके लिए आवश्यक है `(7.5-0.0025)=7.4975A` की धारा गैलवेनोमीटर से जुड़े शंट से और केवल `0.0025 A` गैलवेनोमीटर से प्रवाहित हो। यदि गैलवेनोमीटर से धारा `I_(g)`, शंट से धारा `I_(s)` हो और इनके प्रतिरोध क्रमशः G और S हों, तो `I_(g)/I_(s)=S/G` या `0.0025/7.4975=S/12` या `S=(12xx0.0025)/7.4975=0.004 Omega` (लगभग)| अतः, गैलवेनोमीटर के समान्तरक्रम में अर्थात शंट के रूप में `0.004 Omega` या `4xx10^(-3) Omega` का प्रतिरोध लगाना पड़ेगा। (ii) 10 V तक पाठ्यांक देनेवाले वोल्टमीटर के लिए गैलवेनोमीटर के समान्तरक्रम में 10 V का विभवांतर लगाने पर इससे 2.5 mA अर्थात `2.5xx10^(-3) A` की धारा प्रवाहित होनी चाहिए। इसके लिए मान लिया की गैलवेनोमीटर के श्रेणीक्रम में R मान का प्रतिरोध लगाना पड़ता है। `:. 2.5xx10^(-3) A=(10 V)/(12 Omega +R)` या `0.03 Omega+0.0025 R=10 Omega` या `R=9.97/0.0025 Omega=3988 Omega` (लगभग)| अतः गैलवेनोमीटर के श्रेणीक्रम में `3988 Omega` का प्रतिरोध लगाना पड़ेगा। |
|