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एक स्वरित्र 256 हर्ट्ज आवृति के दूसरे स्वरित्र के साथ 4 विस्पंद प्रति सेकण्ड उत्पन्न करता है|पहले स्वरित्र की आवृति ज्ञात कीजिये यदि- (A) पहले स्वरित्र पर मोम लगा देने पर प्रति सेकण्ड विस्पंदों की संख्या 6 हो जाये | (B) दूसरे स्वरित्र पर मोम लगा देने पर प्रति सेकण्ड विस्पंदों संख्या 6 हो जाये| |
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Answer» पहला स्वरित्र 256 हर्ट्ज आवृति के दूसरे स्वरित्र के साथ 4 विस्पंद प्रति सेकण्ड उत्पन्न करता है|अतः पहले स्वरित्र की आवृति ` " " f= 256+- 4` अर्थात 256 हर्ट्ज अथवा 250 हर्ट्ज चूँकि मोम लगने पर स्वरित्र की आवृति घट जाती है अतः यह 252 से 250 हर्ट्ज हुई ( 260 से 262 हर्ट्ज नहीं) | अतः पहले स्वरित्र की वास्तविक आवृति ` f= 252` हर्ट्ज (B) दूसरे स्वरित्र पर मोम लगा देने पर इसकी आवृति 256 से कम हो जाती है परन्तु अब विस्पंदों की संख्या बढ़ जाती है|अतः पहले स्वरित्र की आवृति 256 से अधिक है, अर्थात ` " "f =260` हर्ट्ज |
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