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Answer» गृह-कार्य-व्यवस्था को कपभावित करने वाले कारक यह सत्य है कि कुछ कारक गृह-कार्य-व्यवस्था में सहायक होते हैं। परन्तु इसके साथ-साथ यह भी सत्य है कि कुछ कारक ऐसे भी होते हैं जो गृह-कार्य-व्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालते हैं। गृह-कार्य-व्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालने वाले कारकों को, कार्य-व्यवस्था को कुप्रभावित करने वाले कारक कहा जाता है। इस प्रकार के कारकों के प्रबल हो जाने की दशा में गृह-कार्य-व्यवस्था बिगड़ जाती है तथा घरेलू कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाते। कार्य-व्यवस्था को कुप्रभावित करने वाले मुख्य कारकों का संक्षिप्त परिचय निम्नवर्णित हैं (1) सूझ-बूझ की न्यूनता: यदि गृहिणी तथा परिवार के अन्य मुख्य सदस्यों में गृह-कार्य सम्बन्धी आवश्यक सूझ-बूझ की कमी हो तो अधिक-से-अधिक साधन सम्पन्न होने पर भी गृह-कार्य-व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती। सूझ-बूझ की न्यूनता या अभाव गृह-कार्य-व्यवस्था को गम्भीर रूप से प्रभावित करती है। (2) आवश्यक साधनों का अभाव: गृह-कार्य-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ साधनों की भी आवश्यकता होती है। इन साधनों को ही सूझ-बूझ से इस्तेमाल करके सफलतापूर्वक गृह-कार्य सम्पन्न किए जाते हैं। यदि परिवार में आवश्यक साधनों का अभाव हो, तो सूझ-बूझ होते हुए भी गृह-कार्य-व्यवस्था को उत्तम नहीं बनाए रखा जा सकता। पारिवारिक साधनों में सर्वाधिक महत्त्व आर्थिक साधनों का होता है। इस स्थिति में कहा जा सकता है कि आवश्यक साधनों का अभाव भी पारिवारिक कार्य-व्यवस्था को कुप्रभावित करने वाला एक उल्लेखनीय कारक है। उदाहरण के लिए—भले ही गृहिणी कितनी भी कार्यकुशल एवं गृह-कार्यों में दक्ष क्यों न हो, यदि उसके भण्डार-गृह में कच्ची खाद्य सामग्री न हो, ईंधन एवं अन्य उपकरण उपलब्ध न हों, तो वह परिवार के सदस्यों के लिए भोजन तैयार नहीं कर सकती। (3) पारिवारिक-कलह: गृह-कार्यों को करने की सूझ-बूझ तथा समस्त आवश्यक साधनों के उपलब्ध होने पर भी यदि परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण न हो, तो गृह-कार्य-व्यवस्था सुचारू रूप से लागू नहीं की जा सकती। परिवार में कलह एवं तनाव का वातावरण होने की स्थिति में न तो गृहिणी स्वयं ही रुचिपूर्वक गृह-कार्यों को कर पाती है और न ही उसे परिवार के अन्य सदस्यों का सहयोग ही प्राप्त हो पाता है। ऐसी स्थिति में गृह-कार्य-व्यवस्था कैसे सुचारू रूप से चल सकती है? इस प्रकार कहा जा सकता है कि पारिवारिक कलह भी गृह-कार्य-व्यवस्था को कुप्रभावित करने वाला एक प्रबल कारक है। प्रत्येक गृहिणी तथा परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों का दायित्व है कि वे गृह-कार्य-व्यवस्था को कुप्रभावित करने वाले कारकों के प्रति सजग रहें तथा इन कारकों को प्रबल न होने दें।
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