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गृह-कार्य-व्यवस्था को पारिवारिक आय किस प्रकार प्रभावित करती है? स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» गृह-कार्य-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कारकों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण तथा प्रबल कारक है-पारिवारिक आय। समुचित पारिवारिक आय के अभाव में गृह-कार्य-व्यवस्था सुचारू हो ही नहीं सकती। वास्तव में गृह-कार्य के लिए विभिन्न भौतिक साधन अनिवार्य होते हैं। भौतिक साधनों को अर्जित करने के लिए धन की आवश्यकता होती है तथा धन की प्राप्ति आय के माध्यम से होती है। आये से आशय है-एक निश्चित अवधि में अर्जित वह धनराशि जो आर्थिक प्रयासों के परिणामस्वरूप प्राप्त होती है तथा जिसमें अन्य सुविधाएँ; जैसे-नि:शुल्क मकान, नि:शुल्क चिकित्सा तथा नि:शुल्क शिक्षा आदि भी सम्मिलित रहती हैं। गृह-कार्य-व्यवस्था के लिए आय के महत्त्व को स्पष्ट करते हुए कहा जा सकता है कि यदि परिवार की आय अपर्याप्त है, तो पर्याप्त सूझ-बूझ, कार्य-कुशलता तथा परिवार के सदस्यों में सहयोग होने पर भी गृह-कार्य-व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती, क्योंकि गृह-कार्यों के लिए आवश्यक भौतिक साधनों को अर्जित करने के लिए पारिवारिक आय अनिवार्य है। उदाहरण के लिए यदि परिवार की आय पर्याप्त है, तो गृह-कार्य-व्यवस्था को उत्तम बनाने के लिए श्रम एवं समय की बचत करने वाले विभिन्न उपकरण खरीदे जा सकते हैं तथा उनके माध्यम से गृह-कार्य सरलतापूर्वक ठीक समय पर पूरे किए जा सकते हैं। इसके विपरीत, यदि परिवार की आय कम है, तो पर्याप्त कार्य-कुशल गृहिणी भी अपने परिवार को अच्छा एवं पौष्टिक आहार तक उपलब्ध नहीं करा सकती, क्योंकि उसके लिए भी पर्याप्त खाद्य-सामग्री चाहिए। उपर्युक्त विवरण के आधार पर कहा जा सकता है कि उत्तम गृह-व्यवस्था के लिए पारिवारिक आय पर्याप्त होनी चाहिए, परन्तु पर्याप्त आय होने पर भी सूझ-बूझ, कार्य-कुशलता, लगन तथा परिवार के सदस्यों के पारस्परिक सहयोग का भी विशेष महत्त्व होता है। |
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