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कपास की कृषि के लिए अनुकूल भौगोलिक दशाओं का वर्णन कीजिए तथा विश्व में उसके उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए। याकपास की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक दशाओं की समीक्षा करते हुए विश्व में इसके वितरण को समझाइए।याकपास की खेती के लिए अनुकूल भौगोलिक दशाओं की व्याख्या कीजिए तथा विश्व के किसी एक देश में इसकी खेती का वर्णन कीजिए। याकपास की कृषि के लिए अनुकूल भौगोलिक दशाओं का उल्लेख कीजिए तथा संयुक्त राज्य अमेरिका की कपास मेखला का वर्णन कीजिए।याकपास की कृषि हेतु निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत वर्णन कीजिए –(अ) भौगोलिक दशाएँ(ब) उत्पादन के क्षेत्र(स) अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार। 

Answer»

कपास एक रेशेदार तथा व्यापारिक फसल है जिससे सूती वस्त्रों का निर्माण किया जाता है। प्रमुख रूप से उष्ण जलवायु वाले प्रदेशों में सूती वस्त्र पहने जाते हैं। यह एक प्रमुख मुद्रादायिनी फसल है।
भारत में मोहनजोदड़ो एवं हड़प्पा संस्कृति में आज से 5,000 वर्ष पूर्व सूती वस्त्रों का प्रचलन था। इस आधार पर भारत को कपास का मूल स्थान माना जा सकता है। इसके बाद इसका प्रचार चीन तथा अन्य देशों में हुआ। सिकन्दर के आक्रमण के बाद इसका प्रचार यूनान में हुआ तथा धीरे-धीरे यह सम्पूर्ण विश्व में फैल गया।

कपास का पौधा गॉसीपियम नामक पौधे का वंशज है जो झाड़ीनुमा होता है। यह 1.5 मीटर से 2.0 मीटर तक ऊँचा होता है। इनमें श्वेत फूल तथा इनके स्थान पर बोडियाँ निकल आती हैं। इनके खिलने पर रेशों का गुच्छा निकलता है, जिन्हें सुखाकर बीज (बिनौले) अलग किये जाते हैं। इसके पश्चात् रेशों को चुनकर धागा तैयार किया जाता है और कपड़ा बुना जाता है। कपास से निकले बिनौलों का उपयोग पशुओं को खिलाने तथा वनस्पति तेल बनाने में किया जाता है।

कपास हेतु अनुकूल भौगोलिक दशाएँ
Favourable Geographical Conditions for Cotton

कपास मुख्यत: उपोष्ण कटिबन्धीय प्रदेशों की उपज है, परन्तु उष्ण कटिबन्धीय प्रदेशों में भी कपास उगायी जाती है। प्रमुख रूप से इसका उत्पादन 40°उत्तरी अक्षांशों से 30°दक्षिणी अक्षांशों के मध्य स्थित देशों में किया जाता है।

(1) जलवायु – कपास के लिए उष्ण एवं कम आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। उत्पादन काल के लगभग 7 महीनों तक (200 से 210 दिनों तक) पालारहित मौसम होना चाहिए।

⦁    तापमान – इसकी खेती के लिए उच्च तापमान वाले क्षेत्र उपयुक्त रहते हैं। उगते समय 20°से 30° सेग्रे तथा पकते समय 25° से 35° सेग्रे तापमान आवश्यक होता है। इसकी खेती में पाला बहुत ही हानिकारक होता है। कपास के रेशे की वृद्धि के लिए समुद्रतटीय नम पवनें बहुत ही लाभदायक रहती हैं। पकते समय स्वच्छ आकाश, तेज गर्मी एवं धूप लाभदायक होती है।

⦁    वर्षा – इसके पौधों को पर्याप्त नमी आवश्यक होती है। वर्षा की मात्रा 75 से 100 सेमी पर्याप्त रहती है, परन्तु वर्षा का जल पौधों की जड़ों में रुकना हानिकारक रहता है। कम वर्षा वाले भागों में सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। सिंचित कपास का रेशा लम्बा एवं सुदृढ़ होता है।

(2) मिट्टी – कपास का पौधा मिट्टी के उर्वरकं तत्त्वों का अधिक शोषण करता है। लत्वा निर्मित उपजाऊ काली मिट्टी सर्वश्रेष्ठ रहती है, क्योंकि इसमें नमी धारण करने की पर्याप्त क्षमता होती है। कैल्सियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम आदि लवणों से युक्त मिट्टी भी उपयुक्त रहती है। इसके लिए समतल एवं सुप्रवाहित धरातल का होना आवश्यक होता है।

(3) मानवीय श्रम – कपास को बोने, निराई-गुड़ाई करने, चुनने आदि के लिए पर्याप्त संख्या में सस्ते श्रमिकों की आवश्यकता होती है। कपास चुनने का कार्य स्त्रियों एवं बच्चों द्वारा कराया जाना अधिक उपयुक्त एवं कम खर्चीला रहता है। संयुक्त राज्य एवं स्वतन्त्र देशों के राष्ट्रकुल में चुनाई का कार्य मशीनों द्वारा किया जाता है।

विश्व में कपास उत्पादक देश
Cotton Producing Countries in World

विश्व में कपास के प्रमुख उत्पादक देश निम्नलिखित हैं –

(1) चीन – कपास के उत्पादन में चीन का विश्व में प्रथम स्थान है। यहाँ विश्व की 18.9% कपास उत्पन्न की जाती है। यहाँ पर अनुकूल जलवायु एवं उपजाऊ भूमि कपास की कृषि में सहायक है तथा भारतीय किस्म की कपास का उत्पादन किया जाता है। यहाँ कपास के मुख्य उत्पादक क्षेत्र निम्नलिखित हैं –

⦁    मध्य-पूर्वी चीन में यांगटिसीक्यांग की घाटी एवं समुद्रतटीय मैदान
⦁    ह्वांगहो तथा उसकी सहायक नदियों की घाटियाँ
⦁    पश्चिमी चीन तथा सीक्यांग के शुष्क प्रदेशों में सिंचित क्षेत्र

चीन में कपास उत्पादने का अधिकांश भाग जनसंख्या अधिक होने के कारण देश में ही उपभोग कर लिया जाता है, क्योंकि घरेलू खपत बहुत अधिक है।

(2) संयुक्त राज्य अमेरिका – कपास के उत्पादन में संयुक्त राज्य अमेरिका को विश्व में दूसरा स्थान है। यह संयुक्त राज्य की प्रमुख मुद्रादायिनी फसल है। यहाँ पर कपास उत्पादन के विशाल क्षेत्र को, जिसकी पश्चिमी सीमा 200 दिन पालारहित रेखा द्वारा निर्धारित होती है, कपास की पेटी’ के नाम से पुकारते हैं। संयुक्त राज्य विश्व का 15.6% कपास उत्पन्न करता है। यहाँ पर कपास उत्पादन के निम्नलिखित दो क्षेत्र उल्लेखनीय हैं –

⦁    कपास की पेटी – इसका विस्तार 37° उत्तरी अक्षांश के दक्षिण में उत्तरी कैरोलिना राज्य से लेकर टेक्सास राज्य तक है। कैरोलिना, जोर्जिया, अलाबामा, टेनेसी, अरकंसास, मिसीसिपी, ओक्लोहामा आदि राज्यों में यह पेटी विस्तृत है। कपास की यह पेटी निम्नलिखित क्षेत्रों में विशिष्टीकरण कर गयी है –

⦁    आन्तरिक समुद्रतटीय क्षेत्र
⦁    पर्वतीय क्षेत्र
⦁    टेनेसी घाटी क्षेत्र
⦁    मिसीसिपी नदी की निम्नघाटी
⦁    टेक्सास राज्य का मध्य एवं काली मिट्टी का क्षेत्र
⦁    पश्चिमी टेक्सास एवं ओक्लोहामा का घास क्षेत्र तथा
⦁    टेक्सास राज्य का दक्षिणी समुद्रतटीय मैदानी क्षेत्र।

⦁    पश्चिमी क्षेत्र – वर्तमान में कपास की यह पेटी पश्चिम की ओर स्थानान्तरित हो रही है, क्योंकि दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्रों में अब सूती वस्त्र उद्योग की स्थापना प्रारम्भ हो गयी है। कैलीफोर्निया एवं एरिजोना राज्यों में कपास को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

(3) पाकिस्तान – कपास के उत्पादन में पाकिस्तान का विश्व में तीसरा स्थान है। यहाँ विश्व की 6.5% कपास पैदा होती है। सिन्धु तथा उसकी सहायक नदियों के मैदानों में लायलपुर, मोण्टगोमरी, मुल्तान, सक्खर, लाहौर, शेखूपुरा आदि मुख्य उत्पादक क्षेत्र हैं।

(4) भारत – कपास के उत्पादन में भारत का विश्व में चौथा स्थान है। यहाँ सबसे अधिक भूमि कपास के उत्पादन में लगी है, परन्तु प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम है। भारत में छोटे रेशे वाली कपास अधिक उगायी जाती है। भारत विश्व की 6.2% कपास उगाता है। यहाँ कपास का उत्पादन मुख्यत: काली मिट्टी के क्षेत्रों में किया जाता है। महाराष्ट्र का कपास के उत्पादन में प्रथम स्थान है। अन्य कपास उत्पादक राज्यों में पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं आन्ध्र प्रदेश आदि राज्य मुख्य हैं।

(5) उज्बेकिस्तान – सन् 1970 से पूर्व सोवियत संघ का कपास के उत्पादन में प्रथम स्थान था, परन्तु 1991 ई० में विघटन के बाद इसका महत्त्व घट गया है। सोवियत संघ के स्वतन्त्र देशों में उज्बेकिस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान में सिंचाई द्वारा कपास का उत्पादन होता है। उज्बेकिस्तान में विश्व की 4.3% कपास पैदा होती है।

(6) ब्राजील – विश्व की 3.1% कपास का उत्पादन ब्राजील में होता है। यहाँ तटीय भागों में कपास का उत्पादन किया जाता है। मिनास-गैरास, पैरानाम्बुको, बाहिया, सॉओपालो प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्र हैं।

(7) मिस्र – कपास इस देश की प्रमुख उपज है। यद्यपि विश्व के कपास उत्पादक देशों में इसका स्थान नगण्य है। यहाँ पर विश्व की सर्वोत्तम एवं लम्बे रेशे वाली कपास का उत्पादन किया जाता है। मिस्र में नील नदी की उपजाऊ काँप मिट्टी में कपास उगायी जाती है। मिस्र की मुख्य निर्यातक वस्तु कपास है। कृषि योग्य भूमि के 20% क्षेत्रफल पर कपास का उत्पादन किया जाता है। विश्व में मिस्र कपास का मुख्य निर्यातक देश है। भारत, चीन, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य एवं यूरोपियन देश यहाँ की कपास के प्रमुख ग्राहक हैं।

(8) मैक्सिको – मैक्सिको में कपास उत्पादन के निम्नलिखित चार उत्पादक क्षेत्र हैं –

⦁    कोलोरेडो नदी का डेल्टाई भाग
⦁    रियोग्रादे नदी की घाटी
⦁    आन्तरिक प्रदेश एवं लैगुना क्षेत्र
⦁    समुद्रतटीय भाग। कुछ भागों को छोड़कर सम्पूर्ण काँप मिट्टी क्षेत्रों में कपास उगायी जाती है

अधिकांश नमी सिंचाई अथवा बाढ़ों द्वारा प्राप्त होती है।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार – कपास का औद्योगिक महत्त्व होने के कारण अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्त्वपूर्ण स्थान है। विश्व के कुल उत्पादन को एक-तिहाई भाग निर्यात कर दिया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका, पाकिस्तान, मिस्र, सूडान, मैक्सिको, ब्राजील, तुर्की, सीरिया, भारत तथा चीन कपास के प्रमुख निर्यातक देश हैं। जापान, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी, कोरिया, फ्रांस, पोलैण्ड आदि आयातक देश हैं।
 



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