Saved Bookmarks
| 1. |
मैक्सवेल व्दारा प्रतिपादित क्षेत्र - समीकरणों (field equations) के आधार पर विद्युत - चुंबकीय तरंग की उत्पत्ति , संचरण तथा अन्य घटनाओं की व्याख्या की जाती हैं । इस सिध्दांत के अनुसार , विद्युत क्षेत्र `vec(E)` तथा चुंबकीय क्षेत्र `vec(B)` एक - दूसरे से अतंरबध्द है तथा तरंग संचरण के क्रम में दोनों क्षेत्र समय के साथ परिवर्ती होते हैं । मुक्त आकाश में वे प्रकाश की चाल `(c_(0) = 3xx10^(8)m s^(-1) )` से गमन करती हैं । मैक्सवेल के चार समीकरण मूलतः (i) चुंबकत्व गॉस का नियम , (ii) स्थिर वैद्युतिकी में गॉस का नियम , (iii) फैराडे का विद्युत - चुंबकीय प्रेरण का नियम तथा (iv) ऐम्पियर के नियम का एक पूर्ण सेट हैं । मुक्त आकाश में विद्युत - चुंबकीय तरंग के वेग `(c_(0))` को परावैद्युत `(in_(0))` तथा चुंबकनशीलता `(mu_(0))` के पद में किस संबंध व्दारा व्यक्त किया जाता हैं ?A. `c_(0)= sqrt(mu_(0)in_(0))`B. `c_(0)= (1)/(mu_(0)in_(0))`C. `c_(0)= (1)/sqrt(mu_(0)in_(0))`D. `c_(0)sqrt(mu_(0)/(in_(0)` |
| Answer» Correct Answer - C | |