1.

नाभिक की संरचना प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के कारण होती हैं , जहाँ प्रोटॉन धनावेशित कण हैं जबकि न्यूट्रॉन अनावेशित होता हैं । न्यूट्रॉन के क्वार्क मॉडल ( quark model ) के आधार पर इसका नेट आवेश शून्य रहने पर भी इसे अशून्य (nonzero) चुबंकीय आघूर्ण प्राप्त हैं जिसका z-घटक `9.66 xx 10^(-27) A - m^(2)` होता हैं । इस संकल्पना की व्याख्या न्यूट्रॉन के आंतरिक बनावट के आधार पर की जा सकती हैं । न्यूट्रॉन की सरंचना तीन प्रकार के मौलिक कणों ( fundamental particles) व्दारा होती हैं जिन्हें क्वार्क (quark) कहा जाता हैंः एक अप क्वार्क ( up quark ) , संकेत u , आवेश + `(2e)/(3)` दो डाउन क्वार्क ( down quark ) , संकेत d , प्रत्येक पर आवेश - `(e)/(3)` तीन प्रकार के कणों के सम्मिलित प्रभाव से न्यूट्रॉन का नेट आवेश = `(2e)/(3) - (e)/(3) - (e)/(3) ` = शून्य । यदि ये क्वार्क गतिमान हो तब इनके व्दारा उत्पन्न चुंबकीय आघूर्ण अशून्य हो सकता हैं । चित्र में प्रदर्शित सरल मॉडल में u - क्वार्क r त्रिज्या v से वामावर्त दिशा में (anticlockwise) घूम रहा हैं तथा दोनों d - क्वार्क उसी वृतीय पथ पर समान वेग v से दक्षिणावर्त दिशा में (clockwise) घूम रहे हैं । तीनों क्वार्क के निकाय के सम्मिलित प्रभाव के कारण नेट चुंबकीय आपूर्ण का परिणामA. `(evr)/(2)`B. `(evr)/(3)`C. `(2)/(3) evr`D. शून्य

Answer» Correct Answer - C


Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions