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Answer» प्रत्यक्षीकरण में निम्नलिखित विशेषताएँ पायी जाती हैं – ⦁ प्रत्यक्षीकरण एक जटिल मानसिक प्रक्रिया है। ⦁ इसके द्वारा हमें सम्पूर्ण स्थिति का ज्ञान होता है। हम किसी वस्तु या घटना को उसके अलग-अलग अंगों के रूप में नहीं वरन् सम्पूर्ण रूप में देखते हैं। ⦁ प्रत्यक्षीकरण में सबसे पहले वस्तु या उत्तेजक उपस्थित होता है। ⦁ यह उसैजक ज्ञानेन्द्रियों या संग्राहकों को प्रभावित करता है जिसके फलस्वरूप ज्ञानवाही स्नायुओं का प्रवाह शुरू होता है। ⦁ यह स्नायु प्रवाह मस्तिष्क केन्द्र तक पहुँचता है और उत्तेजक की संबेदना अनुभव की जाती है। ⦁ अब इस संवेदना में पूर्ण संवेदना के आधार पर अर्थ जोड़कर व्याख्या की जाती है और इस भॉति प्रत्यक्षीकरण हो जाता है। ⦁ प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से हम अपने चारों ओर की वस्तुओं में से उस वस्तु का चयन कर लेते हैं जिसका हमसे सम्बन्ध है स्वभावतः उसी की ओर हमारा ध्यान भी हो जाता है। ⦁ प्रत्यक्षीकरण का आधार परिवर्तन है क्योंकि परिवर्तन की वजह से ही प्रत्यक्षीकरण होता है। हमारे चारों ओर उपस्थित विभिन्न वस्तुओं में से उस वस्तु का प्रत्यक्षीकरण शीघ्र होगा जो परिवर्तित हो रही है। ⦁ प्रत्यक्षीकरण में संगठन की विशेषता पायी जाती है, और अन्ततः ⦁ प्रत्यक्षीकरण में संवेदनात्मक पूर्व ज्ञान का अधिक समावेश रहता है।
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