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टेलीविजन , रेडियो जैसे इलेक्ट्रॉनिक साधनों के विद्युत - परिपथ की जाँच के क्रम में मल्टीमीटर का उपयोग किया जाता हैं । इस यंत्र में एक मिलीऐमीटर (milliameter) को विभिन्न प्रतिरोधों से जोड़कर विभिन्न परास (range) की धारा , विभवांतर तथा प्रतिरोधों का मापन किया जाता हैं । चित्र में मल्टीमीटर का परिपथ दिखाया गया हैं जिसके टर्मिनल P से धारा प्रवेश करती हैं और जो मिलीऐमीटर से तथा इसके श्रेणी तथा समांतरक्रम में जुड़े प्रतिरोधकों से प्रवाहित होकर अन्य किसी टर्मिनल Q , R ,S बाहर निकलती हैं । धारा को किस टर्मिनल से बाहर निकलना हैं यह इस बात पर निर्भर करता हैं कि मल्टीमीटर का उपयोग ऐमीटर , वोल्टमीटर या प्रतिरोध मापक के रुप में किस परास (range) के मापन के लिया किया जाना हैं । दिए गए चित्र में मिलीऐमीटर की कुंडली का प्रतिरोध `0.9 Omega ` तथा इससे 10 mA की धारा प्रवाहित होने पर यह पूर्ण स्केल विक्षेप ( full scale deflection ) देता हैं । यदि मल्टीमीटर के टर्मिनल P तथा Q से क्रमशः धारा के प्रवेश तथा निकास हो , तब यह व्यवस्था एक ऐमीटर जैसा कार्य करेगी जिसका पारस हैंA. 10 mAB. 100mAC. `1 A`D. `10 A` |
| Answer» Correct Answer - C | |