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विद्युत - क्षेत्र `vec(E)` में आवेश q पर आरोपित बल `vec(F)` परिणामी एंव दिशा में सूत्र `vec(F) = q vec(E)` व्दारा व्यक्त होता हैं । आरोपित बल की दिशा आवेश की प्रकृति ( धनात्मक एंव ऋणात्मक ) पर निर्भर करती हैं । स्प्ष्टतः , किसी एकसमान विद्युत - क्षेत्र ( uniform electric field ) में विराम में स्थित मुक्त आवेश क्षेत्र `vec(E)` की दिशा के समांतर अथवा विपरीत दिशा में सरल रेखा में गतिशील होता हैं । यदि कोई गतिशील आवेशित कण विद्युत - क्षेत्र की दिशा के साथ कोण `theta`बनाता हुआ क्षेत्र में प्रवेश करता हो तब इसका गति पथ परवलीय (parabolic) होता हैं , यदि `theta ne 0^(@) , 180^(@)`. इसी क्रम में क्षैतिज दिशा में गतिशील प्रोटॉन पर विचार करें जो समय t = 0 पर एकसमान ऊर्ध्वाधर विद्युत - क्षेत्र (uniform vertical electric field) में प्रवेश कर रहा हो । प्रवेश करते समय जमीन (ground) से इसकी ऊँचाई h हैं । प्रेक्षण से ज्ञात होता हैं कि क्षेत्र `vec(E)` की उपस्थिति में प्रोटॉन को जमीन (ground) से इसकी ऊँचाई h हैं । प्रेक्षण से ज्ञात होता हैं कि क्षेत्र `vec(E)` की उपस्थिति में प्रोटॉन को जमीन तक आने में लगा समय , क्षेत्र की अनुपस्थिति में लगनेवाले समय का आधा हैं । यह भी पाया जाता हैं कि क्षेत्र के अंदर प्रोटॉन व्दारा ` 250 mu s ` ( माइक्रोसेकंड) में 10 cm का क्षैतिज विस्थापन होता हैं और अंततः यह ` 500 m s^(-1)` की चाल से जमीन से टकराता हैं । विद्युत - क्षेत्र `vec(E)` की दिशा हैंA. ऊर्ध्वाधरतः ऊपर की ओरB. ऊर्ध्वाधरतः नीचे की ओरC. प्रोटॉन के लिए नीचे की ओर तथा इलेक्ट्रॉन के लिए ऊपर की ओरD. इलेक्ट्रॉन के लिए नीचे की ओर तथा प्रोटॉन के लिए ऊपर की ओर |
| Answer» Correct Answer - B | |