1.

विद्युत - क्षेत्र `vec(E)` में आवेश q पर आरोपित बल `vec(F)` परिणामी एंव दिशा में सूत्र `vec(F) = q vec(E)` व्दारा व्यक्त होता हैं । आरोपित बल की दिशा आवेश की प्रकृति ( धनात्मक एंव ऋणात्मक ) पर निर्भर करती हैं । स्प्ष्टतः , किसी एकसमान विद्युत - क्षेत्र ( uniform electric field ) में विराम में स्थित मुक्त आवेश क्षेत्र `vec(E)` की दिशा के समांतर अथवा विपरीत दिशा में सरल रेखा में गतिशील होता हैं । यदि कोई गतिशील आवेशित कण विद्युत - क्षेत्र की दिशा के साथ कोण `theta`बनाता हुआ क्षेत्र में प्रवेश करता हो तब इसका गति पथ परवलीय (parabolic) होता हैं , यदि `theta ne 0^(@) , 180^(@)`. इसी क्रम में क्षैतिज दिशा में गतिशील प्रोटॉन पर विचार करें जो समय t = 0 पर एकसमान ऊर्ध्वाधर विद्युत - क्षेत्र (uniform vertical electric field) में प्रवेश कर रहा हो । प्रवेश करते समय जमीन (ground) से इसकी ऊँचाई h हैं । प्रेक्षण से ज्ञात होता हैं कि क्षेत्र `vec(E)` की उपस्थिति में प्रोटॉन को जमीन (ground) से इसकी ऊँचाई h हैं । प्रेक्षण से ज्ञात होता हैं कि क्षेत्र `vec(E)` की उपस्थिति में प्रोटॉन को जमीन तक आने में लगा समय , क्षेत्र की अनुपस्थिति में लगनेवाले समय का आधा हैं । यह भी पाया जाता हैं कि क्षेत्र के अंदर प्रोटॉन व्दारा ` 250 mu s ` ( माइक्रोसेकंड) में 10 cm का क्षैतिज विस्थापन होता हैं और अंततः यह ` 500 m s^(-1)` की चाल से जमीन से टकराता हैं । प्रोटॉन के जमीन से टकराने में लगा समयA. 3.6 sB. 6.4 sC. 7.5 sD. 9.5 s

Answer» Correct Answer - C


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