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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

`200 A m^(2)` चुंबकीय आघूर्ण वाले एक चुंबक को `0.36 xx 10^(-6)T` के समरूप चुंबकीय क्षेत्र से `60^(@)` विस्थापित करने में किये गए कार्य की गणना करे।

Answer» Correct Answer - `0.36 xx 10^(-4)`
`W = mB(1 - cos theta)`
2.

किसी चुंबक का चुंबकीय आघूर्ण हैA. अदिश राशिB. सदिश राशिC. उदासीन राशिD. इनमे से कोई नहीं

Answer» Correct Answer - B
3.

एक चुंबकीय द्विध्रुव जिसका चुंबकीय आघूर्ण `("50 A m"^(2))hat(i)`है, X-अक्ष के अनुरेख स्थित है । यदि उस स्थान पर चुंबकीय क्षेत्र `vec(B) = (0.5 hat(i) + 3.0 hat(j))T` हो, तो चुंबकीय द्विध्रुव पर कार्यकारी टॉर्क ……………………. होगा ।

Answer» Correct Answer - `(150 hat(k))` N m
4.

`vec(m)` चुंबकीय आघूर्ण वाले चुंबक को चुंबकीय क्षेत्र `vec(B)` में उससे `theta` कोण से घुमाने में किया गया कार्य होता हैA. `m B sin theta`B. `mB cos theta`C. `mB(1 - sin theta)`D. `mB(1 - cos theta)`

Answer» Correct Answer - D
5.

चुंबकीय क्षेत्र `vec(B)` में स्थित `vec(m)` चुंबकीय आघूर्ण वाले धारा-पाश (current loop) द्वारा अनुभूत बल-आघूर्ण `vec(tau)` का मान होता हैA. `vec(tau) = vec(m) xx vec(B)`B. `vec(tau) = vec(B) xx vec(m)`C. `vec(B) = vec(tau) xx vec(m)`D. `vec(B) = vec(m) xx vec(tau)`

Answer» Correct Answer - A
6.

यदि किसी चुंबक को लम्बाई के लंबवत दो भागो में विभक्त कर दिया जाये तो निम्नलिखित में किसका मान अपरिवर्तित रहेगा ?A. ध्रुव प्राबल्यB. जड़त्व-आघूर्णC. चुंबकीय आघूर्णD. इनमे से कोई नहीं

Answer» Correct Answer - A
7.

चुम्कीय क्षेत्र का मान बढ़ने पर स्वतंत्रत: निलंबित चुंबक का दोलनकाल ………….. है ।

Answer» Correct Answer - घटता
8.

M चुंबकीय आघूर्ण वाले छड़-चुंबक को दो समान लम्बाई के टुकड़ो में तोडा जाता है तो प्रत्येक नए टुकड़े का चुंबकीय आघूर्ण होगाA. MB. M/2C. 2MD. शून्य

Answer» Correct Answer - B
9.

चुंबक की ज्यामितीय लम्बाई `(L_(g))` तथा `(L_(m))` चुंबकीय लम्बाई में संबंध होता हैA. `L_(m) = (5)/(6) L_(g)`B. `L_(m) = (6)/(5) L_(g)`C. `L_(m) = L_(g)`D. `L_(m) = 2 L_(g)`

Answer» Correct Answer - A
10.

इस्पात के पतरो से बना चुंबक, एक मोटे टुकड़े से बने चुंबक से अधिक शक्तिशाली क्यों होता है ?

Answer» जब चुंबकित करनेवाला नमूना मोती छड़ के रूप में होता है, तब इसे चुंबक से रगड़कर चुंबक बनाने पर भी इसका संतोषजनक चुंबकन (magnetization) नहीं होता है, क्योकि छड़ के काफी अंदर वाले वेबर-कण पर रगड़नेवाले चुंबक के ध्रुव का काफी प्रभाव नहीं पड़ता । चुंबकत्व केवल ऊपरी सतह पर ही होता है । अत: छड़ का पूर्ण चुंबकन नहीं हो पाता । परन्तु, पतली-पतली पतियों को लेकर यदि रगड़ने की विधि से चुंबक बनाया जाए तो चुंबकन पूर्णत: होता है, क्योकि रगड़नेवाले ध्रुव से पीटीआई का कोई भी भाग अधिक दूर नहीं पड़ता । यदि ऐसी कई चुंबकित पतियाँ लेकर एक-साथ बांध दी जाए जिसमे की उन सभी के उत्तरी ध्रुव एक ओर तथा दक्षिणी ध्रुव दूसरी ओर हो, तो एक शक्तिशाली चुंबक तैयार हो जाता है । सभी पतियाँ पूर्ण रूप से चुंबकित रहती हैं, अत: यह चुंबक इतने ही मोटे छड़ चुंबक की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होता है ।
11.

चुंबकत्व के लिए गॉस का नियम क्या है ?

Answer» चुंबकत्व में एकल चुंबकीय ध्रुव (magnetic mono-pole) के अस्तित्व के नहीं होने का एक रोचक उदाहरण है "चुंबकत्व के लिए गॉस का नियम" जिसके अनुसार,
"किसी बंद तल से गुजरनेवाला कुल चुंबकीय फ्लक्स हमेशा शून्य होता है ।" हम जानते हैं की विधुत-स्थैतिकी (electrostatics) में बंद तल से होकर गुजरनेवाला नेट विधुत फ्लक्स
`phi_(E) = underset(S)(oint) vec(E)*vec(ds) = (1)/(in_(0)) sum q," "...1`
जहाँ `sum q` अशून्य (non-zero) भी होता है । लेकिन चुंबकत्व में चुंबकीय ध्रुव हमेशा द्विध्रुव (dipole) के रूप में ही रहते है जिनका नेट ध्रुव प्राबल्य शून्य होता है । स्पष्टत:, `sum q_("magnetic") = 0`, और समीकरण 1 के अनुसार चुंबकत्व में गॉस के प्रमेय का गणितीय रूप होगा
`phi_("mag") = underset(S)(oint) vec(B) * vec(ds) = mu_(0) sum q_("mag") = 0`
अर्थात `underset(S)(oint) vec(B)*vec(ds) = 0" "...2`
12.

एक ही अक्ष पर स्थित दो छोटे चुंबक के केन्द्रो के बीच 0.36 m की दूरी है । इस अक्ष पर एक चुंबक से 16 cm की दूरी पर कोई स्वतंत्र रूप से कीलित (pivoted) चुंबकीय सुई अवक्षेपित रह जाये तो उनके चुंबकीय आघूर्ण की तुलना करे ।

Answer» छोटे छड़ चुंबको के कारण सुई के केंद्र पर क्षेत्र `B_(1) = (mu_(0))/(4pi)(2m_(1))/(r_(1)^(3))` तथा `B_(2) = (mu_(0))/(4pi)(2m_(2))/(r_(2)^(3))" "[समीकरण 1.21 से"]`
यहाँ, `r_(1) = 0.16 m, r_(2) = 0.20 m` तथा `m_(1), m_(2)` इन दो छोटे चुंबको के आघूर्ण हैं । चुंबकीय सुई को अवक्षेपित रहने के लिए `B_(1)` और `B_(2)` परस्पर बराबर और विपरीत होंगे ।
अत:, `B_(1) = B_(2)`
या `(mu_(0))/(4pi)(2m_(1))/(r_(1)^(3))=(mu_(0))/(4pi)(2m_(2))/(r_(2)^(3))`
या `(m_(1))/(m_(2))=(r_(1)^(3))/(r_(2)^(3))=((0.16)^(3))/((0.20)^(3))=(16 xx 16 xx 16)/(20 xx 20 xx 20) = (64)/(125)`
अत:, छड़ चुंबको के चुंबकीय आघुर्णो का अनुपात, अर्थात `m_(1) : m_(2) = 64 : 125`.
13.

एक आयताकार छड़ चुंबक जिसकी लम्बाई 0.05 और चौड़ाई 0.01 है, पृथ्वी के क्षैतिज क्षेत्र `B_(h)` में जिसकी प्रबलता `36 xx 10^(-6)T` है, दोलन करता है । यदि चुंबक का द्रव्यमान 0.01 kg तथा आवर्तकाल 3 s हो, तो चुंबक का आघूर्ण निकाले ।

Answer» पृथ्वी के क्षेत्र में दोलन करते हुए चुंबक का आवर्तकाल
`T = 2 pi sqrt((I)/(mB_(h)))` या `T^(2) = 4 pi^(2) (I)/(mB_(h))`
या `m = (4 pi^(2)I)/(B_(h)T^(2))`
आयताकार चुंबक के लिए `I = w ((a^(2)+b^(2))/(12))`
यहाँ, छड़ चुंबक की लम्बाई a = 0.05 m, चौड़ाई b = 0.01 m, द्रव्यमान w = 0.01 kg तथा T = 3s
`therefore" "I = 0.01((0.05^(2)+0.01^(2))/(12))=(0.01 xx 0.0026)/(12)`
`= 2.17 xx 10^(-6)"kg m"^(2)`
`therefore" "m=(4 xx ((22)/(7))^(2) xx 2.17 xx 10^(-6))/(36 xx 10^(-6)xx 9) A m^(2) = 0.26 A m^(2)`
अत:, चुंबक का आघूर्ण `= 0.26 A m^(2)`.
14.

विधुत आवेशों की ………….. ही चुंबकीय प्रभावों का मूल कारण है ।

Answer» Correct Answer - गति
15.

एक छड़ चुंबक की लम्बाई 0.10 m तथा चौड़ाई 0.01 m है । चुंबक का द्रव्यमान 0.04 kg है । पृथ्वी के क्षेत्र `(18 xx 10^(-6)T)` में यह चुंबक प्रति मिनट 6 दोलन पूरा करता है । चुंबक के चुंबकीय आघूर्ण की गणना करे ।

Answer» Correct Answer - 0.74 A `m^(2)`
16.

दो चुंबको के चुंबकीय आघुर्णो की तुलना करे जो किसी स्थान पर एक मिनट में क्रमश: 15 और 20 दोलन करते है। दोनों चुंबको के द्रव्यमान तथा आकार समान हैं।

Answer» मान लिया की दोनों चुंबक के चुंबकीय आघूर्ण क्रमश: `m_(1)` और `m_(2)` हैं चूँकि दोनों चुंबको के द्रव्यमान तथा आकार समान हैं, इसलिए इनके जड़त्व-आघूर्ण (I) समान होंगे ।
अत:, सूत्र `T = 2pi sqrt((I)/(mB_(h)))` से, `T^(2) = (4 pi^(2)I)/(mB_(h))` या `(1)/(n^(2)) = (4 pi^(2)I)/(mB_(h))`
यहाँ `n = (1)/(T)`, प्रति मिनट दोलनों की संख्या ।
`therefore" "n^(2) = (mB_(h))/(4 pi^(2)I)`
यदि पहले चुंबक की प्रति मिनट दोलनों की संख्या `n_(1)` तथा दूसरे चुंबक की `n_(2)` हो, तो
`n_(1)^(2) = (m_(1)B_(h))/(4pi^(2)I)` तथा `n_(2)^(2) = (m_(2)B_(h))/(4 pi^(2)I)`
या `(n_(1)^(2))/(n_(2)^(2)) = (m_(1))/(m_(2))`
यहाँ, `n_(1) = 15` तथा `n_(2) = 20`
`therefore" "(m_(1))/(m_(2)) = (15^(2))/(20^(2)) = (15 xx 15)/(20 xx 20) = (9)/(16)`.
अत:, `m_(1) : m_(2) = 9 : 16`
17.

समान आकार के दो चुंबको के सजातीय ध्रुवो को साथ रखकर दोलन कराने पर आवर्तकाल 12 s हैं तथा विजातीय ध्रुवो के साथ रहने पर आवर्तकाल 16 s हो जाता है । चुंबक के चुंबकीय आघुर्णो की तुलना करे ।

Answer» Correct Answer - `25 : 7`
जब चुंबक के सजातीय ध्रुवो को एक साथ रखा जाता है तब परिणामी चुंबकीय आघूर्ण `= (m_(1) + m_(2))` तथा जब विजातीय ध्रुवो को एक साथ रखा जाता है तब परिणामी चुंबकीय आघूर्ण `= (m_(1) - m_(2))` | परन्तु, निकाय का जड़त्व-आघूर्ण दोनों ही स्थितियों में समान `(I_(1) + I_(2))` रहता है ।
18.

एक छड़ चुंबक जिसकी लम्बाई 0.16 m है, चुंबकीय याम्योत्तर के लंबवत रखा गया है । इसके अक्ष के लंब समद्विभाजक पर केंद्र से 0.15 m की दूरी पर रखी हुई कंपास-सुई `45^(@)` से विक्षेपित होती है । चुंबक का ध्रुव प्राबल्य निकाले । `(B_(h) = 0.3 xx 10^(-4)T)`

Answer» Correct Answer - 9.21 A m
19.

चित्र में केंद्र O पर स्थित एक छोटी चुंबकीय सुई प्रदर्शित है जिसमे तीर चिन्ह से चुंबकीय आघूर्ण की दिशा दर्शाई गई है । अन्य तीर दूसरी चुंबकीय सुई Q की विभिन्न स्थितियों एवं उनके चुंबकीय आघूर्ण की दिशा दर्शा रहे हैं । (a) किस स्थिति में यह निकाय संतुलन में नहीं होगा ? (b) किस स्थिति में निकाय (i) स्थायी, (ii) अस्थायी संतुलन में होगा ? तथा (c) सभी प्रदर्शित स्थितियों में से किस स्थिति में निकाय की स्थतिज ऊर्जा न्यूनतम है ?

Answer» Correct Answer - (a) `PQ_(1)` तथा `PQ_(2)`
(b) (i) `PQ_(3), PQ_(6)` (स्थायी) ; (ii) `PQ_(5), PQ_(4)` (अस्थायी)
(c) `PQ_(6), PQ_(3)`
दो चुंबको के निकाय की स्थितिज ऊर्जा का अर्थ है एक चुंबक द्वारा उतपन्न चुंबकीय क्षेत्र में दूसरे चुंबक की स्थितिज ऊर्जा । स्पष्टत: `U_(PQ) = - vec(B)_(P)* vec(m)_(Q) = - B_(P) * m_(Q) * cos theta`, जहाँ `vec(B)_(P)` तथा `m_(Q)` के बीच कोण `= theta`. अब स्थायी स्थिति में `theta = 0^(@) (Q_(3), Q_(6)`पर) अस्थायी स्थिति में `theta = 180^(@) (Q_(4), Q_(5)` पर) | स्थिति `Q_(1)` तथा `Q_(2)` में `theta = 90^(@)`, अत: स्थितिज ऊर्जा शून्य होगी, पर न्यूनतम नहीं ।
20.

एक छड़ चुंबक के अक्ष पर उसके केंद्र से 20 cm की दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात करे । चुंबक की लम्बाई 10 cm तथा इसका ध्रुव प्राबल्य 10 A m है । `(mu_(0) = 4 pi xx 10^(-7) "Wb/A m")`

Answer» यहाँ, छड़ चुंबक का ध्रुव प्राबल्य p = 10 A m तथा
चुंबकीय लम्बाई 2l = 10 cm = 0.10 m.
`therefore` चुंबक का चुंबकीय आघूर्ण `m = p xx 2l = 10 A m xx 10^(-1) m = 1 Am^(2)`
चुंबकीय अक्ष पर चुंबक के केंद्र से बिंदु की दूरी r = 20 cm = 0.20 m.
सूत्र से, चुंबकीय क्षेत्र `B = (mu_(0))/(4 pi) (2 mr)/((r^(2)-l^(2))^(2))`
`=(4 pi xx 10^(-7) Wb(A m)^(-1))/(4 pi) xx (2 xx 1 A m^(2) xx 0.20 m)/([(0.20 m)^(2)-(0.05 m)^(2)]^(2))`
`= 2.8 xx 10^(-5)Wb m^(-2)` (या T)
अत:, चुंबकीय क्षेत्र का अभीष्ट मान `2.8 xx 10^(-5)T` होगा ।
21.

एक चुंबक की लम्बाई 0.15 m तथा ध्रुव प्राबल्य 6 A m है । प्रत्येक ध्रुव से 0.10 m की दूरी पर स्थित एक बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की गणना करे । `(mu_(0) = 4 pi xx 10^(-7)"H m"^(-1))`

Answer» यहाँ लिया गया बिंदु चुंबक के लंब समद्विभाजक रेखा (perpendicular bisector line) अर्थात निरक्षीय स्थिति (broad-side-on position) पर है । अत:, उक्त बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र का परिणाम
`B = (mu_(0))/(4 pi) (m)/((r^(2)+l^(2))^(3//2))" "["समीकरण 1.22 से"]`
यहाँ, `m = p xx 2l = "6 A m" xx 0.15 m = "0.9 A m"^(2)` तथा `(r^(2) + l^(2))^(1//2) = 0.10 m`.
`therefore" "10^(-7) xx (0.9)/((0.10)^(3))T = 9 xx 10^(-5)T`.
अत:, अभीष्ट बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र `= 9 xx 10^(-5)T`.
[नोट : `vec(B)` एक सदिश राशि है तथा अभीष्ट बिंदु की निरक्षीय स्थिति के कारण `vec(B)` की दिशा चुंबकीय अक्ष की दिशा (SN) के प्रतिसमान्तर (antiparallel) अर्थात उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की और होगी ।]
22.

एक चुंबकीय सुई, असमान चुंबकीय क्षेत्र में रखी गई है। सुई अनुभव करेगी -A. एक बल और एक टॉर्कB. एक बल, परन्तु टॉर्क नहींC. एक टॉर्क, परन्तु बल नहींD. न तो बल और न ही टॉर्क

Answer» Correct Answer - A
23.

एकसमान चुंबकीय क्षेत्र B में द्विध्रुव आघूर्ण M के चुंबक के स्थायी संतुलन में स्थितिज ऊर्जा का मान होगाA. mBB. `-mB`C. 2mBD. `-2mB`

Answer» Correct Answer - B
24.

पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र `B_(h)` में यदि किसी चुंबकीय सुई की आवृति n हो, तोA. `n^(2) prop B_(h)`B. `n prop B_(h)`C. `n prop B_(h)^(2)`D. `n^(2) prop 1//B_(h)`

Answer» Correct Answer - A
25.

चुंबकीय द्विध्रुव की अक्षीय रेखा पर मध्यबिंदु से r दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र का मान समानुपाती होता हैA. `r^(2)` केB. `(1)/(r^(2))` केC. `r^(3)` केD. `(1)/(r^(3))` के

Answer» Correct Answer - D
26.

निरक्षीय स्थिति में चुंबक के कारण क्षेत्र, चुंबकीय आघूर्ण (दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर) केA. समांतरB. प्रतिसमांतरC. लंबवतD. इनमे से कोई नहीं होता है

Answer» Correct Answer - B
27.

एक टेबुल पर खींची गयी परस्पर लंबवत रेखाओ पर दो छोटे चुंबक रख दिए गए हैं । यदि उनके चुंबकीय आघूर्ण क्रमश: 0.108 एवं 0.192 A `m^(2)` हो तथा रेखाओ के कटान-बिंदु से चुंबको के मध्यबिन्दुओ की दूरी क्रमश: 30 cm और 40 cm हो तो उस बिंदु पर परिणामी चुम्कीय क्षेत्र का मान ज्ञात करे ।

Answer» Correct Answer - `10^(-6)` T
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