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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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एक क्षैतिज घर्षण रहित सड़क पर खड़ी 2000 किग्रा की कार के ऊपर एक बंदुक रखी गयी है। किसी समय बंदूक द्वारा 10 ग्राम की गोली कार के सापेक्ष 500 ` "मी0से0"^(-1)` के वेग से छोड़ी जाती है। प्रति सेकण्ड छोड़ी गयी गोलियों की संख्या 10 है तो निकाय पर आरेपित औसत प्रणोद तथा कार का त्वरण कितना होगा? |
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Answer» गोली प्रति सेकण्ड छोड़ा गया द्रव्यमान `=(dm)/(dt)` `=` गोली का द्रव्यमान `xx` प्रति सेकण्ड छोड़ी गयी गोलियों की संख्या `=10xx10^(-3)` किग्रा `xx10=0.1` किग्रा/सेकण्ड निकाय पर लगा प्रणोद `=uxx(dm)/(dt)=500xx0.1=50N` कार का त्वरण `a=(F ("प्रणोद"))/(m("द्रव्यमान"))` `=50/2000=1/2000=1/40=0.025 "मी0/से0"^(2)` |
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| 2. |
1000 किग्रा द्रव्यमान का कोई हेलीकॉप्टर 15 ` "मी0से0"^(-2)` के ऊर्ध्वाधर त्वरण से ऊपर उठता है। चालक दल तथा यात्रियों का द्रव्यमान 300 किग्रा है। निम्नलिखित बलों का परिणाम तथा दिशा बताइए। a. चालक दल तथा यात्रियों द्वारा फर्श पर आरोपित बल। b. चारों ओर की वायु के कारण हेलीकॉप्टर पर आरोपित बल। c. हेलीकॉप्टर द्वारा वायु पर आरोपित बल। `(g=10 "मीटर/सेकण्ड"^(2))` |
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Answer» (a)निकाय (चालक दल `+` यात्री) पर कार्यरत बल निम्न है: (i) फर्श द्वारा निकाय (चालक दल `+` यात्री) पर आरोपित अभिलम्ब प्रतिक्रिया बल `(R)` ऊपर की ओर (ii) निकाय का भार `(Mg)` नीचे की ओर। निकाय क मुक्त पिण्ड आरेख चित्र में प्रदर्शित है। निकाय की गति का समीकरण है। `R-mg=ma` `impliesR=m(g+a)=(300 "किग्रा")[(10+15) "मी0से0"^(-2)]` `=7500` न्यूटन `=7.5xx10^(3)` न्यूटन (ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर) न्यूटन के तीसरे नियम से चालक दल तथा यात्रियों द्वारा फर्श पर आरोपित बल `7.5xx10^(3)` न्यूटन, ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर है। (b) कुल निकाय (हेलीकॉप्टर `+` चालक दल `+` यात्री) माना वायु द्वारा निकाय पर आरोपित बल `F` है तो कुल निकाय की गति का समीकरण है। `F-Mg=Ma` या `F=M(g=a)` यहां `M=1000+300=1300` किग्रा `:.F=1300(10+5)=3.25xx10^(4)` न्यूटन ऊपर की ओर (c) न्यूटन के तीसरे नियम के हेलीकॉप्टर द्वारा वायु पर लगाया गया बल `=3.25xx10^(4)` न्यूटन (नीचे की ओर) होगा। |
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| 3. |
700 किग्रा की एक वस्तु जो 72 किमी/घंटा की चाल से, एक दूसरी 300 किग्रा की वस्तु जो विरामावस्था में है से टकराती है। टक्कर के पश्चात दोनों वस्तुएं चिपक जाती है। द्रव्यमानों के इस संयोजन की चाल क्या होगी? |
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Answer» पहली वस्तु का द्रव्यमान `(m_(1))=700` किग्रा दूसरी वस्तु का द्रव्यमान `(m_(2))=300` किग्रा पहली वस्तु का वेग `(v_(1))=72` किमी/घंटा `=72xx5/18=20` मी0/से0 दूसरी वस्तु का वेग `(v_(2))=0` माना दोनों का संयुक्त वेग `V` है तब संवेग संरक्षण के सिद्धांत से टक्कर से पहले का संवेग `=` टक्कर के बाद का संवेग `m_(1)v_(1)+m_(2)v_(2)=(m_(1)+m_(2))V` `700xx20+300xx0=(700+300)xxV` `14000=1000V` `V=14000/1000=14` मी0/से0 |
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| 4. |
प्रयोगशाला के निर्देश फ्रेम में कोई नाभिक विराम में है। यदि वह नाभिक दो छोटे टुकड़ों में विघटित हो जाता है, तो यह दर्शाइए कि उत्पाद विपरीत दिशाओं में गति करने चाहिए। |
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Answer» चूंकि निकाय (नाभिक) पर बाह्य बल शून्य है अतः निकाय का रेखीय संवेग संरक्षित रहता है। नाभिक का प्रारम्भिक संवेग `=Mu=0` (चूंकि `u=0`) यदि विघटित नाभिक के दोनों भागों के संवेग क्रमशः `vec(p_(1))` व `vec(p_(2))` हो तो संवेग संरक्षण के नियम से `vec(p_(1))+vec(p_(2))=0` यदि `m_(1)` व `m_(2)` उत्पादों के द्रव्यमान हों तथा `vec(v_(1))` व `vec(v_(2))` क्रमश: वेग हो तो `vec(p_(2))=m_(1)vec(v_(1)).vecp_(2)=m_(2)vecv_(2)` `:.m_(1)vec(v_(1))+m_(2)vec(v_(2))=0` या `vec(v_(2))=-(m_(2))/(m_(1))vec(v_(1))` स्पष्टतः `vec(v_(1))` व `vec(v_(2))` विरपरीत दिशाओं में हैं, अतः दोनों उत्पाद विपरीत दिशाओं में गति करते हैं। |
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| 5. |
15 m/sec की प्रारम्भिक चाल से गतिशील 20 किग्रा द्रव्यमान के किसी पिण्ड पर 50 न्यूटन का स्थायी मंदक बल आरोपित किया गया है। पिण्ड को रूकने में कितना समय लगेगा? |
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Answer» प्रारम्भिक चाल `u=15 "मी0से0"^(-1)` मंदक बल लगाने से वस्तु से ऋणात्मक त्वरण (मंदन) उत्पन्न होता है अतः वस्तु रूक जाती है अर्थात अंतिम वेग `v=0` न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से मंदन `(a)` है। `F=ma` या `a=F/m` यहां `F=50N, m=20` किग्रा `:.a=50/20=2.5 "मी0से0"^(-2)` `:.` त्वरण `a=-2.5 "मी0से0"^(-2)` समीकरण `v=u+at` से समय `t=(v-u)/a=(0-15)/((-2.5))=6` सेकण्ड |
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| 6. |
3 किग्रा द्रव्यमान का एक कण विनामावस्था में है। कण पर कार्यरत एकविमीय समय परिवर्ती बल का परिमाण `F` समय `t` के साथ चित्र के अनुसार बदल रहा है । `t=10` सेकण्ड पर कण का तात्क्षणिक वेग ज्ञात कीजिए। |
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Answer» कण पर कार्यरत आवेग `=F-t` ग्राफ द्वारा आच्छादित क्षेत्रफल `=` क्षेत्रफल `OAE+` क्षेत्रफल ABEF+ क्षेत्रफल BFGF `+` क्षेत्रफल `CGD` `=[1.2xx2xx10]+[2xx10]+[1/2xx(10+20)xx2]+[1/2xx4xx20]` `=10+20+30+40` `=100` न्यूटन –सेकण्ड परंतु आवेग `=` कण के संवेग में परिवर्तन `Deltap` `:.100=m(v_(f)-v_(i))` `=100=2(v_(f)-0)` `2(v_(f)-0)=100` `v_(f)=50` मीटर/सेकण्ड |
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| 7. |
`M` द्रव्यमान का एक गुटका धागे A से एक छत से लटकाया गया है। गुटके की तली में दूसरा धागा B बांधा गया है । कौन सा धागा टूटेगा यदि हम धागे B को (i) झटके से खींचे (ii) स्थायी बल द्वारा खींचे। |
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Answer» (i)यदि धागे B को अचानक झटके से खींचा जाता है तब इसमें तनाव उत्पन्न हो जाता है परंतु द्रव्यमान `M` के विराम के जड़त्व के कारण यह बल धागे `A` में संचरित नहीं होता। अतः धागा `B` टूट जाता है। (ii) यदि धागे `B` को एक स्थायी बल `F` द्वारा खींचा जाता है तब यह द्रव्यमान `M` द्वारा धागे `B` से धागे A की ओर संचरित हो जाता है। चूंकि धागे A में तनाव B की अपेक्षा `Mg` (द्रव्यमान `M` का भार) से अधिक होता है अतः इस स्थिति में धागा A टूट जाता है। |
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| 8. |
पतवार युक्त स्थिर नाव पर लगे हुए पंखे से उसके पाल पर हवा फेंकी जाती है तो नाव स्थिर रहती है क्यों? |
| Answer» पंखे की हवा द्वारा नाव पर लगाया हुआ बल आन्तरिक बल है जबकि गति के लिए बाह्य बल की आवश्यकता होती है। | |
| 9. |
जब चलती हुई रेलगाड़ी यकायक रूक जाती है तथा यात्री आगे की दिशा में एक आकस्मिक झटका महसूस करते हैं । क्यों? |
| Answer» शरीर क ऊपरी भाग गत्यावस्था में रहता है जबकि शरीर का सीट से सम्पर्क वाला भाग विराम अवस्था में आ जाता है। | |
| 10. |
भारहीन एवं घर्षणरहित घिरनी `P` के ऊपर से गुजरती हुई भारहीन डोरी का एक सिरा हुक `C` से बंधा हुआ है जबकि दूसरा सिर स्वतंत्र है। डोरी अधिकतम `360N` तनाव सहन कर सकती है। 60 किग्रा का एक बंदर किस न्यूनतम सुरक्षित त्वरण (`"मी0.से0"^(2)`) से रस्सी से उतर सकता है? |
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Answer» माना बंदन `a` त्वरण से नीचे की ओर उतरता है, बंदन के बल निदेशक आरेख चित्र में दर्शाया गया है। न्यूटन के द्वितीय नियम से `mg=T=ma` अथवा `T=m(g-a)` `a` का मान जितना कम होगा `T` का मान उत्ना ही अधिक होगा। परंतु `T` का मान यह रस्सी (डोरी) की त्रोटन सामर्थ्य से अधिक नहीं होना चाहिए। अर्थात `360gem(g-a)implies360ge60(10-a)` `impliesa ge4 "मी0से0"^(-2)` |
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| 11. |
एक बल्लेबाज एक गेंद को, उसकी 12 मी0/से0 की आरम्भिक चाल को परिवर्तित किये बिना, वापस गेंदबाज की दिशा में भेज देता है। यदि गेंद का द्रव्यमान 0.15 किग्रा हो तो गेंद पर लगे आवेग का गणना कीजिए। |
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Answer» गेंद का द्रव्यमान `m=0.15` किग्रा आरम्भि क वेग `u=12` मी0/से0 अन्तिम वेग `v=-12` मी0/से0 आवेग `=` संवेग में हुआ परिवर्तन `=m(v-u)=0.15(-12-12)` `=-3.6` न्यूटन –सेकण्ड |
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| 12. |
जब एक घोड़ा यकायक दौड़ने लगता है तब घुड़सवार पीछे की ओर गिर जाता है । क्यों? |
| Answer» विराम के जड़त्व के कारण उसके शरीर का ऊपरी भाग स्थिर रहता है तथा निचला भाग घोड़े के साथ गति में आ जाता है। | |
| 13. |
2 किग्रा द्रव्यमान का पक्षी 1 किग्रा द्रव्यमान के पिंजरें के अंदर बंद है। यदि पक्षी उड़ना प्रारम्भ कर दें तो निकाय का भार कितना होगा? |
| Answer» 3 किग्रा, क्योंकि जब पक्षी उड़ता है तो वह अपने भार को संतुलित करने के लिए वायु को नीचे धकेलता है। अतः पक्षी तथा बंद पिंजरें के निकाय के भार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। | |
| 14. |
एक ठण्डा पेय पदार्थ स्प्रिंग तुला पर रखा है। जब उसका ढक्कन खोल दिया जाता है तो उसके भार पर क्या प्रभाव होगा? |
| Answer» पहले बढ़ेगा फिर घटेगा, क्योंकि गैस पर्याप्त चाल से अग्र दिशा में बाहर की ओर तथा इस आगे की दिशा में लगने वाले बल की प्रतिक्रिया के कारण स्पि्रंग तुला का पाठ्यांक बदल जाऐगा। | |
| 15. |
चित्र में दो व्यक्ति एक रस्सी के सिरों को इस प्रकार खींचे हुए हैं कि रस्सी क्षैतिज स्थिति में तनी है। अब रस्सी के बीच में `W` भार लटका दिया जाता है। क्या रस्सी पर और अधिक तनाव बढ़ाकर इसे क्षैतिज स्थिति में लाया जा सकता है? |
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Answer» भार लटकाने पर तनाव का ऊर्ध्वाधर घटक भार को संतुलित करता है अर्थात `W=2Tcos theta`……………….1 अथवा `T=W/(2 cos theta)` रस्सी को क्षैतिज करने पर `theta=90^(@). :. cos thetas=cos90^(@)=0` `T=oo` रस्सी में अन्नत तनाव उत्पन्न नहीं किया जा सकता (इसे पहले ही रस्सी टूट जायेगी) अतः रस्सी की क्षैतिज स्थिति में नहीं लाया जा सकता। |
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| 16. |
एक हवाई जहाज में स्प्रिंग तुला से एक पिण्ड लटका हुआ है। हवाई जहाज की उड़ान के दौरान हवाई जहाज में बैठे व्यक्ति को तुला के पाठ्यांक में किस प्रकार के परिवर्तन मिलेंगें। |
| Answer» जब हवाई जहाज स्थिर है, तुला का पाठ्यांक वास्तविक भार दर्शायेगा। जैसे ही जहाज ऊपर की ओर त्वरित होगा पिण्ड का आभासी भार तुला का पाठ्यांक बढ़ेगा, परंतु फिर गुरूत्व के मान में कमी के कारण धीरे-धीरे घटेगा। | |
| 17. |
(A) चित्र में एक रस्सी किसी भवन की छत से लटकायी गयी है। 60 किग्रा द्रव्यमान का एक व्यक्ति रस्सी को पकड़कर लटका हुआ है । रस्सी में तनाव ज्ञात कीजिए। `(g=10 "मीटर/सेकण्ड"^(2))`(B) रस्सी में उस स्थिति में तनाव क्या होगा जब व्यक्ति `2 "मीटर/सेकण्ड"^(2)` त्वरण से (i) ऊपर चढ़ रहा है। (ii) नीचे उतर रहा है। |
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Answer» (A)व्यक्ति पर दो बल कार्य करते हैं- 1. रस्सी में तनाव `T` जिसके द्वरा रस्सी व्यक्ति को ऊपर खींचती है। 2. व्यक्ति का भार `Mg` जिसके द्वारा पृथ्वी व्यक्ति को नीचे खींचती है। व्यक्ति का बल निदेशक आरेख चित्र में प्रदर्शित है। चूंकि व्यक्ति स्थिर है अतः `T-Mg=0` `:.T=Mg=60xx10=600` न्यूटन (B) (i)जब व्यक्ति a त्वरण के ऊपर चढ़ रहा है : व्यक्ति का बल निदेशक आरेख के अनुसार होगा। अतः `T-Mg=Ma` `:.T=M(g+a)=60(10+2)=720` न्यूटन (ii) जब व्यक्ति `a` त्वरण से नीचे उतर रहा है : व्यक्ति का बल निदेशक आरेख चित्र (d) के अनुसार होगा। अतः `Mg-T=Ma` अथवा `T=Mg-Ma=M(g-a)` `=60(10-2)=480` न्यूटन |
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