This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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कवि नई मुस्कान कहाँ देखना चाहते हैं? |
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Answer» दिलों के फूल स्वतंत्रता के प्रकाश में खिलते हैं। हमारा देश सदियों तक गुलामी के अँधेरे में रहा है। विदेशी शासक यहाँ के लोगों पर अत्याचार करते रहे। अन्याय और तरह-तरह का शोषण सहते-सहते लोग अपना स्वाभिमान खो बैठे। उनके दिलों में उदासी छा गई। कवि की इच्छा है कि ऐसे मुर्दा दिलों में फिर से नए जीवन का संचार हो। इस प्रकार कवि युग-युग से लोगों के मुरझाए हुए हृदयसुमनों पर नई मुस्कान देखना चाहते हैं। |
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हमारी राष्ट्रीय संपत्ति कौन-कौन-सी है? उसकी सुरक्षा के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं? |
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Answer» रेलगाड़ियाँ, रेलवे स्टेशन, राष्ट्रीय राजमार्ग, नदियाँ, अभयारण्य, पुरातत्त्व संबंधी संपत्ति आदि हमारी राष्ट्रीय संपत्ति है।राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा हमारा कर्तव्य है। हम रेल संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचने देंगे। राजमार्गों की मरम्मत के लिए सरकार को पत्र लिखेंगे। हम लोगों को पानी का महत्त्व समझाकर उसका अपव्यय रोकेंगे। सरकार द्वारा संरक्षित इमारतों को नुकसान पहुँचते देखकर हम पुरातत्त्व विभाग को सूचित करेंगे। अभयारण्यों में रक्षित पशुओं का शिकार होते देखकर हम उससे संबंधित अधिकारियों को सावधान करेंगे। |
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‘उठो, धरा के अमर सपूतो’ कविता में कौन-कौन-सी बातें हैं जिन्हें तुम अपने जीवन में उतारना चाहोगे? |
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Answer» ‘उठो, धरा के अमर सपूतो’ कविता की निम्नलिखित बातें मैं अपने जीवन में उतारना चाहूँगा : (1) मैं अपने देश से प्रेम करूँगा। (2) मैं केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के लिए जीऊँगा। (3) मैं सारे देशवासियों को अपना मानूँगा। (4) मैं खूब मन लगाकर पढूंगा। पढ़-लिखकर अपने ज्ञान का उपयोग देश की सेवा में करूंगा। मैं चाहूँगा कि मेरी योग्यता का लाभ देश को मिले। (5) मैं ऐसे काम करूँगा जिनसे देश का गौरव बढ़े। (6) मैं देश की रक्षा करने में कभी पीछे नहीं हटूंगा। |
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कवि ने किसे ‘शुभ संपत्ति’ कहा है? |
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Answer» कवि ने सरस्वती के पावन मंदिर को ‘शुभ संपत्ति’ कहा है। |
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नूतन मंगलमय ध्वनियों से किसे गुंजित करना है? |
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Answer» नूतन मंगलमय ध्वनियों से जगतरूपी उद्यान को गुंजित करना है। |
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लोगों में नई उमंगें और तरंगें क्यों हैं? |
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Answer» लोगों में नई उमंगें और तरंगें हैं, क्योंकि सदियों की पराधीनता के बाद देश को स्वाधीनता मिली है। |
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कवि ने प्रातःकाल को ‘नया’ क्यों कहा है? |
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Answer» कवि ने प्रात:काल को ‘नया’ कहा है, क्योंकि यह स्वतंत्रता का प्रभात है। |
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कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :(विहग, ज्ञान, ध्वनियों, अमर, मुरझे)(1) उठो, धरा के .... सपूतो, पुनः नया निर्माण करो।(2) युग-युग के .... सुमनों में नयी-नयी मुस्कान भरो।(3) डाल-डाल पर बैठ ...... कुछ नये स्वरों में गाते हैं।(4) नूतन मंगलमय ...... से गुंजित जग-उद्यान करो।(5) शत-शत दीपक जला ...... के, नवयुग का आह्वान करो। |
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Answer» (1) उठो, धरा के अमर सपूतो, पुनः नया निर्माण करो। (2) युग-युग के मुरझे सुमनों में नयी-नयी मुस्कान भरो। (3) डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ नये स्वरों में गाते हैं। (4) नूतन मंगलमय ध्वनियों से गुंजित जग-उद्यान करो। (5) शत-शत दीपक जला ज्ञान के, नवयुग का आह्वान करो। |
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डालों पर बैठे पंछी क्या कर रहे हैं? |
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Answer» डालों पर बैठे पंछी नए स्वरों में गा-गाकर अपनी खुशी प्रकट कर रहे हैं। |
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नवयुग का आह्वान कैसे किया जाएगा? |
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Answer» ज्ञान के सैकड़ों दीपक जलाकर नवयुग का आह्वान किया जाएगा। |
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दिए गए काव्य को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :खड़ा हिमालय बता रहा है, डरो न आँधी पानी में,डटे रहो अपने पथ पर, सब कठिनाई-तूफानों में ।डिगो न अपने पथ से तुम, तो सब कुछ पा सकते हो प्यारे,तुम भी ऊँचे उड़ सकते हो, छू सकते हो नभ के तारे।अटल रहो जो अपने पथ पर, लाख मुसीबत आने में,मिली सफलता उसको जग में, जीने में मर जाने में।जितनी भी बाधाएँ आई, उन सब से ही लड़ा हिमालय,इसीलिए तो दुनिया भर में, हुआ सभी से बड़ा हिमालय।(1) हिमालय हमें क्या संदेश देता है?(2) मुसीबत आने पर हमें क्या करना चाहिए?(3) कवि ने हिमालय को सबसे बड़ा क्यों कहा है?(4) इस काव्य का भावार्थ लिखिए।(5) इस काव्य को योग्य शीर्षक दीजिए। |
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Answer» 1. हिमालय हमें यह संदेश देता है कि हम अपने निश्चित मार्ग पर डटे रहें। यदि हम अपने प्रण और पथ पर टिके रहेंगे, तो हमारी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी। यहाँ तक कि हम असंभव को भी संभव कर सकेंगे। 2. मुसीबत आने पर हमें उससे भयभीत नहीं होना चाहिए। उससे घबराकर अपना प्रण और पथ नहीं छोड़ना चाहिए। 3. हिमालय ने सभी बाधाओं का डटकर मुकाबला किया। वह हर कठिनाई से लड़ा। वह कभी अपने पथ से डिगा नहीं। इसीलिए कवि ने हिमालय को सबसे बड़ा कहा है। 4. जीवन में अनेक बाधाएँ और कठिनाइयाँ आती हैं। हमें निडरता से उनका सामना करना चाहिए। जो मुसीबतों से बिना घबराए अपने प्रण और पथ पर अटल रहते हैं, वे असंभव को भी संभव कर दिखाते हैं। 5. योग्य शीर्षक : हिमालय का संदेश । |
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आशय स्पष्ट कीजिए :“युग-युग के मुरझे सुमनों में नयी नयी मुस्कान भरो।उठो धरा के अमर सपूतो, पुनः नया निर्माण करो।।” |
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Answer» हे मातृभूमि के पुत्रो, तुमने इस देश को स्वतंत्र करने के लिए बड़ा संघर्ष किया है और अंत में तुम विजयी हुए हो। सचमुच, तुम भारतमाता के सपूत हो, लेकिन अभी तुम्हें बहुत कुछ करना है। युग-युग से पराधीनता में रहते-रहते यहाँ के देशवासियों के हृदयों में निराशा भर गई है। तुम्हें इस निराशा को दूर कर इन्हें आशा बँधानी है। पराधीनता के दरम्यान यहाँ जो बरबादी हुई है, उसे दूर कर हर क्षेत्र में नया निर्माण करना है। |
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हम किसके रक्षक और पुजारी हैं?A. मातृभूमि केB. सरस्वती मंदिर केC. ज्ञान केD. संपत्ति के |
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Answer» B. सरस्वती मंदिर के |
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अमर सपूत किसका नया निर्माण करेंगे?A. इमारतों काB. सपनों काC. देश काD. फिल्मों का |
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Answer» उत्तर : C. देश का |
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धरती माँ की काया आज सुनहरी क्यों हो रही है?.. |
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Answer» सारे देश में स्वतंत्रतारूपी सूर्य का प्रकाश फैला हआ है। सुनहरी धूप के कारण आज धरती माँ की काया सुनहरी हो रही है। |
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सही वाक्यांश चुनकर पूरा वाक्य फिर से लिखिए :(1) कवि ने धरा के सपूतो को ‘अमर’ बताया है, क्योंकि …(अ) उन्होंने मृत्यु को जीत लिया है।(ब) इतिहास में सदा के लिए उनका नाम रहेगा।(क) उनकी मृत्यु बहुत देर से होगी।(2) ज्ञान दीपक के समान है, क्योंकि …(अ) मनुष्य के मस्तिष्क की रचना दीपक जैसी है।(ब) उसे पाने के लिए परिश्रम के तेल की जरूरत पड़ती है।(क) वह अज्ञान का अँधेरा दूर करता है। |
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Answer» 1. कवि ने धरा के सपूतो को ‘अमर’ बताया है, क्योंकि इतिहास में सदा के लिए उनका नाम रहेगा। 2. ज्ञान दीपक के समान है, क्योंकि वह अज्ञान का अँधेरा दूर करता है। |
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चित्र के आधार पर कविता लिखिए, जिसमें निम्नलिखित शब्दों का उपयोग हुआ हो :(फूल, तितली, बादल, वृक्ष, बारिश) |
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Answer» धीरे-धीरे बादल बरसे फुलवारी में फूल खिले हैं, फिर तितली के पंख खुले हैं। वृक्षों ने नवजीवन पाया, बारिश ने है रंग जमाया। कोई न अब पानी को तरसे धीरे-धीरे बादल बरसे । |
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अपूर्ण काव्य को पूर्ण कीजिए :माँ खादी की चद्दर दे दो,मैं गाँधी बन जाऊँगा ……………….………… |
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Answer» माँ खादी की चद्दर दे दो, मैं गाँधी बन जाऊँगा। घड़ी कमर में मैं लटका लूँ, आँखों को चश्मा पहना दूं माँ छोटी-सी लाठी दे दो, ठक-ठक करता जाऊँगा। |
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