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बर्फ पर चक्रण करती एक नर्तकी जब अपनी भुजायें मोड़ लेती है तो चक्रण की दर बढ़ जाती है । इसका कारण है:A. `J` (कोणीय संवेग) में वृद्धि तथा `K` (घूर्णन गतिज ऊर्जा) में वृद्धिB. `J` में कमी तथा `K` में वृद्धिC. नियत `J` तथा `K` में वृद्धिD. नियत `J` तथा `K` में कमी। |
| Answer» भुजायें मोड़ने पर जड़त्व –आघूर्ण `I` घट जाता है। अब `J=Iomega=` नियतांक `K=1/2Iomega^(2)=(J^(2))/(2I) prop 1/I` चूकि `I` घटता है अतः `K` बढ़ता है। | |