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एक पतली एकसमान छड़ बिंदु `O` पर कीलकित है तथा क्षैतिज तल में एक समान कोणीय चाल `omega` से घूम रही है। `t=0` पर एक छोटा कीड़ा `O` से चलना प्रारम्भ करके `t=T` समय पर छड़ के अन्तिम सिरे पर पहुंच कर रूक जाता है। कीड़ा छड़ के सापेक्ष एकसमान चाल `v` से चलता है । निकाय की कोणीय चाल पूरे समय `omega` बनी रहती है। `O` के परितः निकाय पर लगने वाले बल आघूर्ण का मान `(tau)` समय के साथा जिस प्रकार बदलता है उसका सर्वोत्तम वर्णन किस ग्राफ में है? A. B. C. D. |
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Answer» कोणीय संवेग `J=[(Ml^(2))/3+mx^(2)]omega` `tau=(dJ)/(dt)=2m omegax.(dx)/(dt)=2m omegavx` परंतु `x=vt :. tau=2m omegav^(2)t` विकल्प b |
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