This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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बरसीम में सिंचाई के प्रबन्ध का वर्णन कीजिए। |
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Answer» बरसीम को 10-12 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है। बीज बोने के बाद हलकी सिंचाई करते हैं। दिसम्बर, जनवरी में एक बार तथा फरवरी, मार्च में 15 दिन के अन्तर पर सिंचाई करनी चाहिए। |
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बरसीम के बीज शोथन हेतु राइजोबियम कल्चर की मात्रा बताइए। |
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Answer» 150 ग्राम गुड़ को 1 लीटर पानी में गर्म करके ठण्डा किया जाता है। इसमें 600 ग्राम कल्चर मिलाकर 15 किग्रा बीज में मिलाया जाता है। |
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गन्ने की फसल के लिए उपयुक्त भूमि है(क) दोमट(ख) हल्की दोमट(ग) बलुई दोमट(घ) उपर्युक्त सभी |
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Answer» सही विकल्प है (क) दोमट |
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फसल चक्र किसे कहते हैं? |
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Answer» किसी निश्चित भूमि पर एक निश्चित अवधि तक फसलें अदल-बदल कर बोना, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे, और अधिक पैदावार हो, फसल चक्र कहलाता है। |
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निम्नलिखित प्रश्नों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)(क) ___ का तेल हृदय रोगियों के लिए उत्तम माना जाता है।(ख) गन्ने का बीज ___ कुन्तल प्रति हेक्टेयर प्रयोग किया जाता है।(ग) सूरजमुखी की बुवाई ____ माह में होती है।(घ) गन्ने की फसल के लिये प्रति हेक्टेयर ____ नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है।(च) बरसीम को बीज बुवाई के लिए___ प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है। |
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Answer» (क) सूरजमुखी का तेल हृदय रोगियों के लिए उत्तम माना जाता है। |
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गन्ने की कितनी मात्रा एक हेक्टेयर बुवाई हेतु प्रयोग की जाती है? |
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Answer» गन्ने के बीज की मात्रा गन्ने की मोटाई पर निर्भर है। औसत मोटाई के गन्ने का 50-60 कुन्तल बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है। |
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फसल चक्र से होने वाले लाभों का वर्णन कीजिए। |
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Answer» फसल चक्र से होने वाले लाभ निम्न हैं
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निम्न में से कौन सी प्रजाति सूरजमुखी की उन्नत किस्म है?(क) के 617(ख) वरदान(ग) सूर्या(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं |
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Answer» सही विकल्प है (ग) सूर्या |
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फसल चक्र का एक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त बताइए। |
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Answer» 1. अधिक पानी वाली फसल के बाद कम पानी वाली फसल बोनी चाहिए जैसे- धान के बाद मटर, चना आदि। 2. दलहनी के बाद बिना दनुहनी जैसे- अरहर के बाद गेहूँ। 3. अधिक जुताई वाली फसल के बाद कम जुताई वाली जैसे- गेहूँ के बाद मुँग।। 4. एक ही कल के पौधे लगातार नहीं बोने चाहिए जैसे- मूंग, उड़द के बाद चना, मटर नहीं बोना चाहिए। |
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| 10. |
सूरजमुखी से कितनी उपज प्रति हेक्टेयर प्राप्त होती है? |
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Answer» उन्नत ढंग से खेती करने से संकुल प्रजातियों की उपज 12-15 कुन्तल/हेक्टेयर तथा संकर प्रजातियों की उपज 20-25 कुन्तल/हेक्टेयर प्राप्त की जा सकती है। |
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एक वर्षीय फसल चक्र का उदाहरण दीजिए। |
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Answer» पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख फसल चक्र 1. धान-गेहूं - 1 वर्ष 2. मक्का-आलू-प्याज - 1 वर्ष 3. ज्वार-बरसीम - 1 वर्ष |
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बाग लगाने के लिए सबसे अच्छी भूमि होती है1. दोमट भूमि 2. विकी भूमि3. बलुई भूमि4. रेतीली भूमि |
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Answer» सही विकल्प है 1. दोमट भूमि |
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सूरजमुखी की फसल में कीट एवं रोग नियंत्रण के बारे में वर्णन कीजिए। |
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Answer» कीट नियन्त्रण : सूरजमुखी में कभी-कभी दीमक, हरे फुदके तथा चना के फली बेधक का प्रकोप होता है। दीमक के नियन्त्रण के लिए क्लोरपायरीफास दवा वोने के समय खेत में मिला देना चाहिए। हरे फुदके पत्तियों का रस चूस कर नुकसान पहुँचाते हैं। इनके नियन्त्रण के लिए एजाडिरेक्टिन 0.15 ई.सी की । लीटर मात्रा 600-800 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर देना चाहिए। चना के फली वेधक की सूड़ियाँ मुण्डक के दानों को खा जाती हैं। इनकी रोकथाम के लिए क्विनालफास 25 ई.सी. की 2 ली. मात्रा को 800-1000 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। रोग नित्रन्त्रण- खरीफ ऋतु वाली फसल में फफूदजनित अंगमारी का प्रकोप अधिक होता है। डाइथेन एक-45 की 2.5 किग्रा मात्रा को 800-1000 लीटर पानी में घोल बनाकर 10-15 दिनों के अन्तर पर दो या तीन सप्ताह बाद छिड़काव करना चाहिए। |
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| 14. |
एक आदर्श शाकवाटिका के लिए कम से कम कितनी लम्बी-चौड़ी भूमि होनी चाहिए? |
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Answer» 25 x 10 मी0 भूमि चाहिए। |
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शाकवाटिका के मुख्य दो उद्देश्य लिखिए। |
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Answer» शाकवाटिका के मुख्य दो उद्देश्य- (i) परिवार के लोगों को पूरे वर्ष ताजी सब्जियों की आपूर्ति करना |
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ग्राम प्रधान ने बच्चों से क्या कहा? |
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Answer» ग्राम प्रधान ने बच्चों से कहा, “बच्चो! तुमने हमें रास्ता दिखाया है। हम सब मिलकर गाँव को सुन्दर बनाएँगे और पेड़-पौधे भी लगाएँगे।” |
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बच्चों ने क्या योजना बनायी? |
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Answer» बच्चों ने गाँव की सफाई की योजना बनायी। |
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शाकवाटिका का निर्माण कैसे किया जाता है? वर्णन करो। |
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Answer» शाकवाटिका का निर्माण – एक शाकवाटिका के लिए 25 मी लम्बी तथा 10 मी चौड़ी भूमि पर्याप्त होती है। चारों ओर से मेड़बन्दी करके किनारे पर बाड़ लगानी चाहिए। कँटीले तार या खंभे लगाए जा सकते हैं। वाटिका में आने-जाने का रास्ता होना चाहिए। रास्ते के किनारे सिंचाई की नाली होनी चाहिए। वाटिका के एक कोने में कम्पोस्ट गड्ढा होना चाहिए। कद्दू वर्ग की सब्जियाँ बाड़ के सहारे उगानी चाहिए। जाड़ों में तीन ओर मटर उगाई जा सकती है। प्रवेश द्वार के पास सेम उगाई जा सकती है। जड़ वे कन्दवाली सब्जियाँ क्यारियों की मेड़ों पर उगाई जा सकती हैं। वाटिका में फूलों के साथ-साथ पपीता, नींबू, अंगूर, फालसा भी लगाए जा सकते हैं। पर्याप्त भूमि होने पर आँवले का पेड़ भी लगाया जा सकता है। |
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कद्दू वर्ग में कौन-कौन सी सब्जियाँ आती हैं? |
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Answer» कद्दू वर्ग में कोहड़ा, लौकी, तोरई, करेला, टिंडा, चिचिंडा, नेनुआ आती हैं। |
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जमीन के भीतर खाने की कौन-कौन-सी चीजें पैदा होती हैं? |
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Answer» आलू, शकरकंद, मूंगफली, अरवी |
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किसान ने भालू से अपनी जान कैसे बचायी? |
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Answer» किसान ने फसल आने पर मनचाही चीज खिलाने का वादा करके भालू से अपनी जान बचायी। |
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“मैं परी से कहूँगा कि रात में आकर जादू की छड़ी से हमारे गाँव को साफ-सुथरा और सुन्दर बना दे।” यह किसने कहा? |
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Answer» यह लोकेश ने कहा। |
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वृक्षारोपण करने से क्या लाभ हैं? सविस्तार वर्णन कीजिए। |
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Answer» वृक्षारोपण में फल वृक्षों के अलावा कुछ विशेष स्थानों पर विशेष तरह के वृक्षों को लगाया जाता है। इन वृक्षों की पर्यावरण प्रदूषण को नियन्त्रित करने में अहम भूमिका होती है। वृक्षारोपण करने से और भी कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। इनसे इमारती लकड़ी, ईंधन, यात्रियों को छाया, भू-क्षरण पर रोक, कागज उद्योग को कच्चा माल के अलावा कई (प्रकार की दवाइयाँ भी प्राप्त होती हैं। सरकार वृक्षारोपण करने के लिए वनमहोत्सव का आयोजन करती है। सड़कों, नहरों, रेल पटरियों के किनारे सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण में सुधार किया जा सकता है। |
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अगली बार भालू आकर कौन-सी शर्त लगाता? |
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Answer» अगली बार भालू आकर ऊपर और नीचे की फसल न लेकर बीच की फसल माँगता और शर्त लगाता। |
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बाग में पौधे किन-किन विधियों से लगाए जाते हैं? उनमें से किसी एक का वर्णन कीजिए। |
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Answer» बाग लगाने की विधियाँ निम्नलिखित हैं-
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लीची की खेती का वर्णन कीजिए। |
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Answer» लीची के पौधे वर्षा ऋतु में खेत में रोपे जाते हैं। सिंचाई की सुविधा होने पर फरवरी-मार्च में भी खेत में रोपा जा सकता है। लीची के पौधे रोपने के लिए अप्रैल-मई में खेत में 10-10 मीटर की दूरी पर 1 मीटर गहरे गड्ढे खोद लेना चाहिये और इन्हें जून तक खुला रखना चाहिये। मिट्टी और गड्ढे धूप में भली प्रकार तप जाते हैं। वर्षा होने के उपरान्त जुलाई के प्रारम्भ में इन गड्ढों में 15 किग्रा गोबर की खाद, 2 किग्रा. चूना, 250 ग्राम एल्ड्रिन चूर्ण, 10 किग्रा. लीची के बाग की मिट्टी में मिलाकर गड्ढों में भर देते हैं। अगस्त में इन गड्ढों के बीचोबीच पौधा रोपकर चारो तरफ थाला बना देना चाहिए। गोबर की खाद, फास्फोरस तथा पोटाश की पूरी मात्रा दिसम्बर के अन्त में देनी चाहिये। नाइट्रोजन की 1/2 मात्रा फरवरी में तथा 1/2 मात्रा अप्रैल में देनी चाहिये। इसके अलावा 2.5 किग्रा जिंक सल्फेट के साथ 1.2 किग्रा. बुझा चूना 450 ली पानी में घोलकर पौधों में छिड़काव करना चाहिये। |
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पानी नीचे की ओर बहता है। ऐसे तीन चीजों के नाम लिखो, जो नीचे की ओर बहती हैं। |
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Answer» दूध, मिट्टी का तेल, गन्ने का रस। |
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हमें पानी कहाँ-कहाँ से मिलता है? |
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Answer» हमें पानी- स्रोतों, तालाबों, झीलों, नदियों, नलों, कुओं, बाँधों और नहरों से मिलता है। |
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आठ ऐसे शब्द लिखो जिनके बाद में ‘नी’ आता है, जैसेपानी, कहानी। |
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Answer» रानी, चीनी, निशानी, हैरानी, जानी, परेशानी, नानी, शैतानी |
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प्रवर्धन किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है? |
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Answer» एक बीज से अनेक बीज और इन बीजों द्वारा अनेक पौधे प्राप्त होते हैं। अर्थात् एक से अनेक पौधे तैयार करने की विधि को प्रवर्धन कहा जाता है। प्रवर्धन का दूसरा नाम प्रसारण है।
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नींबू का प्रवर्धन कैसे किया जाता है? |
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Answer» नींबू वर्गीय फल वृक्षों को बीज द्वारा अथवा वनस्पतिक प्रवर्धन विधियों द्वारा लगाया जा सकता है। जैसे कलम बाँधना, दाब लगाना, गूटी, भेंट कलम और चश्मा चढ़ाना इत्यादि। |
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मौसमी फूल कितने प्रकार के होते हैं? |
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Answer» मौसमी फूले तीन प्रकार के होते हैं
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नींबू के प्रवर्धन की विधियों का सचित्र वर्णन कीजिए। |
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Answer» नींबू वर्गीय फल वृक्षों को बीज द्वारा अथवा वनस्पतिक प्रवर्धन विधियों द्वारा लगाया जा सकता है। जैसे कलम बाँधना, दाब लगाना, गूटी, भेंट कलम और चश्मा चढ़ाना इत्यादि । |
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कलम लगाना व दाब लगाना में क्या अन्तर है? स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» सामान्य कलम लगाने में टहनी को जड़ निकलने से पहले मातृ पौधे से काटकर अलग कर देते हैं। दाब कलम में टहनी मातृ पौधे से जुड़ी रहने देते हैं। टहनी को झुकाकर जमीन की मिट्टी में दबा देते हैं। जब उसमें जड़े आ जाती हैं और टहनी एक स्वतंत्र पौधे का रूप ग्रहण कर लेती है तो उसे मातृ पौधे से अलग करके स्थायी जगह में लगाते हैं। इसकी दो विधियाँ हैं। (क) साधारण दाब (ख) गूटी बाँधना। बेला, चमेली आदि का प्रवर्धन साधारण दाब तथा लीची, नींबू तथा लतर वाले पौधे गूटी विधि से तैयार किए जाते हैं। |
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वाटिका अभिविन्यास से आप क्या समझते हैं? |
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Answer» वाटिका कहाँ और किस आकार की बनाई जाए, इसमें किस प्रकार के फूल, पत्तियों वाले पौधे, लता, झाड़ियाँ व पेड़ किस स्थान पर लगाएँ, यह जानकारी जरूरी होती है। प्राप्त सुविधाओं के अनुसार वाटिका लगाने वाला व्यक्ति यदि कुशल व सूझ-बूझ वाला है तो वह कौशलपूर्ण रेखांकन द्वारा वाटिका को बहुत सुंदर रूप में स्थापित कर सकता है। वाटिका के कुछ नियम हैं। जिन्हें वाटिका अभिविन्यास कहा जाता है। |
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नर तथा मादा जननांगो के नाम लिखो । |
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Answer» नर में वृषण होता है जो शुक्राणुओ को उत्पन्न करता है। मादा में अंडाशय होता है जो अंडाणुओ को उत्पन्न करता है। |
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पानी में रहने वाले पाँच जीवों के नाम लिखो। |
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Answer» मछली, मगरमच्छ, मेंढक, कछुआ, घड़ियाल। |
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बीज प्रवर्धन और कायिक प्रवर्धन में अन्तर बताइए। |
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Answer» बीज प्रवर्धन व कायिक प्रवर्धन में अन्तर – बीज प्रवर्धन में पौधा बीज के अंकुरण से पैदा होता है, जबकि कायिक प्रवर्धन का आधार पौधों के हिस्से जड़, तना, शाखा, पत्ती या कली में से किसी एक के द्वारा होता है। |
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कायिक प्रवर्धन से क्या लाभ होते हैं? |
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Answer» कायिक प्रवर्धन के लाभ-
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यौवनावस्था के लक्षणों को नियंत्रित करने वाले नर तथा मादा हार्मोनो के नाम लिखिए । |
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Answer» • नर हार्मोन – टेस्टोस्टेरॉन • मादा हार्मोन – एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन |
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What would be the advantages of exploiting resources with short-term aims? |
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Answer» With the human population increasing at a tremendous rate due to improvement in health-care, the dam and for all resources is increasing at an exponential rate. The management of natural resources requires a long term perspective so that these will last for the generations to come and will not merely be exploited to the hilt for short term gains. |
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Why do you think that there should be equitable distribution of resources? What forces would be working against an equitable distribution of our resources? |
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Answer» There should be equitable distribution of resources. Greediness of human beings. Corruption are the factors which would be working against an equitable distribution of our resources. |
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कायिक प्रवर्धन के लाभ लिखिए । |
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Answer» कुछ पौधें को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग करने के कारण निम्न हैं । 1. जिन पौधों में बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती है उनका प्रजनन कायिक प्रवर्धन विधि के द्वारा ही किया जाता हैं । 2. इस विधि द्वारा उगाये गये पौधे में बीज द्वारा उगाये गये पौधों की अपेक्षा कम समय में फल और फूल लगने लगते है। 3. पौधों में पीढी दर पीढी अनुवांशिक परिवर्तन होते रहते हैं । फल कम और छोटा होते जाना आदि, जबकि कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाये गये पौधों जनक पौधें के समान ही फल फूल लगते हैं । |
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यह किन शारीरीक परिवर्तनों के साथ शुरू होता है ? |
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Answer» लड़कों तथा लडकियों में यौवनारंभ निम्न शारिरिक परिवर्तनों के साथ आरंभ होता है । लडकों में – दाढ़ी मूँछ का आना , आवाज में भारीपन, काँख एवं जननांग क्षेत्र में बालों का आना , त्वचा तैलिय हो जाना, आदि । लडकियों में – स्तन के आकार में वृद्धि होना, आवाज में भारीपन, काँख एवं जननांग क्षेत्र में बालों का आना , त्वचा तैलिय हो जाना, और रजोधर्म का होने लगना , जंघा की हडियो का चौडा होना, इत्यादि। आदि । |
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पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है ? |
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Answer» कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग किया जाता है | 1. जिन पौधों में बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती है उनका प्रजनन कायिक प्रवर्धन द्वारा ही किया जाता है | 2. इस विधि द्वारा उगाये गए पौधों में बीज बीज द्वारा उगाये गए पौधों की अपेक्षा कम समय में फल और फुल लगने लगते है | 3. इस विधि द्वारा उगाये गए पौधों में फल एवं फुल जनक पौधों के समान ही होते है | |
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ऋतुस्राव क्यों होता है ? |
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Answer» अण्डाणु का निषेचन शुक्राणुओं द्वारा होता है ऐसा न होने पर अण्डाणु लगभग एक दिन तक जीवित रहता है | इसके पश्चात गर्भाशय की मोटी तथा स्पंजी दीवार टूटकर रक्त व म्यूक्स में बदल जाती है | यह स्त्राव मादा योनि के रस्ते स्त्रावित हो जाता है | इसे ऋतुस्राव कहते है | यह स्त्राव हर माह होता है | |
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लडके तथा लडकी में यौवनारंभ कब शुरू होता है । |
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Answer» लड़की में यौवनारंभ 12 – 14 वर्ष में होता है जबकि लडको में यह 13 – 15 वर्ष में आरंभ होता है । |
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यौवनारंभ क्या है ? |
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Answer» किशोरावस्था की वह अवधि जिसमें जनन उतक परिपक्व होना प्रारंभ करते है । यौवनारंभ कहा जाता है । |
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What is meant by biodiversity? List two advantage of conserving forests and wildlife. |
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Answer» Biodiversity is the existence of a variety of species of plants, animals and micro-organisms in a natural habitat within a particular environment. Two reasons each for conserving (a) Forest : (i) It helps in retaining the sub-soil water (ii) It checks flood. (b) Wildlife : (i) To maintain ecological equilibrium, (ii) To protect the nature |
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What is meant by three types of 'R' (3-R's) to save the environment ? Explain with example how would you follow the 3-R's in your School to save the environment. |
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Answer» Reduce, Reuse, Recycle Examples: (i) Switch off the fans and bulbs when not in use (ii) Reuse of paper, polythene bags, etc., , (iii) Reduce the wastage of water/paper or any other item. |
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