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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
`20 Omega` प्रतिरोध वाला एक मिलिएमीटर 50 mA तक की धारा नाप सकता है। समझाएँ की इस यंत्र का आप किस तरह व्यवहार करेंगे जिससे की यह (a) 5 A तक की धारा तथा (b) 50 V तक के विभवांतर का पठन दे। |
| Answer» (a) `0.202 Omega` का शंट लगाकर, (b) `980 Omega` का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़कर | |
| 2. |
`100 Omega` प्रतिरोध वाले एक गैलवेनोमीटर को जब श्रेणीक्रम में `10^(6) Omega`के प्रतिरोध एवं 2 V विद्युत -वाहक बल के एक सेल से जोड़ा जाता है तब पूर्ण स्केल विक्षेप प्राप्त होता है। 3 A तक पढ़नेवाले एक ऐमीटर में इसे कैसे बदला जा सकता है? |
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Answer» Correct Answer - `6.66xx10^(-5) Omega` का शंट लगाकर गैलवेनोमीटर से प्रवाहित धारा `=2/(100+10^(6))=1.99xx10^(-6) A`. |
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| 3. |
5 mA धारा से पूर्ण विक्षेप देनेवाले एक मिलिएमीटर का प्रतिरोध `50 Omega` है। इसे आप (i) 5 A तक का पाठ्यांक देनेवाले ऐमीटर में तथा (ii) 100 V तक का पाठ्यांक देनेवाले वोल्टमीटर में कैसे बदलेंगे? |
| Answer» (i) `50/999 Omega` का शंट लगाकर, (ii) `19950 Omega` का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़कर | |
| 4. |
`10 Omega` प्रतिरोध का एक मिलिएमीटर 50 mA के लिए पूर्ण स्केल विक्षेप देता है। इसे (i) 100 V तक की माप देनेवाले वोल्टमीटर में तथा (ii) 1 A तक पढ़ सकनेवाले ऐमीटर में कैसे बदलेंगे? |
| Answer» (i) `1990 Omega` का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़कर (ii) `0.526 Omega` का शंट लगाकर | |
| 5. |
एक गैलवेनोमीटर 0.5 mA तक की धारा के लिए पूर्ण स्केल का विक्षेप देता है तथा इसका प्रतिरोध `20 Omega` है। इसको (i) 5 A तक पढ़ सकनेवाले ऐमीटर तथा (ii) 5 V तक पढ़ सकनेवाले वोल्टमीटर में कैसे बदलेंगे? |
| Answer» (i) `20/9999 Omega` का शंट लगाकर, (ii) `9980 Omega` का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़कर | |
| 6. |
`5 Omega` प्रतिरोध का एक ऐमीटर `100 mA` धारा के लिए पुरे स्केल का विक्षेप देता है। इसकी सीमा आप 1 A तक कैसे बढ़ाएँगे ? |
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Answer» ऐमीटर की माप-सीमा 100 mA अर्थात `100 xx 10^(-3)A =0.1 A` से 1 A तक बढ़ाने के लिए उसके समान्तरक्रम में उचित मान `r_(1)` का एक प्रतिरोध अर्थात शंट लगाना होगा। सूत्र `r_(1)=(Ir)/(I_(1)-I)` से, [समीकरण `3.6` से] यहाँ `r=5 Omega, I=100 mA=0.1 A` तथा `I_(1)=1A` `:. r_(1)=(0.1Axx5 Omega)/((1-0.1) A)=0.5/0.9 Omega=0.55 Omega`. अतः ऐमीटर की सीमा बढ़ाने के लिए उसके समान्तरक्रम में `0.55 Omega` का प्रतिरोध अर्थात शंट लगाना होगा। |
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| 7. |
एक गैलवेनोमीटर का प्रतिरोध `27 Omega` है। इससे होकर कुल धारा का `1/10`वाँ भाग गुजरना है। इसे शंट करने के लिए आवश्यकता तार की लम्बाई निकले जब तार की प्रतिरोधकता `48xx10^(-6)Omega m` तथा अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल `0.2 mm^(2)` है। |
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Answer» मान लिया की गैलवेनोमीटर से `I_(g)` धारा गुजराती है और गैलवेनोमीटर का प्रतिरोध `G omega` है तथा परिपथ से गुजरनेवाली मुख्य धारा I है। यदि शंट का प्रतिरोध S हो, तो `I_(g)=I (s)/(S+G)` यहाँ `I_(g)=1/10` तथा `G=27 Omega`. `:. I/10 =I (S)/(S+27 Omega)` या `S+27 Omega=10 S` या `S=3 Omega`. अब सूत्र `R=rho l/A` से, जहाँ R = तार का प्रतिरोध, `rho =` तार का विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता, `l =` तार की लम्बाई तथा `A =` तार की अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है `:. l=(RA)/rho`. यहाँ `R=S=3 Omega, rho=48xx10^(-6) Omega m` तथा `A=0.2 mm^(2)=0.2xx10^(-6) m^(2)`. `:. l=(3 Omegaxx0.2xx10^(-6) m^(2))/(48xx10^(-6) Omega m)=0.0125 m=1.25 cm` अतः गैलवेनोमीटर को शंट करने की लिए तार की लम्बाई `1.25 cm` होनी चाहिए। |
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| 8. |
एक गैलवेनोमीटर में धारा का मान कम करके मुख्य धारा का `1/n` भाग ही प्रवाहित करना है। यदि गैलवेनोमीटर का प्रतिरोध G हो तथा शंट का मान S हो, तो G, S तथा n में सम्बन्ध स्थापित करें। |
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Answer» माना लिया की मुख्य धारा I है, तो गैलवेनोमीटर से प्रवाहित धारा `=I/n` `:.` शंट से प्रवाहित धारा = (मुख्य धारा)-(गैलवेनोमीटर से प्रवाहित धारा) `=I -I/n=I(I-1/n)` चूँकि गैलवेनोमीटर एवं शंट के प्रतिरोध क्रमशः G और S हैं, अतः इनके सिरों के बीच विभवांतर होंगे `Gxx I/n` तथा `SxxI(1-1/n)` फिर, चूँकि गैलवेनोमीटर के समान्तरक्रम में शंट जुड़ा है, अतः दोनों के सिरों पर विभवांतर बराबर होंगे। अतः `GxxI/n=SxxI(1-1/n)` या `S=G/nxx1/((1-1/n))=G/nxxn/(n-1),` या `S=G/(n-1)` उपर्युक्त व्यंजक G ,S तथा n के बीच अभीष्ट सम्बन्ध है। |
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| 9. |
जब `12 Omega` प्रतिरोध वाले एक गैलवेनोमीटर में `2.5 mA` की धारा जाती है तब स्केल पर पूर्ण विक्षेप प्राप्त होता है। आप गैलवेनोमीटर को किस प्रकार (i) 0 से `7.5 A` परास के ऐमीटर में तथा (ii) 0 से 10 V परास के वोल्टमीटर में परिवर्तित करेंगे? |
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Answer» (i) चूँकि 2.5 mA अर्थात `2.5xx10^(-3)` की धारा प्रवाहित होने पर गैलवेनोमीटर में उसके स्केल पर पूर्ण विक्षेप प्राप्त होता है, इसलिए यदि इससे 7.5 A तक पाठ्यांक देनेवाले ऐमीटर जैसा बनाना है तो इसके लिए आवश्यक है `(7.5-0.0025)=7.4975A` की धारा गैलवेनोमीटर से जुड़े शंट से और केवल `0.0025 A` गैलवेनोमीटर से प्रवाहित हो। यदि गैलवेनोमीटर से धारा `I_(g)`, शंट से धारा `I_(s)` हो और इनके प्रतिरोध क्रमशः G और S हों, तो `I_(g)/I_(s)=S/G` या `0.0025/7.4975=S/12` या `S=(12xx0.0025)/7.4975=0.004 Omega` (लगभग)| अतः, गैलवेनोमीटर के समान्तरक्रम में अर्थात शंट के रूप में `0.004 Omega` या `4xx10^(-3) Omega` का प्रतिरोध लगाना पड़ेगा। (ii) 10 V तक पाठ्यांक देनेवाले वोल्टमीटर के लिए गैलवेनोमीटर के समान्तरक्रम में 10 V का विभवांतर लगाने पर इससे 2.5 mA अर्थात `2.5xx10^(-3) A` की धारा प्रवाहित होनी चाहिए। इसके लिए मान लिया की गैलवेनोमीटर के श्रेणीक्रम में R मान का प्रतिरोध लगाना पड़ता है। `:. 2.5xx10^(-3) A=(10 V)/(12 Omega +R)` या `0.03 Omega+0.0025 R=10 Omega` या `R=9.97/0.0025 Omega=3988 Omega` (लगभग)| अतः गैलवेनोमीटर के श्रेणीक्रम में `3988 Omega` का प्रतिरोध लगाना पड़ेगा। |
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| 10. |
ऐमीटर में शंट क्यों लगा रहता है? |
| Answer» किसी विद्युत -परिपथ से प्रवाहित होनेवाली धारा का मान मापने के लिए ऐमीटर को परिपथ में हमेशा श्रेणीक्रम में जोड़ना चाहिए जिससे की कुल धारा ऐमीटर से होकर प्रवाहित हो सके। ऐमीटर का प्रतिरोध कम-से-कम होना चाहिए जिससे की परिपथ से प्रवाहित धारा का मान न बदले। ऐमीटर का प्रतिरोध न्यूनतम करने की लिए उसके समान्तरक्रम में बहुत कम प्रतिरोध का शंट लगा दिया जाता है, क्योंकि जब दो प्रतिरोध S और G (मान लिया) समान्तरक्रम में जोड़े जाते हैं तब उनका तुल्य प्रतिरोध होता है, और इस सूत्र से स्पष्ट है की R का मान S तथा G दोनों से कम होगा। अतः शंट S का मान बहुत कम लेकर ऐमीटर के तुल्य प्रतिरोध का मान न्यूनतम किया जा सकता है। एक आदर्श ऐमीटर वह है जिसे परिपथ में लगा देने पर उससे प्रवाहित धारा का मान न बदले। यह तभी संभव है जबकि ऐमीटर का प्रतिरोध शून्य हो जाए। चूँकि प्रतिरोध शंट नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे न्यूनतम किया जाता है। | |
| 11. |
चल-कुंडली गैलवेनोमीटर की सुग्राहिता बढ़ाई जा सकती हैA. कुंडली के फेरों की संख्या घटाकरB. चुम्बकीय फ्लक्स को बढ़ाकरC. कुंडली के क्षेत्रफल को घटाकरD. प्रति एकांक ऐठन को बढ़ाकर |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 12. |
गैलवेनोमीटर में शंट का व्यवहार किया जाता हैA. उसकी सुग्राहिता बढ़ाने के लिएB. उसका प्रतिरोध बढ़ाने के लिएC. उच्च धारा के कारण उसे टूटने से बचाने के लिएD. इनमे कोई नहीं |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 13. |
एक गैलवेनोमीटर का प्रतिरोध G है। मुख्य धारा का 1 % ही गैलवेनोमीटर से प्रवाहित हो इसके लिए शंट का मान होना चाहिए-A. `G/100`B. `G/99`C. `G/90`D. `(99G)/100` |
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Answer» Correct Answer - B `I/100=S/(S+G) I` |
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| 14. |
ऐमीटर और वोल्टमीटर में क्या अंतर है तथा एक को दूसरे में किस प्रकार बदला जाता है? |
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Answer» अंतरबदल -(a) ऐमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए इसकी कुंडली के समान्तरक्रम में लगे हुए निम्न प्रतिरोध अर्थात शंट के तार को हटाकर कुंडली के श्रेणीक्रम में उच्च प्रतिरोध का तार जोड़ दिया जाता है और स्केल का अंशांकन वोल्ट में कर दिया जाता है। (b) वोल्टमीटर को ऐमीटर में बदलने के लिए इसकी कुंडली के श्रेणीक्रम में लगे उच्च प्रतिरोध को हटाकर कुंडली के समान्तरक्रम में निम्न प्रतिरोध का एक तार, अर्थात शंट जोड़ दिया जाता है और स्केल का अंशाकन ऐम्पियर में कर दिया जाता है। |
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| 15. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। वोल्टमीटर को विद्युत-परिपथ में ........ में जोड़ा जाता है। |
| Answer» Correct Answer - समान्तरक्रम | |
| 16. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। ऐमीटर को विद्युत-परिपथ में ........ में जोड़ा जाता है। |
| Answer» Correct Answer - श्रेणीक्रम | |
| 17. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। ऐमीटर का प्रतिरोध ........ होता है। |
| Answer» Correct Answer - कम | |
| 18. |
चल-कुंडली गैलवेनोमीटर की फॉस्फर ब्रौंज (phosphor bronze) का बारीक़ तार कुंडली को लटकाने के लिए तथा त्रैज्य (radial) चुम्बकीय क्षेत्र का व्यवहार क्यों किया जाता है? |
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Answer» चल-कुंडली गैलवेनोमीटर की कुंडली एक ऐठन-शीर्ष (torsion head) से फॉस्फर ब्रौंज के बारीक़ तार से लटकाई जाती है। इसके निम्नलिखित कारण है- (a) फॉस्फर ब्रौंज के तार की एकांक ऐठन (unit twist) के लिए बलयुग्म के आघूर्ण का मान कम होता है। इससे लाभ यह होता है की गैलवेनोमीटर की कुंडली में उत्पन्न बलयुग्म के आघूर्ण का कम मान भी तार में अधिक ऐठन उत्पन्न कर देता है जिससे स्केल पर प्राप्त विक्षेप अधिक होता है। इसके अतिरिक्त फॉस्फर-ब्रौंज का तार विक्षेप के बाद अपनी पूर्व स्थिति में तुरंत वापस चला आता है। (b) इसका प्रतिरोध कम होती है, जिससे इससे कम-से-कम मान वाली धारा भी आसानी से प्रवाहित हो सकती है। यह वायुमंडल के ऑक्सीजन, नमी आदि से मिलकर ऑक्सीकृत (oxidised) नहीं हो पाता। (c) यह अचुम्बकीय (nonmagnetic) होता है। (d) इसकी प्रत्यास्थता (elasticity) अधिक होती है, जिस कारण इसका पतले-से-पतला तार भी जल्दी नहीं टूटता। चल-कुंडली गैलवेनोमीटर की कुंडली जिन ध्रुव-खण्डों (pole pieces) के बीच लटकती है, उनकी बनावट अवतल होती है। इससे चुम्बकीय क्षेत्र त्रैज्य () हो जाता है जिससे लाभ यह होता है की कुंडली की ऊर्ध्वाधर भुजाओं पर बल, कुंडली की किसी भी विक्षेपित स्थिति के लिए हमेशा तल के लम्बवत होता है। इससे कुंडली का विक्षेप मापी जानेवाली धारा (जो कुंडली से प्रवाहित होती है) के समानुपाती होता है। |
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| 19. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध ........ होता है। |
| Answer» Correct Answer - अनंत | |
| 20. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। एक गैलवेनोमीटर के ........ क्रम में एक बड़ा प्रतिरोध लगाने से यह वोल्टमीटर में बदल जाता है। |
| Answer» Correct Answer - श्रेणी | |
| 21. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। चल-कुंडली गैलवेनोमीटर की कुंडली से प्रवाहित होनेवाली धारा कुंडली के विक्षेप के ........ होती है। |
| Answer» Correct Answer - समानुपाती | |
| 22. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। किसी धारामापी की धारा -सुग्राहिता बढ़ाने पर उसकी ........ अप्रभावित रहती है। |
| Answer» Correct Answer - वोल्टेज-सुग्राहिता | |
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उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। गैलवेनोमीटर की कुंडली में फेरों की संख्या बढ़ाने पर उसकी ........ बढ़ जाती है। |
| Answer» Correct Answer - धारा-सुग्राहिता | |
| 24. |
उपयुक्त शब्दों या अंकों से रिक्त स्थानों की पूर्ति करे। गैलवेनोमीटर एक विद्युतीय यंत्र है जिसकी मदद से ........ की माप की जाती है। |
| Answer» Correct Answer - धारा | |