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‘तुमुल’ खण्डकाव्य के प्रथम सर्ग की कथावस्तु अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» प्रथम सर्ग (ईश-स्तवन) इस सर्ग में कवि ने मंगलाचरण के रूप में ईश्वर की स्तुति की है, जिसमें निराकार, निर्गुण और सर्वशक्तिमान ईश्वर की सर्वव्यापकता पर प्रकाश डाला गया है। |
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