This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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1. वह अपनी चिट्ठी कलाम को दिल्ली जाकर खुद देगा। 2. लूसी मैडम वादा करती हैं कि वे उसे अपने साथ दिल्ली लेकर जाएँगी। रेखांकित शब्दों पर ध्यान दें। चर्चा करें,1. रेखांकित शब्द क्रिया के किस समय के होने की सूचना देते हैं? 2. इन वाक्यों में क्रिया की अन्विति किन शब्दों से ह |
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Answer» 1. रेखांकित शब्द क्रिया के सामान्य भाविकाल की सूचना देते हैं। 2. इन वाक्यों में क्रिया की अन्विति कर्ता के साथ है। (उदा : देगा – वह, जाएँगी – वे) |
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1. मैं स्कूल जाने में रोया करता। 2. पानी भर जाने से छुट्टी हो जाया करती। क्रिया रूपों की विशेषता पर चर्चा करें।,रेखांकित क्रिया रूपों से क्रिया के होने से संबंधित कौनसा आशय मिलता है? |
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Answer» 1. क्रिया रूप नित्यता बोधक क्रिया रूप हैं। 2. नित्य करनेवाले काम को इन क्रियारूपों से घोतित करते हैं। हमेशा मुख्य क्रिया के भूतकाल रूप के साथ ‘जाना’ क्रिया का प्रयोग करते हैं। |
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टूटे पहिए से कवि क्या आशा करते हैं? |
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Answer» आजकल समाज में असत्य और अन्याय का बोलबाला है। इन असत्यों और अन्यायों के खिलाफ अगर कोई लड़ेगा तो कोई टूटा पहिया यानी लघु मानव ही उसका सहारा बने। यही कवि की आशा है। |
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टूटे पहिए को क्यों फेंकना नहीं चाहिए? |
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Answer» जिस चीज़ को हम फालतू समझकर फेंक देते हैं, उसका कभी उपयोग करने का मौका आ सकता है। इस लिए कहा है कि टूटे पहिए को फेंकना नहीं चाहिए। |
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इस प्रकार के अन्य वाक्य चुनकर लिखें । |
Answer»
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स्कुल में भाषण-प्रतियोगिता चलाई गई। उसमें भाग लेते हुए कुँवर रणविजय को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। मान लें अगले दिन के समाचार-पत्र में प्रस्तुत घटना का रपट आ रहा है। वह रपट तैयार करें। |
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Answer» भाषण प्रतियोगिता-कुँवर को प्रथम स्थान जैसलमेर : कल जैसलमेर के कोसमोस हायर सेंकन्टरी स्कूल में एक भाषण प्रतियोगिता चलाई गई। ढाणी क राणा सा का बेटा कुँवर रणविजय को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। पुरस्कार प्राप्ति के बाद उसने कहा कि उसके दोस्त कलाम ने यह भाषण तैयार किया था। इसलिए यह पुरस्कार उसके लिए है। कुँवर की हिंदी उतनी अच्छी नहीं थी। इसलिए दोस्त ने तैयार किया था। उनके बीच की दोस्ती की अनूठी निशानी भी है यह पुरस्कार प्राप्ति। पुरस्कार वितरण स्कूल के प्रधानाध्यापक ने किया। ढाणी में कुँवर के विजय पर खुशी मनाई गई। |
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टूटा पहिया’ कविता में कवि ने किस शक्ति की ओर संकेत किया है? |
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Answer» टूटे पहिए के माध्यम से कविने उपेक्षित और लघु मानव की शक्ति का संकेत किया है। |
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‘हमारा सौदा था खेल घंटी में खाने की अदला-बदली का’ खेलघंटी के समय मिहिर और मोरपाल के बीच का संभावित वार्तालाप लिखें। |
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Answer» मिहिर : घंटी बज गई, चलो हम कुछ खाएँ। मोरपाल : हाँ ठीक है। मिहिर : अरे मोरपाल, तुम्हारे पास क्या है? मोरपाल : बस छाछ का डिब्बा। मिहिर : हाय! वह मुझे दे दो, यह तुम लो। मोरपाल : यह क्या है भाई? मिहिर : अरे राजमा – चावल। मोरपाल : राजमा – चावल ! मुझे बहुत पसंद है। मिहिर : पहले कभी देखा नहीं क्या? मोरपाल : नहीं तो, मैं पहली बार देख रहा हूँ। मिहिर : पेट भर खाओ। मोरपाल : कल भी यही लाना। तुम्हारे लिए छाछ पक्का। मिहिर : ठीक है। |
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अकेली निहत्थी आवाज़ किसकी हैं? |
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Answer» अकेली निहत्थी आवाज लघुमानव के हैं। |
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अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी बड़े-बड़े महारथी अकेली निहत्थी आवाज़ को अपने ब्रह्मास्त्रों से कुचल देना चाहें। -इन पंक्तियों के आशय पर चर्चा करें। |
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Answer» ये पंक्तियाँ महाभारत के एक प्रसंग पर आधारित है। अभिमन्यु ने चक्रव्यूह में अकेले ही प्रवेश किया। कौरव सेना के महारथियों ने उसे घेर कर उसके सब शस्त्रास नष्ट कर डाले। अभिमन्यु के शत्रु पक्ष के लोग जानते थे कि न्याय अभिमन्यु के पक्ष में है। फिर भी वे उसे कुचल देने के लिए, मार डालने के लिए तैयार हो गए। |
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| 11. |
हमारा सौदा था खेल घंटी में खाने की अदला-बदली का।’ इस तरह की अदला-बदली से हम क्या समझ सकते हैं? |
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Answer» बच्चों के मन में हमेशा प्यार रहता है। उनके बीच ऊँच नीच या गरीब-धनी का कोई भेद-भाव नहीं होता। वे एक दूसरे को कुछ भी देने को तैयार होते हैं। चाहे वह खाना हो या और कुछ। निरीह बच्चों के इस अदला-बदली से उनकी मानवीयता का बोधमिल जाता है। |
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अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी बडे-बडे महारथी अकेली निहत्थी आवाज़ को अपने ब्रह्मास्त्रों से कुचल देना चाहें तब मैं रथ का टूटा हुआ पहिया उसके हाथों में ब्रह्मास्त्रों से लोहा ले सकता हूँ।सकता हूँ’ क्रिया का संबंध किससे है? (रथ, ब्रह्मास्त्र, मैं) |
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Answer» सकता हूँ’ क्रिया का संबंध मैं से है। |
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यूँ तो बड़ी बुआ गुठली को अच्छी लगती हैं। पर उनसे बात करना उसे कुछ खास पसंद नहीं।हीं ’ क्यों? |
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Answer» बुआ हमेशा नसीहतें देती रहती हैं। हर बात में मनाही करती रहती है। कहती है कि गुठली पराए घर की अमानत है। इसी कारण से गुठली बुआ से बातें करना नहीं चाहती। |
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लगा उसे जैसे उसके पैरों के नीचे से ज़मीन खींचखीं ली गई हो। गुठली को ऐसा क्यों लगता है? |
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Answer» बुआ गुठली से कहती है कि गुठली का अपना घर उसका नहीं पराया है। उस समय वह अपनी . माँ की ओर देखती है। लेकिन माँ बुआ की बातों से हामी भरती है। माँ भी उसे पराई मानती है। यह सच्चाई जानकर गुठली को लगा कि अपने पैरों के नीचे से ज़मीन खींचखीं ली गई है। |
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कुयल देने का मतलब क्या है? |
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Answer» असहाय को सर्वनाश करना। |
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सूचना : अकाल और उसके बाद’ कविता का यह अंश पढ़े और अनुबद्ध प्रश्नों के उत्तर लिखें। कई दिनों तक चुल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलिया की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त।जीव-जंतुओं के व्यवहारों की विशेषता क्या है? |
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Answer» चूल्हे के जलने और चक्की के चलने की प्रतीक्षा में कानी कुतिया उनके पास सो गई। कई दिनों . नों तक चूहों की हालत बहुत दयनीय है। भूख से तड़पती छिपकलियाँ दीवार पर टहलती रही थी। |
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अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी बडे-बडे महारथी अकेली निहत्थी आवाज़ को अपने ब्रह्मास्त्रों से कुयल देना चाहें।” |
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Answer» कविता का टिप्पणी धर्मवीर भारती आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक,कवि, नाटककार और सामाजिक विचारक थे। उन का जन्म 25 दिसंबर 1926 को इलाहाबाद में हुआ। मुर्दै का गाँव, स्वर्ग और पृथ्वी, याँद और टूटे हुए लोग (कहानी संग्रह) ठंडा लोहा, कनुप्रिय (काव्य) गुनाहों का देवता, सूरज का सातवाँ घोडा (उपन्यास) अंधायुग आदि उनके प्रमुख कृतियाँ है। उनको पद्मश्री, संगीत नाटक अकादमी, भारत भारती, व्यास सम्मान आदि पुरस्कार मिले हैं। 4 सितंबर 1997 को उनका निधन हुआ। अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी बड़े-बड़े महारधी कर्ण, द्रोण, भीष्म, आदि निशस्त्र अभिमन्यु को अपने महाशक्ति से सर्वनाश करना चाहते हैं। आज के समाज में भी इन जैसे लोगों का काम चलते हैं। हमारे समाज अधर्म की और जाए तो सत्य का पक्ष टूटे हुए पहिए का सहारा लेते हैं। टूटा पहिया उपेक्षित मानव का प्रतीक हैं। यह तो सार्थक हैं। तुच्छ सी लगनेवाली वस्तु भी सांत्वना देने में समर्थ हो सकती हैं। यहाँ कवि ने महाभारत के अभिमन्यु की कहानी को प्रतीकात्मक बनाकर वर्तमान युग की जटिलता का चित्रण किया है। |
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‘रविवार की छुट्टी का दिन उनके लिए बफ़्ते का सबसे बुरा दिन हुआ करता।’ ऐसा क्यों कहा गया है? |
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Answer» मोरपाल स्कूल जाकर खूब पढ़ना चाहता है। बडा होकर कुछ बनने की आकांक्षाएँ उसके मन में होंगी हों । इसलिए स्कूली दिन उनके लिए उत्साह के दिन और रविवार छुट्टी का दिन सबसे बुरा दिन लग जाता है। |
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अरी बेवकूफ़ यह घर तो पराया है’ बुआ गुठली से ऐसा क्यों कहती हैं? |
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Answer» इस संस्कृति को माननेवाली है। इसलिए बुआ यह कहती हैं। |
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‘बाकी निन्यानवे कहानियों को कभी भूलना नहीं चाहिए जो हमारे बचपनों में है। – लेखक ने ऐसा क्यों कहा है? |
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Answer» कलाम की कहानी बस एक फिल्म की कहानी है। फिल्म में वह अपनी मंज़िन पाता भी है। . लेकिन लेखक के जीवन में हुई अन्य कहानियों का अंत दर्दनाक है। वे बच्चे अपनी मंज़िल पाये बिना बहुत कष्ट उठाकर जी रहे हैं। |
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लोहा लेना’ से आपने क्या समझा? |
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Answer» लड़ाई करना । |
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लेकिन कलाम फिर कलाम है’ – लेखक के इस प्रस्ताव पर चर्चा करें। |
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Answer» कलाम एक ईमानदार लड़का है। चोरी का आरोप लगाते समय भी वह सबकुछ सहता है। कुँवर रणविजय को सज़ा मिलने के डर से उनसे हुई दोस्ती के बारे में भी कुछ नहीं कहना। सच्ची दोस्ती यही है। दोस्ती के लिए कुरबान करने वाला ही असली दोस्त निकलता है। |
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पढ़ें, ये वाक्य किसकी ओर इशारा करते हैं? इसकी आपकी राय क्या है?i. ‘अरी बेवकूफ़ यह घर तो पराया है। बाकी लड़कियों की तरह तू भी किसी और की अमानत है। ससुराल ही तेरा असली घर होगा। जैसे देख, पैदा तो मैं भी इसी घर में हुई थीं, थीं पर अब तेरे फूफाजी का घर ही मेरा घर है। कुछ समझी?”ii. “भूला नहीं है रे… अपने घर की छोरियों के नाम कार्ड पर नहीं छपते।” |
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Answer» ये वाक्य लड़की-लड़के के भेदभाव की ओर संकेत करते हैं। लड़कों की अपेक्षा लड़कियों के प्रति भेदभाव रखना बिलकुल अनुचित है। लड़कियों को भी लड़कों जैसे अधिकारों का हक है। |
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कई दिनों तक चुल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलिया की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त।इसमें किन-किन निर्जीव वस्तुओं के बारें में बताया गया है? |
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Answer» चूल्हा, चक्की, भीत। |
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लेकिन छोटू सिर्फ छोटू होकर नहीं जीना चाहता’ – इससे आपने क्या समझा? |
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Answer» छोटू स्कूल जाकर खूब पढ़ना चाहता है। राष्ट्रपति अब्दुलकलाम के शब्दों से प्रभावित होकर कलाम बनना चाहता है। इसलिए उसने स्वयं ही अपना नाम कलाम रखा है। अपना भविष्य उज्ज्वल बनाना चाहता है। |
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“ऐसा मत करो”, “ऐसे पट-पट मत बोलो”, “ऐसे धम-धम मत चलो…” एक दिन गलती से उसने पूछ ही लिया, “क्यों?” क्यों तो बस शुरु हो गई, “अरे छोरी, लोग नाम तो तेरी माँ को ही रखेंगे। कहेंगे कुछ सिखाया ही नहीं।हीं ऐसे ही करेगी क्या अपने घर जाकर ? गुठली बोली, “अपना घर? यही तो है मेरा घर, जहाँ मैं पैदा हुई।”लोग नाम तो तेरी माँ को ही रखेंगें – यहाँ रखेंगे’ क्रिया का रूपायन किस शब्द के आधार पर हैं? (नाम, लोग, माँ) |
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Answer» ‘लोग नाम तो तेरी माँ को ही रखेंगें – यहाँ रखेंगे’ क्रिया का रूपायन माँ शब्द के आधार पर है। |
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कई दिनों तक चुल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलिया की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त।इस कविता में किन-किन जीव-जंतुओं का जिक्र है? |
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Answer» कानी कुतिया, छिपकलियाँ, चूहे, कौए। |
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बेला का मन बहुत खराब हो गया, माटसाब चाहे मुझे पीट लेते मगर साहिल के सामने नहीं।हीं वह साहिल के सामने खुद को शर्मिदा महसूस कर रही थी क्योंकिक्यों वह जानती थी कि वह साहिल की नज़र में बहुत अच्छी है। जब वह उसके पास आकर बैठी उससे नज़र नहीं मिला पाई।‘उससे’ में निहित सर्वनाम कोन-सा हैं? (तुम, वह, मैं) |
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Answer» ‘उससे’ में निहित सर्वनाम वह हैं |
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दीवारों पर छिपकलियाँ क्या कर रही थीं।थीं ऐसा करने का कारण क्या है? |
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Answer» छिपकलियाँ दीवारों पर गश्त लगा रहे थे। कठिन अकाल के समय घर में कोई दीया भी जलने की संभावना न होगी। ऐसे में छिपकलियों के लिए कीड़ों को मिलना भी मुश्किल है। इसलिए वे गश्त लगा रहे होंगेहों गे। |
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“ऐसा मत करो”, “ऐसे पट-पट मत बोलो”, “ऐसे धम-धम मत चलो…” एक दिन गलती से उसने पूछ ही लिया, “क्यों?” क्यों तो बस शुरु हो गई, “अरे छोरी, लोग नाम तो तेरी माँ को ही रखेंगे। कहेंगे कुछ सिखाया ही नहीं।हीं ऐसे ही करेगी क्या अपने घर जाकर ? गुठली बोली, “अपना घर? यही तो है मेरा घर, जहाँ मैं पैदा हुई।”कहानी में किसका संकेत है?क. वर्तमान समाज में स्त्री-पुरुष में समता हैं।ख. वर्तमान समाज में स्त्री-पुरुष समता का अभाव हैं।ग. वर्तमान समाज स्त्रीयों को पुरुषों के समान ही देखता हैं। |
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Answer» वर्तमान समाज में स्त्री-पुरुष समता का अभाव है। |
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चार्ली ने जनता में गुदगुदी फैला दी थी। उसके बाद उसने दर्शकों से बातचीत की, नृत्य किया और अपनी माँ सहित कई गायकों की नकल उतारी।उसके’ में निहित सर्वनाम कौन-सा हैं ? (वह, हम, वे) |
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Answer» उसके’ में निहित सर्वनाम वह हैं। |
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दुनिया के सबसे बड़े शो मैन का यह पहला शो था’ इस घटना के आधार पर एक रपट तैयार करें।1. रपट वस्तुनिष्ठ हो।2. रपट क्या, कौन, कब, कैसे, कहाँ आदि प्रश्नों के उत्तर देने लायक हो।3. रपट में लेखक का अपना दृष्टिकोण प्रकट हो।4. शीर्षक आकर्षक हो। |
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Answer» पाँच साल के बच्चे ने हॉल को हँसीघर में बदल दिया लंदन : आज शहर के प्रसिडेंसी हॉल को पाँच साल का चार्लस स्पेनसर चैप्लिन नामक बच्चे ने अपना गाना तथा भोलापन से हँसीघर में तब्दील कर दिया। हॉल में चैप्लिन की माँ हन्ना का गाना चल रहा था। अचानक उसकी आवाज़ फट गई। लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। हन्ना स्टेज से हटने को मज़बूर हुई। मैनेजर के आदेश से हन्ना के पाँच साल के बच्चे को गाने के लिए स्टेज पर लाया गया। चैप्लिन ने अपने सहज भोलेपन से गाना शुरू किया। लोग खुश होकर स्टेज पर पैसे फेंकने लगे। बच्चा गाना रोककर पैसा बटोरने की घोषणा की। बच्चे के इस व्यवहार ने हॉल को हँसीघर में तब्दील कर दिया। लोग इस छोटे से बच्चे में भविष्य के मशहूर कलाकार को देख रहे थे। |
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अकाल के क्या-क्या कारण हो सकते है? चर्चा करें। |
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Answer» अकाल और उसके बाद’ कविता में बिहार राज्य में हुई अकाल का आँखों देखा हाल है। अकाल पडने के मुख्य कारण प्राकृतिक आपदाएँ (National Calamities) अत्याधिक जनसंख्या, फसलों की असफलता, दरिद्रता एंव बेरोज़गारी, सरकारी दुकानों का प्रभावशाली ढंग से प्रबंधन न होना आदि है। भूकंप हिम झंझावत, बाढ़, सूखा तथा महामारी के कारण अकाल की परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है। संसाधनों से अधिक जनसंख्या के कारण कृषि पर अधिक भार पडता है। फसलों की असफलता होने पर भी अकाल पडता है। गरीब एंव बेरोज़गार लोगों की खाघ सामग्री खरीदने की क्षमता बहुत कम होती है। सरकारी दूकानों पर गरीब लोगों को सही समय पर पर्याप्त मात्रा में खाघ सामग्री नहीं मिलती। इस प्रकार का भ्रष्टाचार भी अकाल पडने में सहायक होता है। |
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वे जानवरों के साथ-साथ कीड़ाजड़ी, करण और च्यूर जौसी दुर्लभ हिमालयी जड़ी व औषधियाँ भी बेचते हैं। इन गांवों से इनका सादियों का रिश्ता हैं, इसलिए उसी वक्त पूरी कीमत चुकाना ज़रूरी नहीं होता। बर्फीले मौसम में निचले इलाकों की ओर जाते वक्त पुरानी वसूली की जाती है। मज़े की बात हैं कि नकत-उधार के आंकड़े कहीं दर्ज नहीं होते।इनका’ – में निहित सर्वनाम कौन – सा हैं? |
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Answer» इनका’ – में निहित सर्वनाम ये हैं? |
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तीसरी गज़ल सुनकर वह खामोश हो गया। उसके खामोश हो जाने से सारा वातावरण ही बदल गया।’ बूढ़े मल्लाह अब्दुल जब्बार के साथ हुई भोपाल-ताल की सैर के बारे में लेखक अपनी डायरी में कुछ लिखते है। वह डायरी तैयार करें। |
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Answer» 26 दिसंबर 1952. कल जो भोपाल- ताल की यात्रा करने का मन हुआ वह अविस्मरणीय रहा। रात साढ़े ग्यारह बजे मैं अविनाश के साथ भोपाल-ताल पर यात्रा की। हमारा मल्लाह अब्दुलजब्बार नामक एक बूढ़ा था। वह बहुत खुशमिज़ाज नज़र आया। अविनाश के आग्रह प्रकट करते ही उसने तीन गज़लें छेड़ दी। वाह ! हम उसपर विलीन हो गए थे। रात, सर्दी एवं नाव के हिलने का अंदाज़ा पहले नहीं हुआ था। झील का विस्तार भी गाते समय सिमट गया था। उसका गला काफ़ी अच्छा था। सुनाने का अंदाज़ भी शायराना था। नाव चलाने का बीच काफ़ी देर चप्पुओं को छोडे वह झूमझू -झूमकर झू गज़लें सुनाता रहा। तेज़ गर्मी में भी बेचारा सिर्फ एक तहमद लगाए बैठा था। जब वह चप्पू चलाने लगता तो उसकी मांसपेशियाँ इस तरह हिल्ती जैसे उनमें फौलाद भरा हो। मैं और अविनाश उसके गज़ल गायन में इतना विलीन हो गए थे कि लौट जाने की बात ही नहीं सोचा था। आगे उसने गालिब की गज़ल पैश की – “मुद्दत हुई है यार को मेहमाँ किए हुए……”! आहा! क्या बात है! यह दुनीया ही कुछ और है। |
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बीरबहूटियों की क्या-क्या विशेषताएँ थीं? |
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Answer» बीरबहूटियाँ सुर्ख, मुलायम और गदबदी थीं।थीं उन्हें देखने पर धरती पर चलती-फिरती खून की बूंदें लगती थीं। |
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गाना अभी आधा ही हुआ था कि स्टेज पर पैसों की बौछार शुरु हो गई। चार्ली ने गाना रोक दिया और घोषणा की कि पहले मैं ये पैसे बटोरूँगा और उस के बाद ही गाऊँगा। इस बात ने हाँल को हँसीघर में तब्दील कर दिया। तब तक मैनेजर एक रुमाल लेकर आया और पैसे बटोरने लगा।मान लें, चार्ली की माँ इस दिन डायरी लिख रही हैं। उसने डायरी में क्या – क्या लिखा होगा? कल्पना करक लिखें। |
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Answer» 20 आगस्त 2017 रविवार आज एक अविस्मरणीय दिन था। मैं स्टेज पर गा रही थी, अचानक मेरी आवाज़ फटकर फुसफुसाहट में तब्दील हो गई। लोग चिल्लाने लगे। तब मैनेजर को मेरा बेटा चाली को स्टेज पर भेजना पडा। चाली ने मशहर गीत ‘जैक जोन्स गाना’ शुरु किया। आर्केस्ट्रा वाले उस का गाना सजाने लग। गाना आधा ही हुआ था कि स्टेज पर पैसों की बौछार शुरू हो गई। चार्ली ने पैसों को बटोरना चाहा पर मैनेजर ने एक रुमाल लेकर पैसों को बटोरकर मुझे सौंपसौं दिया। मेरा प्यारा बेटा अपना गीत से हॉल को हँसीघर में तब्दील कर दिया। वह ऐसा नहीं किया तो… क्या करें? आज का दिन मैं कभी भी भलँगी। |
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वे जानवरों के साथ-साथ कीड़ाजड़ी, करण और च्यूर जौसी दुर्लभ हिमालयी जड़ी व औषधियाँ भी बेचते हैं। इन गांवों से इनका सादियों का रिश्ता हैं, इसलिए उसी वक्त पूरी कीमत चुकाना ज़रूरी नहीं होता। बर्फीले मौसम में निचले इलाकों की ओर जाते वक्त पुरानी वसूली की जाती है। मज़े की बात हैं कि नकत-उधार के आंकड़े कहीं दर्ज नहीं होते।नकद-उधार के आँकड़े कहीं दर्ज नहीं होते’ आपसी विश्वास के आधार पर सादियों से चली आ रही इस सिलसिले पर एक रपट तैयार करें। |
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Answer» यहाँ नकद – उधार के आँकड़े कहीं दर्ज नहीं होता। उत्तराखड़ मकर संक्रांति से सूरज तपने के कारण गंगा में पानी की धारा तेज़ हो जाती हैं। उस समय यहाँ के हिमालय अंचल में ठंड के मौसम में बर्फीले इलाकों से निचले इलाकों में उतरे पशुचारक वापस घरों को लौटने लगते हैं। रास्ते में आनेवाले गाँवों से उनका लेन-देन भी होता हैं। गाँवों से इनका सादियों का रिश्ता है, इसलिए उसी वक्त पूरी कीमत चुकाना ज़रूरी ही। बर्फीले मौसम में निचले इलाकों की ओर जाते वक्त पुरानी वसूली की जाती है। मज़े की बात है कि नकद-उधार के आंकडे कहीं दर्ज नहीं होते। आपसी विश्वास के दम पर वर्षों से यहाँ ये लेन-देन चल रहा है। |
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अकाल और उसके बाद कविता का सारांश प्रश्ना 6. चर्चा करें कविता में कई दिनों तक और कई दिनों के बाद दूहराने का तात्पर्य क्या हो सकता है। |
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Answer» आचार्य नागार्जुन की कविता है ‘अकाल और उसके बाद।’ कविता की पहली चार पंक्तियों में कई दिनों तक’ की पुनरावृत्ति अभाव की निरंतरता को अंकित करती है। कविता में दूसरे खंड की चार पंक्तियों में कई दिनों के बाद ‘तक’ और ‘बाद’ के बीच एक लंबे अंतराल को व्यंजित करती ह |
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बोली – “यह पानी कैसे पिओगे? न जाने कौन जानवर मरा हैं। कुएँ से मैं दूसरा पानी लाए देती हूँ।”जोखू ने आश्चर्य से उसकी ओर देखा – “पानी कहाँ से लाएगी?”“ठाकुर और साहू के दो कुएँ तो हैं। क्या एक लोटा पानी न भरने देंगे?”“हाथ-पाँव तुड़वा आएगी और कुछ न होगा।”‘हाथ-पाँव तुड़वा आएगी और कुछ न होगा।’ इस कथन पर आपका विचार क्या हैं? |
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Answer» जाति प्रथा एक अभिशाप हैं। ऊँच जाति निम्न जाति से कई प्रकार के क्रूर व्यवहार करते हैं। निम्न जाति ऊँच जाति के कुएँ से पानी लेना मना हैं। |
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साहिल बेला का रिपोर्ट कार्ड देख रहा था और बेला साहिल का। आज आखिरी बारी वे एक दुसरे की कोई चीज़ को छूकर देख रहे थे। “तुम्हारी आँख में आँसु क्यों आ रहे हैं बेला?” “मुझे क्या पता।” बेला ने डबडबाई आँखों से हँसते हुए कहा। साहिल की आँखें बीरबहूटी की तरह लाल होने लगी थीं और उनमें बारिश की बूंदों-दों सा पानी भर गया था।कहानी के अंश के आधार पर सही प्रस्ताव चुनकर लिखें। क) साहिल और बेला बहुत खुश थे। ख) साहिल और बेला रो रहे थे। ग) साहिल और बेला को कोई दुख नहीं था। घ) साहिल और बेला बिछुड़ना चाहते थे। |
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Answer» ख) साहिल और बेला रो रहे थे। |
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साहिल और बेला स्कूल के लिए घर से कुछ समय पहले निकल आते थे। क्यों? |
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Answer» साहिल और बेला को बीरबहूटियाँ बहुत प्रिय थीं।थीं कस्बे से सटे खेतों में वे बीरबहूटियाँ खोजा करते थे। |
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गाना अभी आधा ही हुआ था कि स्टेज पर पैसों की बौछार शुरु हो गई। चार्ली ने गाना रोक दिया और घोषणा की कि पहले मैं ये पैसे बटोरूँगा और उस के बाद ही गाऊँगा। इस बात ने हाँल को हँसीघर में तब्दील कर दिया। तब तक मैनेजर एक रुमाल लेकर आया और पैसे बटोरने लगा।मैनेजर के स्थान पर ‘माँ’ का प्रयोग करके वाक्य बदलकर लिखें।मानेजर एक रुमाल लेकर आया। |
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Answer» माँ एक रुमाल लेकर आयी। |
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सूरज जब चौखंभा पर्वत के पीछे से उदय होने लगता है तब जेठ शुरू हो जाता है। पहाड़ की सड़कें गाड़ियों से भर जाती हैं। अपने घर की छत से जब में बद्रीनाध यात्रा- मार्ग की भीड़ देखता हूँ तो भूल जाता हूँ कि महज दो महीने पहले यह घाटी एकदम शांत थी।नमूने के अनुसार वाक्य बदलकर लिखें।जेठ शुरू हो जाता हैं। जेठ शुरू हो जाएगा।सड़कें गाड़ियों से भर जाती हैं। ……… |
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Answer»
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कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास चूल्हे का रोना और चक्की का उदास होना- इसका मतलब क्या है? |
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Answer» इससे कवि यह बताना चाहते हैं कि घर में खाद्य वस्तुओं का बिलकुल अभाव है। कई दिनों इन दोनों का कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है। |
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उसने रस्सी का फंदा घडे में डाला। दाएँ-बाएँ चौकन्निदृष्टि से देखा जैसे कोई सिपाही रात को शत्र के किले में सुराख कर रहा हो। अगर इस समय वह पकड़ ली गई, तो फिर उसके लिए माफी या रियायत की रात्री भर उम्मीद नहीं।गंगी के चरित्र पर टिप्पणी लिखें। |
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Answer» गंगी गंगी प्रेमचंद की कहानी ‘ठाकूर का कुआँ’ का प्रमुख पात्र हैं। वह जाति – प्रथा से त्रस्त समाज की प्रतिनिधि हैं। कहानी के आंरभ में वह पति को पीने का पानी देती हैं। लेकिन पानी पीने का योग्य नहीं था, उस में सख् बदबू थी। दूर के कुएँ से वह रोज़ शाम को पानी भर लाती थी। कल वह पानी लाई थी तो उस में बदबुन थी। पति ज़ोखू बीमार था वह प्यास रोक न सकने पर खराब पानी पीने को तैयार हो गया। लेकिन गंगी न पानी देती। वह जानती थी कि खराब पानी पीने से पति का बीमार पढ़ जाएगा। जाति-प्रथा ज़ोरों में था। निम्न जाति होने के कारण ठाकुर या साहूकार के कुएँ से वह पानी न भर सकती। जाति प्रथा के बारे में सोचते समय हम गंगी में एक विद्रोही का मन देखते हैं। उसकी शंका यह थी कि वह क्यों नीच हैं? और ये लोग क्यों ऊँचे हैं? कहते है जाति से ऊँच पर निम्न बातें करते हैं। ऐसे सोचकर बडी सावधानी से कुएँ की और चली। देवताओं को याद करके उसने घड़ा कुएँ में डाला। घड़े को पकड़कर जगत पर रखने वह झुकी कि एकाएक ठाकुर का दरवाज़ा खुल गया। गंगी का धैर्य टूट गया और उसके हाथ से रस्सी टूट गयी। रस्सी के साथ घडा पानी में गिर गया। कौन है कौन है पुकारते ठाकुर कुएँ की ओर आने लगे। इसी समय गंगी जगत से कूदकर भागी। इस प्रकार पति के स्वास्थ्य के बारे में सोचनेवाली धीर और जाति-प्रथा को घृणा करनेवानी नारी है – गंगी। |
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बोली – “यह पानी कैसे पिओगे? न जाने कौन जानवर मरा हैं। कुएँ से मैं दूसरा पानी लाए देती हूँ।”जोखू ने आश्चर्य से उसकी ओर देखा – “पानी कहाँ से लाएगी?”“ठाकुर और साहू के दो कुएँ तो हैं। क्या एक लोटा पानी न भरने देंगे?”“हाथ-पाँव तुड़वा आएगी और कुछ न होगा।”‘गंगी’ के बदले ‘जोखू’ का प्रयोग करके वाक्य बदलकर लिखें।गंगी पानी लाएगी। |
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Answer» जोखू पानी लाएगा। |
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बेला के पाँव अभी भी काँप रहे हैं। स्याही की बोतल अभी-अभी खाली हो गई है। पानी की बूंदें अटकी हुई थीं।ऐसे परसर्गयुक्त वाक्य कहानी से चुनकर लिखें। |
Answer»
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जाति प्रथा एक अभिशाप है’ – विषय पर आलेख तैयार करें और संगोष्ठी चलाएँ। |
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Answer» जाति प्रथा : एक सामाजिक अभिशाप जाति प्रथा समाज की एक विकट समस्या है। इसके कारण समाज में असमानता,एकाधिकार, विद्वेष आदि दोष उत्पन्न हो जाते हैं। जाति प्रथा की सबसे बड़ा दोष छुआछूत की भावना है। इसके कारण संकीर्णता की भावना का प्रसार होता है और सामाजिक राष्ट्री य एकता में बाधा आती है। जाति के नाम पर निम्न वर्ग के लोगों को कई प्रकार की यातनाएँ सहनी पड़ती हैं। उन्हें अपनी जिंदगी स्वतंत्र रूप से जीने में बाधा होती है। आम जगहों को इस्तेमाल करने से उनके लिए पाबंदी है। निम्न वर्ग के लोगों से छुआ पानी पीना, उनका बना भोजन खाना, रास्ते में दूसरों के सामने पड़ना आदि बातों को बुरा समझा जाता है। कई लोगों ने जाति प्रथा को समाप्त करने की बात की। भारत संविधान में जाति के आधार पर अवसर में भेदभाव करने पर रोक भी लगाई है। पिछली कई सदियों से पिछड़ी रही कई जातियों के उत्थान के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई। निम्न वर्ग के लोगों को इससे कई फायदा हुए। लेकिन जहाँ जाति व्यवस्था कायम है वहाँ नीच जाति वालों को एक तरह से आरक्षण के नाम पर उनकी नीचता की याद दिलाई जा रही है। असल में आरक्षण जहाँ पिछड़ी जातियों को अवसर दे रहा है, वहीं वे उन्हें ये एहसास भी याद करवाता है कि वे उपेक्षित हैं। कानूनी रोकथाम, शिक्षा में हुई उन्नति आदि के कारण इस कट्टरपन में थोड़ी सी कमी ज़रूर आई। लेकिन जाति प्रथा नए रूपों में वर्तमान है। विश्वविद्यालयों, शासक वर्गों, राजनीतिज्ञों आदि के बीच आज भी यह नए-नए रूप धरकर मौजूद है। अगर हम इसे सफल रूप से रोक न पाएँ तो हमारी सामाजिक उन्नति संभव नहीं होगी। |
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शेर का मुँह इससे भयानक न होगा’ -यहाँ ठाकुर के दरवाज़े की तुलना शेर के मुँह से क्यों की गई है? |
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Answer» शेर एक खूखार जानवर है। इसके मुँह के सामने पड़नेवालों को बचने की उम्मीद नहीं।हीं इसी प्रकार ठाकुर का घर भी गंगी जैसे लोगों के लिए डरावना जगह है। ठाकुर के सामने पड़ने पर बचना मुश्किल है। इसलिए ऐसी तुलना की गई है। |
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