Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

अपनी पाठशाला के वार्षिकोत्सव का वर्णन करते हुए अपने मित्र के नाम पर पत्र लिखो।

Answer»

मानेपल्ली,
x x x x

प्रिय मित्र रामु,

मैं यहाँ कुशल हूँ! समझता हूँ तुम वहाँ कुशल रहे हो। तुम्हारे यहाँ से पत्र पाकर कई दिन हो गये हैं। इस पत्र के मिलते ही जवाब लिखना।

हमारी पाठशाला में दि. x x x x और दि. x x x x को वार्षिकोत्सव मनाया गया है। उसके बारे में पत्र में लिख रहा हूँ।

वार्षिकोत्सव के पहले दिन शाम को सार्वजनिक सभा हुई। उसमें हमारे नगर के नगर पालिका के मेयर और अन्य गण्यमान्य लोग पधारे हैं। हमारे प्रधानाध्यापक जी ने उनका स्वागत और सम्मान किया । मेयर ने अपने भाषण में छात्रों को अच्छी तरह पढ़कर, सुनागरिक बनने का संदेश दिया। प्रधानाध्यापक जी ने छात्रों को पुरस्कार दिलवा दिये। सभा के विसर्जित होने के बाद छात्रों ने नाटक नाटिकाओं का प्रदर्शन दिया। गीत और संगीत का आयोजन हुआ। रात दस बजे सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

दूसरे दिन शाम को शारीरिक विन्यासों का प्रदर्शन हुआ। स्थानीय MLA यम यल ए महोदय जी ने अध्यक्ष का आसन ग्रहण किया। वन्देमातरम गीत से सभा का आरंभ हुआ। मुख्य अतिथि महोदय ने छात्रों से अनुशासन का पालन करने का, उसके ज़रिए जीवन में उन्नति पाने का संदेश दिया। रात नौ बजे सभा की समाप्ति हुयी।

तुम भी अपनी पाठशाला में मनाये गये वार्षिकोत्सव का वर्णन करते हुए पत्र ज़रूर लिखो। तुम्हारे माता – पिता से मेरे प्रणाम कहना।

तुम्हारा प्यारा दोस्त,
x x x x

पता :
आर. रामु,
दसवीं कक्षा,
कार्पोरेशन हाई स्कूल,
गुन्टूरु।

2.

नौकरी के लिए आवेदन – पत्र लिखिए।

Answer»

गुंटूर
दि: x x x x x

प्रेषक
आलोक कुमार गुप्ता,
18/16 जेम्स स्ट्रीट,
गुंटूर।
सेवा में,
प्रधानाचार्य जी,
डि.ए.वी हाई स्कूल,
गुंटूर।

महोदय,

विषय : आपके द्वारा ‘स्वतंत्र वार्ता’ में प्रकाशित विज्ञापन के प्रत्युत्तर में हिंदी अध्यापक के पद हेतु अपना आवेदन – पत्र भेज रहा हूँ। मेरा व्यक्तिगत विवरण निम्नलिखित है ।
नाम : ……………
पिता का नाम : …………
जन्म तिथि : ……………….
शैक्षणिक योग्यता : ………..

1.    मैंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से दसवीं की परीक्षा में 72% अंक प्राप्तकर उत्तीर्ण की है।

2.    माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से बारहवीं की परीक्षा में 76% अंक प्राप्तकर उत्तीर्ण की है।

3.    उस्मानिया विश्वविद्यालय से बी.ए. की परीक्षा में 72% अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की है।

4.    आइ.ए.एस.ई (IASE) से बी.एड की परीक्षा में 75% अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की है।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि यदि आपकी चयन समिति ने मुझे यह अवसर प्रदान किया तो निश्चित ही मैं आपकी उम्मीदों पर खरा उतरूँगा और अपनी पूरी निष्ठा व लगन के साथ काम करूँगा।

धन्यवाद सहित।

भवदीय
आलोक कुमार गुप्ता
पता : x x x x

3.

अपनी बहन की शादी में भाग लेने केलिए चार दिन की छुट्टी माँगते हुए अपने महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को आवेदन-पत्र लिखिए।

Answer»

रामकृष्ण आश्रम रोड़
बसवनगुड़ी
बेंगलूरु।
दिनांकः 10 जून 2019

सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य
सरकारी महाविद्यालय
बेंगलूरु।

मान्यवर महोदय,
विषय : चार दिन की छुट्टी प्रदान करने के संबंध में आवेदन पत्र। – सविनय निवेदन है कि दिनांक 20 जून को मेरी बहन की शादी है। मुझे इस महत्वपूर्ण अवसर पर शादी की तैयारियों में मदद करने एवं विवाह में उपस्थित रहने के लिए चार दिनों के अवकाश की जरूरत है। अतः महोदय आपसे अनुरोध है कि मुझे 18 जून से 21 जून तक छुट्टी प्रदान करने का कष्ट करें।

आपकी अति कृपा होगी।

आपका आज्ञाकारी
मंजुनाथ स्वामी

4.

विश्व पुस्तक प्रदर्शनी में जाने के लिए दो दिन की अनुमति माँगते हुए प्रधानाध्यापक के नाम पत्र लिखिए।

Answer»

रामचंद्रापुरम,
दि. x x x x

सेवा में,
प्रधानाध्यापक जी,
नगर पालिका हाईस्कूल,
कोत्तपेट, गुंटुर।

महोदय,

सादर प्रणाम । मैं दसवीं कक्षा अंग्रेजी माध्यम का छात्र हूँ। मेरी क्रम संख्या 18 है।

हमारे शहर से अस्सी किलोमीटर दूरी पर स्थित नगर में विश्व पुस्तक प्रदर्शनी लगी हुई है। मुझे पता चला कि उस प्रदर्शनी में सभी प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह प्रदर्शनी केवल दस दिन के लिए
आयोजित है। मैं उसे देखना चाहता हूँ। अपनी मनपसंद पुस्तकें खरीदना चाहता हूँ। कल हमारे परिवार के सभी सदस्य उस प्रदर्शनी को देखने जा रहे हैं।

कृपया मुझे उस प्रदर्शनी में जाने के लिए दो दिन की अनुमति / छुट्टी देने की कृपा करें।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी छात्र,
x x x x

5.

बहिन की शादी में जाने के लिए तीन दिन की छुट्टी माँगते हुए प्रधानाध्यापक के नाम पत्र लिखिए।

Answer»

तणुकु,
दि. x x x x x

सेवा में,
श्री प्रधानाध्यापक जी,
जिला परिषद हाइस्कूल,
तणुकु।
सादर प्रणाम,

मैं आप की पाठशाला में नौवीं कक्षा पढ़ रहा हूँ। मेरा नाम गणेश है।

मेरी बहिन की शादी ता. xxxx को राजमहेंद्रवरम में होनेवाली है। इसलिए कृपया मुझे ता. xxxx से xxxxx तक तीन दिन की छुट्टी देने के लिए प्रार्थना कर रहा हूँ।
धन्यवाद सहित,

आपका
आज्ञाकारी छात्र,
के. किरण,
नौवीं कक्षा,

6.

अपनी छोटी बहन को अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए एक पत्र लिखिए।

Answer»

27, जयनगर
9वाँ ब्लॉक,
बेंगलूरु।
दिनांक: 30 मार्च, 2019

प्रिय शुभेक्षा

शुभाशीर्वाद।
पिताजी का पत्र मिला। जानकर बहुत हर्ष हुआ कि तुम आजकल बड़े मनोयोग से पढ़ाई कर रही हो। पिताजी ने यह भी लिखा कि तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता।

तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। अतः तुम्हें रोज व्यायाम और सुबह-सुबह टहलना चाहिए। खानपान का समुचित ध्यान रखना चाहिए। व्यायाम और खानपान में भी उसी मनोयोग से ध्यान दो जिस मनोयोग से पढ़ाई में ध्यान देती हो। मुझे उम्मीद है कि अगले पत्र में तुम्हारी दिनचर्या में परिवर्तन और स्वस्थ होने की सूचना मिलेगी।

तुम्हारा भाई
अर्णित

सेवा में,
201, जयलक्ष्मीपुरम
कालिदास रोड़
मैसूर।

7.

संक्रांति का महत्व बताते हुए छोटी बहन को पत्र लिखिए।

Answer»

राजमहेंद्रवरम,
दि. x x x x x

प्यारी छोटी बहन सरिता,

आशीर्वाद।

कल तुम्हारा पत्र मिला। मुझे बडी खुशी हुई। वहाँ सब कुशल समझता हूँ। तुमने संक्रांति के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की है। मैं यहाँ उसका महत्व तुम्हें समझाती हूँ।

संक्रांति हमारा एक बडा त्यौहार है। यह तीन दिनों का त्यौहार है। पहले दिन को भोगी कहते हैं। दूसरे दिन संक्रांति और तीसरे दिन को कनुमा कहते हैं। यह त्यौहार हर जनवरी महीने में आता है। इस सिलसिले में सभी बन्धु लोग अपने घर आते हैं। पकवान बनाते हैं। नये कपडे पहनते हैं। किसान लोग अनाज घर लाते हैं। गायों, बैलों और हलों की पूजा करते हैं। सारे गाँव में कोलाहल सा बना रहता है। मुर्गों की होड, भेडियों की भिडाई आदि होते हैं। सब लोग आनंद – प्रमोद के साथ त्यौहार मनाते हैं।

माता – पिता से मेरे प्रणाम कहना। उत्तर की प्रतीक्षा में –

तुम्हारी बड़ी बहन,
x x x x

पता:
के. सरिता,
पिता – रामाराव,
2-3/127, बंदर रोड,
गुडिवाडा।

8.

‘दशहरे’ का महत्व बताते हुए छोटे भाई को पत्र लिखिए।

Answer»

विजयवाडा,
दि. x x x x x

प्रिय भाई श्रीकर,
आशिष

मैं यहाँ कुशल हूँ। आशा है कि आप सब सकुशल हैं। एक हफ्ते के पहले मैं दशहरे की छुट्टियाँ बिताने यहाँ आया। यहाँ ‘दशहरा’ बडे धूमधाम से मनाया जाता है। यहाँ का कनकदुर्गा मंदिर प्रसिद्ध है। हर रोज़ कनकदुर्गा के नये – नये अलंकार किये जाते हैं। दशहरे के समय दूर – दूर से कई यात्री आते हैं। वे कृष्णा नदी में स्नान करते हैं। दुर्गा माता का दर्शन करते हैं। रात के समय मंदिर रंग बिरंगे विद्युत दीपों से सजाया जाता है। उस समय की शोभा निराली होती है।

विजयवाडे में गाँधी पहाड पर नक्षत्रशाला भी है। तुम दशहरे की छुट्टियों में यहाँ आओ। हम दोनों बडे आनंद के साथ समय बिता सकेंगे। माता – पिता को मेरे प्रणाम कहना | पत्र की प्रतीक्षा में।

तुम्हारा बड़ा भाई,
x x x x x

पता:
चिरंजीवि श्रीकर,
दसवी कक्षा,
एस.एस. हाई स्कूल,
आलमूरु, पू.गो. जिला

9.

अपनी छोटी बहन को बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान पाने पर बधाई पत्र लिखिए।

Answer»

कोडगु
दिनांकः 20 मई, 2019

प्रिय अंजली
प्यार।
मुझे कल ही तुम्हारे बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने का समाचार मिला। मुझे यह खबर सुनकर जिस तरह के आनंद और गर्व का अनुभव हुआ है, उसे शब्दों में अभिव्यक्त करना मुश्किल है। पूरे परिवार को तुम पर गर्व है। कठिन परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

प्रिय बहन! मेरी ओर से अपनी इस शानदार सफलता के लिए बधाई स्वीकार करो। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि तुम जीवन में आगे भी सफलता हासिल करो।

मेरी शुभकामनाएँ तुम्हारे साथ है। तुम प्रगति के पथ पर आगे बढ़ती रहो।

तुम्हारा भाई
प्रकाश

सेवा में,
अंजली
देखभाल श्री रामचन्द्र अडिगा
संतेकट्टे, उडुपी – 576 105.

10.

सूचनानुसार काल बदलिए:1) वह बच्ची पंजाबी की प्रसिद्ध कवयित्री अमृता प्रीतम बन जाएगी। (वर्तमानकाल में बदलिए)2) लकड़हारा राजकुमारी को देखता है। (भूतकाल में बदलिए)3) वह सोने की पालकी में बैठती है। (भूतकाल में बदलिए)4) मैं उसे चुप कराऊँगी। (भूतकाल में बदलिए)5) ईश्वर बच्चों का कहना मान जाएगा। (वर्तमानकाल में बदलिए)6) तुम्हारा नाम लोगों के पुत्रों से ज्यादा चमकता है। (भविष्यत्काल में बदलिए)7) तुम्हारा नाम लोगों के पुत्रों से ज्यादा चमकता है। (भविष्यत्काल में बदलिए)8) रात के वक्त भापाजी के गिरने की आवाज़ आती है। (भूतकाल में बदलिए)9) हम तो चलेंगे। (वर्तमानकाल में बदलिए)10) लोग भूख से भी मरे थे। (वर्तमानकाल में बदलिए)11) लंगर रात दिन चलेगा। (अपूर्ण भूतकाल में बदलिए)12) वे छत पर देखने चले जा रहे थे। (भूतकाल में बदलिए)13) रावी से उसका कल्याण हो गया। (भविष्यत्काल में बदलिए)14) साहब तो मिनिस्टर साहब को लिखते हैं। (भूतकाल में बदलिए)15) उद्घाटन कार्य वे परसों ही करना चाहेंगे। (वर्तमानकाल में बदलिए)16) सबको भी बराबर हिस्सा मिलता है। (भविष्यत्काल में बदलिए)17) सब लोग अपनी-अपनी राय देंगे। (वर्तमानकाल में बदलिए)18) हमको भी मेंबर बना लिया जाएगा। (वर्तमानकाल में बदलिए)19) अपने छोटे भाई से इनके कारनामे सुनता था। (वर्तमानकाल में बदलिए)20) अपने छोटे भाई से इनके कारनामे सुनता था। (वर्तमानकाल में बदलिए)21) मैं क्षण भर के लिए रुक जाऊँगा। (भूतकाल में बदलिए)22) मैंने तुम्हें विश्वास दिलाया। (वर्तमानकाल में बदलिए)23) मैंने तुम्हें विश्वास दिलाया। (वर्तमानकाल में बदलिए)24) प्रोफेसर साहब यहाँ प्रिंसिपल गिरधारीलाल से मिलने आ रहे थे। (वर्तमानकाल में बदलिए)25) वह तो मैं केवल बात बनाने के लिए कह रहा हूँ। (भूतकाल में बदलिए)

Answer»

1. वह बच्ची पंजाबी की प्रसिद्ध कवयित्री अमृता प्रीतम बन रही है।

2. लकड़हारा राजकुमारी को देखता था।

3. वह सोने की पालकी में बैठती थी।

4. मैं उसे चुप करा रही थी।

5. ईश्वर बच्चों का कहना मान जाता है।

6. तुम्हारा नाम लोगों के पुत्रों से ज्यादा चमकेगा।

7. कोई एक चेहरा अपरिचित चेहरों के बीच में ढूँढूंगी।

8. रात के वक्त भापाजी के गिरने की आवाज़ आती थी।

9. हम चल रहे हैं।

10. वे छत पर देखने जा रहे थे।

11. वे छत पर देखने जा रहे थे।

12. वे छत पर देखने जा रहे थे।

13. रावी से उसका कल्याण हो जायेगा।

14. उद्घाटन कार्य वे परसों ही करना चाहते हैं।

15. उद्घाटन कार्य वे परसों ही करना चाहते हैं।

16. सबको बराबर हिस्सा मिलेगा।

17. सब लोग अपनी-अपनी राय देते है।

18. हमको भी मेंबर बना लिया है।

19. अपने छोटे भाई से इनके कारनामे सुनता है।

20. गर्मियों में बाहर गली में सोना पड़ा।

21. मैं क्षण भर के लिए रुक गया था।

22. मैंने तुम्हें विश्वास दिलाया था।

23. तरकारी भी लौकी की ही बनने वाली हैं।

24. प्रोफेसर साहब यहाँ प्रिंसिपल गिरधारीलाल से मिलने आ रहे हैं।

25. वह तो मैं केवल बात बनाने के लिए कह रहा था।

11.

स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार लाने के लिए नित्य व्यायाम करने की प्रेरणा देते हुए अपने छोटे भाई को पत्र लिखिए।

Answer»

367, वल्लभाई पटेल चौक
जेवर्गी कॉलोनी
कलबुरगी
दिनांकः 5 सितम्बर, 2018

प्रिय अनुज राजीव
सस्नेह शुभाशीष।

तुम्हारा पत्र मिला। तुमने बताया कि इस बार परीक्षा परिणाम तुम्हारे अनुकूल नहीं आएं हैं। तुमने बताया कि तुम्हारी तबीयत खराब हो गई थी। तुम यह अच्छी तरह जानते हो कि स्वास्थ्य ही मनुष्य की संपति है। पहला सुख ही निरोगी काया को माना गया है। अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए प्रातःकाल उठकर व्यायाम किया करो। व्यायाम से मन में उत्साह बना रहता है और मन प्रसन्न रहता है। बुद्धि का विकास भी होता है।

मुझे विश्वास है कि मेरी सलाह को मानकर तुम नित्य व्यायाम करोगे। शुभकामनाओं सहित।

तुम्हारा भाई
अरूण

सेवा में,
राजीव नायक
प्रथम पी.यू.सी.
जैन कॉलेज, जयनगर,
बेंगलूरु – 560 041.

12.

हिन्दी सीखने की ज़रूरत बताते हुए अपने छोटे भाई के नाम पत्र लिखिए।

Answer»

अमलापुरम,
दि. x x x x x

प्रिय छोटे भाई सुरेश,
आशीर्वाद।

तुम्हारा पत्र पढ़कर मुझे बडा अचरज हुआ। हिन्दी के प्रति तुम्हारी राय ग़लत है। हिन्दी भाषा हमारी राष्ट्रभाषा है। देश के अधिकांश लोग हिन्दी जानते हैं। अगर हम दक्षिण भारत से उत्तर भारत जाएँगे तो हमें वहाँ हिन्दी में बोलना पडता है। सरकारी नौकरी करनी है तो हिन्दी सीखना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए तुम कल से हिन्दी पढ़ना सीख लो। अगली बार पत्र लिखते समय हिन्दी में पत्र लिखना। वहाँ सब लोगों से मेरी पूछताछ कहना।

तुम्हारा बडा भाई,
गोविंदराव।

पता :
यस. सुरेश,
सातवीं कक्षा,
यस.यस. हाईस्कूल,
गाँधी नगर, वैज़ाग।

13.

निबंध लेखन :पशु सुरक्षा का महत्व

Answer»

प्रस्तावना :
भगवान की सृष्टि में पशुओं का विशेष महत्व है। पशु – पक्षी ही प्रकृति की शोभा बढानेवाले हैं। समृद्धिदायक होते हैं। पशु के द्वारा ही मानव जीवन सुखी होता है। इस कारण पशु – सुरक्षा के महत्व पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

प्राचीन काल में गोधन या गायों का अत्यंत महत्व है। जिसके पास अधिक गायें होती हैं, वही अधिक धनवान या महान कहलाता है। तब घोडे, बैल, हाथी आदि जानवर सवारी का काम आते थे। अब ये काम यंत्रों की सहायता से संपन्न हो रहे हैं।

विषय विश्लेषण :
गाय, बकरी आदि कई पशु दूध देते हैं। दूध से मानव जीवन का पोषण होता है। दूध का मानव जीवन में सर्वश्रेष्ठ स्थान है। इससे कई प्रकार के पदार्थ बनाते हैं। खासकर बचपन में सभी शिशुओं के लिए दूध की अत्यंत आवश्यकता है। दूसरा इनके गोबर से खाद बनती है। पैदावर अधिक होती है। अब भी बैल खेत जोतते हैं। मज़बूत बैलों से अच्छी खेती होती है। बैल गाडी खींचते हैं। किसानों का अनाज घर और बाज़ार पहुँचाते हैं। घोडे भी खेती के काम में आते हैं। घोडा गाडी खींचता है। उस पर सवारी करते हैं। बहुत से लोग कई पशुओं का मांस खाते हैं। चमडे से चप्पल और जूते बनाते हैं। कुछ जानवरों से ऊन मिलता है।

उपसंहार :
हमारे देश में गाय, बैल, बकरी, भेड, भैंस, घोडा, सुअर आदि पशुओं को पालते हैं। लेकिन उनके पालन – पोषण में अधिक श्रद्धा नहीं दिखाते हैं। उनको चाहिए कि पशु सुरक्षा के महत्व पर अधिक ध्यान दें। उनको पौष्टिक आहार दें। उनके रोगों की चिकित्सा करवाएँ। रहने, खाने – पीने आदि विषय में सफ़ाई का ध्यान दें। पहले से ही पशुओं की संतान पर अधिक ध्यान देने से मानव को बहुत लाभ होता है। इनसे खूब व्यापार होता है। सभी पशु मानव जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं। वे मानव के मित्र कहलाते हैं।

14.

सूचनानुसार काल बदलिए:1) पास देखने से ज्यादा चक्कर आएँगे। (वर्तमानकाल में बदलिए)2) मैं आकाश की ओर देखता हूँ। (भूतकाल में बदलिए)3) मुझे प्यार से अपनी गोद में लिए होते हैं। (वर्तमानकाल में बदलिए)4) हरेक कदम पहले से भारी हो गया था। (वर्तमानकाल में बदलिए)5) जीवन और पथ दोनों मेरे सामने आ जाते हैं। (भूतकाल में बदलिए)6) बस में एक यात्री को चक्कर आ जाता है। (भूतकाल में बदलिए)7) मैंने चढ़ाई का पाप ही तो काटा। (वर्तमानकाल में बदलिए)8) उसकी प्रेयसी उसे मिली। (वर्तमानकाल में बदलिए)9) वह भीगता हुआ गया। (वर्तमानकाल में बदलिए)0) वे आपके घर से भाग गए। (भविष्यत्काल में बदलिए)11) वह एक छाता खरीद लेगा। (वर्तमानकाल में बदलिए)12) उधर से एक मोटर चली आती है। (भूतकाल में बदलिए)13) इतने दिन ये कहाँ छिपते हैं? (भूतकाल में बदलिए)14) मुनीम जी पाँच सौ मन चावल बेच डालेंगे। (भूतकाल में बदलिए)15) मैं किस लायक था? (वर्तमानकाल में बदलिए)16) लाला जी माथा ठोक लेते हैं। (भूतकाल में बदलिए)17) सारे संसार ने तुमको बुरा कहा था। (वर्तमानकाल में बदलिए)18) अब उसका ब्याह करना पड़ता है। (भविष्यत्काल में बदलिए)19) खुद हलवा खाता है, हमें रूखी रोटियाँ ही खिलाता है। (भूतकाल में बदलिए)

Answer»

1. पास देखने से ज्यादा चक्कर आते हैं।

2. मैं आकाश की ओर देखता था।

3. मुझे प्यार से अपनी गोद में लिए हुए हैं। णाम लिए हुए हा

4. हरेक कदम पहले से भारी हो गया हैं।

5. जीवन और पथ दोनों मेरे सामने आ जाते थे।

6. बस में एक यात्री को चक्कर आ गया था।

7. मैंने चढ़ाई का पाप ही तो काटा है।

8. उसकी प्रेयसी उसे मिल गयी है।

9. वह भीगता हुआ जा रहा है।

10. वे आपके घर से भागने वाले हैं।

11.वह एक छाता खरीद रहा है।

12. उधर से एक मोटर चली आ रही थी।

13. इतने दिन ये कहाँ छिपे हुए थे?

14. मुनीम जी ने पाँच सौ मन चावल बेच दिए थे।

15. मैं किस लायक हूँ?

16. लाला जी ने माथा ठोक लिया।

17. सारा संसार तुम्हें बुरा कह रहा है।

18. अब उसका ब्याह करना पड़ेगा।

19. खुद हलवा खाता था और हमें रूखी रोटियाँ खिलाता था।

15.

अपनी पढाई का वर्णन करते हुए पिताजी के नाम पर एक पत्र लिखिए।

Answer»

राजमहेंद्रवरम,
दि. x x x x x.

पूज्य पिताजी,

सादर प्रणाम। मैं यहाँ कुशल हूँ। आपका लिखा पत्र कल ही मिला। सारे विषय मालूम हुए। मेरा … स्वास्थ्य ठीक है। मैं लगन से पढ रहा हूँ। परीक्षाएँ भी अच्छी तरह लिख रहा हूँ। आप निश्चिंत रहिए। आगामी छुट्टियों में मैं अवश्य घर आऊँगा।

माताजी को मेरे प्रणाम कहना। बहिन को शुभ आशीशा

आपका प्रिय पुत्र,
xxxx,

पता:
वी. रामाराव जी,
घ.न. 3-8-31/3
बंदर रोड, गुडिवाडा।

16.

निबंध लेखन : समाचार-पत्र

Answer»

आजकल दुनियाँ में समाचार पत्रों का महत्वपूर्ण स्थान है। इनसे हमें संसार के सभी प्रातों के समाचारों के अतिरिक्त राजनैतिक टीका-टिप्पणी, अच्छे-अच्छे लेख, वस्तुओं के भाव कई प्रकार के विज्ञापन और सिनेमा संबंधी सचित्र विज्ञान आदि प्रकाशित होते हैं। संसार के सभी प्रांतों के समाचार शीघ्र ही पहुँचाते हैं।
समाचार पत्र कई प्रकार के होते हैं। इनमें दैनिक पत्रों की बड़ी माँग होती है। इसके अलावा साप्ताहिक, मासिक और पाक्षिक पत्र भी देश की विभिन्न भाषाओं में निकलते हैं। दैनिक पत्रों में राजनीति, समाज और विज्ञापन संबंधी सुन्दर लेख प्रकाशित होते हैं। सुन्दर कहानियाँ और धारावाहिक उपन्यास भी प्रकाशित होते रहते हैं। आजकल व्यापार, अर्थशात्र, सिनेमा आदि क्षेत्रों में विशेष पत्र, पत्रिकाएँ भी निकली हैं। मन बहलाव और ज्ञान -विज्ञान के लिये ये समाचार पत्र बहुत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

17.

समाचार पत्रों का महत्त्व पर निबंध लिखिए :

Answer»

समाचार पत्र नियत तिथि पर छपनेवाली पुस्तिका को कहते हैं, जिसमें देश – विदेश के समाचार छपे रहते हैं। आजकल समाचार पत्रों में केवल समाचार ही नहीं बल्कि उनमें सुधार की बातें भी रहती हैं। विभिन्न विषयों पर निबंध लिखे रहते हैं। समाचार पत्र साप्ताहिक, दैनिक, पाक्षिक और मासिक कई प्रकार के होते हैं। देश विदेश के समाचार अधिकतर दैनिक पत्रों में मिलते हैं।

समाचार पत्रों से बहुत लाभ हुए हैं। हम घर बैठे ही देश – विदेश के समाचार प्रतिदिन पा सकते हैं। प्रतिदिन संसार में होनेवाली घटनाओं का विवरण हमें समाचार पत्रों द्वारा प्राप्त होता है। इनमें सुधार की अनेक बातें लिखी होती हैं जिनको पढ़कर मनुष्य – जाति उन्नति की ओर बढ़ती है। इनमें विज्ञापन आदि छपवाकर अपनी वस्तुओं का प्रचार भी किया जा सकता है। देश – विदेश का बाजार भाव, जलवायु वहाँ के निवासियों का व्यक्तिगत जीवन आदि की बातें समाचार पत्रों द्वारा ही प्राप्त होती हैं। जब हमारे पास कोई साथी नहीं होता उस समय समाचार पत्र पढ़ने से हमें अकेलेपन का अनुभव नहीं होता, ऐसा मालुम होता है मानो मित्र से ही बातें कर रहे हैं।

आज समाचार पत्र जनता के प्रतिनिधि हैं। जनता की आवाज को सरकार तक और सरकार का आदेश जनता तक पहुँचाने का काम समाचार पत्र ही करते हैं। कानून का विरोध करना, मत तैयार करना, लोगों को संगठित करना आदि काम आजकल समाचार पत्र द्वारा ही होते हैं। समाचार पत्र ही अनुचित कार्यों को रोकता है और लोगों की राय से उचित मार्ग बताता है।

समाचार पत्र मनोरंजन के साधन हैं। विज्ञान के आविष्कार समाचार पत्रों में छपते हैं। समाचार पत्र पढ़ने से सहकारिता की भावना बढ़ती है। देश – देश के बीच मैत्री की भावना का विकास होता है।

समाचार पत्रों को निष्पक्ष होकर न्याय – अन्याय, उचित – अनुचित, भले – बुरे का निर्णय करना चाहिए। आपसी भेद – भाव दूर करने में सरकार और जनता का माध्यम बनना चाहिए। शिक्षा के साथ – साथ हमारे देश में समाचार पत्रों की तेजी से वृद्धि हो रही है। लेकिन पढ़नेवाले अन्य देशों की अपेक्षा हमारे यहाँ बहुत कम हैं। साक्षरता बढ़ाने से यह कमी दूर हो जाएगी।

18.

निम्नलिखित विषय के बारे में पत्र लिखिए:गाँव जाने के लिए चाप दिनों की छुट्टी मांगते हुए अपने प्रधानाध्यापक को एक पत्र लिखिए।

Answer»

स्थल का नाम : बेंगलूरु
ता : …………………….

प्रेषक,
सुमंत
दसवी कक्षाए विश्वग
प्रज्वल प्रोशिास्त
बेंगलूरू – ९१

सेवा में,
प्रधान अद्यापकजी,
बेंगलूर प्रौढ़शाला
प्रज्वल प्रोढ़शाला,
बंगलूरू- ९१

मान्यवर,
विषय : चार दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र। सविनय निवेदन है कि, मे मेरा गाँव जाने का कारण चार दिनो तक शाला में उपस्थित नही रह पहुंगा। इसलिए आज से ……………..से लेकर ……………..तक कुल मिलाकर चार दिन की छुट्टी देने के लिए कृपा कीजिए।
धन्यवाद सहित,

आपका आज्ञाकारी विधार्थी (भवदीय)
सुमंत
दसवीं कक्षा ‘ए’ विभाग

19.

भीष्म के बाद कौरवों ने अपना नया सेनापति किसे चुना?

Answer»

दस दिन के युद्ध के बाद भीष्म आहत हुए और उनके बाद द्रोणाचार्य को सेनापति नियुक्त किया गया।

20.

निम्नलिखित विषय के बारे में पत्र लिखिएअपनी पढ़ाई के बारे में बताते हुए अपने पिताजी के नाम एक पत्र लिखिए:

Answer»

स्थल : बेंगलूर
दिनांक: …….

पूज्य पिताजी,
सादर प्रणाम।

यहां सकुशल हूँ। अपते और घरवालों के बारे में बताते हुए एक पत्र लिखिए। अगले महीने में परीक्षा होनेवाली है। इस परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने के लिए अच्छी तरह पा रहा है। आप चिंता मत कीजिए। अंत में बहन को मेरे प्यारे और माताजी को मेरा प्रणाम।

अपना प्रिय पुत्र
राम

सेवा में,
राजकुमार
88.2 क्रास
नेहरूनगर
शिवमोग्गा

21.

निम्नलिखित गध्यांश ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे प दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :वन और पर्यावरण का गहर संबंध है। वन प्रकृति की अमूल्य संपदा है। वन जीवनदायक है। वन वर्षों लाने का कारण बनकर पर्यावरण की रक्षा करते है। वनों की क्या से भूमि का कटाव रूकता है। सूखा कम पड़ता है तथा रेगिस्तान का फैलाव रूकता है। मानव सभ्यता – संस्कृति की रक्षा तरह ‘- तरह की वनस्पतियों और औषधियों आदि की रक्षा के लिए बन संरक्षण आवश्यक है। पर्यावरण को ठीक रखने के लिए वनों के कटाव रोकना होगा।क) हमें वन संरक्षण क्यों करना चहिए?ख) वनों से क्या – क्या लाभ होते है?ग) वन किसकी आमूल्य संपदा है?घ) वन पर्यावरण की रक्षा कैसे करते है?

Answer»

क) वनस्पतियों और औषधियों आदि की रक्षा के लिए वन संरक्षण आवश्यक है।

ख) वनों की क्या से भूमि का कटाव रूकता है। सूखा काम पड़ता है तठा रेगिस्तान का फैलाव रूकता है।

ग) वन प्रकृति की अमूल्य संपदा है।

घ) वन जीवनदायक है। वन वषो का कारण बनकर पर्यावरण की रक्षा करते है.

22.

निम्नलिखित विषय के बारे में पत्र लिखिए।गाँव जाने के लिए चार दिनों की छुट्टी मांगते हुए अपने प्रधानाध्यापक को एक पत्र लिखिए।

Answer»

स्थल का नाम : बैंगलूरु
ता:………

प्रेषक
मोहन,
दसवी कक्षा ए विभाग,
प्रज्वल प्रौढ़शाला,
बेंगलूरू – ९१

सेवा में,
प्रधान अद्यापकजी,
बैंगलूर प्रौद्रशाला
प्रज्वल प्रौद्रशाला,
बेंगलूरू – ९१

मान्यवर,
विषय : चार दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र ।

सविनय निवेदन है कि, मे मेरा गाँव जाने का कारण चार दिनो तक शाला मे उपस्थित नही रह पहुंगा । इसलिए आज से ……………से लेकर …………… तक कुल मिलाकर चार दिन की छुट्टी देने के लिए कपा कीजिए।

धन्यवाद सहित,

आपका आज्ञाकारी विधार्थी (भवदीय)
मोहन
दसवीं कक्षा ‘ए’ विभाग

23.

अपने स्कूल के बारे में बताते हुए अपनी माता को एक पत्र लिखो।

Answer»

दावणगेरे
दिः 5 जुलाई 2019

पूज्य माताजी,

सादर प्रणाम।
आपका आशीर्वाद-भरा पत्र मिला। आपने जो-जो बातें बताई हैं, वे वास्तव में बहुत अच्छी हैं। मैं उनका बराबर पालन करूँगी।
पूज्य पिताजी और भैया के विशेष प्रयत्न से मुझे अच्छे स्कूल में प्रवेश मिला है। यहाँ का वातावरण बहुत अच्छा है। स्कूल में बहुत ही अनुभवी अध्यापक तथा अध्यापिकाएँ हैं। वे हमें सही मार्गदर्शन कर रहे हैं। हमारे साथ में उनका बड़ा ही मधुर व्यवहार है। प्रत्येक विद्यार्थी के बारे में वे विशेष ध्यान रखते हैं। मेरी सहेलियों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है। कुल मिलाकर मेरा स्कूल एक आदर्श स्कूल है।

आपकी लाडली पुत्री,
माधुरी दीक्षित

सेवा में
श्रीमती लीला
51/बी, ब्रॉडवे,
कोप्पीकर मार्ग,
हुबली (धारवाड़ जि.)

24.

निम्नलिखित शब्दों के स्त्रीलिंग रूप लिखिएः1) देवता – देवी2) दास – दासी3) पुत्र – पुत्री4) राक्षस – राक्षसी5) बेटा – बेटी6) मामा – मामी7) चाचा – चाची8) नाना – नानी9) पिता – माता10) श्रीमान – श्रीमती11) वर – वधू12) नर – नारी13) लेखक – लेखिका14) पाठक – पाठिका15) सुनार – सुनारिन16) मोर – मोरनी17) लुहार। – लुहारिन18) धोबी – धोबिन19) नौकर – नौकरानी20) स्वामी – स्वामिन(नी)21) तेजस्वी – तेजस्विनी22) सुत – सुता

Answer»

1) देवता – देवी
2) दास – दासी
3) पुत्र – पुत्री
4) राक्षस – राक्षसी
5) बेटा – बेटी
6) मामा – मामी
7) चाचा – चाची
8) नाना – नानी
9) पिता – माता
10) श्रीमान – श्रीमती
11) वर – वधू
12) नर – नारी
13) लेखक – लेखिका
14) पाठक – पाठिका
15) सुनार – सुनारिन
16) मोर – मोरनी
17) लुहार। – लुहारिन
18) धोबी – धोबिन
19) नौकर – नौकरानी
20) स्वामी – स्वामिन(नी)
21) तेजस्वी – तेजस्विनी
22) सुत – सुता

25.

हिन्दी सीखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अपने दोस्त (मित्र) के नाम पत्र लिखिए।

Answer»

अमलापुरम,
दि. x x x x x

प्रिय मित्र,

सुरेश कुमार,

तुम्हारा पत्र पाकर मैं बहुत खुश हुआ । मैं अगले फरवरी में हिन्दी विशारद परीक्षा में बैठने की तैयारी कर रहा हूँ। हिन्दी सीखने में बहुत आसानी भाषा है। वह हमारे भारत की राष्ट्र भाषा है। देश भर में असंख्य लोग यह भाषा समझते और बोलते हैं। अगर हम उत्तर भारत में कही भी जाएँ तो हिन्दी की उपयोगिता समझ में आयेगी। वहाँ अंग्रेज़ी या किसी भी दूसरी भाषा से काम नहीं चलता | हिन्दी नहीं जानते तो हम वहाँ एक अजनबी रह जायेंगे। इसलिए तुमसे भी मेरा अनुरोध है कि तुम भी हिन्दी सीख लो। आशा है कि तुम समय-समय पर पत्र लिखा करोगे।

तुम्हारा,
प्रिय मित्र,
ऐ.श्रीनिवास

पता :
सुरेश कुमार,
सातवीं कक्षा ‘बी’,
जि.प्र.प.हाईस्कूल, काकिनाडा।

26.

जन्मदिन पर आमंत्रित करते हुए मित्र के नाम एक पत्र लिखिए।

Answer»

बागलकोट
दिनांक : 15 अगस्त 2019

प्रिय मित्र मुरगेश,

सप्रेम नमस्ते।
आगामी 25 अगस्त को मेरा जन्म-दिवस है। इस बार मेरा जन्म-दिवस कुछ विशेष तरीके से मनाने का परिवार वालों ने निर्णय किया है। मेरे सभी रिश्तेदारों के अलावा सभी मित्र आ रहे हैं।
अतः मेरा तुमसे आग्रह है कि तुम इस अवसर पर जरूर-जरूर आना। न आने का कोई बहाना नहीं बनाना। आशा है, तुम इस आमंत्रण को स्वीकार कर, एक दिन पूर्व जरूर आ जाओगे। मैं तुम्हारा इंतजार करूँगा।
शेष सर्व कुशल।

तुम्हारा मित्र,
बसवराज

सेवा में
श्री मुरुगेश
36, गाँधी बजार
हानगल

27.

आर्थिक सहायता मांगते हुए अपने प्रधानाचार्य को आवेदन-पत्र लिखिए।

Answer»

नं. 225, स्टेशन रोड,
धारवाड़
दिनांकः 25 जून, 2019

सेवा में,
प्रधानाचार्य जी,
सरस्वती पी.यू. कॉलेज,
धारवाड़।

विषय : छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु माननीय

महोदय,
सविनय निवेदन यह हैं कि मैं आपके कॉलेज का पी.यू.सी. ‘ब’ कक्षा का छात्र हूँ। मैं अपनी कक्षा में हर परीक्षा में अच्छे अंक से पास होता रहा हूँ। यही नहीं, चित्रकला तथा संगीत की प्रतियोगिताओं में भी मैंने अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैं। मैं फुटबॉल का एक अच्छा खिलाड़ी हूँ। मैं आपसे यह निवेदन करना चाह रहा हूँ कि मेरे घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण आप मुझे छात्रवृत्ति देने की कृपा करें। मेरे पिता जी की मृत्यु पिछले साल सड़क दुर्घटना में हो गई थी। माँ जो कि एक कार्यालय में छोटे से पद पर है, उनके लिए पूरी गृहस्थी का बोझ उठाना संभव नहीं हैं।

मुझे खेदपूर्वक कहना पड़ रहा है कि मेरे पास अगले माह की फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं। यदि आप मुझ पर कृपा कर मुझे छात्रवृत्ति दिला दें, तो मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँगा। इस
सहायता के लिए मैं आपका बहुत आभारी रहूँगा।

धन्यवाद।

आपकी आज्ञाकारी शिष्या
सुजाता कुलकर्णी
(प्रथम पी.यू.सी. ‘ब’)

28.

अपने कॉलेज की वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति के लिए प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।

Answer»

अनुराग
प्रथम पी.यू.सी.
ई.ए.वी. कॉलेज
शिवमोग्गा – 577 206.
दिनांकः 15 सितम्बर, 2018

सेवा में,
प्रधानाचार्य
डी.ए.वी. कॉलेज
शिवमोग्गा – 577 206.

विषय : वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति।

महोदय,
आपसे सविनय निवेदन है कि हमारे कॉलेज में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसका विषय ‘भारत का भविष्य और युवा’ है। महोदय मेरी इस प्रतियोगिता में भाग लेने तीव्र इच्छा है।
महोदय आपसे अनुरोध है कि मुझे इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति प्रदान करें। सधन्यवाद।

आपका आज्ञाकारी
अनुराग

29.

चार दिन का अवकाश माँगते हुए अपने प्रधानाचार्य को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।

Answer»

जनता बाजार,
क्र. 11/बी, चित्रगुर्ग
दिनांक: 20 अगस। 2018

सेवा में,
प्रधानाचार्यजी,
सरकारी कॉलेज,
चित्रदुर्ग।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि पिछले दो दिनों से मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। बार-बार बुखार आ रहा है। डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी है। अतः आपसे प्रार्थना है कि दिनांक 21 अगस्त 2018 से 24 अगस्त 2018 तक मुझे अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

धन्यवाद। 

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
विश्वनाथ पाटील
कक्षा -11

30.

परीक्षा में सफल होने पर बधाई देते हुए अपने छोटे भाई को एक पत्र लिखिए।

Answer»

क्र. 475, मेन रोड़,
गदग
दिनांकः 11 दिसंबर 2018

प्रिय ओंकार,
शुभाशीर्वाद।

अभी-अभी पिताजी का पत्र मिला। पढ़कर प्रसन्नता हुई कि तुम हिन्दी की ‘भाषा-भूषण’ परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो गये हो और तुम्हें स्वर्ण-पदक भी मिलने वाला है। अतः मैं तुम्हें इस सफलता के लिए ढेर-सारी बधाइयाँ देता हूँ। आशा है, भविष्य में भी तुम इसी प्रकार कामयाब रहोगे। मंगल कामनाओं के साथ,

तुम्हारा अग्रज,
रामगोपाल

31.

आर्थिक सहायता माँगते हुए अपने प्राचार्य को एक आवेदन-पत्र लिखिए।

Answer»

नं. 225, स्टेशन रोड,
धारवाड़
दिनांकः 25 जून 2019

सेवा में,
प्राचार्य जी,
सरस्वती पी.यू. कॉलेज,
धारवाड़।

महोदय,
मैं प्रथम पी.यू.सी. कक्षा ‘बी’ की विद्यार्थिनी हूँ। इस वर्ष आगे की पढ़ाई के लिए आपसे छात्रवृत्ति मंजूर हो जाएगी, तो बड़ी कृपा होगी, क्योंकि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

धन्यवाद।

आपकी विनम्र शिष्या
सुजाता कुलकर्णी
(प्रथम-11)

32.

अपनी अस्वस्थता के कारण तीन दिनों की छुट्टी माँगते हुए अपने प्रधानाध्यापक को पत्र लिखिए।

Answer»

प्रेषक,
वैनतेय अय्यंगार
दसवी कक्षा, ‘सी’ विभाग
उदयरवि हाईस्कूल
शिमोगा।
ता. 8 जनवरी 2018

सेवा में,
मान्य प्रधानाध्यापक
उदयरवि हाईस्कूल
शिमोगा।

मान्य महोदय,

विषय : तीन दिन की छुट्टी माँगते हुए पत्र।

सेवा में निवेदन है कि मैं बुखार से तड़प रहा हूँ। इसलिए डाक्टर ने आराम लेने की सलाह दी है। अतः मुझे ता. 10-12018 से 12-1-2018 तक छुट्टी मंजूर करने की कृपा कीजिए।

धन्यवाद।

आपका विनम्र विद्यार्थी
वैनतेय अय्यंगार

33.

तीन दिन की छुट्टी माँगते हुए अपने.प्रधान अध्यापक के नाम एक पत्र लिखिए।

Answer»

प्रेषक
अनिल कुमार
दसवी कक्षा, ‘डी’ विभाग
रामेश्वर हाईस्कूल
हानगल
ता. 10 जनवरी 2018

सेवा में,
मान्य प्रधानाध्यापक
रामेश्वर हाईस्कूल
हानगल.

मान्य महोदय,

विषय : तीन दिन की छुट्टी माँगते हुए पत्र।

सादर प्रणाम।
सेवा में निवेदन है कि ता. 16-1-2018 से 18-1-2018 तक मेरे घर मेरी बहन का विवाह संपन्न होनेवाला है। अतः ये तीन दिन मैं स्कूल नहीं आ सकता हूँ। इसलिए आपसे प्रार्थना करता हूँ कि इन तीन दिनों की छुट्टी मंजूर करने की कृपा कीजिए।

धन्यवाद।

आपका विनम्र विद्यार्थी,
अनिल कुमार.

34.

अपनी पढ़ाई के बारे में बताते हुए अपने पिताजी को पत्र लिखिए।

Answer»

अभिषेक
विद्योदय हाईस्कूल
दसवीं ‘डी’ विभाग
बेंगलूरु
मार्च 20, 2018

पूज्य पिताजी को सादर प्रणाम।

मैं यहाँ अच्छा हूँ। आप सब कैसे हैं? पत्र लिखिए।
इस पत्र के द्वारा मैं अपनी पढ़ाई के बारे में कुछ बताना चाहता हूँ पिताजी। अप्रैल महीने में हमारी अंतिम परीक्षा होनेवाली है। उसके लिए सब तैयारियाँ कर रहा हूँ। पिछले हफ्ते में हमारी सिद्धता परीक्षा हुई। उसमें मैंने 92% अंक पाये है। अंतिम परीक्षा के लिए और भी खूब पढ़ रहा हूँ। उसमें 95%-96% अंक पाने की कोशिश करूँगा। आप चिंता न करें। घर में पूज्य माताजी को मेरा सादर प्रणाम। प्रिय चंदना को मेरा शुभाशिष। अधिक समाचार के लिए आगे पत्र लिखूगा।

धन्यवाद,

आपका आज्ञाकारी पुत्र
अभिषेक

सेवा में
श्री मनोहर उपाध्याय
नं. 33, III क्रास, IV मैन,
चामुंडीपुरम्
मैसूरु – 570 004.

35.

अपने क्षेत्र में रिक्त पड़े स्थान पर वृक्षारोपण के लिए सुझाव देते हुए वन्य विभाग के निदेशक को पत्र लिखिए।

Answer»

अशोक कॉलोनी
चिकमगलूर
दिनांकः 15 सितम्बर, 2018

सेवा में,
निदेशक
वन विभाग
चिकमगलूर क्षेत्र

चिकमगलूर क्षेत्र

विषय : रिक्त पड़े स्थान पर वृक्षारोपण के सन्दर्भ में।

महोदय,
हम अशोक कॉलोनी, चिकमगलूर के निवासी हैं। इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान इस क्षेत्र में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर वृक्षारोपण की ओर आकर्षित कराना चाहते हैं।

महोदय आज सब तरफ वन महोत्सव मनाये जा रहे हैं, वृक्षारोपण किया जा रहा है। आपसे निवेदन है हमारे इलाके कि खाली पड़ी जमीन पर वृक्षारोपण कर इस क्षेत्र को हराभरा बनाया जा सकता है। इससे हमारी कॉलोनी का वातावरण सुन्दर हो जायेगा।

आपसे अनुरोध है इस संबंध में उचित निर्णय लेकर समस्त मोहल्लावासियों को कृतार्थ करें।

सधन्यवाद।

समस्त मोहल्लावासी
अशोक कॉलोनी

36.

अपने स्कूल में संपन्न वार्षिकोत्सव के बारे में अपने पिताजी को पत्र लिखिए।

Answer»

सरकारी हायर सेकेंड्री स्कूल,
एम.जी. रोड़,
शिवमोग्गा।
दिनांक : 8 जनवरी 2019

पूज्य पिताश्री,

सादर प्रणाम।
आपको लिखते हुए प्रसन्नता हो रही है कि दिसंबर की 26 तारीख को हमारे स्कूल का वार्षिकोत्सव बड़े ही धूमधाम से सम्पन्न हो गया है। इस प्रसंग पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कर्नाटक के शिक्षण मंत्री प्रधान वक्ता थे। सभी कार्यक्रम अनुशासनबद्ध सम्पन्न हुए। मुझे आपकी याद बहुत आई। कितना अच्छा होता, यदि आप भी उपस्थित रहते। खैर। पूज्य माताश्री को चरण-स्पर्श, लक्षिता को मधुर प्यार।

आपका सुपुत्र
दिनेश

सेवा में
श्री गगन अगरवाल
14, कुवेंपु नगर
बेंगलूर

37.

सदाचार/चारित्रिक प्रमाण-पत्र की माँग करते हुए प्रधानाध्यापक के नाम पत्र लिखिए।

Answer»

दिनांक : 15 अगस्त 2019

प्रेषक
मुरलीधर कुलकर्णी
विद्यारण्य हाईस्कूल,
खड़े-बजार, बेलगाँव।

सेवा में
सन्मान्य प्रधानाचार्य जी,
विद्यारण्य हाईस्कूल,
खड़े-बजार, बेलगाँव।

मान्यवर महोदय,

विषय : सदाचार प्रमाण पत्र हेतु
सविनय निवेदन है कि मैंने एस.एस.एल.सी. (मार्च 2019) की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। इसके अतिरिक्त गत वर्ष मैंने खेलकूद में भी सक्रिय रूप से भाग लिया था।

अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि मेरा चरित्र-प्रमाण-पत्र मेरे उक्त पते पर भेजने का कष्ट करें। क्योंकि इन दिनों मैं निजी कार्य से बेंगलूरु आया हुआ हूँ। मैं इसके लिए आपका सदा आभारी रहूँगा।

आपका शिष्य,
मुरलीधर कुलकर्णी

38.

अधिक वर्षा के कारण राज्य के किसानों की फसल नष्ट हो गयी है। मुख्य – मंत्री को पत्र लिखकर किसानों की आर्थिक सहायता करने की प्रार्थना कीजिये।

Answer»

करीमनगर,
ता. x x x x x

सेवा में
माननीय मुख्यमंत्री जी,
तेलंगाणा राज्यविभाग,
हेदराबाद।

निवेदन है कि पिछले हफ्ते से हो रही बारिश से राज्य भर के कई इलाकों में किसानों पर आफ़त आ गई। बेमौसमी बारिश से फसलों को भारी नुक्सान हुआ। फसल काटने का वक्त होने से किसान काटने की तैयारी में थे। लेकिन बारिश ने किसानों की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। आज धरती पुत्र अपना माथा पकडकर रो रहा है। तेलंगाणा कृषि विभाग से मैं प्रार्थना करता हूँ कि जल्दि से जल्दि सरकारी स्तर पर इसका आकलन तैयारकर उनकी दशा सुधारने की दिशा में आर्थिक सहायता करें।
धन्यवाद,

आपका विनम्र
तेलंगाणा राज्य नागरिक
हैदराबाद।

39.

शिक्षा निदेशक को छात्रवृत्ति के लिए एक आवेदन पत्र लिखिए।

Answer»

हावेरी
दिनांकः 18 जून 2018

सेवा में,
शिक्षा निदेशक
पी.यू.सी. बोर्ड
बैंगलूरु

विषयः छात्रवृत्ति के लिए आवेदन।

महोदय,
मैं गाँधी विद्यालय, हावेरी का ग्यारहवीं कक्षा का छात्र हूँ। मेरी आर्थिक स्थिति चिंताजनक हैं। मेरे पिताजी प्राइवेट नौकरी से सेवानिवृत हो चुके हैं। महोदय मैं अपनी कक्षा में हर वर्ष अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होता रहा हूँ। गत वर्ष दसवीं की बोर्ड परीक्षा में मेरे 92 प्रतिशत अंक थे।

मेरा आपसे सविनय निवेदन है कि आप मुझे छात्रवृत्ति की सुविधा दिला दें। मैं जीवन भर आपका आभारी रहूँगा।

सधन्यवाद।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
वेंकटेश

40.

रास्ता चलने वाली अकेली महिला को देखकर सोने के आभूषण छीनने वालों से सुरक्षा करने की प्रार्थना करते हुए पुलिस अधिकारी को पत्र लिखिए।

Answer»

वरंगल,
x x x x

प्रेषकः
के. मोहनराव,
दसवीं, कक्षा,
मोडल हाईस्कूल,
वरंगल।
सेवा में,
श्री पुलीस अधिकारी
(सब इन्स्पेक्टर साहब)
टू तउन पुलीस थाना,
वरंगल।
पूज्य महोदय,

मैं अंबेडकर कॉलनी का निवासी हूँ। पिछले कुछ दिनों से हमारी कॉलनी में रास्ता चलने वाली , अकेली महिला को देख कर सोने के आभूषण छीन कर भाग जाने वाले चोर अधिक हो गये हैं। इसलिए मैं आप से सविनय पूर्वक निवेदन करता हूँ कि आप तुरंत पुलीस पेट्रोलिंग की व्यवस्था करें तथा चोरों से अकेले चलनेवाली महिलाओं की सुरक्षा करें।
तुरंत उचित करवाई के लिए प्रार्थना।
धन्यवाद सहित,

आपका,
विश्वसनीय,
के. मोहनराव,
वरंगल।

41.

नशीले पदार्थों से बचे रहने का निर्देश देते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।

Answer»

शिव-सदन’, मेन रोड़,
गुलबर्गा।
दिनांकः 15 अप्रैल 2019

प्रिय मित्र रुद्रेश,
नमस्ते।
तुम्हारा पत्र मिला। जानकर खुशी हुई कि तुम्हें परीक्षा में 88% अंक प्राप्त हुए हैं। वास्तव में यह तुम्हारी लगन और मेहनत का फल है। मित्र रुद्रेश, मैं तुम्हें एक सलाह देना चाहता हूँ कि आजकल कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशा करने की बहुत आदतें पड़ी हैं। गाँजा, शराब, बियर-ब्राँडी के अलावा कुछ विद्यार्थी चरस जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। अतः तुम इन सभी नशीले पदार्थों से दूर रहना। नशा करने वाले विद्यार्थियों से दोस्ती भी नहीं करना।

आशा है, तुम मेरी सलाह को गलत नहीं समझोगे। शेष सर्व कुशल।

तुम्हारा मित्र,
बसवराज

42.

नूह मुद्दत तक क्यों रोते रहे?

Answer»

वे नूह के लकव (पदाधिकारी) थे। इस्लाम धर्म में आस्था रखने के कारण वे कुत्ते को बहुत ही गंदा जीव मानते थे। अतः उन्होंने कुत्ते को दुत्कार कर पाप किया है। इसलिए वे जीवन भर रोते रहे।

43.

परिवहन निगम के अध्यक्ष को पत्र लिखिए जिसमें आपके गाँव/कॉलोनी बस चलाने का अनुरोध हो।

Answer»

25/23, बसवेश्वर नगर
बेंगलूरु
दिनांकः 12 अगस्त, 2018

सेवा में,
अध्यक्ष
बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम
बेंगलूरु – 560 027.

विषय : कॉलोनी से बस सुविधा प्रदान करने हेतु।

महोदय,
मैं बसवेश्वर नगर का निवासी हूँ। हमारी कॉलोनी से बेंगलूरू के किसी भी क्षेत्र के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। हमें यहाँ 2 किलोमीटर पैदल चलकर विजयनगर बस स्टॉप जाना पड़ता है। यहाँ से अनेक यात्री सुबह अपने-अपने कार्यालयों को जाते हैं। बच्चे स्कूल जाते हैं। प्रतिदिन सुबह इतना पैदल चलना कठिन है। इससे यहाँ के निवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

आपसे अनुरोध है कि हमारी कॉलोनी से कुछ रूट के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की कृपा करें।

सधन्यवाद।

भवदीय
क ख ग

44.

बैंक में खाता खोलने के लिए प्रबंधक के नाम आवेदन-पत्र लिखिए।

Answer»

नं. 24, शिक्षक सदन,
बेंगलूर – 02.
दिनांक: 21 अप्रैल 2019

सेवा में,
शाखा प्रबंधक
सिंडिकेट बैंक,
केंपेगौड़ा सर्कल,
बेंगलूरु – 02.

विषय : बैंक में खाता खोलने हेतु आवेदन।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं यहाँ के एक स्थानीय कॉलेज में पढ़ रहा हूँ। यहाँ किसी बैंक में मेरा खाता नहीं है। अतः मैं आपके बैंक में बचत खाता खुलवाना चाहता हूँ। नियमानुसार परिचय-पत्र, घर का पता, पासपोर्ट साइज के फोटो इस आवेदन-पत्र के साथ रखे गए हैं। कृपया आपके बैंक में मेरा खाता खोलने का कष्ट करें।

धन्यवाद।

भवदीय
श्रीकान्त शर्मा

45.

किसी दैनिक समाचार पत्र के संपादक के नाम एक पत्र लिखिए जिसमें भारी वर्षा के कारण आपके इलाके में पानी भर जाने से होनेवाले कठिनाइयों का वर्णन हो।

Answer»

27, मिर्जा इस्माइल मार्ग
हलसूरु
बेंगलूरु
दिनांकः 25 जुलाई, 2018

सेवा में,
प्रधान संपादक
बेंगलूरु पत्रिका
एम.जी. रोड
बेंगलूरु – 560 001.

विषय : जल-भराव की समस्या के समाधान हेतु।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय ‘समाचार पत्र’ के माध्यम से बेंगलूरु महानगर पालिके का ध्यान मोहल्ले में जल भराव की समस्या की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। आपसे अनुरोध है कि मेरे पत्र को समाचार पत्र में प्रकाशित करने का कष्ट करें।

निवेदन है कि हलसूरु मोहल्ले में कई दिनों से सीवर बँद पड़े हैं। गंदा पानी गलियों एवं सडकों पर बह रहा है। निरंतर हो रही वर्षा ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है। इस गंदे पानी में मक्खी-मच्छर पैदा हो रहे हैं। इससे बीमारियाँ फैलने का अंदेशा है।

बीबीएमपी के अधिकारियों को इस समस्या की ओर तुरंत संज्ञान लेने की जरूरत है।

सधन्यवाद।

भवदीय
क ख ग

46.

केनरा बैंक के प्रबन्धक को अध्ययनार्थ ऋण-प्राप्ति हेतु एक पत्र लिखिए।याभारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबन्धक को निजी उच्च शिक्षा-अध्ययन (चिकित्सा अथवा इंजीनियरिंग) हेतु शिक्षा ऋण प्राप्ति के लिए एक आवेदन-पत्र लिखिए। याउच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु ऋण प्राप्त करने के लिए बैंक मैनेजर को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।

Answer»

सेवा में,
श्रीमान शाखा प्रबन्धक महोदय,
केनरा बैंक, शहर शाखा, वाराणसी।

विषय-अध्ययन के लिए ऋण-प्राप्ति हेतु

महोदय,
मैं, विकास कुमार जैन ने चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से बी० एस-सी० (भौतिकी, रसायन और गणित) परीक्षा प्रथम श्रेणी में 70% अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। मैंने एम० बी० ए० (द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम) में प्रवेश लिया है और साथ-साथ प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षा के लिए तैयारी भी करना चाहता हूँ। मेरा अध्ययन अबाध चलता रहे, इसके लिए मुझे * 2,00,000.00 की आवश्यकता है। मुझे पता चला है कि आपके बैंक की अनेक ऋण योजनाओं में से एक योजना के अन्तर्गत अध्ययन के लिए भी ऋण प्रदान किया जाता है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि आपके द्वारा प्रदत्त ऋण की भुगतान-प्रक्रिया अध्ययन पूर्ण होते ही यथाशीघ्र शुरू कर दी जाएगी।
उपर्युक्त उद्देश्य हेतु आपके सक्रिय सहयोग की अपेक्षा है।

धन्यवाद!
दिनांक :………………………….
संलग्नसभी उत्तीर्ण परीक्षाओं की अंक-प्रतियाँ व प्रमाण-पत्र।

भवदीय
विकास कुमार जैन
ठठेरवाड़ी, मेरठ।

47.

जन्मदिन मनाने के लिये पैसे माँगते हुए अपने पिता के नाम पर एक पत्र लिखिए|

Answer»

विजयवाडा,
x x x x x

पूज्य पिताजी,

सादर नमस्कार। मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप सब वहाँ सकुशल हैं।

मेरी पढाई अच्छी चल रही है। सारी परीक्षाओं में मुझे ही प्रथम स्थान मिल रहा है। मेरी तबीयत भी ठीक है। इस महीने में (15 तारीख) मेरा जन्म दिन है। मित्रों से मिलकर जन्म दिन मनाना चाहता हूँ। अतः ₹ 500 मुझे यथाशीघ्र भेजने की कृपा करें।

माताजी को मेरे प्रणाम और बहन गीतिका को मेरे आशीश कहना।

आपना आज्ञाकारी पुत्र,
x x x x

पता :
जी. मोहन राव,
घ.न. 1-3-16/4,
मासिसपेट,
तेनालि।

48.

अपने पिता जी की ओर से भारतीय स्टेट बैंक के प्रबन्धक को पत्र लिखकर ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण स्वीकृत कराने का अनुरोध कीजिए।

Answer»

सेवा में, 30-6-2017
श्रीमान प्रबन्धक महोदय,
भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा
सोनीपत, हरियाणा।

विषय-ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण की स्वीकृति हेतु आवेदन

महोदय,
निवेदन है कि मेरे पिता जी एक प्रगतिशील कृषक हैं, जिनके पास खेती योग्य उपजाऊ सत्तर एकड़ भूमि है। इस भूमि पर खेती से उन्हें पर्याप्त आमदनी हो जाती है।

मुझे खण्ड विकास अधिकारी द्वारा विदित हुआ कि आपके बैंक ने किसानों को आसान किश्तों पर ट्रैक्टर खरीदने हेतु ऋण देने के लिए एक योजना प्रारम्भ की है।

अपने पिता की आर्थिक स्थिति की पुष्टि में जमीन के कागजातों तथा मकान की रजिस्ट्री की छाया प्रतियाँ संलग्न कर रहा हूँ जिससे आपको हमारी आर्थिक स्थिति तथा ऋण अदायगी सम्बन्धी अर्हताओं का आकलन करने में कोई कठिनाई न हो।

आपसे निवेदन है कि आप मेरे पिता को इस योजना के अन्तर्गत ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण की स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें।

धन्यवाद!

भवदीय
मंगल सेन आर्य
आत्मज श्री बुध सेन आर्य
मकान नं० 646, गाँधी नगर
सोनीपत, हरियाणा।

49.

अपने क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप का वर्णन करते हुए उचित कार्यवाही के लिए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।याअपने क्षेत्र में मलेरिया फैलने की सम्भावना को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।याअपने मुहल्ले में वर्षा के कारण उत्पन्न हुई जल-भराव की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए नगरपालिका अधिकारी/जिलाधिकारी को पत्र लिखिए। यानगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को अपने मुहल्ले में विद्यमान गन्दगी के विषय में एक पत्र लिखिए। यानगर की स्वच्छता हेतु नगरपालिका अध्यक्ष को आवेदन देते हुए उनका ध्यान गन्दगी से होने वाली बीमारियों की ओर आकृष्ट कीजिए। याग्राम प्रधान की ओर से अपने जनपद के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए, जिसमें गाँव की सफाई व्यवस्था हेतु अनुरोध किया गया हो। याअपने ग्राम प्रधान को एक पत्र लिखकर गाँव की सफाई हेतु अनुरोध कीजिए। याअपने नगर में बाढ़ एवं घनघोर वर्षा के बाद गन्दगी के कारण फैलने वाले संक्रामक रोगों की आशंका को दृष्टिगत करते हुए रोकथाम के उपायों हेतु जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।याअपने क्षेत्र में प्रदूषण से उत्पन्न स्थिति का वर्णन करते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के सम्पादक को एक पत्र लिखिए।याअपने मुहल्ले में फैली गन्दगी की सफाई कराने हेतु नगरपालिका अध्यक्ष को एक शिकायती पत्र लिखिए। याबरसात में बढ़ रहे संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अपने नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखिए। 

Answer»

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
…………….. नगर निगम।
………………… नगर।

विषय-मच्छरों का बढ़ता हुआ प्रकोप

महोदय,
मैं आपका ध्यान बढ़ते हुए मच्छरों के प्रकोप की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। मैं सुभाष नगर क्षेत्र का निवासी हूँ। पूरे सुभाष नगर क्षेत्र में आजकल मच्छरों का भयंकर आतंक छाया हुआ है। दिन हो यो रात, मच्छरों के झुंड सदा घूमते नज़र आ जाते हैं। रात को तो वे सोना दूभर कर देते हैं। जब सुबह उठते हैं। तो बच्चों के मुंह लाल-लाल दानों से भरे होते हैं। मच्छरों के कारण घर-घर में मलेरिया फैला हुआ है। प्रायः सभी घरों में कोई-न-कोई मलेरिया का रोगी मिल जाएगा। इन मच्छरों के कारण स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

हमारे क्षेत्र में मच्छरों की अधिकता का बड़ा कारण है–पानी के जमे हुए तालाब और गली-मुहल्लों में फैली चौड़ी-चौड़ी खुली नालियाँ। उन कच्ची नालियों को व्यवस्थित करने की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। मुहल्ले के जमादार सफाई की ओर ध्यान नहीं देते, इसलिए नालियों में सदा मल जमा पड़ा रहता है। लोग अपने घरों के गन्दे जल को बाहर यूं ही बिखरा देते हैं, जिससे मार्गों के गड्ढे भर जाते हैं। हमने कई बार निवेदन किया है कि हमारे क्षेत्र के तालाब को भरवा दिया जाए, जिससे मच्छरों का मुख्य अड्डा समाप्त हो जाए, किन्तु इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया।

इस बार अत्यधिक वर्षा के कारण जगह-जगह जल का जमाव हो गया है। सभी जगह कीचड़, मल और बदबूदार जल का प्रकोप है। अत: मैं पुनः सुभाष नगर के निवासियों की ओर से आपसे अनुरोध करता हूँ कि मच्छरों को समाप्त करने के लिए सार्वजनिक रूप से क्षेत्र में मच्छरनाशक दवाई छिड़कवाने की व्यवस्था की जाए। मलेरिया से बचने के लिए कुनीन बाँटने तथा पूरे क्षेत्र की सफाई के व्यापक प्रबन्ध किये जाएँ। आशा है आप शीघ्र कार्यवाही करेंगे।
धन्यवाद सहित।

भवदीय
क ख ग
मंत्री, मुहल्ला सुधार समिति
……………………. सुभाष नगर।

दिनांक : 19 जुलाई, 2017

50.

यू०पी० ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद के शाखा प्रबन्धक को फसल बीमा के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली कृषक धनराशि के सम्बन्ध में एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।

Answer»

सेवा में,
श्रीमान शाखा प्रबन्धक,
इलाहाबाद बैंक, शहर शाखा, मेरठ।

विषय-फसल बीमा के अन्तर्गत कृषक धनराशि की प्राप्ति हेतु

महोदय,
निवेदन यह है कि प्रार्थी ने आपकी शाखा से अपनी पाँच बीघे धान की फसल का बीमा करवाया था। इसकी पॉलिसी संख्या 126796 तथा बीमा धनराशि 9,000/- है। प्रार्थी की फसल पानी के अभाव (बारिश का अभाव, नहर का सूख जाना व बिजली की किल्लत) के कारण सूख गई, जिसके कारण उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा है। फिलहाल प्रार्थी के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों को समय रहते सूचना दी जा चुकी है।

अतः आपसे अनुरोध है कि जल्द-से-जल्द प्रार्थी को उसके फसली बीमे की धनराशि दिलाने की कृपा करें।
धन्यवाद सहित।
दिनांक : …………………………

प्रार्थी
रामदुलारे
गाँव : रोहटा