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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
एक अनुप्रस्थ तरंग का समीकरण `y =y_(0) sin 2 pi (ft - (x)/(lambda))` द्वारा व्यक्त है । कण का अधिकतम वेग तरंग वेग का चार गुना है । तरंग की तरंग-दैर्ध्य ज्ञात कीजिये । |
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Answer» अनुप्रस्थ तरंग की समीकरण `y = y_(0) sin 2pi (ft - x/(lambda))` मानक समीकरण `y = A sin(omegat - kx)` तुलना करने पर, `A = y_(0), omega = 2pif, k = (2pi)/(lambda)` हम जानते हैं , कण का अधिकतम वेग `upsilon_(P,"max") = A omega = 2pif = 2pify_(0)` तरंग का वेग `upsilon = omega/k = (2pif)/(2pi/lambda) = flambda` प्रश्नानुसार, `upsilon_(p,"max") = 4upsilon` `2pify_(0) = 4flambda` अतः `lambda = (piy_(0))/(2)` |
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| 2. |
किसी माध्यम में `lambda` तरंग-दैर्ध्य की प्रगामी तरंग संचरित है । यदि दो कणो के बीच कलान्तर `30^(@)` हो तो इनके बीच पथान्तर क्या होगा ? |
| Answer» `Deltaphi = (2pi)/(lambda) Deltax` से, `Deltax = (lambda)/(2pi) Deltaphi = (lambda)/(2pi) xx (pi)/(6) = (lambda)/(12)` | |
| 3. |
एक ध्वनि तरंग की समीकरण `y = 0.0015 sin (62.4x + 316t)` है । इसकी तरंग-दैर्ध्य है -A. 0.2 मात्रकB. 0.1 मात्रकC. 0.3 मात्रकD. गणना नहीं की जा सकती |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 4. |
ध्वनि तरंगों में कौन-सी घटना नहीं होती ?A. व्यक्तिकरणB. विवर्तनC. अपवर्तनD. ध्रुवण |
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Answer» Correct Answer - D ध्वनि तरंगे अनुदैर्ध्य तरंगे है । |
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| 5. |
किसी क्षण कण की कला `30^(@)` है । कण अपने आयाम का कितना भाग तय कर चुका है ? |
| Answer» `y = A sin phi = A sin 30^(@) = A/2` अर्थात आयाम का आधा भाग । | |
| 6. |
किसी तनी हुई डोरी में उत्पन्न प्रगामी तरंग की विस्थापन समीकरण निम्न है - `y = 4 sin 2pi [ (t)/(0.02) - (x)/(100)]` जहाँ y तथा x सेमी में तथा t सेकण्ड में है । ज्ञात कीजिए - (a) तरंग किस दिशा में संचरित है ? (b) आयाम (c) आवर्तकाल (d) आवृत्ति (e) कोणीय आवृत्ति (f) तरंग-दैर्ध्य (g) संचरण नियतांक (h) तरंग का वेग (i) कण का अधिकतम वेग (j) कला नियतांक । |
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Answer» दी गयी प्रगामी तरंग की समीकरण `y = 4 sin 2pi [(t)/(0.02) - (x)/(100)]` मानक समीकरण `y = A sin 2 pi [t/T - x/lambda +- phi_(0)]` से इसकी तुलना करने पर `A = 4` सेमी, `T = 0.02` सेकण्ड, `lambda = 100` सेमी , `phi _(0) = 0` [A, T तथा `lambda` के मात्रक क्रमश : y,t ,d समान होंगे।] (a) t तथा x के पदों के चिन्ह विपरीत हैं अतः तरंग +X दिशा में संचरित है (b) तरंग का आयाम `A = 4` सेमी `= 0.04` मीटर (c) आवर्तकाल `T = 0.02` सेकण्ड (d) आवृत्ति `f = 1/T = 1/(0.02) = 50` हटर्ज (e) कोणीय आवृत्ति `omega = 2pif = 2pi xx 50 = 314` रेडियन/सेकण्ड (f) तरंग-दैर्ध्य `lambda = 100`सेमी `= 1`मीटर (g) संचरण नियतांक `k = (2pi)/(lambda) = (2pi)/(1) = 2pi`रेडियन/मीटर (h) तरंग का वेग `upsilon = flambda = 50 xx 1 =50` मीटर/सेकण्ड (i) कण का अधिकतम वेग `v_(P, "max") = Aomega = 0.04 xx 314 = 12.56` मीटर/सेकण्ड (j) कला नियतांक = प्रारम्भिक कला `phi_(0) = 0` |
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| 7. |
एक प्रगामी तरंग का समीकरण निम्नलिखित है - `y = 0.5 sin (100t - x/50)` जहाँ y तथा x सेमी में तथा t सेकण्ड में है । तरंग का वेग ज्ञात कीजिये । |
| Answer» `v = (omega)/(k) =(100)/(1//50) = 5000` सेमी/सेकण्ड = 50 मीटर/सेकण्ड | |
| 8. |
एक समतल प्रगामी तरंग किसी डोरी में बायीं ओर से दायीं ओर गतिमान है । किसी क्षण डोरी की आकृति चित्र में दर्शायी गयी है । ज्ञात कीजिये - (a) किन बिन्दुओं का वेग ऊपर की ओर है ? (b) किन बिन्दुओं का वेग नीचे की ओर है ?? (c)किन बिन्दुओं का वेग शून्य है ? (d) किन बिन्दुओं पर वेग का परिमाण अधिकतम है ? |
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Answer» समतल प्रगामी तरंग का संचरण होने पर, यदि किसी माध्यम के कण का वेग `upsilon_(P)` तथा तरंग का वेग `upsilon` हो तो `upsilon_(P) = - upsilon xx` तरंग (अथवा `x- y` वक्र) का ढलान अतः `upsilon_(P) prop -` ढलान (a) ऊपर की ओर वेग के लिये, `upsilon_(P) = +upsilon`, अतः ढलान `= - ve`अतः बिंदु `D,E,F` पर वेग ऊपर की ओर है । (b) नीचे की ओर वेग के लिये, `upsilon_(P) = - ve`, अतः ढलान `= +ve` अतः बिंदु B तथा H पर वेग नीचे की ओर है । (c) `upsilon_(P) = 0` होने के लिये ढलान शून्य होगा । अतः बिन्दु C तथा G पर वेग शून्य है। (d) `upsilon_(P)` अधिकतम होने के लिये,| ढलान| = अधिकतम |
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| 9. |
एक तरंग एक डोरी पर गतिमान है । डोरी के किसी बिन्दु पर जब आयाम का मान 2.0 मिमी है, उस बिन्दु से 0.20 औसतन वाट शक्ति का संचरण होता है । यदि आयाम बढ़कर 3.0 मिमी हो जाये तो उस बिन्दु से कितनी शक्ति संचरित होगी ? |
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Answer» `P prop A^(2) (P_(2))/(P_(1)) = ((A_(2))/(A_(1)))^(2) ((3.0)/(2.0))^(2) = 9/4` `:. P_(2) = 9/4 P_(1) = 9/4 xx 0.20 = 0.45` वाट |
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| 10. |
1 किलोहटर्ज आवृत्ति तथा `10^(-12) "वाट"//"मीटर"^(2)` तीव्रता की ध्वनि का वायु में दाब आयाम तथा विस्थापन आयाम ज्ञात कीजिये । (वायु का घनत्व `= 1.3 "किग्रा"//"मीटर"^(3)` तथा वायु में ध्वनि का वेग `=332` मीटर/सेकण्ड) |
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Answer» माना ध्वनि तरंग का दाब आयाम `P_(0)` तथा विस्थापन आयाम A है । तरंग की तीव्रता `I = (P_(0)^(2))/(2rhov)` जहाँ `rho` माध्यम का घनत्व तथा v ध्वनि की चाल है । प्रश्नानुसार, `I = 10^(-12) "वाट"//"मीटर"^(2), rho = 13 "किग्रा"//"मीटर"^(3)`, `upsilon = 332` मीटर/सेकण्ड `10^(-12) = (P_(0)^(2))/(2 xx 1.3 xx 332)` `P_(0) = [2 xx 1.3 xx 332 xx 10^(-12)]^(1/2)` ` = 2.94 xx 10^(-5) "न्यूटन"//"मीटर"^(2)` प्रश्नानुसार, तरंग की आवृत्ति `f = 1` किलोहटर्ज `= 10^(3)` हटर्ज अतः `A = (P_(0))/(rhoupsilonomega) = (P_(0))/(rhoupsilonxx2pif)` `= (2.94 xx 10^(-5))/(1.3 xx 332 xx 2 x 3.14 xx 10^(3))` `= 1.1 xx 10^(-10)` मीटर |
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| 11. |
मन्दिरों में घण्टे बड़े आकार के क्यों बनाये जाते है ? |
| Answer» क्योकि ध्वनि स्रोत का आकर जितना बड़ा होगा उससे उत्सर्जित ध्वनि ऊर्जा उतनी ही अधिक होगी । | |
| 12. |
दो तरंगों `y_(1) = A sin wt` तथा `y_(2) = A cos wt` में कितने कोण का कलान्तर है ? |
| Answer» `y_(2) = A sin (omegat + (pi)/(2))` | |
| 13. |
संलग्न चित्र में तरंग का विस्थापन-समय चक्र दर्शाया गया है । इसमें - (a) आयाम और बिंदुओं की कलायें क्या हैं? (b) तरंग का आवर्तकाल कितना है? 1 सेकण्ड में कण की कला में कितना कलान्तर उत्पन्न होगा ? |
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Answer» (a) माना तरंग का आयाम A तथा कला `phi` है । अतः विस्थापन समीकरण `y = A sin phi` बिंदु P पर, `y = + A` अतः `A = A sin phi` `1 = sin phi` अथवा `phi = (pi)/(2)` बिंदु Q पर , `y = - A` अतः `- A = A sin phi` `- 1= sin phi` अथवा `phi = (3pi)/(2)` (b) बिंदु P से Q तक समयान्तराल `= T/2 = 3 - 1 = 2` सेकण्ड अतः `T = 4` सेकण्ड (c) समयांतराल `(Deltat)` तथा कलान्तर `(Deltaphi)`में सम्बन्ध : `Deltaphi = (2pi)/(T) Deltat` `1` सेकण्ड में कलान्तर `Deltaphi = (2pi)/(4) xx 1 = (pi)/(2)` रेडियन |
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| 14. |
ध्वनि तरंगों की तीव्रता व्युत्क्रम वर्ग नियम `(I prop 1/(r^(2)))` का पालन पूर्णतः नहीं करती है। क्यों ? |
| Answer» क्योकि ध्वनि का कुछ भाग माध्यम में अवशोषित हो जाता है | |
| 15. |
एक तने हुए पतले तार में संचरित अनुप्रस्थ तरंग की विस्थापन समीकरण निम्नलिखित है - `y = 0.21 sin (30t + 2x)` मीटर जहा t सेकण्ड तथा x मीटर में है । यदि तार का रेखीय घनत्व `1.6 xx 10^(-4)` किग्रा/मीटर हो तो ज्ञात कीजिये - (i) तरंग वेग brgt (ii) तार में तनाव डोरी के किसी कण की अधिकतम चाल |
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Answer» (i) अनुप्रस्थ तरंग की समीकरण `y = 0.21 sin (30t + 2x)` मीटर मानक समीकरण `y = A sin (omegat + kx)` तुलना करने पर, `omega = 30` रेडियन/सेकण्ड, `k = 2 "मीटर"^(-1)` `:.` तरगं की चाल `upsilon = omega/k = 30/2 = 15`मीटर/सेकण्ड चूँकि t तथा x के पद समान चिन्ह के हैं , अतः तरंग संचरण को दिशा-x अक्ष के अनुदिश है । अतः तरंग का वेग`= 15` मीटर/सेकण्ड , `-X` अक्ष की और (ii) डोरी में तरंग की चाल का सूत्र `upsilon = sqrt(T//m)` `:. T = upsilon xx m^(2)` `= (15) xx (1.6 xx 10^(4))^(2) = 3.84 xx 10^(-7)` न्यूटन (iii) डोरी के कण की अधिकतम चाल `upsilon_(p,"max") = Aomega` `= (021) (30) = 6.3` मीटर/सेकण्ड |
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| 16. |
एक बिन्दु स्रोत से ध्वनि तरंग सभी दिशाओं में संचरित हो रही हैं । स्रोत स 4 व 9 मीटर दूरी पर - (a) तरंगो के आयामों का अनुपात क्या होगा ? (b) तरंगों की तीव्रताओं का अनुपात क्या होगा ? |
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Answer» किसी बिंदु स्रोत से दूरी (r) बढ़ने पर तरंग का आयाम `A prop 1/(r )`, तीव्रता `I prop 1/(r^(2))` प्रश्नानुसार, `r_(1) = 4` मीटर, `r_(2) = 9` मीटर यदि स्रोत से `r_(1)` व `r_(2)` दूरी पर तरंग के आयाम क्रमश: `A_(1)` व `A_(2)` तथा तीव्रता क्रमश: `I_(1)` व `I_(2)` हों तो (a) आयामों का अनुपात `(A_(1))/(A_(2)) = (r_(2))/(r_(1)) = 9/4` (b) तीव्रताओं का अनुपात `(I_(1))/(I_(2)) = ((r_(2))/(r_(1)))^(2) = (9/4)^(2) = (81)/(16)` |
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| 17. |
एक डोरी में प्रगामी तरंग का समीकरण `y 5 sin pi (100 t - 0.002x)` है । y तथा x सेमी में तथा t सेकण्ड में व्यक्त किये गये हैं । ज्ञात कीजिये - (a) तरंग का आयाम , (b)आवृत्ति , (c ) तरंग-दैर्ध्य, (d) चाल |
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Answer» डोरी में प्रगामी तरंग की समीकरण `y = 5 sin pi (100t - 0.002 x)` प्रगामी तरंग की मानक समीकरण `y = A sin (omegat - kx)` तुलना करने पर, `A = 5` सेमी, `omega = 100pi` रेडियन/सेकण्ड, `k = 0.002pi` रेडियन/सेमी (a) तरंग का आयाम `A = 5` सेमी = 0.05 मीटर (b) आवृत्ति `f = (omega)/(2pi) = (100pi)/(2pi) = 50 "सेकण्ड"^(-1)` (c ) तरंग-दैर्ध्य `lambda = (2pi)/(k) = (2pi)/(0.002pi) = 1000` सेमी `= 10` मीटर (d) चाल `upsilon = flambda = 50 xx 10 = 500` मीटर/सेकण्ड |
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| 18. |
दोलन करते हुए लोलक से कोई ध्वनि सुनायी क्यों नहीं देती ? |
| Answer» लोलक के दोलनों की आवृत्ति श्रव्य सीमा (20 हर्ट्ज) से बहुत कम होती है । | |
| 19. |
(a) एक तरंग की गति की समीकरण `y = 1.4 sin [3.6t - 0.6x + pi//4]` है, जहाँ दूरियाँ मीटर में और समय सेकण्ड में है । तरंग का आयाम,आवृत्ति और कण का अधिकतम वेग ज्ञात कीजिये । (b) तरंग का वेग और गति की दिशा क्या है ? (i) तरंग का कला नियतांक क्या है ? (c ) उपरोक्त प्रश्न में, किसी क्षण `0.50` मीटर दूरी पर स्थित कणों के बीच कलान्तर क्या होगा ? |
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Answer» (a) तरग की गति का समीकरण `y = 14 sin [3.6t - 0.6x + pi/4]` मानक समीकरण `y = A sin [omegat - kx + phi_(0)]` तुलना करने पर, `A = 1.4` मीटर, `omega = 3.6` रेडियन/सेकण्ड `k = 0.6` रेडियन/मीटर, `phi_(0) = (pi)/(4)` रेडियन अतः तरंग का आयाम `= A = 1.4` मीटर आवृत्ति `f = omega/(2pi) = (3.6)/(2 xx 3.14) = 0.57 "सेकण्ड"^(-1)` कण का अधिकतम वेग `upsilon_(P, "max") = Aomega = 1.4 xx 3.6 = 5.04` मीटर/सेकण्ड तरंग का वेग `upsilon = omega/k = (3.6)/(0.6) = 6` मीटर/सेकण्ड समीकरण में t तथा x के पद विपरीत चिन्ह के हैं । अतः तरंग `+X` अक्ष की दिशा में संचरित है । (b) कला नियतांक `= phi_(0) = (pi)/(4)` रेडियन (c) यदि कणों के बीच कलान्तर `Deltaphi` तथा पथांतर `Deltax` हो तो `Deltaphi = (2pi)/(lambda) Deltax = k Deltax = 0.6 xx 0.50 = 0.3` रेडियन |
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| 20. |
एक अनुप्रस्थ तरंग का समीकरण `y = (0.002x - 2t)` है जहाँ और मीटर में तथा सेकण्ड में है । इस तरंग की चाल कितनी हैं ? |
| Answer» `upsilon = (omega)/(k) = (2)/(0.002) = 1000` मीटर/सेकण्ड | |
| 21. |
400 हटर्ज आवृत्ति की एक तरंग, जिसका आयाम 0.07 मीटर है, एक माध्यम में 300 मीटर/सेकण्ड की चाल से चल रही यह । इस तरंग के कारण,स्रोत x से मीटर की दूरी पर दोलन की विस्थापन समीकरण ज्ञात कीजिये । |
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Answer» माना तरंग +X दिशा में संचरित हे । स्रोत से x मीटर की डोरी पर दोलन की विस्थापन समीकरण `y = A sin 2pi (t/T - x/lambda)` जहाँ A = आयाम , T = आवर्तकाल, `lambda =` तरंग-दैर्ध्य प्रश्नानुसार, `f= 400` हटर्ज, `A = 0.07` मीटर, चाल `upsilon = 300` मीटर/सेकण्ड `T = 1/f` अथवा `1/T = f = 400` `lambda = upsilon/f` अथवा `1/lambda = f/upsilon = 400/300 = 4/3` मान रखने पर, `y = 0.07 sin 2pi [400t - 4/3 x]` यदि तरंग -X दिशा में संचरित हों तो तरंग का समीकरण `y = 0.07 sin 2pi [400t + 4/3x]` समीकरण (i) व (ii) से, अभीष्ट समीकरण `y = 0.07 sin 2pi[400t +-4/(3)x ]` है| |
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| 22. |
एक प्रगामी तरंग की आवृत्ति f तथा आयाम A है । माध्यम के कण का - (i) वेग आयाम , (ii) त्वरण आयाम क्या है ? |
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Answer» (i) वेग आयाम `= omegaA = 2pifA` (ii) त्वरण आयाम `= omega^(2) = 4pi^(2)f^(2)A` |
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| 23. |
एक रस्सी में एक तरंग 40 सेमी/सेकण्ड की चाल से X-अक्ष की ऋण दिशा में गतिमान है । इसकाउच्चिष्ठ `t= 0` समय पर x= 0 पर है । `t= 5` सेकण्ड पर यह उच्चिष्ठ कहाँ होगा ? |
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Answer» 5 सेकण्ड में चली दूरी `= upsilont = 40 xx 5 = 200` सेमी `= 2` मीटर , अतः कण 5 सेकण्ड बाद `x = - 2` मीटर पर होगा । |
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